Connect with us

Tech

5 साल पुराना मोबाइल बन सकता है बम, बैटरी ब्लास्ट से गंभीर हादसे का खतरा

Published

on

5 साल पुराना मोबाइल बन सकता है बम, बैटरी ब्लास्ट से गंभीर हादसे का खतरा

आज के दौर में मोबाइल फोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन कई लोग सालों पुराने फोन का इस्तेमाल करते रहते हैं। अगर आपके पास भी 5 साल या उससे ज्यादा पुराना मोबाइल फोन है, तो आपको सावधान होने की जरूरत है। विशेषज्ञों के मुताबिक पुराने फोन की बैटरी कभी भी ब्लास्ट कर सकती है, जिससे गंभीर हादसा हो सकता है। ऐसा ही एक दर्दनाक मामला मध्य प्रदेश के रीवा जिले से सामने आया है, जहां पुराने मोबाइल की बैटरी से छेड़छाड़ करने के दौरान अचानक विस्फोट हो गया। इस हादसे में दो भाइयों के हाथ बुरी तरह झुलस गए। बताया जा रहा है कि विस्फोट इतना तेज था कि एक बच्चे का अंगूठा कट गया और उसकी चार उंगलियां भी गंभीर रूप से घायल हो गईं। इस घटना ने एक बार फिर पुराने मोबाइल फोन की बैटरियों से जुड़े खतरों को उजागर कर दिया है।

क्यों खतरनाक हो जाती है पुराने फोन की बैटरी

मोबाइल फोन में आमतौर पर लिथियम-आयन (Li-ion) बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है। यह बैटरी लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है। समय के साथ बैटरी फूलने लगती है और इसमें ओवरहीटिंग की समस्या बढ़ जाती है। कई बार लोग फूली हुई बैटरी वाले फोन का इस्तेमाल करते रहते हैं या खुद बैटरी को निकालने और ठीक करने की कोशिश करते हैं, जो बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। दरअसल लिथियम एक अत्यधिक प्रतिक्रियाशील रासायनिक तत्व होता है, जो गर्मी या शॉर्ट सर्किट होने पर तेजी से प्रतिक्रिया करता है। इसी कारण पुरानी और खराब हो चुकी बैटरी अचानक आग पकड़ सकती है या विस्फोट कर सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे ही बैटरी फूलने लगे या फोन असामान्य रूप से गर्म होने लगे, तुरंत सावधानी बरतनी चाहिए।

5 साल पुराना मोबाइल बन सकता है बम, बैटरी ब्लास्ट से गंभीर हादसे का खतरा

कैमिकल लीक से त्वचा और आंखों को भी खतरा

पुरानी या खराब बैटरी सिर्फ ब्लास्ट ही नहीं करती, बल्कि इसमें से खतरनाक केमिकल भी लीक हो सकते हैं। बैटरी के अंदर मौजूद रसायन अगर बाहर निकल जाएं तो यह त्वचा के संपर्क में आने पर जलन, एलर्जी या गंभीर चोट का कारण बन सकते हैं। इतना ही नहीं, अगर यह केमिकल आंखों के संपर्क में आ जाए तो आंखों को भी नुकसान पहुंच सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक बैटरी फूलने का मतलब है कि उसके अंदर रासायनिक प्रतिक्रिया तेजी से हो रही है। ऐसे में अगर बैटरी को दबाया जाए, मोड़ा जाए या उससे छेड़छाड़ की जाए तो दुर्घटना की संभावना और बढ़ जाती है। कई बार बच्चे या लोग जिज्ञासा में बैटरी खोलने की कोशिश करते हैं, जो बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए पुरानी बैटरी को कभी भी खुद खोलने या ठीक करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

पुराने मोबाइल का सुरक्षित समाधान क्या है

अगर आपके पास पुराना मोबाइल फोन है और आप अभी भी उसका इस्तेमाल कर रहे हैं, तो सबसे पहले उसकी बैटरी की स्थिति जांच लें। अगर बैटरी कमजोर हो गई है या फूलने लगी है, तो तुरंत उसे बदलवा लेना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है। वैसे भी पुरानी बैटरी में चार्जिंग जल्दी खत्म हो जाती है और फोन की परफॉर्मेंस भी खराब हो जाती है। वहीं अगर आपके पास ऐसा पुराना फोन है जिसका इस्तेमाल अब नहीं किया जा रहा है, तो उसे घर में कबाड़ के रूप में रखने के बजाय सुरक्षित तरीके से रिसाइकिल कर देना चाहिए। आजकल कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और कंपनियां पुराने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को रिसाइकिल करने की सुविधा देती हैं। इससे न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान कम होता है बल्कि कई बार आपको इसके बदले कुछ पैसे भी मिल जाते हैं।

Tech

WhatsApp में ड्यूल अकाउंट और AI फीचर्स iPhone पर भी अब होंगे उपलब्ध

Published

on

WhatsApp में ड्यूल अकाउंट और AI फीचर्स iPhone पर भी अब होंगे उपलब्ध

दुनिया भर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले मैसेजिंग ऐप WhatsApp ने अपने प्लेटफॉर्म को और अधिक स्मार्ट और यूजर-फ्रेंडली बनाने के लिए कई नए फीचर्स पेश किए हैं। इस अपडेट का मुख्य उद्देश्य यूजर्स के चैटिंग अनुभव को आसान, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक बनाना है। खास बात यह है कि इस बार iPhone यूजर्स को भी लंबे समय से इंतजार किए जा रहे कई महत्वपूर्ण फीचर्स का लाभ मिलने जा रहा है। कंपनी लगातार अपने यूजर्स की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नए बदलाव कर रही है, जिससे ऐप का उपयोग और बेहतर हो सके।

Android और iPhone के बीच चैट ट्रांसफर हुआ आसान

इस अपडेट का सबसे बड़ा आकर्षण नया चैट ट्रांसफर फीचर है, जिसकी मदद से यूजर्स अब आसानी से Android और iPhone के बीच अपना पूरा डेटा ट्रांसफर कर सकेंगे। इसमें केवल मैसेज ही नहीं, बल्कि फोटो, वीडियो, कॉल हिस्ट्री और ग्रुप तथा कम्युनिटी से जुड़ा डेटा भी शामिल होगा। इस सुविधा के आने से फोन बदलने की प्रक्रिया काफी सरल हो जाएगी और यूजर्स को अपने महत्वपूर्ण चैट या मीडिया के खोने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। यह फीचर खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित होगा जो अक्सर डिवाइस बदलते हैं या नए फोन पर स्विच करते हैं।

WhatsApp में ड्यूल अकाउंट और AI फीचर्स iPhone पर भी अब होंगे उपलब्ध

iPhone यूजर्स के लिए ड्यूल अकाउंट और स्टोरेज मैनेजमेंट टूल

अब iPhone यूजर्स भी एक ही डिवाइस में दो WhatsApp अकाउंट का उपयोग कर सकेंगे, जो पहले केवल Android पर उपलब्ध था। इस फीचर के जरिए यूजर्स अपने पर्सनल और वर्क अकाउंट को अलग-अलग मैनेज कर पाएंगे और जरूरत के अनुसार आसानी से स्विच कर सकेंगे। साथ ही, प्रोफाइल इंडिकेटर के जरिए एक्टिव अकाउंट की पहचान भी आसान होगी। इसके अलावा, नए स्टोरेज मैनेजमेंट टूल्स की मदद से बड़ी फाइल्स को पहचानकर हटाना आसान हो गया है, जिससे फोन की स्टोरेज को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकेगा और जरूरी चैट सुरक्षित रहेंगे।

AI फीचर्स से चैटिंग होगी और भी स्मार्ट, भारत में जल्द रोलआउट की उम्मीद

WhatsApp अब Meta के AI टूल्स के साथ और भी उन्नत हो रहा है, जिससे चैटिंग अनुभव और स्मार्ट बन जाएगा। नए AI फीचर्स के तहत यूजर्स फोटो एडिट कर सकेंगे, बैकग्राउंड बदल सकेंगे और अनचाहे ऑब्जेक्ट्स को हटाने की सुविधा भी मिलेगी। इसके अलावा AI आधारित राइटिंग हेल्प फीचर यूजर्स को चैट के दौरान बेहतर और उपयुक्त रिप्लाई सुझाएगा। फिलहाल ये सभी फीचर्स टेस्टिंग चरण में हैं और उम्मीद है कि अप्रैल के आसपास भारत में भी रोलआउट किए जा सकते हैं, जिससे यूजर्स को एक नया और उन्नत अनुभव मिलेगा।

Continue Reading

Tech

20 साल की युवती ने सोशल मीडिया लत के लिए Meta और YouTube को जिम्मेदार ठहराया

Published

on

20 साल की युवती ने सोशल मीडिया लत के लिए Meta और YouTube को जिम्मेदार ठहराया

अमेरिका के लॉस एंजेल्स कोर्ट ने सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। 20 साल की युवती कैली ने दावा किया था कि बचपन में सोशल मीडिया की लत ने उसके मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुँचाया। जूरी ने Meta और YouTube को दोषी मानते हुए कुल 3 मिलियन डॉलर यानी लगभग 28 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। इस फैसले में Meta की जिम्मेदारी 70 प्रतिशत और YouTube की 30 प्रतिशत तय की गई।

युवती की कहानी और मानसिक स्वास्थ्य पर असर

कैली ने कोर्ट में बताया कि उसने 6 साल की उम्र में YouTube और 9 साल की उम्र में Instagram इस्तेमाल करना शुरू किया। सोशल मीडिया पर अत्यधिक समय बिताने के कारण वह धीरे-धीरे परिवार से दूर होती गई और 10 साल की उम्र में डिप्रेशन और एंजायटी के लक्षण विकसित होने लगे। उसने फोटो फिल्टर्स का अत्यधिक इस्तेमाल शुरू किया, जिससे उसकी खुद की छवि पर नकारात्मक असर पड़ा। मेडिकल टर्म में इसे ‘बॉडी डिस्मॉर्फिया’ कहा जाता है। जूरी ने माना कि इन प्लेटफॉर्म्स ने उसकी उम्र की पुष्टि करने या पहुंच सीमित करने के लिए प्रभावी प्रयास नहीं किए।

20 साल की युवती ने सोशल मीडिया लत के लिए Meta और YouTube को जिम्मेदार ठहराया

कंपनियों की प्रतिक्रिया और कानूनी लड़ाई

Meta के वकीलों ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कैली के जीवन की कठिनाइयां केवल सोशल मीडिया के कारण नहीं हैं। Google ने भी अपने प्लेटफॉर्म YouTube की सुरक्षा और जिम्मेदारी को लेकर इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देने की तैयारी की है। हालांकि, कैली के माता-पिता का कहना है कि यह टेक कंपनियों के खिलाफ बड़ी जीत है और इससे भविष्य में कंपनियों को बच्चों की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनना पड़ेगा।

भारत में सुरक्षा और एज वेरिफिकेशन की तैयारी

भारत में भी सरकार सोशल मीडिया और गेमिंग ऐप्स के लिए एज वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करने पर विचार कर रही है। संसदीय समिति ने सोशल मीडिया, डेटिंग और गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर बैंकों जैसा KYC सिस्टम लाने पर जोर दिया है, ताकि लोग गलत उम्र बताकर अकाउंट नहीं बना सकें। इससे बच्चों की मानसिक स्वास्थ्य को खतरा कम होगा और प्लेटफॉर्म्स जिम्मेदार होंगे। कई राज्य सरकारें भी बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन या उम्र आधारित कंट्रोल सिस्टम लागू करने की योजना बना रही हैं।

Continue Reading

Tech

Samsung Galaxy S26 में AirDrop सुविधा से Apple डिवाइस के साथ फाइल शेयरिंग अब आसान

Published

on

Samsung Galaxy S26 में AirDrop सुविधा से Apple डिवाइस के साथ फाइल शेयरिंग अब आसान

सैमसंग ने अपने Galaxy S26 सीरीज़ में आधिकारिक तौर पर AirDrop सुविधा को पेश किया है। अब इस नई सुविधा के साथ, उपयोगकर्ताओं को Samsung और Apple डिवाइस के बीच फाइल साझा करने के लिए किसी तीसरे पक्ष के एप्लिकेशन की आवश्यकता नहीं होगी। इस सुविधा की शुरुआत फिलहाल कोरियाई संस्करण में की गई है और जल्द ही इसे ग्लोबल स्तर पर लॉन्च किया जाएगा। यह सुविधा Android के Quick Share टूल और Apple के AirDrop के बीच पूर्ण संगतता प्रदान करती है, जिससे Samsung और Apple दोनों उपयोगकर्ताओं को महत्वपूर्ण सुविधा मिल सकेगी। कोरिया में शुरुआत के बाद, यह सुविधा यूरोप, हांगकांग, जापान, लैटिन अमेरिका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण पूर्व एशिया और ताइवान सहित अन्य बाजारों में उपलब्ध कराई जाएगी।

Galaxy S26 उपयोगकर्ताओं को अब तीसरे ऐप की जरूरत नहीं

Galaxy S26 सीरीज़ के डिवाइस अब सीधे Apple iPhones के साथ फाइल साझा कर पाएंगे, बिना किसी तीसरे पक्ष के एप्लिकेशन के। कंपनी ने सोमवार को इस विकास की घोषणा की और यह सुविधा आज से Galaxy S26 सीरीज़ के फोन में लाइव हो गई है। सैमसंग के प्रबंधन ने पुष्टि की है कि यह सुविधा जल्दी ही अन्य वैश्विक बाजारों में भी लागू की जाएगी। इससे उपयोगकर्ताओं के लिए फाइल शेयरिंग प्रक्रिया बहुत आसान और तेज हो जाएगी। अब Samsung उपयोगकर्ता आसानी से अपनी फाइलें iPhone, iPad या Mac डिवाइस के साथ साझा कर सकेंगे।

Samsung Galaxy S26 में AirDrop सुविधा से Apple डिवाइस के साथ फाइल शेयरिंग अब आसान

प्रतियोगियों को मात देने की सैमसंग की रणनीति

Apple इकोसिस्टम में AirDrop को सबसे महत्वपूर्ण सुविधाओं में से एक माना जाता है, जो iPhones, iPads और Mac डिवाइस के बीच सहज फाइल शेयरिंग की अनुमति देता है। सैमसंग ने इस फीचर को Galaxy S26 में शामिल करके यह सुनिश्चित किया है कि Galaxy उपयोगकर्ता बिना किसी तीसरे पक्ष के माध्यम के आसानी से Apple डिवाइस के साथ फाइल साझा कर सकें। बाजार रिपोर्ट के अनुसार, इस सुविधा की उपलब्धता उपभोक्ताओं के खरीद निर्णय को प्रभावित कर सकती है और संभावित रूप से सैमसंग के प्रतियोगियों के लिए खरीदारी में रुचि को कम कर सकती है। यह कदम सैमसंग की स्मार्ट और आक्रामक रणनीति का हिस्सा है, जिससे वह तकनीकी रूप से Apple के करीब आ सके।

Smart Switch टूल के साथ सुविधा और आसान

AirDrop जैसी सुविधा के अलावा, सैमसंग ने अपने Smart Switch टूल को भी बढ़ावा दिया है, जो Apple iPhones से Galaxy डिवाइस में फोटो, एप्लिकेशन और अन्य डेटा को ट्रांसफर करने में मदद करता है। कंपनी योजना बना रही है कि इस सुविधा को आगामी Galaxy S26 श्रृंखला के अलावा पुराने Samsung डिवाइस में भी प्रदान किया जाएगा। यह रोलआउट One UI 9 जैसे सॉफ़्टवेयर अपडेट के माध्यम से किया जा सकता है। इस नई सुविधा और Smart Switch टूल के साथ, Samsung उपयोगकर्ताओं को दोनों प्लेटफ़ॉर्म पर डेटा ट्रांसफर करने में पूरी स्वतंत्रता और सहज अनुभव मिलेगा।

Continue Reading

Trending