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Telangana Pollution Control Board, HYDRAA to join hands for arresting water pollution

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Telangana Pollution Control Board, HYDRAA to join hands for arresting water pollution
तेलंगाना प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और हैदराबाद आपदा प्रतिक्रिया और संपत्ति संरक्षण एजेंसी ने बड़े रीयलटर्स पर विशेष ध्यान देने के साथ प्रदूषण नियंत्रण मानदंडों और पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी निवारक कार्रवाई की चेतावनी दी है। फ़ाइल फ़ोटो

तेलंगाना प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और हैदराबाद आपदा प्रतिक्रिया और संपत्ति संरक्षण एजेंसी ने बड़े रीयलटर्स पर विशेष ध्यान देने के साथ प्रदूषण नियंत्रण मानदंडों और पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी निवारक कार्रवाई की चेतावनी दी है। फाइल फोटो | फोटो साभार: नागरा गोपाल

तेलंगाना प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (टीजीपीसीबी) ने घोषणा की है कि वह शहर की झीलों और जल निकायों में फेंके जाने वाले घरेलू, निर्माण और औद्योगिक कचरे के मुद्दे को संबोधित करने के लिए हैदराबाद आपदा प्रतिक्रिया और संपत्ति संरक्षण एजेंसी (हाइड्रा) के साथ मिलकर काम करेगा।

हाइड्रा और टीजीपीसीबी अधिकारियों की टीमें अब से झीलों और जल निकायों में पानी की गुणवत्ता की वास्तविक समय की निगरानी, ​​अवैध डंपिंग को रोकने और वाहनों की जब्ती की दिशा में मिलकर काम करेंगी, टीजीपीसीबी की ओर से सोमवार को एक बयान में कहा गया, जिसकी संयुक्त अध्यक्षता में एक बैठक हुई। हाइड्रा आयुक्त ए.वी.रंगनाथ और टीजीपीसीबी सदस्य-सचिव जी.रवि।

श्री रवि ने प्रभावी उपचार सुनिश्चित करके और झील के किनारों और तलों पर निर्माण और विध्वंस कचरे के डंपिंग को रोककर झीलों में औद्योगिक अपशिष्टों और सीवेज के प्रवाह को विनियमित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पानी की गुणवत्ता की चिंता उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी प्रवाह की मात्रा।

श्री रंगनाथ ने कहा कि पर्यावरण मानकों का अनुपालन न करने पर बढ़ते निरीक्षण और दंड समय की मांग है।

रासायनिक प्रदूषकों की उत्पत्ति को समझने के लिए प्रवाह मीटरों का उपयोग करने का निर्णय लिया गया है ताकि लक्षित कार्रवाई की जा सके।

शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान संस्थानों और पर्यावरण गैर सरकारी संगठनों के साथ सहयोग करना और स्थानीय समुदायों को प्रयासों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना कार्य योजना का हिस्सा है जिसे सभी पहचानी गई झीलों और जल निकायों के लिए बड़े पैमाने पर शुरू किया जाएगा।

यह सुनिश्चित करने के लिए औद्योगिक क्षेत्र के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी कि पर्यावरण कानूनों और विनियमों का सख्ती से पालन किया जाए और कड़ी कार्रवाई की जाए।

साथ में, दोनों प्रमुखों ने प्रदूषण नियंत्रण मानदंडों और पर्यावरण कानूनों के उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कड़ी निवारक कार्रवाई की चेतावनी दी, जिसमें बड़े रीयलटर्स पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्हें जल निकायों में आंशिक रूप से उपचारित या अनुपचारित अपशिष्टों को छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। नोट में कहा गया है कि उल्लंघन करने वाले गेटेड समुदायों और उद्योगों पर एक विशेष अभियान चलाया जाएगा।

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Political News: राजनीतिक बयान से भड़का आंध्र, YSRCP नेता गिरफ्तार, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल

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Political News: राजनीतिक बयान से भड़का आंध्र, YSRCP नेता गिरफ्तार, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल

Political News: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अंबाती रामबाबू की शनिवार को गिरफ्तारी ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। यह गिरफ्तारी गुंटूर में हुई जहां शनिवार दोपहर से देर रात तक तनावपूर्ण हालात बने रहे। रामबाबू के आवास और आसपास की सड़कों पर भारी भीड़ जमा रही और माहौल लगातार बिगड़ता चला गया। क्षेत्रीय समाचार चैनलों पर प्रसारित वीडियो फुटेज में सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को रामबाबू के घर और उनके वाहनों में तोड़फोड़ करते हुए देखा गया। इस घटना के बाद राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया और कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे।

पूर्व सिंचाई मंत्री रहे अंबाती रामबाबू की गिरफ्तारी

गुंटूर जिले के पुलिस अधीक्षक वकुल जिंदल ने पुष्टि की कि अंबाती रामबाबू को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि रामबाबू पूर्व वाईएसआरसीपी सरकार में सिंचाई मंत्री रह चुके हैं और उनकी कथित टिप्पणी को लेकर तेदेपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश था। सैकड़ों तेदेपा समर्थक उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे और सार्वजनिक रूप से माफी की मांग कर रहे थे। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए थे कि भारी पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी। पुलिस के अनुसार सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए और किसी बड़ी अनहोनी से बचने के लिए रामबाबू की गिरफ्तारी की गई। इस पूरी कार्रवाई के दौरान गुंटूर में माहौल बेहद संवेदनशील बना रहा और देर रात तक पुलिस अलर्ट पर रही।

वाईएसआरसीपी का हमला और जान को खतरे का आरोप

अंबाती रामबाबू की गिरफ्तारी के बाद वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने आरोप लगाया कि रामबाबू पर जानलेवा हमला किया गया और उनकी जान को गंभीर खतरा है। वाईएसआरसीपी का कहना है कि तेदेपा समर्थकों ने सुनियोजित तरीके से उनके आवास पर हमला किया और यह सब सत्तारूढ़ दल के संरक्षण में हुआ। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि अगर समय रहते पुलिस हस्तक्षेप नहीं करती तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी। वाईएसआरसीपी ने इसे विपक्ष को डराने और दबाने की कोशिश करार दिया है। पार्टी का कहना है कि सरकार की आलोचना करने वालों के खिलाफ हिंसा को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

जगन मोहन रेड्डी ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल

वाईएसआरसीपी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ हिंसा और हत्या के प्रयास की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उनका आरोप है कि सरकार से सवाल पूछने वाली आवाजों को डराने के लिए जानबूझकर ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। वहीं वाईएसआरसीपी संसदीय दल के नेता वाई वी सुब्बा रेड्डी ने राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए केंद्रीय गृह सचिव और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की अध्यक्ष को अलग अलग पत्र लिखे हैं। उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश में लोकतांत्रिक मूल्यों और विपक्ष की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

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J&K Terrorism Operation: किश्तवार में आतंकवादियों से मुठभेड़, पाक ड्रोन घुसपैठ पर BSF ने किया जवाब

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J&K Terrorism Operation: किश्तवार में आतंकवादियों से मुठभेड़, पाक ड्रोन घुसपैठ पर BSF ने किया जवाब

J&K Terrorism Operation: जम्मू-कश्मीर फिर से आतंकवाद रोधी अभियानों के केंद्र में है। जनवरी 2026 में शुरू हुआ ऑपरेशन त्राशी-I सुरक्षा बलों द्वारा जम्मू क्षेत्र में आतंकवादियों के खिलाफ एक बड़ी और सुनियोजित कार्रवाई माना जा रहा है। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य किश्तवार जिले और उसके आसपास के पहाड़ी इलाकों में सक्रिय आतंकवादियों को खत्म करना और उनके नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है। इसी बीच 31 जनवरी की सुबह जम्मू-कश्मीर के सीमा गांव चालियारी में एक पाकिस्तानी ड्रोन ने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश की। बीएसएफ ने चार राउंड फायर किए, जिसके बाद ड्रोन वापस पाकिस्तानी क्षेत्र में चला गया। घटना के बाद इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है।

डोलगाम और चात्रू में मुठभेड़ और ऑपरेशन की पृष्ठभूमि

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, 31 जनवरी की सुबह किश्तवार के डोलगाम और चात्रू इलाकों में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुई। यह दर्शाता है कि इंटेलिजेंस एजेंसियों के इनपुट्स के आधार पर लगातार निगरानी और कार्रवाई जारी है। ऑपरेशन त्राशी-I भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की संयुक्त कार्रवाई है। यह अभियान जनवरी 2026 में किश्तवार जिले के चात्रू इलाके से शुरू किया गया था, जो आतंकवादी गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता है। इंटेलिजेंस एजेंसियों को लगातार यह सूचना मिल रही थी कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन, खासकर जैश-ए-मोहम्मद, इस क्षेत्र में सक्रिय हैं और छुपने के लिए ठिकाने बना रहे हैं। इन सूचनाओं की पुष्टि के बाद ही ऑपरेशन की औपचारिक शुरुआत हुई।

ऑपरेशन त्राशी-I के उद्देश्य और सुरक्षा बलों की रणनीति

ऑपरेशन त्राशी-I केवल एक मुठभेड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि जम्मू क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ लंबी अवधि की रणनीति का हिस्सा है। इस अभियान का मकसद जंगलों और पहाड़ी इलाकों में छिपे आतंकवादियों की पहचान कर उन्हें खत्म करना है। साथ ही, आतंकवादियों की हथियार आपूर्ति, रसद नेटवर्क और स्थानीय समर्थन प्रणालियों को भी नष्ट करना इस ऑपरेशन का महत्वपूर्ण लक्ष्य है। सुरक्षा बल खास तौर पर उन मार्गों पर नजर बनाए हुए हैं जिनके जरिए आतंकवादी जम्मू क्षेत्र और कश्मीर घाटी के बीच आवाजाही करते हैं। किश्तवार के डोलगाम और चात्रू इलाके भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण माने जाते हैं। घने जंगल, ऊंचे पहाड़, सीमित सड़क संपर्क और बदलता मौसम सुरक्षा बलों के लिए कठिनाई पैदा करता है।

तकनीक और कड़ी निगरानी के साथ आतंकवाद के खिलाफ संदेश

इन चुनौतियों के बावजूद, ऑपरेशन त्राशी-I को सफल बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ड्रोन के माध्यम से हवाई निगरानी की जा रही है और अतिरिक्त सुरक्षा बल मैदान में तैनात किए गए हैं। सभी इकाइयों के बीच रियल-टाइम संचार बनाए रखा जा रहा है ताकि आतंकवादियों के भागने के कोई मौके न रहें। यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ एक सशक्त और स्पष्ट संदेश माना जा रहा है। पिछले वर्षों में आतंकवादियों ने दक्षिण कश्मीर की बजाय जम्मू के पहाड़ी जिलों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश की है। सुरक्षा बल इस ऑपरेशन के माध्यम से यह संदेश देना चाहते हैं कि चाहे इलाके कितने भी कठिन क्यों न हों, आतंकवादियों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं होगा।

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महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर PM Modi और योगी आदित्यनाथ ने याद किए उनके आदर्श

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महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर PM Modi और योगी आदित्यनाथ ने याद किए उनके आदर्श

आज शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर पूरे देश में शहीद दिवस मनाया जा रहा है। इस खास दिन पर PM Modi और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की। दोनों नेताओं ने महात्मा गांधी के आदर्शों को याद करते हुए विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने गांधी जी के स्वदेशी के संदेश को विकसित भारत का आधार बताया, जबकि योगी आदित्यनाथ ने बापू के आदर्शों को अपनाकर भारत को विकसित बनाने की बात कही। यह दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या की थी।

PM Modi का महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘X’ पर अपने संदेश में कहा, “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर मेरी विनम्र श्रद्धांजलि। आदरणीय बापू ने हमेशा स्वदेशी पर विशेष जोर दिया जो आज एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लिए हमारी संकल्प की नींव है। उनकी व्यक्तित्व और कार्य देशवासियों को कर्तव्य के मार्ग पर चलने के लिए सदैव प्रेरित करते रहेंगे।” उन्होंने यह भी बताया कि गांधी जी का स्वदेशी का सिद्धांत वर्तमान सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान का मूल स्तंभ है। मोदी जी ने गांधी जी की शिक्षाओं को देश की प्रगति और विकास के लिए आवश्यक बताया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गांधी जी को सम्मान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी ‘X’ पर एक पोस्ट के माध्यम से कहा, “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर मेरी विनम्र श्रद्धांजलि। आदरणीय बापू के सत्यनिष्ठ व्यवहार, अहिंसा के प्रति उनकी दृढ़ता और मानवता के प्रति उनकी अपार करुणा सम्पूर्ण विश्व को हमेशा प्रकाशित करती रहेगी। आइए, हम सब बापू के आदर्शों को अपनाकर एक समृद्ध, न्यायसंगत और विकसित भारत के निर्माण में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें।” उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि हर साल 30 जनवरी को भारत में शहीद दिवस के रूप में गांधी जी को याद किया जाता है और उनके सर्वोच्च बलिदान को सलाम किया जाता है।

महात्मा गांधी: सत्य और अहिंसा के मार्गदर्शक

महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर, गुजरात में हुआ था। बचपन से ही वे सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चले। उन्होंने लंदन में कानून की पढ़ाई की और दक्षिण अफ्रीका में रहते हुए वहां की ब्रिटिश अन्याय के खिलाफ सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया। भारत लौटकर उन्होंने असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह, और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे कई बड़े आंदोलनों का नेतृत्व किया। गांधी जी ने अहिंसा को हथियार बनाकर ब्रिटिश साम्राज्य को भारत छोड़ने के लिए मजबूर किया। वे हमेशा गरीबों, किसानों और समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों के साथ खड़े रहे। आज भी उनकी अहिंसा और सत्य के संदेश पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

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