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उज्जैन में शाही मस्जिद का हिस्सा समुदाय खुद हटा रहा, कलेक्टर और शहर काजी ने की शांति की अपील

उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने को लेकर चल रहा विवाद अब प्रशासन और स्थानीय समुदाय के बीच सहमति के प्रयासों के बीच आगे बढ़ रहा है। कलेक्टर रोशन सिंह ने कहा है कि छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद का हिस्सा समुदाय के लोग स्वयं हटा रहे हैं। उन्होंने शहरवासियों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।

सिंहस्थ-2028 के लिए सड़क चौड़ीकरण का काम

उज्जैन में सिंहस्थ-2028 को देखते हुए शहर में कई विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण भी शामिल है। प्रशासन के मुताबिक, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए मास्टर प्लान के अनुसार सड़क और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की तैयारी की जा रही है।

इसी सड़क चौड़ीकरण की जद में शाही मस्जिद का कुछ हिस्सा आने की बात सामने आई है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने 10 सितंबर को मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने से जुड़ी दो याचिकाएं खारिज कर दी थीं, जिसके बाद प्रशासन को कार्रवाई आगे बढ़ाने की अनुमति मिली थी।

समुदाय खुद हटा रहा मस्जिद का प्रभावित हिस्सा

उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आने वाले मकानों और धर्मस्थलों को अलग-अलग समुदायों के लोग स्वयं हटाने में सहयोग कर रहे हैं।

कलेक्टर के मुताबिक, इसी क्रम में छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद का प्रभावित हिस्सा भी समुदाय के लोग खुद हटा रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस मामले को लेकर किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें और शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखें।

उज्जैन में शाही मस्जिद का हिस्सा समुदाय खुद हटा रहा, कलेक्टर और शहर काजी ने की शांति की अपील

शहर काजी ने भी लोगों से की अपील

उज्जैन शहर काजी खली कुर्रे रहमान ने भी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मस्जिद को लेकर मामला रात में ही आपसी सहमति से सुलझ गया था और ऐसी कोई स्थिति नहीं है जिसके लिए लोगों को मौके पर जाने की जरूरत हो।

उन्होंने लोगों से कहा कि अफवाहों के कारण घरों से निकलकर घटनास्थल पर भीड़ न लगाएं। उनके मुताबिक, जिस काम को पूरा करने पर सहमति बनी है, उसे आगे बढ़ाया जा रहा है।

रात में बड़ी संख्या में जुटे थे लोग

इससे पहले शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई की खबर के बाद रविवार रात बड़ी संख्या में लोग मस्जिद के आसपास जमा हो गए थे। कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया और रातभर वहां मौजूद रहे।

सोमवार सुबह प्रशासन और समुदाय के बीच बातचीत के बाद लोगों को वहां से हटाया गया। इसके बाद प्रभावित हिस्से को समुदाय की ओर से स्वयं हटाने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की रिपोर्ट सामने आई।

कुछ रिपोर्टों में तनाव और पुलिस कार्रवाई की भी जानकारी

मामले में सोमवार सुबह बाद की कुछ रिपोर्टों में प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया के दौरान भीड़ और पुलिस के बीच तनाव तथा पथराव की जानकारी भी सामने आई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की बात रिपोर्टों में कही गई है।

इसलिए स्थिति को लेकर अलग-अलग समय की रिपोर्टों में अंतर दिखाई देता है। प्रशासन और शहर काजी की ताजा अपील लोगों से अफवाहों से दूर रहने और मौके पर अनावश्यक भीड़ नहीं लगाने की है।

हाई कोर्ट में भी मामला पहुंचा

शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने को लेकर कानूनी प्रक्रिया भी चल रही है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने सितंबर में सड़क चौड़ीकरण के लिए हिस्से को हटाने से संबंधित याचिकाओं को खारिज कर दिया था। अदालत के आदेश में सड़क चौड़ीकरण की प्रशासनिक प्रक्रिया और उससे जुड़े पहलुओं पर विचार किया गया था।

मामले को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया और प्रशासन की कार्रवाई पर भी नजर बनी हुई है।

प्रशासन ने अफवाहों से बचने को कहा

शाही मस्जिद विवाद को लेकर सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर कई तरह की सूचनाएं प्रसारित हो रही हैं। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से अपुष्ट खबरों और अफवाहों पर भरोसा नहीं करने को कहा है।

कलेक्टर और शहर काजी दोनों की अपील का मुख्य संदेश यही है कि लोग शांति बनाए रखें और बिना पुष्टि के किसी सूचना को आगे न बढ़ाएं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के साथ शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के लिए शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने का मामला चर्चा में है। कलेक्टर रोशन सिंह के मुताबिक, समुदाय के लोग स्वयं इस हिस्से को हटाने में सहयोग कर रहे हैं। वहीं शहर काजी ने भी लोगों से अफवाहों से दूर रहने और मौके पर अनावश्यक भीड़ नहीं लगाने की अपील की है। मामले में प्रशासनिक कार्रवाई के साथ कानूनी प्रक्रिया भी जारी है।

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