राहुल गांधी पर गर्भवती पत्रकार ऋचा पाराशर को धक्का देने का आरोप, बीजेपी ने की कड़ी आलोचना

दिल्ली में विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर गर्भवती महिला पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगा है। बीजेपी नेताओं के मुताबिक, पत्रकार ऋचा पाराशर प्रदर्शन की कवरेज कर रही थीं, तभी उनके साथ धक्का-मुक्की हुई और उन्हें चोटें आईं। बीजेपी विधायक उमंग बजाज और प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इस मामले को लेकर राहुल गांधी की आलोचना की है। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और कांग्रेस की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राहुल गांधी पर महिला पत्रकार से धक्का-मुक्की का आरोप
बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया है कि सोमवार को विपक्ष के विरोध प्रदर्शन की रिपोर्टिंग कर रही पत्रकार ऋचा पाराशर के साथ राहुल गांधी ने कथित तौर पर धक्का-मुक्की की। बीजेपी का दावा है कि इस घटना में पत्रकार घायल हो गईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
यह मामला सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। हालांकि, घटना के पूरे घटनाक्रम और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे संबंधित पत्रकार और बीजेपी नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
उमंग बजाज ने की घटना की निंदा
बीजेपी विधायक उमंग बजाज ने कथित घटना पर नाराजगी जताते हुए राहुल गांधी के व्यवहार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि का कर्तव्य पत्रकारों के सवालों का जवाब देना है, न कि उनके साथ हाथापाई करना या उन्हें गिरा देना।

उमंग बजाज के मुताबिक, उन्हें रात करीब 10 बजे पत्रकार ऋचा पाराशर के साथ दुर्व्यवहार की जानकारी मिली। इसके बाद वह बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी, राजेश भाटिया और स्थानीय मंडल अध्यक्ष के साथ उनसे मिलने पहुंचे। उन्होंने पत्रकार का हालचाल जाना और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही।
पत्रकार ऋचा पाराशर ने क्या आरोप लगाए?
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अस्पताल में भर्ती ऋचा पाराशर से बातचीत का एक वीडियो साझा किया। वीडियो में पत्रकार कथित घटना के बारे में बताते हुए राहुल गांधी पर आरोप लगाती दिखाई देती हैं।
पत्रकार का दावा है कि राहुल गांधी ने उनकी बांह पकड़ी और धक्का दिया, जिससे वह नीचे गिर गईं और उन्हें चोटें आईं। उन्होंने अपने साथ मौजूद कैमरा ऑपरेटर के साथ भी धक्का-मुक्की होने का आरोप लगाया।
प्रदीप भंडारी ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि ऋचा पाराशर तीन महीने की गर्भवती हैं। उन्होंने इस घटना को लेकर राहुल गांधी की आलोचना की। हालांकि, पोस्ट में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
‘पितृसत्ता तोड़ने’ के बयान पर BJP का सवाल
बीजेपी नेताओं ने इस कथित घटना को महिलाओं के अधिकारों और पितृसत्ता के खिलाफ राहुल गांधी के बयानों से जोड़कर सवाल उठाए। उमंग बजाज ने कहा कि महिलाओं के सम्मान की बात करने वाले नेताओं के व्यवहार में भी उस सोच का प्रतिबिंब दिखना चाहिए।
बीजेपी ने आरोपों के आधार पर राहुल गांधी की आलोचना की है। दूसरी ओर, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले घटना के स्वतंत्र साक्ष्यों और संबंधित पक्षों का बयान सामने आना जरूरी है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस मामले में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कांग्रेस की ओर से आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, घटना के पूरे घटनाक्रम और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है।
प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों की सुरक्षा और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। अब घटना से जुड़े वीडियो, अन्य साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, राहुल गांधी पर लगे आरोपों को प्रमाणित तथ्य के बजाय आरोप के रूप में प्रस्तुत करना जरूरी है।
