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शैफाली वर्मा ने रचा नया इतिहास, मंधाना और वोल्वार्ड्ट को छोड़ा पीछे

जिम्बाब्वे के खिलाफ शैफाली वर्मा की तूफानी पारी ने सिर्फ भारत को सीरीज जीत नहीं दिलाई, बल्कि महिला टी20 क्रिकेट में एक बड़ा रिकॉर्ड भी उनके नाम कर दिया। 55 रन की विस्फोटक पारी के साथ शैफाली ने स्मृति मंधाना और लौरा वोल्वार्ड्ट जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया।

1. 25 गेंदों में शैफाली का तूफान

भारत और जिम्बाब्वे के बीच दूसरे टी20 इंटरनेशनल में शैफाली वर्मा ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने महज 25 गेंदों पर 55 रन बनाए। उनकी पारी में 6 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। शुरुआत से ही शैफाली ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और भारत को आसान जीत की ओर बढ़ा दिया।

2. एक साल में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर

इस अर्धशतक के साथ शैफाली ने महिला टी20 इंटरनेशनल में एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा 50 से अधिक रन की पारियां खेलने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। साल 2026 में यह उनका नौवां 50+ स्कोर है। इससे पहले यह रिकॉर्ड भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना के नाम था, जिन्होंने 2024 में आठ बार 50 से अधिक रन बनाए थे।

3. लौरा वोल्वार्ड्ट को भी पीछे छोड़ा

शैफाली की शानदार फॉर्म का असर उनके रन आंकड़ों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। 2026 में उनके टी20 इंटरनेशनल रनों की संख्या 922 पहुंच गई है। इस मामले में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की लौरा वोल्वार्ड्ट को पीछे छोड़ दिया है, जिन्होंने इस साल 824 रन बनाए थे। स्मृति मंधाना भी 821 रन के साथ इस सूची में मजबूत स्थिति में हैं।

शैफाली वर्मा ने रचा नया इतिहास, मंधाना और वोल्वार्ड्ट को छोड़ा पीछे

4. भारत ने 8 विकेट से दर्ज की आसान जीत

मुकाबले में जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 102 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने केवल 8.2 ओवर में एक विकेट खोकर 104 रन बना लिए। शैफाली के 55 रन के अलावा स्मृति मंधाना ने 25 गेंदों में 47 रन की तेज पारी खेली।

5. सीरीज पर भारत का कब्जा

दूसरे मुकाबले में जीत के साथ भारत ने टी20 सीरीज भी अपने नाम कर ली। पहले मैच में भी टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन किया था। इस साल भारतीय महिला टीम का टी20 रिकॉर्ड भी प्रभावशाली रहा है। भारत ने 2026 में अब तक 26 मुकाबले खेले हैं, जिनमें 17 में जीत हासिल की है।

6. शैफाली के बल्ले से बन रहा नया दौर

शैफाली वर्मा की बल्लेबाजी में सबसे खास बात उनका निडर अंदाज है। पावरप्ले में तेजी से रन बनाना और बड़े शॉट लगाने की क्षमता उन्हें अलग पहचान देती है। अगर उनकी मौजूदा लय जारी रहती है, तो 2026 में उनके रिकॉर्ड और भी आगे बढ़ सकते हैं। यह प्रदर्शन भारतीय महिला क्रिकेट के लिए भी एक मजबूत संकेत है।

निष्कर्ष: शैफाली ने जिम्बाब्वे के खिलाफ सिर्फ 25 गेंदों में 55 रन बनाकर मुकाबले का रुख बदला, बल्कि रिकॉर्ड बुक में भी अपना नाम दर्ज कराया। मंधाना और वोल्वार्ड्ट जैसी दिग्गज बल्लेबाजों को पीछे छोड़ना बताता है कि भारतीय क्रिकेट को एक नई विस्फोटक बल्लेबाजी ताकत मिल चुकी है।

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