
Congress Agitation : आज प्रदेश भर में कांग्रेस ने वोट चोरी के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के लिए अलग-अलग नेताओं की अलग-अलग जगह ड्युटियां लगाई गई थी। आज प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के बावजूद कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। विशेष रूप से करनाल, पंचकूला, जींद में बारिश के बीच कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में निर्वाचन प्रक्रिया में अनियमितताओं, मतदाता सूचियों में बदलाव और एसआईआर से जुड़े मुद्दे उठाए गए।
पलवल में प्रभारी संजय दत्त, गुरुग्राम में प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, रोहतक में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, अंबाला में राज्यसभा सदस्य रणदीप सुरजेवाला, पंचकूला में सांसद दीपेंद्र हुड्डा और पानीपत में पूर्व मंत्री बीरेंद्र सिंह, महेंद्रगढ़ में धर्मपाल मलिक, सोनीपत में अशोक तंवर, फरीदाबाद में उदयभान, यमुनानगर में जयप्रकाश, कुरुक्षेत्र में वरुण चौधरी, जींद में सतपाल ब्रह्मचारी, रेवाड़ी में जितेंद्र बघेल, झज्जर में रघुवीर सिंह कादियान, चरखी दादरी में अशोक अरोड़ा, बहादुरगढ़ क्षेत्र में गीता भुक्कल, नूंह में आफताब अहमद, सिरसा में भरत सिंह बेनीवाल, फतेहाबाद में बलवान सिंह, हिसार में चंद्र प्रकाश, करनाल में राव दान सिंह और भिवानी में शिव शंकर भारद्वाज ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सोमवार को यमुनानगर में आयोजित विरोध प्रदर्शन एवं कार्यकर्ता सम्मेलन में भाजपा सरकार पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा में वोट नहीं, सत्ता की चोरी हुई है। लोकतंत्र और मताधिकार बचाने के लिए कांग्रेस कश्मीर से कन्याकुमारी तक लड़ाई लड़ेगी। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर लघु सचिवालय के सामने सरकार का पुतला भी फूंका।

नूंह में भी कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध मार्च पलवल टी-पॉइंट से शुरू होकर जिला सचिवालय तक निकाला गया, जिसका नेतृत्व नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला फूंका। मार्च में जिला अध्यक्ष शहीदा खान सहित संगठन के सभी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे और जिला मुख्यालय पर पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
जींद में प्रदर्शन के बाद सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का दायित्व रहा है कि देश को अंग्रेजों की गुलामी से छुड़ाकर संविधान दिया और देश को सही दिशा दी, आज उसी संविधान को खतरा है। संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहा और भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी के रूप में काम कर रहा है। हमारे नेता राहुल गांधी कई वर्षों से वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं और सबूतों के साथ प्रेस वार्ता में खुलासा किया था कि भाजपा ने वोट चोरी करके हरियाणा और महाराष्ट्र में सरकार बनाई है।
जिला जींद कांग्रेस अध्यक्ष ऋषिपाल हैबतपुर ने कहा कि मीडिया में प्रकाशित खबर के अनुसार चुनाव आयोग के दो अन्य अधिकारियों की बात तक नहीं सुनी गई और एसआईआर प्रक्रिया के माध्यम से लोगों के वोट काटकर भाजपा की मदद की गई। ज्ञानेश कुमार भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं और अब पूरे देश के सामने उजागर हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि ज्ञानेश कुमार पर आपराधिक मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार और बर्खास्त किया जाए, इस साजिश में प्रधानमंत्री और गृहमंत्री भी शामिल हैं और सभी दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। भाजपा की सरकार गैर-संवैधानिक तरीके से बनी है, इसे बर्खास्त कर निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं ताकि सभी राजनीतिक दलों को बराबर का प्लेटफॉर्म मिले। यह विरोध प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा।
पंचकूला में वोट चोरी के विरोध में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेन्द्र सिंह पंचकुला उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि ने कहा कि प्रदेश स्तरीय वोट चोरी अभियान के तहत हाईकमान के निर्देश पर यह प्रदर्शन किया गया है। राहुल गांधी ने पहले से ही सही सबूतों के आधार पर वोट चोरी के आरोप लगाए थे, जो अब साबित हो गए हैं और चुनाव आयोग के अंदर काम करने वाले अधिकारियों ने ही इसका खुलासा कर दिया है। उन्होंने राजस्व विभाग में भी जमीनों के कागजों में हेराफेरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार चोरी के साथ सीनाजोरी भी कर रही है और अधिकारियों के साथ मिलकर देश को लूटने का काम कर रही है, लेकिन कांग्रेस इसे कामयाब नहीं होने देगी।
आज के प्रदेश भर में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार तत्काल इस्तीफा दें, वोट चोरी और एसआईआर के जरिये चुनावी हेरफेर के लिए ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी हो और जवाबदेही तय की जाए, एसआईआर से किसी भी पात्र मतदाता को उसके संवैधानिक मताधिकार से वंचित करने की कार्रवाई रोकी जाए और जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई हो शामिल रही।
