
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में महिला आरक्षण बिल को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सीएम आवास से विधानसभा तक ‘जन आक्रोश पदयात्रा’ निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।
इस पदयात्रा में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के साथ कई मंत्री और सहयोगी दलों के नेता भी मौजूद रहे। प्रमुख नेताओं में बेबी रानी मौर्य, ए.के. शर्मा, आशीष पटेल और ओमप्रकाश राजभर शामिल रहे। पूरे रास्ते में ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारे गूंजते रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह पदयात्रा कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के “महिला विरोधी रवैये” के खिलाफ जन आक्रोश का प्रतीक है। उनके अनुसार, देशभर में महिलाओं के बीच इन दलों के खिलाफ असंतोष है और लखनऊ में इसकी झलक साफ दिखाई दी।
सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस और सपा दोनों का चेहरा अलोकतांत्रिक है और उन्होंने महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर भी राजनीति की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए अवसर का विपक्ष ने सही उपयोग नहीं किया और महिलाओं के अधिकारों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई।
रैली के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके अलावा अन्य विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा गया। पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए है।
भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। शहर में 11 प्रमुख मार्गों पर यातायात डायवर्ट किया गया, वहीं रैली मार्ग पर मेडिकल कैंप और एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गई थी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
तेज गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी को बीजेपी अपनी नीतियों के समर्थन के रूप में देख रही है। यह प्रदर्शन साफ संकेत देता है कि महिला आरक्षण का मुद्दा आगामी चुनावों में प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनने जा रहा है।
