
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है मनोज जरांगे पाटिल ने दावा किया है कि मराठा आंदोलन को रोकने और उन्हें चुप कराने के लिए 500 करोड़ रुपये देने की बात हुई थी उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है
गुरुवार को जालना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जरांगे ने एक कथित ऑडियो क्लिप भी सुनाई उनका दावा है कि इसमें उनके खिलाफ साजिश रचने और आंदोलन को कमजोर करने की बातचीत है उन्होंने आरोप लगाया कि इस बातचीत में शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए 500 करोड़ रुपये देने का जिक्र किया गया है हालांकि इस ऑडियो की सच्चाई की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है
जरांगे का कहना है कि पिछले तीन साल से उनके खिलाफ साजिश की जा रही है उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द जांच शुरू नहीं हुई तो वह अगले एक या दो महीने में और ऑडियो क्लिप सामने ला सकते हैं उनका कहना है कि मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए ताकि लोगों को पता चले कि आखिर पूरा मामला क्या है
वहीं भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि अगर जरांगे के पास ठोस सबूत हैं तो उन्हें मीडिया में बयान देने के बजाय आधिकारिक शिकायत दर्ज करानी चाहिए उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिकायत मिलने पर जांच कराई जा सकती है
इस बीच शिवसेना के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है दूसरी तरफ महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी से जांच कराने और कथित मामले में नाम आए लोगों से पूछताछ की मांग की है
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने न तो किसी को 500 करोड़ रुपये दिए हैं और न ही किसी से लिए हैं उन्होंने जरांगे से सबूत जांच एजेंसी को सौंपने की बात कही है
फिलहाल मनोज जरांगे के इन आरोपों की पुष्टि होना बाकी है अब सबकी नजर इस बात पर है कि आधिकारिक शिकायत दर्ज होती है या नहीं और कथित ऑडियो की जांच में क्या सामने आता है
