
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में बड़ा मोड़ आ गया है। जांच के दौरान इस केस का कनेक्शन बिहार से जुड़ने की बात सामने आई है। बक्सर से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिसकी पुष्टि जिला पुलिस ने भी की है। इस खुलासे के बाद पूरे मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है और बिहार से लेकर बंगाल तक बयानबाजी तेज हो गई है। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के पीछे की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।
बक्सर से गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां अलर्ट
बिहार के बक्सर जिले से दो संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। माना जा रहा है कि ये दोनों आरोपी हत्या से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह मामला अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोह से जुड़ा हुआ है। शुरुआती जांच में कुछ अहम सुराग मिलने की बात भी सामने आई है, जिससे केस की गंभीरता और बढ़ गई है।

राजद ने उठाए कानून व्यवस्था पर सवाल
इस मामले को लेकर बिहार में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के अपराधी बंगाल में जाकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं, जो कानून व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जब सत्ता में बैठे लोग सख्त कार्रवाई नहीं करेंगे तो अपराधियों का मनोबल बढ़ना तय है।
सरकार ने जांच और सख्त कार्रवाई का दिया आश्वासन
वहीं बिहार सरकार की ओर से इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री रमा निषाद ने कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है और जो भी इस हत्या में शामिल होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दोनों राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर इस केस की परतें खोलने में जुटी हैं।
