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Andaman Sea earthquake: 24 घंटे में तीन बार कांपी धरती – अंडमान सागर में बढ़ी हलचल से क्या आ गया खतरे का संकेत?

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Andaman Sea earthquake: 24 घंटे में तीन बार कांपी धरती – अंडमान सागर में बढ़ी हलचल से क्या आ गया खतरे का संकेत?

Andaman Sea earthquake: अंडमान सागर क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के भीतर तीन बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। राष्ट्रीय भूकंपीय विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, सबसे ताजा झटका बुधवार सुबह 7:03 बजे आया जिसकी तीव्रता 5.4 मापी गई। इससे पहले बुधवार तड़के 1:43 बजे 4.2 तीव्रता का भूकंप आया था। मंगलवार दोपहर 3:47 बजे भी 5.2 तीव्रता का पहला झटका दर्ज किया गया था।

पोर्ट ब्लेयर के पास रहा केंद्र, पर जान-माल की हानि नहीं

अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, सुबह आए भूकंप का केंद्र पोर्ट ब्लेयर के पास समुद्र की सतह से लगभग 270 किलोमीटर नीचे था। वहीं, रात 1:43 बजे आए भूकंप की गहराई करीब 20 किलोमीटर थी। अच्छी खबर ये है कि कहीं से भी किसी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।

लगातार हलचल में धरती, पर घबराने की जरूरत नहीं

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस क्षेत्र में समय-समय पर हल्के भूकंप आना सामान्य भूगर्भीय गतिविधि का हिस्सा है। भले ही इन भूकंपों की तीव्रता मध्यम रही हो लेकिन लगातार तीन झटकों ने लोगों को सतर्क कर दिया है। हालांकि, कोई अफरा-तफरी या डर का माहौल नहीं देखा गया है।

निगरानी में जुटी एजेंसियां, स्थिति पर पूरी नजर

भूकंप के झटकों को देखते हुए संबंधित सरकारी और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने स्थिति पर कड़ी नजर रखना शुरू कर दिया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। फिलहाल किसी राहत कार्य की आवश्यकता नहीं पड़ी है लेकिन पूरी सतर्कता बरती जा रही है।

क्या कहता है वैज्ञानिक विश्लेषण

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह एक सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र है जहां भारतीय और बर्मी टेक्टॉनिक प्लेटें टकराती हैं। इसी वजह से यहां इस तरह की गतिविधियां सामान्य मानी जाती हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि फिलहाल भूकंप का कोई खतरनाक संकेत नहीं है, लेकिन किसी बड़े झटके की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

 

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WI vs SCO: कोलकाता में वेस्टइंडीज ने अंतिम 10 ओवरों में दिखाया धमाका, स्कॉटलैंड पर दबाव

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WI vs SCO: कोलकाता में वेस्टइंडीज ने अंतिम 10 ओवरों में दिखाया धमाका, स्कॉटलैंड पर दबाव

WI vs SCO: 2026 के टी20 वर्ल्ड कप के दूसरे मैच में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 182 रन बनाए। कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए इस मुकाबले में कैरेबियाई टीम ने धीमी शुरुआत के बाद जोरदार वापसी की। शुरुआती 10 ओवरों में केवल 66 रन पर 2 विकेट खोने के बाद टीम ने अंतिम 10 ओवरों में जबरदस्त बल्लेबाजी की और 116 रन जोड़े। शिमरोन हेटमायर की तूफानी अर्धशतकीय पारी ने वेस्टइंडीज को एक मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

पावरप्ले में स्कॉटलैंड के गेंदबाजों ने लगाया दबाव

मैच की शुरुआत में स्कॉटलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी और पावरप्ले के दौरान वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को बल्लेबाजी करने का मौका नहीं दिया। पावरप्ले के 6 ओवरों में वेस्टइंडीज ने सिर्फ 33 रन बनाए थे। पहले 10 ओवरों में टीम का स्कोर केवल 66 रन था, जिसमें दो विकेट भी गिर चुके थे। स्कॉटलैंड के गेंदबाजों ने अच्छी लाइन और लेंथ से खेल को रोका रखा था, लेकिन अंतिम 10 ओवरों में उनकी गेंदबाजी ढीली पड़ गई।

WI vs SCO: कोलकाता में वेस्टइंडीज ने अंतिम 10 ओवरों में दिखाया धमाका, स्कॉटलैंड पर दबाव

शिमरोन हेटमायर ने बनाया नया रिकॉर्ड, 22 गेंद में पहुंचा अर्धशतक

शिमरोन हेटमायर की पारी टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे तेज अर्धशतक साबित हुई। उन्होंने अपनी पारी की शुरुआत धीमी की, पहले 7 गेंदों में केवल 9 रन बनाए। इसके बाद उन्होंने अपनी आक्रमकता दिखाते हुए अगली 13 गेंदों में 41 रन ठोक दिए और 22 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने क्रिस गेल के 23 गेंद में फिफ्टी लगाने के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नया रिकॉर्ड बनाया। हेटमायर ने कुल 36 गेंदों में 64 रन बनाए, जिसमें 8 बाउंड्री (2 चौके और 6 छक्के) शामिल थे।

वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने मिलकर बनाया बड़ा स्कोर

शिमरोन हेटमायर के अलावा रोवमैन पावेल और शेरफान रदरफोर्ड ने भी अच्छा योगदान दिया। पावेल ने 24 रन की तेज पारी खेली जबकि रदरफोर्ड ने 26 रन बनाए। दोनों की पारियों ने टीम को 180 के पार पहुंचाने में मदद की। स्कॉटलैंड की तरफ से ब्रैड करी सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 4 ओवर में केवल 23 रन देकर 2 विकेट हासिल किए। वेस्टइंडीज की इस मजबूत पारी के बाद अब स्कॉटलैंड के लिए चुनौती बड़ी हो गई है।

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300 से ज्यादा फिल्मों के अभिनेता Sunil Thapa की मौत ने फिल्म जगत में मचाई हलचल

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300 से ज्यादा फिल्मों के अभिनेता Sunil Thapa की मौत ने फिल्म जगत में मचाई हलचल

प्रसिद्ध नेपाली फिल्म अभिनेता Sunil Thapa का अचानक निधन हो गया है। वे 7 फरवरी 2026 को काठमांडू में अपनी अंतिम सांसें लेकर चले गए। सुनील थापा नेपाली सिनेमा के चमकते सितारे थे और उन्होंने 300 से अधिक फिल्मों में काम किया था। हाल ही में वे राज और डीके की क्राइम सीरीज ‘द फैमिली मैन 3’ में नजर आए थे। इसके अलावा उन्होंने प्रियंका चोपड़ा की फिल्म ‘मेरी कॉम’ में कोच का किरदार निभाया था। थापा की मौत की खबर के बाद उनके प्रशंसक उनके अचानक निधन के कारण जानने के लिए उत्सुक हैं।

दिल का दौरा पड़ा मौत की मुख्य वजह

सूत्रों के मुताबिक, Sunil Thapa के निधन का कारण कार्डियक अरेस्ट यानी दिल का दौरा बताया जा रहा है। थापाथली स्थित नॉरविक अस्पताल के चेयरमैन राजेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि थापा को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। सुबह 7:44 बजे उनका ईसीजी किया गया, जिसने उनकी मौत की पुष्टि कर दी। डॉक्टरों ने कहा, “वे बेहोश थे जब उन्हें अस्पताल लाया गया। तुरंत उनका ईसीजी किया गया और उनकी मृत्यु की पुष्टि हुई।” इस तरह अचानक उनका निधन फिल्म जगत के लिए एक बड़ा सदमा है।

300 से ज्यादा फिल्मों के अभिनेता Sunil Thapa की मौत ने फिल्म जगत में मचाई हलचल

सुनील थापा का सफल और बहुआयामी करियर

सुनील थापा ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी। 1970 के दशक में मुंबई में उन्होंने कई कपड़ों के ब्रांड्स के लिए काम किया। वह पेशेवर फुटबॉल खिलाड़ी भी थे और बॉम्बे के क्लबों के लिए खेल चुके थे। इसके अलावा थापा एक फोटो जर्नलिस्ट भी थे जिन्होंने 1974 में भूटान के राजतिलक का कवरेज किया। फिल्म इंडस्ट्री में उनका नाम ‘चिनो’ फिल्म में ‘राटे कैल’ के किरदार से जुड़ा, जिसने उन्हें नेपाली सिनेमा के सबसे प्रसिद्ध विलेन के रूप में स्थापित किया। थापा को कई पुरस्कार भी मिले, जिनमें दो मोशन पिक्चर्स अवार्ड्स नेपाल शामिल हैं।

भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में भी छाया नाम

थापा ने बॉलीवुड में भी अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने ‘एक दूजे के लिए’ फिल्म से अपने करियर की शुरुआत की, जिसमें कमल हासन और रति अग्निहोत्री मुख्य भूमिका में थे। ‘मेरी कॉम’ फिल्म में उनके सहायक भूमिका को खूब सराहा गया और इसके लिए उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामांकन भी मिला। हाल ही में वे अमेज़न प्राइम वीडियो की सीरीज ‘द फैमिली मैन’ के तीसरे सीजन में ‘डेविड खुजौ’ का किरदार निभाते नजर आए, जो नागालैंड के एक सम्मानित स्थानीय नेता और एमसीए प्रमुख थे। इसके अलावा वे एवरेस्ट फिल्म एकेडमी के अध्यक्ष भी थे। थापा की शादी राजनी लिम्बू से हुई थी, जो उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी सहारा थीं। उनका एक परिवार था जिसमें दो बच्चे शामिल थे। वे काठमांडू के एक अपार्टमेंट में रहते थे।

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‘Ghuskhor Pandit’ का टीजर हटाया गया, मेकर्स ने क्यों लिया प्रमोशनल सामग्री वापस?

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'Ghuskhor Pandit’ का टीजर हटाया गया, मेकर्स ने क्यों लिया प्रमोशनल सामग्री वापस?

मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘Ghuskhor Pandit’ तब से सुर्खियों में है जब इसके मेकर्स ने Netflix के ‘नेक्स्ट ऑन Netflix 2026’ इवेंट में इसका फर्स्ट लुक जारी किया। विवाद का केंद्र इस फिल्म का टाइटल है, जिसमें ‘पंडित’ शब्द को ‘घूसखोर’ से जोड़ा गया है। ‘पंडित’ शब्द धार्मिक विद्वान और समाज में सम्मानित व्यक्ति के लिए उपयोग होता है, जबकि ‘घूसखोर’ का मतलब रिश्वतखोर होता है। दिल्ली हाई कोर्ट में फिल्म की रिलीज़ पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर हुई, वहीं FMC ने Netflix और मेकर्स को नोटिस भेजा। लखनऊ में मेकर्स के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई, जिसमें कहा गया कि फिल्म धार्मिक और जातिगत भावनाओं को आहत करती है और सार्वजनिक शांति के लिए खतरा है। विवाद बढ़ने के बाद मेकर्स ने ‘घूसखोर पंडित’ का टीजर YouTube से हटा दिया, लेकिन वीडियो अभी भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

सामाजिक जिम्मेदारी और क्रिएटिव फ्रीडम के बीच टकराव

‘Ghuskhor Pandit’ विवाद ने OTT प्लेटफॉर्म्स पर आने वाले कंटेंट की सामाजिक और कानूनी जिम्मेदारी पर बहस छेड़ दी है। इस मामले ने यह साफ किया है कि क्रिएटिव फ्रीडम के साथ-साथ संवेदनशीलता भी जरूरी है। कई लोग इस फिल्म को क्रिएटिव एक्सप्रेशन मानते हुए समर्थन कर रहे हैं, लेकिन अनेक दर्शक और सामाजिक समूह इसे जातिगत और धार्मिक भावनाओं के खिलाफ मान रहे हैं। विवाद ने फिल्म इंडस्ट्री और दर्शकों के बीच गंभीर संवाद शुरू कर दिया है कि कला की आज़ादी सामाजिक सौहार्द के दायरे में कैसे होनी चाहिए। इस पर कानूनी प्रक्रियाएं भी तेज हो गई हैं जिससे OTT कंटेंट की नियमबद्धता पर सवाल उठ रहे हैं।

'Ghuskhor Pandit’ का टीजर हटाया गया, मेकर्स ने क्यों लिया प्रमोशनल सामग्री वापस?

टाइटल ‘पंडित’ को लेकर लीगल नोटिस और आपत्तियां

मुंबई के वकील आशुतोष दुबे ने Netflix और प्रोडक्शन हाउस को लीगल नोटिस भेजकर ‘घूसखोर पंडित’ के टाइटल पर आपत्ति जताई। नोटिस में कहा गया कि ‘पंडित’ शब्द भारतीय संस्कृति में धार्मिक विद्वान और नैतिकता का प्रतीक है। ‘घूसखोर’ शब्द के साथ इसे जोड़ना पंडित समुदाय की गरिमा पर हमला है। दुबे ने बताया कि भ्रष्टाचार व्यक्तिगत दोष है, किसी समुदाय की पहचान नहीं। इस प्रकार का टाइटल नकारात्मक संदेश फैलाता है और सामाजिक सद्भाव को खतरे में डालता है। उन्होंने आग्रह किया कि मेकर्स को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और इस तरह के अपमानजनक टाइटल से बचना चाहिए।

डायरेक्टर नीरज पांडे का सफाई बयान और विवाद का असर

फिल्म के डायरेक्टर नीरज पांडे ने बयान जारी कर कहा कि ‘Ghuskhor Pandit’ एक फिक्शनल कॉप ड्रामा है और ‘पंडित’ नाम केवल काल्पनिक किरदार के लिए रखा गया है। उन्होंने दर्शकों की भावनाओं को समझने का दावा करते हुए कहा कि सभी प्रमोशनल मटेरियल फिलहाल हटा दिए गए हैं। उनका मानना है कि फिल्म को पूरी तरह देख कर ही समझा जाना चाहिए न कि केवल टाइटल देखकर। हालांकि विवाद ने फिल्म की रिलीज़ और प्रचार पर असर डाला है। मेकर्स ने विवाद को शांत करने के लिए कदम उठाए हैं लेकिन यह मामला OTT कंटेंट की संवेदनशीलता और सीमाओं पर लंबी बहस को जन्म दे चुका है।

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