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Retail tomato prices drop 22.4% on improved supplies: Govt.

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Retail tomato prices drop 22.4% on improved supplies: Govt.
देश का टमाटर उत्पादन 2023-24 में 4% बढ़कर 213.20 लाख टन होने का अनुमान है। फ़ाइल

देश का टमाटर उत्पादन 2023-24 में 4% बढ़कर 213.20 लाख टन होने का अनुमान है। फ़ाइल | फोटो साभार: रॉयटर्स

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने रविवार (17 नवंबर, 2024) को कहा, “देश भर में आपूर्ति में सुधार के कारण टमाटर की खुदरा कीमतों में महीने-दर-महीने 22.4% की गिरावट आई है।”

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, टमाटर की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 14 नवंबर को ₹52.35 प्रति किलोग्राम थी, जो 14 अक्टूबर को ₹67.50 प्रति किलोग्राम थी।

इसी अवधि के दौरान, दिल्ली की आज़ादपुर मंडी में मॉडल थोक कीमतों में लगभग 50% की तेज गिरावट देखी गई, जो कि ₹5,883 प्रति क्विंटल से बढ़कर ₹2,969 प्रति क्विंटल हो गई, जो कि बढ़ी हुई आवक के कारण थी।

मंत्रालय ने कहा, “पिंपलगांव (महाराष्ट्र), मदनपल्ले (आंध्र प्रदेश) और कोलार (कर्नाटक) जैसे प्रमुख बाजारों से समान मूल्य सुधार की सूचना मिली है।”

इसमें कहा गया है, “हालांकि मदनपल्ले और कोलार में प्रमुख टमाटर केंद्रों पर आवक कम हो गई है, लेकिन महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात से मौसमी आपूर्ति के कारण देश भर में आपूर्ति की कमी को पूरा करने के कारण कीमतों में कमी आई है।”

बयान में कहा गया है कि अनुकूल मौसम स्थितियों ने फसल की वृद्धि और खेतों से उपभोक्ताओं तक आपूर्ति श्रृंखला की सुचारू आवाजाही दोनों का समर्थन किया है।

देश का टमाटर उत्पादन 2023-24 में 4% बढ़कर 213.20 लाख टन होने का अनुमान है।

जबकि टमाटर साल भर उगाए जाते हैं, उत्पादन अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम के अनुसार भिन्न होता है। मंत्रालय ने कहा कि फसल की उच्च संवेदनशीलता और खराब होने की प्रकृति के कारण प्रतिकूल मौसम और रसद संबंधी व्यवधान कीमतों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालते हैं।

अक्टूबर 2024 के दौरान कीमतों में बढ़ोतरी का कारण आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में अत्यधिक और लंबे समय तक हुई बारिश थी।

“अक्टूबर और नवंबर प्रमुख उत्पादक राज्यों में मुख्य बुआई का समय है। फसल की कम अवधि की खेती और कई बार फसल लेने के कारण नियमित बाजार उपलब्धता बनी रहती है, ”मंत्रालय ने कहा।

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गोल्डमैन सैक्स ने भारत की जीडीपी ग्रोथ घटाकर 5.9 प्रतिशत किया, महंगाई बढ़ने का खतरा

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गोल्डमैन सैक्स ने भारत की जीडीपी ग्रोथ घटाकर 5.9 प्रतिशत किया, महंगाई बढ़ने का खतरा

गोल्डमैन सैक्स ने कारोबारी साल 2025-26 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटाकर 5.9 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले बैंक ने 7 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया था। इस गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। बैंक के विश्लेषकों ने कहा कि ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता पैदा कर दी है, जिससे भारत की आर्थिक वृद्धि पर असर पड़ेगा।

तेल की बढ़ती कीमतों और मुद्रा में गिरावट ने बढ़ाई आर्थिक चुनौतियां

गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट के अनुसार ब्रेंट क्रूड की कीमत मार्च में 105 डॉलर और अप्रैल में 115 डॉलर प्रति बैरल रहेगी। इसके अलावा साल की चौथी तिमाही में यह गिरकर 80 डॉलर प्रति बैरल हो जाएगी। विदेशी मुद्रा में बढ़ी लागत और रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर 93-95 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया है। इससे आयात महंगा हुआ है और मुद्रास्फीति बढ़ने की संभावना है। बैंक ने कहा कि 2026 में मुद्रास्फीति 4.6 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जो भारतीय रिजर्व बैंक की स्वीकार्य सीमा के भीतर है।

गोल्डमैन सैक्स ने भारत की जीडीपी ग्रोथ घटाकर 5.9 प्रतिशत किया, महंगाई बढ़ने का खतरा

चालू खाता घाटा और रेपो दर में संभावित बदलाव

गोल्डमैन सैक्स ने कहा कि 2026 में भारत का चालू खाता घाटा GDP का 2 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। अक्टूबर-दिसंबर 2025 में यह 1.3 प्रतिशत था। मुद्रा में गिरावट और तेल की बढ़ी कीमतें आम आदमी और उद्योग दोनों पर दबाव डाल सकती हैं। इस वजह से भारतीय रिजर्व बैंक संभवतः मौद्रिक नीति में बदलाव करेगा और रेपो दर में 50 बेसिस पॉइंट्स की वृद्धि कर सकता है। इससे कर्ज महंगा होगा और महंगाई पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।

आम आदमी पर असर और कंपनियों की रणनीति

महंगाई में वृद्धि से आम आदमी की जेब पर असर पड़ेगा। कच्चे तेल की बढ़ी कीमतें ऑटोमोबाइल, लॉजिस्टिक्स और कई अन्य कंपनियों के मुनाफे को प्रभावित करेंगी। कंपनियां इसे महंगाई के जरिए ग्राहकों पर डाल सकती हैं। पहले अनुमान था कि RBI रेपो दर में कटौती करेगा, लेकिन अब 0.50 प्रतिशत बढ़ोतरी की संभावना है। इससे घरेलू बाजार में वित्तीय रणनीति और निवेश योजनाओं पर भी असर पड़ेगा।

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निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी, R M Drip & Sprinklers का बोनस शेयर ऐलान

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निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी, R M Drip & Sprinklers का बोनस शेयर ऐलान

स्मॉलकैप कंपनी R M Drip & Sprinklers Systems Ltd. ने अपने निवेशकों को बड़ा तोहफा देने का फैसला किया है। कंपनी ने 5:7 के अनुपात में बोनस शेयर देने का ऐलान किया है। इसका मतलब है कि आपके पास मौजूद हर 7 शेयरों पर कंपनी 5 नए शेयर मुफ्त में देगी। निवेशकों के लिए यह खुशखबरी है क्योंकि इससे उनकी होल्डिंग बढ़ जाएगी। हालांकि, बोनस शेयर जारी होने के बाद शेयर की कीमत अनुपातिक रूप से घट जाएगी, लेकिन कुल शेयरों की संख्या में इजाफा होगा।

रिकॉर्ड डेट और अलॉटमेंट की जानकारी

कंपनी ने बोनस शेयर के लिए नई रिकॉर्ड डेट 10 अप्रैल तय की है, जबकि पहले यह 7 अप्रैल थी। इसका अर्थ है कि 10 अप्रैल तक निवेशकों के पास कंपनी के शेयर होने चाहिए ताकि वे बोनस के लिए पात्र बन सकें। बोनस शेयर 13 अप्रैल को अलॉट किए जाएंगे और डीमैट अकाउंट में 27 अप्रैल, 2026 तक आ जाने की उम्मीद है। कंपनी ने इससे पहले सितंबर 2025 में 1:10 के अनुपात में स्टॉक स्पिल्ट किया था, जिससे शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये से घटकर 1 रुपये रह गई थी। यह कदम छोटे निवेशकों के लिए शेयर को अधिक सुलभ बनाने के उद्देश्य से उठाया गया था।

निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी, R M Drip & Sprinklers का बोनस शेयर ऐलान

कंपनी के शेयरों का प्रदर्शन और निवेशकों को लाभ

R M Drip & Sprinklers Systems Ltd. ने बीते कुछ सालों में अपने निवेशकों को मल्टीबैगर रिटर्न देकर आकर्षित किया है। पिछले पांच सालों में स्टॉक ने निवेशकों को 2000 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दिया है। 18 मार्च, 2021 को इसके शेयर की कीमत 1.99 रुपये थी, जबकि 20 मार्च, 2026 को यह 42.85 रुपये पर बंद हुआ। पिछले चार सालों में शेयर 2834 प्रतिशत तक चढ़ गया है। हालांकि, बीते छह महीनों में इसमें 45 प्रतिशत तक की गिरावट भी आई है। यह प्रदर्शन निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर और जोखिम दोनों दिखाता है।

R M Drip & Sprinklers Systems Ltd. की व्यापार गतिविधियां

कंपनी नासिक में स्थित एक पब्लिकली ट्रेडेड मैन्युफैक्चरर है और कृषि क्षेत्र से जुड़ी है। यह माइक्रो-इरिगेशन सॉल्यूशंस जैसे ड्रिप सिस्टम, पाइप और स्प्रिंकलर बनाती है। इसके अलावा कंपनी सिंचाई के लिए फिल्टर सिस्टम, फर्टिलाइजर टैंक, HDPE और PVC पाइप जैसे उत्पाद भी तैयार करती है। इन उत्पादों की बढ़ती मांग और कंपनी की तकनीकी विशेषज्ञता ने निवेशकों के लिए यह शेयर और भी आकर्षक बना दिया है।

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Zomato ने बढ़ाई प्लेटफॉर्म फीस, हर ऑर्डर पर यूजर्स को ज्यादा पैसा चुकाना पड़ेगा

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Zomato ने बढ़ाई प्लेटफॉर्म फीस, हर ऑर्डर पर यूजर्स को ज्यादा पैसा चुकाना पड़ेगा

फ़ूड डिलीवरी प्लेटफ़ॉर्म Zomato ने यूजर्स के लिए बड़ी खबर दी है। कंपनी ने प्लेटफ़ॉर्म फीस में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। अब हर ऑर्डर पर यूजर्स को पहले से ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। इस नई व्यवस्था के तहत प्लेटफ़ॉर्म फीस में ₹2.40 की वृद्धि की गई है। इसका मतलब यह हुआ कि चाहे आप दिन में एक बार खाना ऑर्डर करें या दस बार, हर बार आपको अतिरिक्त चार्ज देना होगा।

पुराने और नए शुल्क का अंतर

GST लागू होने से पहले हर ऑर्डर के लिए 12.50 रुपए प्लेटफ़ॉर्म फीस ली जाती थी। अब इसे बढ़ाकर 14.90 रुपए कर दिया गया है। इससे पहले सितंबर 2025 में भी इस फीस में बढ़ोतरी की गई थी। ध्यान देने वाली बात है कि कॉम्पिटिटर Swiggy पहले से ही हर ऑर्डर पर 14.99 रुपए चार्ज कर रही है। Zomato और Swiggy दोनों ही फूड डिलीवरी प्लेटफ़ॉर्म एक जैसे प्राइसिंग ट्रेंड को फॉलो कर रहे हैं।

Zomato ने बढ़ाई प्लेटफॉर्म फीस, हर ऑर्डर पर यूजर्स को ज्यादा पैसा चुकाना पड़ेगा

फूड डिलीवरी मार्केट में नए प्रतियोगी Rapido

इसी बीच, अर्बन मोबिलिटी स्टार्टअप Rapido ने भी फूड डिलीवरी बिज़नेस में कदम रखा है। कंपनी ने बेंगलुरु में अपनी नई सर्विस, ‘Only’ लॉन्च की है। Rapido ने साफ कहा है कि डिलीवरी फीस के अलावा कोई भी अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाएगा। इस कदम से मौजूदा प्लेटफ़ॉर्म्स पर दबाव बढ़ सकता है। खासकर तब जब यूजर्स पहले से ही ऑर्डर में बढ़ती फीस और चार्ज से चिंतित हैं।

यूजर्स और रेस्टोरेंट्स पर असर

प्लेटफ़ॉर्म फीस में यह बढ़ोतरी कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच हुई है। बढ़ते फ्यूल प्राइस डिलीवरी ऑपरेशन पर असर डाल सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े रेस्टोरेंट और डिलीवरी पार्टनर्स दोनों को चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। यूजर्स के लिए इसका मतलब है कि हर ऑर्डर अब महंगा पड़ेगा। बढ़ती कॉम्पिटिशन और नए प्लेटफ़ॉर्म के आने से फूड डिलीवरी सेक्टर में बदलाव देखने को मिल रहे हैं।

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