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Padma Awards 2026 के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू, 31 जुलाई तक करें आवेदन

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Padma Awards 2026 के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू, 31 जुलाई तक करें आवेदन

Padma Awards 2026: भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक पद्म पुरस्कार (Padma Awards) के लिए ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। आगामी गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा की जाएगी। अगर आप या कोई व्यक्ति जिसे आप नामांकित करना चाहते हैं, इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए योग्य हैं, तो 31 जुलाई 2025 तक नामांकन किया जा सकता है।

पद्म पुरस्कारों के लिए सभी नामांकन और सिफारिशें केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार की जाएंगी। इच्छुक व्यक्ति राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल (National Awards Portal) – awards.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

कैसे करें पद्म पुरस्कार 2026 के लिए नामांकन?

अगर आप Padma Awards 2026 के लिए किसी व्यक्ति का नामांकन करना चाहते हैं, तो नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन करें:

  1. सबसे पहले National Awards Portal (awards.gov.in) पर जाएं।
  2. होमपेज पर “Nomination for ongoing awards” सेक्शन में “Padma Awards 2026” पर क्लिक करें।
  3. अब “Nominate/Apply Now” बटन पर क्लिक करें।
  4. इसके बाद अवार्ड कैटेगरी (Award Category) चुनें।
  5. अब क्षेत्र (Area of Excellence) चुनें, जिसमें व्यक्ति को नामांकित करना चाहते हैं।
  6. यदि उप-क्षेत्र (Sub-area) है, तो उसे भी भरें।
  7. यदि व्यक्ति खुद को नामांकित करना चाहता है, तो “Do you want to nominate yourself” विकल्प चुनें।
  8. अगर किसी अन्य व्यक्ति का नामांकन कर रहे हैं, तो “Do you want to nominate someone else” विकल्प चुनें और व्यक्ति की पूरी जानकारी भरें।
  9. यदि नामांकित व्यक्ति की जन्मतिथि उपलब्ध नहीं है, तो “Date of Birth not available” विकल्प चुनें और उम्र दर्ज करें।
  10. अगर नामांकित व्यक्ति जीवित नहीं है, तो “If the nominee is posthumous (not alive), click here” विकल्प चुनें और मृत्यु वर्ष भरें।
  11. आगे की जानकारी भरें और “Save & Next” बटन पर क्लिक करें।
  12. यदि व्यक्ति ने पहले कोई Padma Award नहीं प्राप्त किया है, तो “No” विकल्प चुनें।
  13. अगर पहले कोई Padma Award प्राप्त किया है, तो “Yes” विकल्प चुनकर उसका विवरण दर्ज करें।
  14. अगर व्यक्ति ने कोई अन्य राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीता है, तो “Yes” चुनकर उसकी जानकारी भरें।
  15. नामांकित व्यक्ति का फोटोग्राफ और अन्य समर्थन दस्तावेज (Supporting Documents) अपलोड करें।
  16. यदि आवेदन पत्र को पुनः देखना चाहते हैं, तो “Preview” पर क्लिक करें।
  17. यदि कुछ सुधार करना चाहते हैं, तो “Edit Application” पर क्लिक करें।
  18. अंत में डिक्लेरेशन बॉक्स को सेलेक्ट करें और “Final Submit” बटन दबाकर आवेदन जमा करें।

Padma Awards 2026 के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू, 31 जुलाई तक करें आवेदन

कैसे करें खुद को रजिस्टर?

नामांकन करने के लिए व्यक्ति को पहले राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल (awards.gov.in) पर रजिस्टर (Register) करना होगा।

व्यक्तिगत रजिस्ट्रेशन (Individual Registration)

  1. Official Website awards.gov.in पर जाएं।
  2. Homepage पर “Registration/Login” बटन पर क्लिक करें।
  3. अब “Person” बटन पर क्लिक करें और उम्मीदवार का प्रकार (Citizen, NRI, Foreigner, आदि) चुनें।
  4. अब पहला नाम, अंतिम नाम, आधार नंबर और अन्य जरूरी जानकारी भरें।
  5. पहचान के लिए Aadhaar, PAN Card, Passport, Driving License, आदि में से कोई एक तरीका चुनें।
  6. सत्यापन (Verification) प्रक्रिया पूरी करें और OTP दर्ज करें।
  7. नया पासवर्ड सेट करें, Captcha भरें और Save बटन दबाएं।
  8. अब लॉगिन आईडी आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आ जाएगी।
  9. लॉगिन करें और नामांकन प्रक्रिया पूरी करें।

संस्था या संगठन के लिए रजिस्ट्रेशन (Organization/Institution Registration)

  1. Official Website awards.gov.in पर जाएं।
  2. Homepage पर “Registration/Login” बटन पर क्लिक करें।
  3. “Organization” बटन पर क्लिक करें और संस्था का प्रकार चुनें।
  4. संस्था का नाम, अधिकृत व्यक्ति का नाम और अन्य जानकारी दर्ज करें।
  5. पहचान के लिए Aadhaar, PAN Card, Passport, Driving License में से कोई एक तरीका चुनें।
  6. Mobile Number और Email ID दर्ज करें और OTP सत्यापन करें।
  7. नया पासवर्ड सेट करें, Captcha भरें और Submit करें।
  8. अब लॉगिन आईडी आपके मोबाइल नंबर पर आ जाएगी।
  9. लॉगिन करें और नामांकन प्रक्रिया पूरी करें।

पद्म पुरस्कारों के प्रकार

भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले पद्म पुरस्कार (Padma Awards) को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है:

  1. पद्म विभूषण (Padma Vibhushan): असाधारण और विशिष्ट योगदान के लिए दिया जाता है।
  2. पद्म भूषण (Padma Bhushan): उच्च श्रेणी की विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है।
  3. पद्म श्री (Padma Shri): किसी विशेष क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है।

नामांकन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

  • अंतिम तिथि: 31 जुलाई 2025
  • आवेदन प्रक्रिया: पूरी तरह ऑनलाइन
  • अधिकारिक वेबसाइट: awards.gov.in
  • घोषणा तिथि: गणतंत्र दिवस 2026 (26 जनवरी 2026)

पद्म पुरस्कार 2026 के लिए ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यदि आप किसी योग्य व्यक्ति को नामांकित करना चाहते हैं या स्वयं आवेदन करना चाहते हैं, तो 31 जुलाई 2025 तक नामांकन अवश्य कर लें। यह भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक है, जो किसी भी क्षेत्र में असाधारण योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करता है।

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मिडिल ईस्ट तनाव से तेल बाजार में हलचल, $200 प्रति बैरल तक जा सकती हैं कीमतें

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मिडिल ईस्ट तनाव से तेल बाजार में हलचल, $200 प्रति बैरल तक जा सकती हैं कीमतें

मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता और बेचैनी बढ़ा दी है। निवेश बैंक मैक्वेरी ग्रुप ने चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है, तो कच्चे तेल की कीमतें $200 प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। यह स्थिति न केवल ऊर्जा बाजार, बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर संकट खड़ा कर सकती है।

दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ईरान से जुड़े मौजूदा तनाव और संभावित संघर्ष के कारण इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है, जिससे सप्लाई में भारी कमी आ सकती है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रेडर्स पहले ही अनुमान लगा रहे हैं कि ब्रेंट क्रूड की कीमतें निकट भविष्य में $150 प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। फिलहाल कीमतें करीब $107 प्रति बैरल के आसपास हैं, लेकिन हालात बिगड़ने पर यह तेजी से बढ़ सकती हैं।

अगर तेल की कीमतें $150 से $200 के बीच लंबे समय तक बनी रहती हैं, तो इसका सीधा असर महंगाई, परिवहन लागत और उत्पादन खर्च पर पड़ेगा। इससे वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ेगा और कई देशों की आर्थिक वृद्धि प्रभावित हो सकती है।

भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए यह स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। बढ़ती कीमतों से पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते हैं और सरकारी वित्तीय संतुलन पर असर पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट का यह संकट आने वाले समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

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30 दिन जेल में रहे तो जाएगी कुर्सी? नए विधेयकों पर JPC रिपोर्ट का इंतजार

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केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन अहम विधेयकों पर अब सबकी नजरें संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की रिपोर्ट पर टिक गई हैं। इन विधेयकों में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों के लिए सख्त प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं, जिसके तहत गंभीर आपराधिक मामलों में 30 दिनों तक हिरासत में रहने पर उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है।

इन विधेयकों में संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025, संघ राज्य क्षेत्र शासन (संशोधन) विधेयक, 2025 और जम्मू कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 शामिल हैं। लोकसभा में समिति की अध्यक्ष अपराजिता सारंगी ने इन पर रिपोर्ट पेश करने के लिए समय बढ़ाने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने मंजूरी दे दी। अब समिति को आगामी मानसून सत्र के अंतिम सप्ताह तक अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।

इन विधेयकों को पहले अमित शाह ने संसद में पेश किया था। बाद में इन्हें विस्तृत विचार-विमर्श के लिए JPC के पास भेजा गया, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के कुल 31 सदस्य शामिल हैं। इनका उद्देश्य शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिकता को मजबूत करना बताया गया है।

सरकार का मानना है कि यह कदम लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करेगा और सार्वजनिक जीवन में शुचिता लाएगा। हालांकि, विपक्ष ने इन विधेयकों का कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि यह प्रस्ताव संघीय ढांचे के खिलाफ है और इसके जरिए केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर सकती है।

विपक्षी दलों ने आशंका जताई है कि प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा सकता है।

फिलहाल, इन विधेयकों का भविष्य JPC की रिपोर्ट और संसद में होने वाली आगे की चर्चा पर निर्भर करेगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ये प्रस्ताव कानून का रूप ले पाते हैं या राजनीतिक विवादों में उलझ जाते हैं।

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धामी और मोदी की अहम बैठक में उत्तराखंड को मिले बड़े विकास संकेत

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धामी और मोदी की अहम बैठक में उत्तराखंड को मिले बड़े विकास संकेत

नई दिल्ली में आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास कार्यों में केंद्र सरकार द्वारा दिए जा रहे सहयोग और मार्गदर्शन के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र के सहयोग से उत्तराखंड तेजी से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को उत्तराखंड आने का निमंत्रण भी दिया और राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाते हुए विशेष भेंट स्वरूप मां सुरकंडा देवी की रेप्लिका, बद्री गाय का घी, विभिन्न जिलों से मंगाए गए राजमा के पांच प्रकार और शहद प्रस्तुत किए।

बुनियादी ढांचे और परियोजनाओं पर केंद्र से मिले सहयोग की सराहना

मुख्यमंत्री धामी ने केंद्र सरकार द्वारा राज्य को दी गई विभिन्न परियोजनाओं और वित्तीय सहायता के लिए प्रधानमंत्री का विशेष धन्यवाद किया। इसमें हरिद्वार कुंभ 2027 के लिए 500 करोड़ रुपये की सहायता, नदी जोड़ो परियोजना के तहत अध्ययन, राजाजी नेशनल पार्क के चौरासी कुटिया विकास के लिए 100 करोड़ रुपये की स्वीकृति शामिल है। इसके अलावा पिथौरागढ़ की नैनी सैनी हवाई पट्टी के लिए एमओयू, चारधाम यात्रा में सुरक्षित हेली सेवाओं का संचालन, ऋषिकेश में बिजली लाइनों के भूमिगतकरण, देहरादून रिंग रोड, मसूरी रोड और चम्पावत बाईपास जैसी परियोजनाएं भी शामिल हैं। इन सभी प्रयासों से राज्य में आधारभूत ढांचे को मजबूती मिल रही है और पर्यटन एवं आवागमन को गति मिल रही है।

धामी और मोदी की अहम बैठक में उत्तराखंड को मिले बड़े विकास संकेत

पर्यटन, आध्यात्मिक विकास और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य में चल रही नई पहलों की जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड को आध्यात्मिक आर्थिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। बेल केदार, अंजनीसैंण-टिहरी और लोहाघाट-श्यामलाताल जैसे क्षेत्रों को इस योजना के तहत चिन्हित किया गया है। शीतकालीन यात्रा के प्रारंभ होने से श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। आदि कैलास यात्रा में भी पिछले कुछ वर्षों में यात्रियों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है और हेली सेवा की शुरुआत ने यात्रा को और सुगम बनाया है। इसके साथ ही रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग और कयाकिंग जैसी साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर पर्यटन को नई दिशा दी जा रही है। स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ जैसे ब्रांडों के माध्यम से स्वरोजगार को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

रेल कनेक्टिविटी, एक्सप्रेसवे और औद्योगिक विकास पर जोर

मुख्यमंत्री ने राज्य की कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रधानमंत्री के समक्ष रखे। इनमें दिल्ली-हल्द्वानी एक्सप्रेसवे का निर्माण, RRTS परियोजना का विस्तार ऋषिकेश और हरिद्वार तक करना, टिहरी झील में सी-प्लेन सेवा शुरू करना और टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन सहित विभिन्न रेल परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा रक्षा उपकरण निर्माण इकाइयों की स्थापना के लिए नीति समर्थन, कोटद्वार हरिद्वार और देहरादून में डिफेंस हब विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया। मुख्यमंत्री ने पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार, चिन्यालीसौड़ एयरस्ट्रिप और बनबसा लैंड पोर्ट परियोजना के विकास पर भी जोर दिया। इन सभी योजनाओं के माध्यम से राज्य की कनेक्टिविटी, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों में व्यापक वृद्धि की संभावना है।

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