
बलिया: भोजपुरी अभिनेता और MLC पवन सिंह को भरण-पोषण से जुड़े मामले में बलिया की परिवार अदालत से झटका लगा है। निर्धारित तारीख पर अदालत में पेश नहीं होने के कारण अपर परिवार न्यायालय ने पवन सिंह पर 3,000 रुपये का हर्जाना लगाया है। अदालत ने उन्हें अगली निर्धारित तारीख पर पेश होने का आदेश भी दिया है।
यह मामला उनकी पत्नी ज्योति सिंह की ओर से दाखिल भरण-पोषण याचिका से जुड़ा है। मामले की सुनवाई अपर परिवार न्यायालय के न्यायाधीश कमलापति की अदालत में चल रही है।
ज्योति सिंह ने मांगा है हर महीने 5 लाख रुपये भरण-पोषण
कोर्ट सूत्रों के मुताबिक, ज्योति सिंह ने करीब तीन साल पहले बलिया में भरण-पोषण के लिए याचिका दाखिल की थी। इसमें उन्होंने पवन सिंह से हर महीने 5 लाख रुपये भरण-पोषण दिए जाने की मांग की है।
हालांकि, इस राशि को लेकर अभी अदालत की ओर से अंतिम फैसला नहीं आया है। मामला फिलहाल विचाराधीन है और दोनों पक्षों की दलीलों एवं साक्ष्यों पर सुनवाई जारी है।
पेशी पर नहीं पहुंचे पवन सिंह, लगा जुर्माना
सुनवाई के लिए निर्धारित तारीख पर पवन सिंह अदालत में मौजूद नहीं थे। उनकी गैरहाजिरी को देखते हुए अदालत ने 3,000 रुपये का हर्जाना लगाया।
साथ ही कोर्ट ने निर्देश दिया कि पवन सिंह अगली निर्धारित तारीख पर अदालत में उपस्थित हों। जानकारी के मुताबिक, इससे पहले इस मामले में पवन सिंह की ओर से अदालत में उपस्थिति दर्ज कराई जा चुकी है।

ज्योति सिंह की ओर से पेश किए गए साक्ष्य
सुनवाई के दौरान ज्योति सिंह की ओर से उनके अधिवक्ता ने अदालत के सामने साक्ष्य प्रस्तुत किए। इन साक्ष्यों को लेकर फिलहाल जिरह की प्रक्रिया चल रही है।
मामले में दोनों पक्षों के साक्ष्य और दलीलें सुनने के बाद अदालत आगे का निर्णय लेगी। फिलहाल भरण-पोषण की अंतिम राशि को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है।
पिछली पेशी में भी हुआ था हंगामा
पवन सिंह की पिछली पेशी के दौरान भी न्यायालय परिसर में काफी भीड़ और शोर-शराबे की स्थिति बनी थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा था और किसी तरह पवन सिंह को कोर्ट परिसर से बाहर निकाला गया था।
अब मौजूदा सुनवाई में गैरहाजिरी पर हर्जाना लगाए जाने और अगली तारीख पर पेश होने के आदेश के बाद इस मामले की अगली सुनवाई पर नजर रहेगी।
आगे क्या होगा?
अब पवन सिंह को अगली निर्धारित तारीख पर अदालत में पेश होना होगा। वहीं, ज्योति सिंह की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों पर जिरह और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर मामला आगे बढ़ेगा।
भरण-पोषण की अंतिम राशि कितनी होगी और अदालत इस मामले में क्या फैसला सुनाएगी, यह आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
