
पंजाब की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में उस समय बड़ा भूचाल आ गया जब राज्य के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी GST लेनदेन मामले में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें शनिवार को गुरुग्राम की अदालत में पेश किया गया, जहां ED ने 10 दिन की हिरासत की मांग की थी। हालांकि अदालत ने एजेंसी को 7 दिन की ED कस्टडी मंजूर की है। यह पूरा मामला करीब 100 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय घोटाले से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।
दिल्ली, गुरुग्राम और चंडीगढ़ में एक साथ छापेमारी, कई ठिकानों पर जांच
ED ने इस मामले में कार्रवाई को तेज करते हुए शनिवार सुबह एक साथ दिल्ली, गुरुग्राम और चंडीगढ़ में छापेमारी की। कुल पांच ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया, जिनमें चार स्थान सीधे मंत्री संजीव अरोड़ा और उनसे जुड़ी कंपनियों से संबंधित बताए गए। इसके अलावा हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड के एक दफ्तर पर भी छापेमारी की गई, जो जांच के दायरे में है। एजेंसी का कहना है कि यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की गई है। पूरे दिन चली जांच के बाद शाम को अरोड़ा को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर गुरुग्राम लाया गया। इस कार्रवाई ने मामले को और गंभीर बना दिया है और जांच एजेंसियां अब डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की गहन पड़ताल कर रही हैं।

ED के गंभीर आरोप, 100 करोड़ के फर्जी बिल और टैक्स फ्रॉड की जांच तेज
ED ने आरोप लगाया है कि संजीव अरोड़ा से जुड़ी कंपनियों ने दिल्ली की कुछ फर्जी कंपनियों के साथ मिलकर मोबाइल फोन खरीद के नकली बिल तैयार किए और लगभग 100 करोड़ रुपये का फर्जी कारोबार दिखाया। जांच एजेंसी के अनुसार इन फर्जी लेनदेन के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट, GST रिफंड और ड्यूटी ड्रॉबैक का गलत लाभ लिया गया। इसके लिए कई शेल कंपनियों और संदिग्ध बैंकिंग ट्रांजैक्शन का इस्तेमाल किए जाने का भी शक है। अब ED इन सभी लेनदेन की डिजिटल जांच कर रही है और निर्यात दस्तावेजों को भी खंगाला जा रहा है। मामला केवल टैक्स फ्रॉड तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे बड़े वित्तीय नेटवर्क की संभावना भी जताई जा रही है।
कंपनी का बचाव, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
इस पूरे मामले में नाम आने के बाद हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड ने खुद को निर्दोष बताते हुए आरोपों को खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि उसने सरकार की मेक इन इंडिया और PLI योजना के तहत वैध तरीके से मोबाइल निर्यात कारोबार शुरू किया था और सभी लेनदेन बैंकिंग चैनलों के जरिए हुए हैं। वहीं इस गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इसे केंद्र सरकार द्वारा जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का मामला बताया है, जबकि भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा है कि कार्रवाई पूरी तरह सबूतों और जांच के आधार पर की गई है। ED की 7 दिन की हिरासत में अब कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे यह मामला और भी बड़ा रूप ले सकता है।
