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Punit Goenka resigns as Managing Director of ZEE, appointed as CEO

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Punit Goenka resigns as Managing Director of ZEE, appointed as CEO
पुनित गोयनका, ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड के एमडी और सीईओ। फ़ाइल

पुनित गोयनका, ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड के एमडी और सीईओ। फ़ाइल

पुनित गोयनका ने ज़ी एंटरटेनमेंट के प्रबंध निदेशक के पद से इस्तीफा दे दिया है और उन्हें कंपनी के बोर्ड द्वारा सौंपी गई परिचालन जिम्मेदारियों पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित करने के लिए सीईओ के रूप में नियुक्त किया गया है।

ज़ी एंटरटेनमेंट ने एक नियामक अपडेट में कहा, “बोर्ड ने कंपनी के प्रबंध निदेशक पद से पुनित गोयनका का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और उन्हें सीईओ नियुक्त किया है।”

इसमें कहा गया है, “ज़ी एंटरटेनमेंट के मुख्य वित्तीय अधिकारी मुकुंद गलगली, कंपनी के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी की भूमिका निभाएंगे।”

एमडी के रूप में श्री गोयनका का इस्तीफा 18 नवंबर, 2024 को व्यावसायिक घंटों की समाप्ति से प्रभावी था और उन्हें उसी दिन सीईओ के रूप में नियुक्त किया गया था।

यह परिवर्तन श्री गोयनका के लिए मौजूदा पूर्णकालिक रोजगार की तरह होगा; हालाँकि, उनके वेतन का परिवर्तनीय हिस्सा (40%) उन्हें केवल कुछ मील के पत्थर हासिल करने पर ही भुगतान किया जाएगा, जो कि बोर्ड द्वारा परिभाषित अधिकतम सीमा के अधीन होगा, बयान के अनुसार।

ZEE ने कहा: “इस कदम के साथ, वह 15 नवंबर, 2024 की बैठक में बोर्ड/नामांकन और पारिश्रमिक समिति द्वारा दिए गए निर्देश के अनुरूप अपने प्रदर्शन और लाभप्रदता के स्तर को बढ़ाकर कंपनी के भविष्य के लिए अपना समय पूरी तरह से समर्पित करने का इरादा रखता है। ।”

बोर्ड ने कहा कि उसे कंपनी को उच्च विकास पथ पर ले जाने और लक्ष्य हासिल करने में श्री गोयनका की क्षमताओं पर पूरा भरोसा है।

“कंपनी मजबूत स्थिति में है और अपने भविष्य के लिए एक मजबूत नींव बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि हम अपनी लक्षित आकांक्षाओं को प्राप्त करने पर तीव्र फोकस बनाए रखें, मुख्य व्यवसायों को समर्पित समय और ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जिसे केवल परिचालन क्षमता में ही हासिल किया जा सकता है।

मीडिया दिग्गज सुभाष चंद्रा के बेटे पुनीत गोयनका के हवाले से बयान में कहा गया है, “कंपनी और उसके सभी हितधारकों के दीर्घकालिक हित में, मैंने सीईओ के रूप में परिचालन फोकस हासिल करने के अनुरोध के साथ बोर्ड से संपर्क किया है।”

18 अक्टूबर को, ZEEL के बोर्ड ने श्री गोयनका की पांच साल की अवधि के लिए पुनर्नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जो 1 जनवरी, 2025 से 31 दिसंबर, 2029 तक प्रभावी होगा।

हालाँकि, श्री गोयनका की पुनः नियुक्ति ज़ी एंटरटेनमेंट की आगामी वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन थी, जो 28 नवंबर को होने वाली है।

कंपनी द्वारा एक नियामक फाइलिंग के अनुसार, पिछले हफ्ते, कंपनी बोर्ड ने अपने एमडी और सीईओ पुनित गोयनका की पुनर्नियुक्ति के लिए उनके प्रदर्शन लक्ष्यों को बढ़ाया।

शुक्रवार (15 नवंबर, 2024) को हुई अपनी बैठक में, ZEEL के बोर्ड ने “पुनीत गोयनका के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए उच्च लक्ष्यों पर विचार किया और मंजूरी दी, जिसमें अगले 4 तिमाहियों (Q3 FY25 से शुरू) के लिए त्रैमासिक समेकित राजस्व दृष्टिकोण शामिल है।” अगली 4 तिमाहियों (वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही से शुरू) के लिए त्रैमासिक समेकित EBITDA दृष्टिकोण, और कंपनी के शेयरधारकों को लाभांश के रूप में समेकित शुद्ध लाभ का 25% का भुगतान।

इसमें कहा गया है कि अब बोर्ड नए लक्ष्यों के आधार पर श्री गोयनका के प्रदर्शन पर नज़र रखेगा।

18 अक्टूबर को, ZEEL ने अपने सितंबर तिमाही के नतीजे घोषित किए, जिसमें उसका समेकित शुद्ध लाभ 70.24% बढ़कर ₹209.4 करोड़ हो गया।

हालाँकि, समीक्षाधीन तिमाही के दौरान इसकी कुल आय 18.93% घटकर ₹2,034.4 करोड़ रह गई।

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निवेशकों की नजर वैश्विक तेल बाजार पर, कीमतें $76 से $81 प्रति बैरल तक जा सकती हैं

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निवेशकों की नजर वैश्विक तेल बाजार पर, कीमतें $76 से $81 प्रति बैरल तक जा सकती हैं

28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के कई संवेदनशील ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की। इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei की मौत हुई। इस घटना ने पहले से तनावपूर्ण पश्चिम एशिया की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इस क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने के कारण वैश्विक तेल बाजार में गतिविधियां तेज हो गई हैं और निवेशक तेल की कीमतों पर गहरी नजर बनाए हुए हैं। विशेष रूप से तेल आयातक देशों जैसे भारत पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।

ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद किया, सप्लाई में होगी कमी

ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जारी विवाद के बीच ईरानी सरकार ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा की है। यह मार्ग बंद होने से कच्चे तेल की सप्लाई में कमी आएगी। दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल इसी मार्ग से गुजरता है। इस कारण से सप्लाई में रुकावट होने पर तेल की कीमतों में और तेजी आने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ेगी और भावों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है।

निवेशकों की नजर वैश्विक तेल बाजार पर, कीमतें $76 से $81 प्रति बैरल तक जा सकती हैं

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, निवेशकों की नजर

तेल बाजार में हाल ही में अस्थिरता के बीच कीमतों ने तेजी दिखाई है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, IG Group के रिटेल ट्रेडिंग प्रोडक्ट में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) की कीमत $75.33 प्रति बैरल तक पहुंच गई। यह शुक्रवार की बंद कीमत से लगभग 12 प्रतिशत अधिक है। अन्य मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमत $76 से $81 प्रति बैरल तक पहुँच सकती है। निवेशक और तेल कंपनियां लगातार बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व और वैश्विक असर

हॉर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच स्थित है और यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है। इसे विश्व के प्रमुख ऊर्जा मार्गों में से एक माना जाता है। कतर, जो दुनिया का सबसे बड़ा LPG निर्यातक है, अपने लगभग सभी LPG का निर्यात इसी मार्ग के माध्यम से करता है। इसलिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक तेल और गैस बाजार में अस्थिरता बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सप्लाई और बाधित हुई तो कच्चे तेल की कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है।

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NHAI ने देश का पहला हाईवे बनाया जहाँ रात में चमकती हैं लाल चेतावनी पट्टियां

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NHAI ने देश का पहला हाईवे बनाया जहाँ रात में चमकती हैं लाल चेतावनी पट्टियां

मध्य प्रदेश के जबलपुर-भोपाल हाईवे (NH-45) पर यात्रियों को इन दिनों एक अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने देश में पहली बार सड़क पर चमकदार लाल टेबल-टॉप मार्किंग्स बिछाई हैं। यह तकनीक न केवल देखने में अलग है, बल्कि इसके पीछे सुरक्षा और वैज्ञानिक कारण भी हैं। हाईवे का यह हिस्सा वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के घने जंगलों से होकर गुजरता है, जहां जंगली जानवर अक्सर तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आते थे। NHAI की यह पहल इन हादसों को रोकने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए की गई है।

ब्राइट रेड तकनीक कैसे करती है ड्राइवर को सतर्क

यह सिर्फ रंग का प्रयोग नहीं है। लाल पट्टियों को सड़क की सतह पर उभार कर बनाया गया है। जैसे ही कोई वाहन इन लाल पट्टियों के ऊपर से गुजरता है, टायर और सड़क के घर्षण से गाड़ी में कंपन और आवाज पैदा होती है। इससे ड्राइवर तुरंत सतर्क हो जाता है और ब्रेक लगाने की प्रतिक्रिया स्वाभाविक रूप से होती है। लाल रंग का मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी काम करता है, क्योंकि लाल रंग को खतरे का संकेत माना जाता है। इससे ड्राइवर को पहले ही चेतावनी मिल जाती है कि वह एनिमल क्रॉसिंग जोन में प्रवेश कर रहा है।

NHAI ने देश का पहला हाईवे बनाया जहाँ रात में चमकती हैं लाल चेतावनी पट्टियां

रात में सुरक्षा कवच का काम करेगी यह तकनीक

हाईवे पर ज्यादातर सड़क हादसे रात के समय होते हैं, जब विजिबिलिटी कम होती है। घने जंगलों के बीच जंगली जानवर अचानक सड़क पार कर लेते हैं। इन लाल टेबल-टॉप मार्किंग्स की खासियत यह है कि रात के वक्त हेडलाइट की रोशनी में ये चमकती हैं, जिससे ड्राइवर को काफी पहले पता चल जाता है कि आगे एनिमल क्रॉसिंग है। इसका परिणाम यह होता है कि वाहन धीमी गति से गुजरते हैं और जंगली जानवर सुरक्षित होकर सड़क पार कर पाते हैं। इस पहल से ड्राइवर और जानवर दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

वन्यजीवों और इंसानों दोनों के लिए फायदेमंद

NHAI की यह पहल इको-फ्रेंडली इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे बाघ, तेंदुए, हिरण और अन्य दुर्लभ जानवर सुरक्षित रहेंगे। साथ ही, सड़क पर जानवरों से टकराने के कारण होने वाले हादसों में इंसानी जान भी बचाई जा सकेगी। यह तकनीक न केवल हाईवे की सुरक्षा बढ़ाती है, बल्कि पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के प्रति समाज को भी जागरूक करती है। इसे भारत में सड़क सुरक्षा और वन्यजीव सुरक्षा के क्षेत्र में एक मिसाल माना जा रहा है।

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भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को 6.3 लाख करोड़ की संपत्ति डूबने की खबर

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भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को 6.3 लाख करोड़ की संपत्ति डूबने की खबर

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को भारी उथल-पुथल देखने को मिली। BSE सेंसेक्स दोपहर के कारोबार में 1,300 अंकों से अधिक लुढ़क गया। आईटी और ऑटो सेक्टर में तेज बिकवाली ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया। इस गिरावट के चलते करीब 6.3 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति बाजार से साफ हो गई। बाजार पूंजीकरण भी गिरकर लगभग 462 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि आईटी और ऑटो शेयरों की बिकवाली, वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत और निवेशकों की सतर्कता ने बाजार पर दबाव बढ़ाया है।

आईटी और ऑटो सेक्टर में दबाव

आईटी सेक्टर के शेयरों में आज खासा दबाव देखने को मिला। अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक द्वारा अपने क्लॉड कोड टूल के दावे के बाद निवेशकों में आईटी कंपनियों के बिजनेस मॉडल को लेकर अनिश्चितता बढ़ी। इस वजह से कारोबारी दिन की शुरुआत में ही आईटी इंडेक्स लगभग 3 प्रतिशत तक फिसल गया। ऑटो सेक्टर में भी बिकवाली तेज रही। निवेशक वैश्विक मंदी और नए टेक्नोलॉजी निवेश के असर से सतर्क दिखाई दिए। इस प्रकार दोनों प्रमुख सेक्टरों की कमजोरी ने बाजार में डर और बेचैनी पैदा की।

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को 6.3 लाख करोड़ की संपत्ति डूबने की खबर

वैश्विक संकेत और रुपया की कमजोरी

वैश्विक बाजार से मिले संकेत भी भारतीय शेयर बाजार पर दबाव डाल रहे हैं। अमेरिकी वॉल स्ट्रीट में बीते दिन जोरदार गिरावट देखने को मिली। एशिया के ज्यादातर बाजार भी सुस्त थे। इसके अलावा अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने और ट्रंप के 15 प्रतिशत टैरिफ वाले बयान ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ाई। भारतीय रुपए की स्थिति भी पस्त रही। शुरुआती कारोबार में रुपया 7 पैसे की गिरावट के साथ 90.96 प्रति डॉलर पर ट्रेड करता दिखा। हालांकि, विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने इसे और अधिक गिरने से रोका।

कच्चे तेल की तेजी और निवेशकों की सतर्कता

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड करीब 1 प्रतिशत चढ़कर 72.13 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। तेल महंगा होने से आयात-निर्भर देशों जैसे भारत पर व्यापार घाटा और महंगाई बढ़ने का दबाव पैदा होता है। इसके चलते निवेशक और अधिक सतर्क हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सत्रों में वैश्विक संकेत और संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी।

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