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Amit Shah Assam, Mizoram Visit: पुलिस अकादमी का उद्घाटन और बोड़ो सम्मेलन को करेंगे संबोधित

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Amit Shah Assam, Mizoram Visit: पुलिस अकादमी का उद्घाटन और बोड़ो सम्मेलन को करेंगे संबोधित

Amit Shah Assam, Mizoram Visit: भारत के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को असम के जोरहाट पहुंचे। उनके इस दौरे का उद्देश्य असम और मिजोरम में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और राजनीतिक बैठकों में भाग लेना है। जोरहाट एयरपोर्ट पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और उनकी पूरी कैबिनेट ने उनका भव्य स्वागत किया।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “हम आदरणीय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जोरहाट एयरपोर्ट पर पवित्र असम की भूमि पर हार्दिक स्वागत करते हैं।”

अमित शाह का गोलाघाट दौरा

जोरहाट पहुंचने के बाद गृह मंत्री अमित शाह तुरंत गोलाघाट जिले के डेरगांव के लिए रवाना हुए। यहां वे असम पुलिस अकादमी के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे, जिसे 167.4 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया है।

इसके अलावा, गृह मंत्री दूसरे चरण के निर्माण कार्य का शिलान्यास भी करेंगे, जिसकी अनुमानित लागत 425.48 करोड़ रुपये है। पुलिस अकादमी असम में पुलिस बल की आधुनिक ट्रेनिंग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए बनाई जा रही है।

अमित शाह का मिजोरम दौरा

शनिवार को गृह मंत्री अमित शाह असम से मिजोरम के लिए रवाना होंगे। वहां वे आइजोल से ज़ोखावसांग में असम राइफल्स की शिफ्टिंग के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होंगे। ज़ोखावसांग, मिजोरम की राजधानी आइजोल से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

Amit Shah Assam, Mizoram Visit: पुलिस अकादमी का उद्घाटन और बोड़ो सम्मेलन को करेंगे संबोधित

असम राइफल्स की शिफ्टिंग को लेकर लंबे समय से मांग की जा रही थी, और इस बदलाव को मिजोरम सरकार और स्थानीय जनता ने एक सकारात्मक कदम बताया है।

शनिवार रात को गुवाहाटी वापसी

मिजोरम में कार्यक्रम के बाद अमित शाह शनिवार शाम को गुवाहाटी लौट आएंगे और कोइनाधोरा क्षेत्र के राज्य अतिथि गृह में रात बिताएंगे।

रविवार को बोड़ो सम्मेलन को करेंगे संबोधित

रविवार को गृह मंत्री कोकराझार जिले के डोटमा में आयोजित अखिल बोड़ो छात्र संघ (ABSU) के 57वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इस सम्मेलन में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा, बोड़ोलैंड टेरिटोरियल रीजन (BTR) के प्रमुख प्रमोद बोरो, वरिष्ठ मंत्री, सांसद और कई अन्य प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी।

अखिल बोड़ो छात्र संघ (ABSU) राज्य के बोड़ो समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण संगठन है, जो उनके अधिकारों और विकास के लिए लगातार काम करता आ रहा है। गृह मंत्री का यह संबोधन बोड़ो समुदाय के लिए कई नई योजनाओं और घोषणाओं को लेकर महत्वपूर्ण हो सकता है।

असम और मिजोरम के लिए अमित शाह का दौरा क्यों अहम?

अमित शाह का यह दौरा असम और मिजोरम के लिए काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि:

  1. असम पुलिस अकादमी के उद्घाटन से राज्य की कानून व्यवस्था और पुलिस प्रशिक्षण में सुधार होगा।
  2. असम राइफल्स की शिफ्टिंग से मिजोरम की राजधानी आइजोल में प्रशासनिक संरचना को मजबूती मिलेगी।
  3. बोड़ो सम्मेलन में भागीदारी से बोड़ो समुदाय और सरकार के बीच संवाद मजबूत होगा।

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

अमित शाह के इस दौरे को देखते हुए असम और मिजोरम में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जोरहाट, गोलाघाट, कोकराझार और आइजोल में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। खासतौर पर कोकराझार में ABSU सम्मेलन को लेकर विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का यह दौरा असम और मिजोरम में सुरक्षा, प्रशासन और राजनीतिक समन्वय को और मजबूत करने के लिहाज से बेहद अहम है। इस दौरान पुलिस अकादमी का उद्घाटन, असम राइफल्स की शिफ्टिंग और बोड़ो समुदाय से बातचीत जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम होंगे, जिनका व्यापक असर भविष्य में देखने को मिल सकता है।

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Nipah Virus का खतरा बढ़ा, संपर्क में आए लोगों को 21 दिन निगरानी में रखने के आदेश

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Nipah Virus का खतरा बढ़ा, संपर्क में आए लोगों को 21 दिन निगरानी में रखने के आदेश

पश्चिम बंगाल में Nipah Virus संक्रमण की आशंका के बीच राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। संभावित खतरे को देखते हुए राज्य स्वास्थ्य विभाग ने निपाह संक्रमित मरीजों, संदिग्ध मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। यह गाइडलाइन पांच सदस्यीय विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा तैयार की गई है, ताकि संक्रमण को समय रहते नियंत्रित किया जा सके। सरकार का साफ कहना है कि Nipah Virus की गंभीरता और उच्च मृत्यु दर को देखते हुए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का फोकस फिलहाल निगरानी, त्वरित पहचान और संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने पर है।

उच्च जोखिम वाले संपर्क और 21 दिन का अनिवार्य होम क्वारंटाइन

दिशानिर्देशों के अनुसार, Nipah Virus के मरीज या निपा जैसे लक्षण वाले व्यक्ति के संपर्क में आने वालों को कम से कम 21 दिनों तक होम क्वारंटाइन में रहना अनिवार्य होगा। इसमें मरीज के रक्त, लार, शरीर के तरल पदार्थ या छींक खांसी की बूंदों के संपर्क में आए लोग शामिल हैं। इसके अलावा किसी संक्रमित मरीज के साथ बंद या सीमित जगह में समय बिताने वालों को भी “उच्च जोखिम” की श्रेणी में रखा गया है। ऐसे सभी लोगों की स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष निगरानी की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि Nipah Virus तेजी से फैल सकता है, इसलिए शुरुआती चरण में ही संपर्क में आए लोगों की पहचान और निगरानी बेहद जरूरी है।

होम क्वारंटाइन में सख्त निगरानी और उपचार की व्यवस्था

होम क्वारंटाइन में रहने वाले व्यक्तियों को दिन में दो बार अपनी स्वास्थ्य जांच करानी होगी। अगर इस दौरान बुखार, सिरदर्द, उलझन, खांसी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत अस्पताल में भर्ती होना अनिवार्य होगा। अस्पताल पहुंचते ही मरीज को सीधे आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा, ताकि अन्य लोगों में संक्रमण न फैले। दिशानिर्देशों में यह भी साफ किया गया है कि संक्रमित मरीज के कपड़ों या इस्तेमाल की वस्तुओं के संपर्क में आने पर भी 21 दिनों तक निगरानी जरूरी होगी, क्योंकि वायरस सतहों और कपड़ों के जरिए फैल सकता है। निपा मरीजों की देखभाल करने वालों को मास्क और पीपीई किट जैसी सुरक्षा के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

आरटीपीसीआर जांच और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए अलग नियम

राज्य सरकार ने Nipah Virus की पुष्टि के लिए आरटीपीसीआर जांच को अनिवार्य कर दिया है। मरीजों के सैंपल तुरंत जांच के लिए भेजे जाएंगे और दिन में कम से कम दो बार रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही दवाएं बंद की जाएंगी। जिन लोगों में कोई लक्षण नहीं हैं, उन्हें एहतियातन एक विशेष प्रकार की एंटीवायरल दवा लेने को कहा गया है। वहीं जिन मरीजों में निपा जैसे लक्षण दिखाई देंगे, उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती किया जाएगा और फिलहाल उपलब्ध वैकल्पिक एंटीवायरल दवाओं से इलाज किया जाएगा, क्योंकि निपाह के लिए अभी कोई पक्की दवा नहीं है। स्वास्थ्यकर्मियों के लिए निर्देश है कि यदि वे संक्रमित मरीज के संपर्क में आए हैं लेकिन उनमें लक्षण नहीं हैं, तो वे मास्क और पीपीई किट पहनकर काम जारी रख सकते हैं। ऐसे कर्मचारियों को दो सप्ताह तक एंटीवायरल दवा लेने की सलाह दी गई है। सरकार का कहना है कि सतर्कता और अनुशासन ही Nipah Virus से बचाव का सबसे मजबूत हथियार है।

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Supreme Court में कपिल सिब्बल को जज की फटकार, ममता बनर्जी की याचिका पर कड़ी टिप्पणी

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Supreme Court में कपिल सिब्बल को जज की फटकार, ममता बनर्जी की याचिका पर कड़ी टिप्पणी

पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के ऑफिस और उसके को-फाउंडर प्रतीक जैन के घर पर हुई रेड के मामले की सुनवाई के दौरान Supreme Court के जजों ने सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल को फटकार लगाई। कपिल सिब्बल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पक्ष रखने कोर्ट में पेश हुए थे। कोर्ट ने उन्हें साफ शब्दों में कहा कि वह जज के मुंह में शब्द न डालें और यह न बताएं कि उन्हें क्या मानना है और क्या नहीं। यह फटकार तब आई जब कपिल सिब्बल ने हाईकोर्ट की सुनवाई को लेकर अपनी असहमति जताई और कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाए।

ईडी की याचिका पर सुनवाई और सीबीआई जांच की मांग

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका पर सुनवाई कर रहा है। ED की याचिका में आरोप लगाया गया है कि रेड के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पुलिस अफसरों ने कार्रवाई में दखल दिया। इसके साथ ही ED ने इस मामले में सीबीआई जांच की भी मांग की है। इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें पार्टी के राजनीतिक डेटा को गोपनीय रखने की मांग की गई थी। इस फैसले पर कपिल सिब्बल ने आपत्ति जताई और कहा कि हाईकोर्ट को इस मामले की सुनवाई करनी चाहिए।

हाईकोर्ट के रवैये पर सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी

Supreme Court की बेंच, जिसमें जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचौली शामिल हैं, ने हाईकोर्ट के रवैये को लेकर गहरी नाराजगी जताई। बेंच ने कहा कि वे हाईकोर्ट के व्यवहार से बेहद परेशान हैं। जब कपिल सिब्बल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को यह मानना होगा कि हाईकोर्ट न्याय प्रदान करने में असमर्थ है, तो बेंच ने कड़े लहजे में जवाब दिया, “आप मेरे मुंह में शब्द नहीं डाल सकते। हम तय करेंगे कि हमें क्या मानना है और क्या नहीं।” इस बात से स्पष्ट हुआ कि सुप्रीम कोर्ट ने केस की गंभीरता को समझते हुए खुद अपना रुख साफ कर दिया है।

हाईकोर्ट में सुनवाई और ED के तर्क

कपिल सिब्बल ने यह भी बताया कि हाईकोर्ट ने याचिका की सुनवाई शुरू कर दी है और उनका मानना है कि हाईकोर्ट को अपना फैसला सुनाना चाहिए, जिसके बाद वे अपील कर सकेंगे। वहीं, सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि हाईकोर्ट ने कल सुनवाई टाल दी थी क्योंकि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में पहले से लंबित था। सुनवाई के दौरान ED की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने भी हाईकोर्ट से सुनवाई टालने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि ऐसी ही याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और हाईकोर्ट ने भी इस पर सहमति जताई थी। हाईकोर्ट ने टीएमसी की याचिका को खारिज करते हुए यह भी कहा था कि ED ने अपने पंचनामे में कहा है कि उनके पास कोई दस्तावेज नहीं है और ममता बनर्जी ने रेड साइट से दस्तावेज अपने साथ ले लिए थे।

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PM Modi ने मकर संक्रांति, माघ बिहू और पोंगल पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं

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PM Modi ने मकर संक्रांति, माघ बिहू और पोंगल पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं

PM Modi ने इन त्योहारों को किसानों के कठिन परिश्रम से जोड़ते हुए उनका विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ये त्योहार किसानों की मेहनत का सम्मान हैं, जो देश को अनाज प्रदान करते हैं। मोदी ने कहा कि संक्रांति हमें भविष्य की ओर आत्मविश्वास और खुशी के साथ देखने की प्रेरणा देती है। उन्होंने देशवासियों के लिए समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की। किसानों की भूमिका को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि यही मेहनत देश के हर घर में खुशहाली लाती है।

माघ बिहू असम की सांस्कृतिक पहचान

माघ बिहू के संबंध में PM Modi ने कहा कि यह असम की संस्कृति का दर्पण है। यह त्योहार आनंद, गर्माहट और भाईचारे का संदेश देता है। माघ बिहू फसल कटाई की समाप्ति का उत्सव है जो कृतज्ञता और संतोष की भावना सिखाता है। प्रधानमंत्री ने एक बार फिर किसानों के योगदान को स्वीकार किया और सभी को शांति, उत्तम स्वास्थ्य और सफलता की शुभकामनाएं दीं। माघ बिहू में सामूहिक भोज का आयोजन किया जाता है, जो सामाजिक एकता और मेलजोल को मजबूत करता है।

पोंगल पर प्रधानमंत्री का संदेश और भागीदारी

पोंगल के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने तमिल लोगों को “वनक्कम” कहकर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पोंगल मानवता और प्रकृति के बीच गहरे संबंध का प्रतीक है। यह त्योहार कृषि, ग्रामीण जीवन और श्रम की गरिमा का उत्सव है। पोंगल परिवारों को एक साथ लाता है और सामाजिक संबंधों को मजबूत करता है। प्रधानमंत्री ने इसे तमिल परंपराओं की समृद्धि का चिन्ह बताया। उन्होंने गर्व से कहा कि तमिल भाषा विश्व की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक है। उन्होंने तमिलनाडु, भारत के अन्य हिस्सों और विश्व के तमिल समुदाय को अपने गर्मजोशी भरे पोंगल संदेश भेजे। उल्लेखनीय है कि माघ बिहू असम का प्रमुख फसल उत्सव है, जो फसल कटाई के बाद माघ महीने में मनाया जाता है। भारत में लोहड़ी, पोंगल, संक्रांति और उत्तरायण फसल उत्सव के विभिन्न रूप हैं, जहां उत्तर भारत में लोहड़ी में आग जलाकर पारंपरिक भोजन और लोकगीतों के साथ जश्न मनाया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी इस बार पोंगल उत्सव में भी भाग लेने वाले हैं।

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