टेक्नॉलॉजी
PM Modi ने किया IMC 2025 का उद्घाटन, भारत की टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप्स का भविष्य उज्जवल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशिया के सबसे बड़े तकनीकी कार्यक्रम, इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2025 (IMC 2025) का उद्घाटन किया। इस विशेष संस्करण में प्रधानमंत्री ने कहा कि कई स्टार्टअप्स ने महत्वपूर्ण विषयों पर प्रस्तुति दी है, जिससे उनके विश्वास को और मजबूती मिली कि तकनीक का भविष्य सक्षम हाथों में है। अब यह आयोजन सिर्फ मोबाइल और टेलीकॉम तक सीमित नहीं है, बल्कि एशिया का सबसे बड़ा डिजिटल टेक्नोलॉजी फोरम बन गया है।
तकनीकी प्रगति और “Make in India”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब उन्होंने “Make in India” की बात की थी, तो कुछ लोगों ने इसका मजाक उड़ाया। उन्होंने यह भी बताया कि पहले भारत में नई तकनीकें पहुँचने में दशकों लग जाते थे। लेकिन अब, जो देश कभी 2G के साथ संघर्ष कर रहा था, वह लगभग हर जिले में 5G की सुविधा प्रदान कर रहा है। इस बदलाव से साफ होता है कि भारत ने तकनीकी क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है।
Addressing the India Mobile Congress 2025 in New Delhi. https://t.co/rT6luJNfaD
— Narendra Modi (@narendramodi) October 8, 2025
IMC 2025 का थीम और मुख्य विषय
इस वर्ष IMC 2025 का थीम “Innovate to Transform” है। यह आयोजन 8 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक यशोभूमि इंटरनेशनल कॉन्क्लेव सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। इस साल कार्यक्रम में 6G, सैटकॉम, क्वांटम कम्युनिकेशन, साइबर सुरक्षा, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, स्मार्ट मोबिलिटी और Industry 4.0 जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी।
वैश्विक सहभागिता और प्रदर्शनी
इस कार्यक्रम में 400 से अधिक कंपनियां भाग लेंगी, 7,000 से अधिक वैश्विक प्रतिनिधि और 150,000 से अधिक आगंतुक 150 देशों से आएंगे। यूके, जापान, कनाडा, ऑस्ट्रिया और अन्य देशों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। यह आयोजन भारत की वैश्विक तकनीकी भागीदारी को मजबूत करने में मदद करेगा और नए तकनीकी सहयोग के अवसर पैदा करेगा।
SATCOM और ग्रामीण कनेक्टिविटी
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि भारतीय सरकार ने तीन SATCOM लाइसेंस जारी किए हैं। IMC 2025 में SATCOM समिट के दौरान उपग्रह संचार सेवाओं को आम जनता तक पहुँचाने पर चर्चा होगी। यह ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में कनेक्टिविटी प्रदान करने में मदद करेगा। सिंधिया ने कहा कि टेलीकॉम सेवाओं के साथ-साथ लाखों लोगों के डेटा और सुरक्षा की रक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।