धारूहेड़ा की ईएसआईसी डिस्पेंसरी के स्टाफ से मांगी 5 लाख की रंगदारी

Crime News : सोमवार सुबह रेवाड़ी जिले का धारूहेड़ा कस्बे में स्थित ईएसआईसी डिस्पेंसरी नंबर दो में उस समय हड़कंप मच गया जब लैब टेक्नीशियन गुरमीत सिंह की कार पर दो पन्नों का एक धमकी भरा पत्र रखा हुआ मिला। पत्र लिखने वाले ने कर्मचारियों से ₹500000 की रंगदारी मांगी है और नहीं देने पर कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी देते हुए खुद का नाम धमकी देने वाले ने यमराज बताया है। पुलिस डिस्पेंसरी के आसपास लगे हुए सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है ताकि पत्र रखने वाले की पहचान हो सके।
डिस्पेंसरी के लैब टेक्नीशियन गुरमीत सिंह सोमवार को अपनी कार के पास पहुंचे तो उन्हें दो पन्नों का पत्र रखा मिला। उन्होंने पत्र पढ़ा तो पांव तले जमीन खिसक गई। पत्र धमकी भर लहजे में लिखा गया था।
पत्र में आरोपी ने सोमवार शाम 5 बजे तक रकम देने के लिए सहमति का संकेत देने को कहा। साथ ही चेतावनी दी कि इसके बाद कर्मचारियों का ‘काउंटडाउन’ शुरू हो जाएगा और मांग पूरी नहीं करने पर रकम दोगुनी कर दी जाएगी।

पत्र में लिखा है ESIC डिस्पेंसरी नंबर-2 के सभी कर्मचारियों को सूचित किया जाता है। डॉक्टर से लेकर चपरासी तक सभी कर्मचारियों को जान से मार दिया जाएगा। मुझे लोग यमराज कहते हैं। जिसको मैंने फोन कर दिया या पत्र लिख दिया, उसका मारना तय माना जाता है। यदि उसने मेरी बात नहीं मानी तो छुट्टी कर दी जाएगी। तुम सभी कर्मचारी मिलकर 5 लाख इकट्ठा करो अगर नहीं दिया तो एक-एक करके सभी को जान से मार दिया जाएगा। एक कर्मचारी के मरने के बाद मेरी डिमांड दुगनी हो जाएगी। तुम सब मिलकर फैसला कर लो। मरना है या फिर पैसे देने हैं। मेन गेट पर प्लस का निशान लगा देना। इसका मतलब होगा कि तुम पैसे दोगे। नहीं देने पर तुम सब मौत का तमाशा देखोगे। तुम सबको सोमवार 5:00 तक का समय दिया जाता है। तुम्हारा काम डाउन शुरू हो चुका है।
दूसरे पन्ने पर लिखा है कि इस लेटर को तुम लोग मजाक में मत लेना यह मौत का पैगाम है। मुझे पैसा चाहिए या फिर तुम्हारी एक-एक की मौत चाहिए। वेट फॉर माय नेक्स्ट लेटर
डिस्पेंसरी स्टाफ को यह चिट्ठी मिली। जिसमें नीचे यमराज नाम से साइन भी किए हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच
धमकी भरा पत्र मिलने के बाद गुरमीत सिंह ने धारूहेड़ा के सेक्टर-6 थाना पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने पत्र को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। डिस्पेंसरी के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि पत्र रखने वाले व्यक्ति की पहचान हो सके। घटना के बाद डिस्पेंसरी के कर्मचारियों में दहशत का माहौल है।
