
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के बीच निर्दलीय सांसद पप्पू यादव का बयान चर्चा में है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर प्रदर्शन के समर्थन में तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निशाने पर लिया। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई और कई लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आईं।
पप्पू यादव ने X पर क्या लिखा?
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने CJP के प्रदर्शन के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “लाठी चले, गोली चले या गोला, रेल रोको, बस रोको या मेट्रो, ज्ञानेश को जाना होगा।”
उनके इस बयान को ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और प्रदर्शनकारियों के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है। पोस्ट में इस्तेमाल किए गए शब्दों ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
PM मोदी को भी दी चेतावनी
पप्पू यादव ने अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने लिखा, “मोदी जी लो चाहे कोई पैंतरा, ज्यादा कूदोगे तो होगी आपकी कुर्सी पर खतरा।”
इस बयान के जरिए उन्होंने केंद्र सरकार की रणनीति पर सवाल उठाए और प्रदर्शन के दौरान सख्ती को लेकर राजनीतिक संदेश दिया। हालांकि, प्रधानमंत्री को लेकर उनकी टिप्पणी राजनीतिक बयान है, किसी संभावित घटनाक्रम की पुष्टि नहीं।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP का प्रदर्शन
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। आंदोलन से जुड़े लोगों ने मतदाता सूची में संशोधन और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए हैं।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। आलोचकों ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जबकि चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण को नियमित सत्यापन प्रक्रिया बताया है।
प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा सख्त
CJP के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की थी। पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया था। अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था, यातायात और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला दिया था।
10 अक्टूबर को प्रदर्शन से जुड़े कई लोगों और नेताओं को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आईं। राजधानी के कई हिस्सों में बैरिकेडिंग और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। सार्वजनिक परिवहन पर भी प्रतिबंध लगाए जाने की खबरें आईं।
चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक टकराव
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर जारी विवाद ने राजनीतिक बयानबाजी को तेज कर दिया है। पप्पू यादव की पोस्ट भी इसी घटनाक्रम के बीच सामने आई है। जहां प्रदर्शनकारी चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, वहीं प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर अपने कदम उठाए हैं।
आगे इस मामले में राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं, प्रदर्शनकारियों की मांगों और चुनाव आयोग के रुख पर नजर रहेगी।