बच्ची को बचाने के लिए 10 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन लेकिन…

Faridabad Borewell Accident : हरियाणा के फरीदाबाद के सीही गांव में करीब 200 फीट गहरे खुले बोरवेल में गिरी बच्ची की मौत हो गई। ढाई साल के मासूम को करीब 10 घंटे बाद बचाव दल ने बाहर निकाला था। इस दौरान बच्ची के शरीर में किसी भी तरह की हलचल नहीं हो रही थी। इसके बाद उसे आनन-फानन में अस्पताल में भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
स्थानीय लोगों ने की कार्रवाई की मांग
वहीं, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय लोगों में जिला प्रशासन और नगर निगम के प्रति भारी नाराजगी दिखाई दी। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते खुले बोरवेल की ओर नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने ध्यान दिया होता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। स्थानीय लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
क्या बोले एनडीआरएफ की डिप्टी कमांडेंट
NDRF के डिप्टी कमांडेंट कुणाल तिवारी ने बताया, “हमें मिली जानकारी के मुताबिक यह घटना शाम 6 बजे की है और हमें इसकी सूचना 7 बजकर 45 मिनट पर मिली थी। हमारी टीम यहां पर 9 बजकर 5 मिनट पर पहुंची थी। यह एक संयुक्त अभियान था। NDRF, हरियाणा SDRF, हरियाणा पुलिस, हरियाणा फायर सर्विस, गाजियाबाद सिविल डिफेंस, यहां का चिकित्सा महकमा और हरियाणा के नगर निगम के साथ मिलकर यह अभियान किया और अभी 3 बजकर 50 मिनट पर बच्ची को बोरवेल से बाहर निकाल लिया। उसे तुरंत चिकित्सा के लिए भेज दिया।” वहीं बोरवेल में गिरी तीन साल की बच्ची की मां ने बताया, “मैं चाय बनाने गई थी और जब तक मैं वापस लौटी तो मुझे पता चला कि बच्ची बोरवेल में गिर गई है। मैं वहां पहुंची और कोशिश की मगर नहीं निकल पाई…”

खेलने के दौरान बोरवेल में गिरी बच्ची
बताया जा रहा है कि बच्ची का नाम नेहा है। वह अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान वह खुले पड़े बोरवेल में गिर गई। बच्ची के बोरवेल में गिरने की जानकारी मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया। नेहा के पिता रामदीन मजदूरी का काम करते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह बोरवेल नगर निगम का है और करीब 10 साल से बंद पड़ा था। पहले बोरवेल के ऊपर ढक्कन लगा हुआ था, लेकिन कुछ दिन पहले उसका ढक्कन गायब हो गया था। इसके बाद बोरवेल खुला पड़ा रहा।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा था बचाव दल
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंच गया। बचाव टीम बोरवेल के आसपास खुदाई करने के साथ अन्य जरूरी प्रक्रिया के जरिए बच्ची तक पहुंचने का प्रयास किया। टीम लगातार बच्ची को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी हुई थी, लेकिन बच्ची की जान नहीं बचाई जा सकी।
