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Silver Price Crash: ऐतिहासिक ऊंचाई से ₹1,90,000 तक गिरा चांदी का भाव, निवेशकों में हड़कंप

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Silver Price Crash: ऐतिहासिक ऊंचाई से ₹1,90,000 तक गिरा चांदी का भाव, निवेशकों में हड़कंप

Silver Price Crash: पिछले सात दिनों में चांदी के दामों में जबरदस्त गिरावट आई है। मेटल एक्सचेंज MCX के अनुसार, 29 जनवरी को चांदी ने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर ₹4,20,000 प्रति किलोग्राम को छू लिया था। लेकिन अगले दिन से ही चांदी के दामों में तेज गिरावट देखने को मिली, जो तीन लगातार दिनों तक जारी रही। हालांकि बीच में दो ट्रेडिंग सेशंस में थोड़ी बढ़ोतरी हुई, लेकिन 5 फरवरी से फिर से गिरावट शुरू हो गई जो आज 6 फरवरी तक जारी है। शुक्रवार दोपहर 2 बजे चांदी का भाव ₹2,29,187 तक गिर गया, जो पिछले सात ट्रेडिंग सेशंस में सबसे निचला स्तर था। इस दौरान चांदी के दाम अपने उच्चतम स्तर से करीब ₹1,90,000 तक सस्ते हो गए।

IBJA के अनुसार चांदी के दामों में भारी गिरावट

इंडिया बुलियन और ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार आज दोपहर 12 बजे चांदी का भाव ₹2,41,184 प्रति किलोग्राम था। यह पिछले दिन के मुकाबले ₹11,048 की बड़ी गिरावट है। वहीं, अगर जनवरी 29 को IBJA के अनुसार चांदी के दाम ₹3,79,988 थे, तो आज के भाव से पता चलता है कि करीब ₹1,38,800 की भारी कमी आई है। इस गिरावट ने निवेशकों, ज्वैलर्स और होलसेल मार्केट के लोगों के बीच सतर्कता बढ़ा दी है। इस तेजी से गिरते भाव के कारण बाजार में बेचैनी का माहौल है और खरीदारी में भी सुस्ती देखी जा रही है।

Silver Price Crash: ऐतिहासिक ऊंचाई से ₹1,90,000 तक गिरा चांदी का भाव, निवेशकों में हड़कंप

चांदी के भाव में और गिरावट की संभावना, Lunar New Year का असर

Kedia Advisory के निदेशक अजय केडिया का मानना है कि चांदी के दामों की गिरावट अभी समाप्त नहीं हुई है। उनका कहना है कि चीन में 17 फरवरी से शुरू हो रहे लूनर न्यू ईयर के कारण चांदी की मांग में और कमी आ सकती है। यह त्योहार करीब 25 फरवरी तक चलता है, जिसके दौरान चीन के बाजार और फैक्ट्री बंद रहते हैं। चूंकि चीन विश्व की सबसे बड़ी कमोडिटी उपभोक्ता है, इसलिए वहां मांग में कमी का असर वैश्विक चांदी के दामों पर भी पड़ता है। केडिया ने अनुमान जताया है कि अगर यह ट्रेंड जारी रहा तो चांदी के दाम ₹2,00,000 के नीचे भी आ सकते हैं।

चांदी के गिरते दामों से बाजार में अस्थिरता, खरीददार हुए सतर्क

चांदी के इतने लंबे समय के बाद इतने सस्ते होने से बाजार में ट्रेडिंग और खरीदारी दोनों प्रभावित हुई हैं। निवेशक और व्यापारी दोनों ही अभी खरीदारी में सावधानी बरत रहे हैं क्योंकि भाव में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। ज्वैलर्स भी अधिक स्टॉक नहीं कर रहे हैं, जिससे मांग और सप्लाई दोनों पर असर पड़ रहा है। अगर चांदी के दाम और नीचे गिरे तो यह बाजार के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो चांदी में निवेश या व्यापार करते हैं। फिलहाल सभी की निगाहें अगले कुछ हफ्तों के आर्थिक और बाजार के रुख पर टिकी हैं।

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अब PNG में स्विच न करने पर घरों को तीन महीने में LPG सप्लाई बंद कर दिया जाएगा

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अब PNG में स्विच न करने पर घरों को तीन महीने में LPG सप्लाई बंद कर दिया जाएगा

सरकार ने नए आदेश के तहत स्पष्ट किया है कि जहां पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्टिविटी उपलब्ध है, वहां एलपीजी (LPG) सप्लाई तीन महीने के भीतर बंद कर दी जाएगी यदि उपभोक्ता PNG में स्विच नहीं करते। यह कदम गैस नेटवर्क के विस्तार को तेज करने और ईंधन विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, विश्वभर में वेस्ट एशिया में युद्ध और आपूर्ति बाधाओं के कारण LPG की कमी बनी हुई है। PNG कनेक्शन सीधे घर तक सप्लाई करता है, जिससे सिलेंडर बुक करने की आवश्यकता खत्म हो जाती है और घरेलू ऊर्जा उपयोग में आसानी आती है।

पेट्रोलियम मंत्रालय का आदेश और नियम

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नेचुरल गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण (पाइपलाइन और अन्य सुविधाओं के निर्माण, संचालन और विस्तार) आदेश, 2026 जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि अगर किसी घर ने PNG कनेक्शन नहीं लिया और यह तकनीकी रूप से संभव है, तो तीन महीने के बाद LPG सप्लाई रोक दी जाएगी। तकनीकी रूप से कनेक्शन संभव न होने पर उपभोक्ता को नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी किया जाएगा और LPG सप्लाई जारी रहेगी। आदेश का मकसद पाइपलाइन इन्फ्रास्ट्रक्चर को तेजी से विकसित करना, अनुमोदन प्रक्रिया को सरल बनाना और उपभोक्ताओं को PNG की ओर प्रेरित करना है।

अब PNG में स्विच न करने पर घरों को तीन महीने में LPG सप्लाई बंद कर दिया जाएगा

सरकार का उद्देश्य और ऊर्जा सुरक्षा

सरकार का यह कदम उन क्षेत्रों में LPG आपूर्ति को मुक्त करने के लिए है, जहां PNG कनेक्टिविटी उपलब्ध है। इसका उद्देश्य LPG को उन क्षेत्रों में स्थानांतरित करना है जहां पाइपलाइन नहीं है। साथ ही यह ईंधन विविधीकरण और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने का प्रयास है। तेल सचिव नीरज मित्तल ने कहा, “इस संकट को अवसर में बदला गया है।” अब घरों को PNG कनेक्शन लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और केवल उन घरों को LPG सिलेंडर सप्लाई मिलेगा, जहां PNG कनेक्शन तकनीकी रूप से उपलब्ध नहीं है।

आदेश में समय सीमा और जिम्मेदारियां

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पाइपलाइन इन्फ्रास्ट्रक्चर के रोलआउट के लिए सार्वजनिक प्राधिकरणों को समयबद्ध अनुमति देनी होगी। आवासीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी की अनुमति तीन कार्यदिवसों में और अंतिम मील PNG कनेक्शन 48 घंटे में उपलब्ध कराई जाएगी। पाइपलाइन लगाने में देरी या अनुमति न देने पर अधिकारी नागरिक अदालत के समान शक्तियों के साथ हस्तक्षेप कर सकेंगे। अनुमोदन मिलने के चार महीने के भीतर पाइपलाइन बिछाना अनिवार्य है। PNGRB को इस आदेश के कार्यान्वयन और अनुपालन की निगरानी करने वाला नोडल एजेंसी बनाया गया है।

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गोल्डमैन सैक्स ने भारत की जीडीपी ग्रोथ घटाकर 5.9 प्रतिशत किया, महंगाई बढ़ने का खतरा

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गोल्डमैन सैक्स ने भारत की जीडीपी ग्रोथ घटाकर 5.9 प्रतिशत किया, महंगाई बढ़ने का खतरा

गोल्डमैन सैक्स ने कारोबारी साल 2025-26 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटाकर 5.9 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले बैंक ने 7 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया था। इस गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। बैंक के विश्लेषकों ने कहा कि ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता पैदा कर दी है, जिससे भारत की आर्थिक वृद्धि पर असर पड़ेगा।

तेल की बढ़ती कीमतों और मुद्रा में गिरावट ने बढ़ाई आर्थिक चुनौतियां

गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट के अनुसार ब्रेंट क्रूड की कीमत मार्च में 105 डॉलर और अप्रैल में 115 डॉलर प्रति बैरल रहेगी। इसके अलावा साल की चौथी तिमाही में यह गिरकर 80 डॉलर प्रति बैरल हो जाएगी। विदेशी मुद्रा में बढ़ी लागत और रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर 93-95 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया है। इससे आयात महंगा हुआ है और मुद्रास्फीति बढ़ने की संभावना है। बैंक ने कहा कि 2026 में मुद्रास्फीति 4.6 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जो भारतीय रिजर्व बैंक की स्वीकार्य सीमा के भीतर है।

गोल्डमैन सैक्स ने भारत की जीडीपी ग्रोथ घटाकर 5.9 प्रतिशत किया, महंगाई बढ़ने का खतरा

चालू खाता घाटा और रेपो दर में संभावित बदलाव

गोल्डमैन सैक्स ने कहा कि 2026 में भारत का चालू खाता घाटा GDP का 2 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। अक्टूबर-दिसंबर 2025 में यह 1.3 प्रतिशत था। मुद्रा में गिरावट और तेल की बढ़ी कीमतें आम आदमी और उद्योग दोनों पर दबाव डाल सकती हैं। इस वजह से भारतीय रिजर्व बैंक संभवतः मौद्रिक नीति में बदलाव करेगा और रेपो दर में 50 बेसिस पॉइंट्स की वृद्धि कर सकता है। इससे कर्ज महंगा होगा और महंगाई पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।

आम आदमी पर असर और कंपनियों की रणनीति

महंगाई में वृद्धि से आम आदमी की जेब पर असर पड़ेगा। कच्चे तेल की बढ़ी कीमतें ऑटोमोबाइल, लॉजिस्टिक्स और कई अन्य कंपनियों के मुनाफे को प्रभावित करेंगी। कंपनियां इसे महंगाई के जरिए ग्राहकों पर डाल सकती हैं। पहले अनुमान था कि RBI रेपो दर में कटौती करेगा, लेकिन अब 0.50 प्रतिशत बढ़ोतरी की संभावना है। इससे घरेलू बाजार में वित्तीय रणनीति और निवेश योजनाओं पर भी असर पड़ेगा।

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निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी, R M Drip & Sprinklers का बोनस शेयर ऐलान

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निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी, R M Drip & Sprinklers का बोनस शेयर ऐलान

स्मॉलकैप कंपनी R M Drip & Sprinklers Systems Ltd. ने अपने निवेशकों को बड़ा तोहफा देने का फैसला किया है। कंपनी ने 5:7 के अनुपात में बोनस शेयर देने का ऐलान किया है। इसका मतलब है कि आपके पास मौजूद हर 7 शेयरों पर कंपनी 5 नए शेयर मुफ्त में देगी। निवेशकों के लिए यह खुशखबरी है क्योंकि इससे उनकी होल्डिंग बढ़ जाएगी। हालांकि, बोनस शेयर जारी होने के बाद शेयर की कीमत अनुपातिक रूप से घट जाएगी, लेकिन कुल शेयरों की संख्या में इजाफा होगा।

रिकॉर्ड डेट और अलॉटमेंट की जानकारी

कंपनी ने बोनस शेयर के लिए नई रिकॉर्ड डेट 10 अप्रैल तय की है, जबकि पहले यह 7 अप्रैल थी। इसका अर्थ है कि 10 अप्रैल तक निवेशकों के पास कंपनी के शेयर होने चाहिए ताकि वे बोनस के लिए पात्र बन सकें। बोनस शेयर 13 अप्रैल को अलॉट किए जाएंगे और डीमैट अकाउंट में 27 अप्रैल, 2026 तक आ जाने की उम्मीद है। कंपनी ने इससे पहले सितंबर 2025 में 1:10 के अनुपात में स्टॉक स्पिल्ट किया था, जिससे शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये से घटकर 1 रुपये रह गई थी। यह कदम छोटे निवेशकों के लिए शेयर को अधिक सुलभ बनाने के उद्देश्य से उठाया गया था।

निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी, R M Drip & Sprinklers का बोनस शेयर ऐलान

कंपनी के शेयरों का प्रदर्शन और निवेशकों को लाभ

R M Drip & Sprinklers Systems Ltd. ने बीते कुछ सालों में अपने निवेशकों को मल्टीबैगर रिटर्न देकर आकर्षित किया है। पिछले पांच सालों में स्टॉक ने निवेशकों को 2000 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दिया है। 18 मार्च, 2021 को इसके शेयर की कीमत 1.99 रुपये थी, जबकि 20 मार्च, 2026 को यह 42.85 रुपये पर बंद हुआ। पिछले चार सालों में शेयर 2834 प्रतिशत तक चढ़ गया है। हालांकि, बीते छह महीनों में इसमें 45 प्रतिशत तक की गिरावट भी आई है। यह प्रदर्शन निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर और जोखिम दोनों दिखाता है।

R M Drip & Sprinklers Systems Ltd. की व्यापार गतिविधियां

कंपनी नासिक में स्थित एक पब्लिकली ट्रेडेड मैन्युफैक्चरर है और कृषि क्षेत्र से जुड़ी है। यह माइक्रो-इरिगेशन सॉल्यूशंस जैसे ड्रिप सिस्टम, पाइप और स्प्रिंकलर बनाती है। इसके अलावा कंपनी सिंचाई के लिए फिल्टर सिस्टम, फर्टिलाइजर टैंक, HDPE और PVC पाइप जैसे उत्पाद भी तैयार करती है। इन उत्पादों की बढ़ती मांग और कंपनी की तकनीकी विशेषज्ञता ने निवेशकों के लिए यह शेयर और भी आकर्षक बना दिया है।

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