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Stock Market News India: IndiGo की Sensex में एंट्री से बाज़ार में तूफ़ान? December में बड़ा झटका या ज़बरदस्त रैली!
Stock Market News India: भारतीय शेयर बाजार में दिसंबर का महीना इंडिगो एयरलाइंस के लिए बेहद अहम होने वाला है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो (InterGlobe Aviation) को 30-शेयर वाले बीएसई सेंसेक्स इंडेक्स में शामिल किया जा रहा है। यह बदलाव 22 दिसंबर से लागू होगा। इसके साथ ही टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल लिमिटेड को सेंसेक्स से बाहर किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह फैसला BSE Index Services Private Limited ने अपने नियमित इंडेक्स रीस्ट्रक्चरिंग के तहत लिया है, जो तय तारीख से प्रभावी हो जाएगा। इंडेक्स में यह बदलाव निवेशकों और संस्थागत फंड मैनेजर्स दोनों के लिए महत्वपूर्ण संकेत लेकर आता है।
इंडेक्स में बड़े फेरबदल—कौन आया, कौन गया
सेंसेक्स में इंडिगो की एंट्री के अलावा कई अन्य इंडेक्स में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। बीएसई 100 इंडेक्स में IDFC First Bank Limited को शामिल किया गया है, जबकि Adani Green Energy Limited को बाहर निकाल दिया गया है। वहीं, मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट लिमिटेड को सेंसेक्स 50 में जोड़ा गया है, और इंडसइंड बैंक को इस सूची से हटा दिया गया है। इसके अतिरिक्त, इंडसइंड बैंक और IDFC First Bank को BSE Sensex Next 50 में शामिल किया गया है, जबकि मैक्स हेल्थकेयर और अदाणी ग्रीन एनर्जी को इस लिस्ट से बाहर किया गया है। यह सभी बदलाव कंपनियों के मार्केट कैप, तरलता और फाइनेंशियल परफॉर्मेंस के आधार पर तय किए जाते हैं।

इंडिगो के शेयरों में उछाल—निवेशक हुए उत्साहित
बीते शुक्रवार, 21 नवंबर को इंडिगो के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली। बीएसई पर इंटरग्लोब एविएशन के शेयर 0.92% की बढ़त के साथ ₹53.40 उछलकर ₹5840.25 पर बंद हुए। दिन के दौरान शेयरों ने ₹5871.65 का ऊपरी स्तर भी छुआ, जबकि दिन का निचला स्तर ₹5757.00 रहा। कंपनी का 52-सप्ताह का उच्च स्तर ₹6225.05 है। एनएसई पर भी कंपनी के शेयरों में 0.86% की बढ़त दर्ज की गई और शेयर ₹5835.00 पर बंद हुए। इंडेक्स में शामिल होने की खबर के बाद शेयरों में खरीदारी के रुझान ने निवेशकों को उत्साहित किया है, क्योंकि सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में आमतौर पर घरेलू और विदेशी दोनों तरह के फंड्स की मांग बढ़ जाती है।
निवेशकों पर असर—आगे क्या?
सेंसेक्स में किसी भी कंपनी का शामिल होना काफी बड़ा कदम माना जाता है। इंडिगो के शामिल होने के बाद अब कई बड़े फंड्स और ETFs को अपने पोर्टफोलियो में इस स्टॉक को शामिल करना पड़ेगा, जिससे आगे भी शेयर में खरीदारी बढ़ सकती है। वहीं, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और अदाणी ग्रीन जैसी कंपनियों के बाहर होने से उन पर दबाव देखने को मिल सकता है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि दिसंबर का ट्रेडिंग महीना इंडिगो के शेयरों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अगर बाजार में स्थिरता बनी रहती है, तो इंडिगो के शेयर नए स्तरों को छू सकते हैं। कुल मिलाकर, यह इंडेक्स रिबैलेंसिंग भारतीय शेयर बाजार में नए रुझान लेकर आएगी और निवेशकों की रणनीति पर भी असर डालेगी।
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India’s GDP Growth: IMF रिपोर्ट में बताया गया भारत का आर्थिक सीक्रेट—6.6% GDP ग्रोथ के पीछे है ये कारण
India’s GDP Growth: भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है, और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। IMF की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि हाल ही में लागू किए गए GST सुधारों से भारत को अमेरिका द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत उच्च टैरिफ के प्रभाव को कम करने में मदद मिलेगी। रिपोर्ट के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था निरंतर मजबूती के साथ प्रदर्शन कर रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर के बाद, FY 2025-26 की पहली तिमाही में वास्तविक जीडीपी 7.8 प्रतिशत बढ़ी है।
आर्थिक वृद्धि को बनाए रखने की क्षमता
IMF का मानना है कि भारत का भविष्य में विकसित अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य व्यापक संरचनात्मक सुधारों से मजबूत किया जा सकता है। ऐसे सुधार लंबी अवधि में उच्च वृद्धि की राह प्रशस्त करेंगे। IMF ने यह भी कहा कि बाहरी चुनौतियों के बावजूद, घरेलू आर्थिक परिस्थितियाँ अनुकूल बनी हुई हैं, जो मजबूत आर्थिक वृद्धि का समर्थन करेंगी। इसके अलावा, यदि अमेरिकी 50 प्रतिशत टैरिफ लंबे समय तक लागू रहता है, तब भी वित्तीय वर्ष 2025-26 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि 6.6 प्रतिशत रह सकती है। हालांकि, वित्तीय वर्ष 2026-27 में यह दर 6.2 प्रतिशत तक गिर सकती है।
GST सुधारों का सकारात्मक प्रभाव
IMF का मानना है कि GST सुधार और टैरिफ दरों में कमी से अमेरिकी टैरिफ के नकारात्मक प्रभाव को कम करने में मदद मिलेगी। अमेरिका ने भारत पर कई वस्तुओं और सेवाओं पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जिसमें रूस से आयातित ऊर्जा पर 25 प्रतिशत शुल्क भी शामिल है। इस तरह के सुधारों से भारतीय उद्योगों और व्यापारियों को राहत मिलेगी, जिससे निर्यात, घरेलू उत्पादन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। GST सुधारों के माध्यम से व्यवसायिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निवेश का बढ़ावा मिलेगा।
भविष्य के जोखिम और अवसर
IMF ने चेतावनी दी है कि निकट भविष्य में भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने कुछ जोखिम बने हुए हैं। सकारात्मक पहलू के तौर पर, नए व्यापार समझौतों का कार्यान्वयन निर्यात, निजी निवेश और रोजगार में वृद्धि ला सकता है। साथ ही, संरचनात्मक सुधारों का तेज़ी से कार्यान्वयन आर्थिक वृद्धि को और मजबूती देगा। नकारात्मक पक्ष में, वैश्विक आर्थिक व्यवधानों के बढ़ने से वित्तीय परिस्थितियाँ सख्त हो सकती हैं, कच्चे माल की कीमतें बढ़ सकती हैं, और विदेशी निवेश, व्यापार तथा जीडीपी वृद्धि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
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