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WhatsApp users खुश! वॉइस मैसेज अब खुद-ब-खुद टेक्स्ट में बदलेंगे, जानें कैसे काम करेगा
WhatsApp लगातार अपने यूज़र्स के लिए नए और उपयोगी फीचर्स लेकर आता रहता है। इसी कड़ी में अब उसने एक बेहद काम का फीचर लॉन्च किया है—Voice Message Transcripts। इसके ज़रिए अब आप किसी भी वॉयस मैसेज को सुने बिना ही टेक्स्ट के रूप में पढ़ सकते हैं। यह फीचर उन यूज़र्स के लिए खास तौर पर फायदेमंद है जो भीड़-भाड़ वाले माहौल में हों, किसी मीटिंग या क्लास में हों जहाँ ऑडियो चलाना मुश्किल हो, या फिर वे लोग जिनके पास उस समय ईयरफोन न हो। इसके अलावा, यह फीचर श्रवण समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है। WhatsApp ने दावा किया है कि यह फीचर Android और iOS दोनों प्लैटफॉर्म्स पर उपलब्ध है और आने वाले दिनों में इसे और बेहतर बनाया जाएगा।
पूरी तरह सुरक्षित है ट्रांसक्रिप्शन प्रक्रिया
WhatsApp की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि पूरे ट्रांसक्रिप्शन की प्रक्रिया आपके ही फोन पर होती है। यानी आपका वॉयस मैसेज और उसका टेक्स्ट दोनों ही एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड रहते हैं। इससे यह सुनिश्चित होता है कि न WhatsApp, न कोई थर्ड पार्टी और न ही कोई बाहरी व्यक्ति आपकी ऑडियो या उसके टेक्स्ट को एक्सेस कर सकता है। यह फीचर आपके मैसेज की गोपनीयता को बरकरार रखते हुए आपको सुविधा प्रदान करता है। शुरू में यह फीचर केवल कुछ ही भाषाओं जैसे—अंग्रेज़ी, स्पेनिश, पुर्तगाली और रूसी के लिए उपलब्ध था, लेकिन अब इसे धीरे-धीरे अन्य भाषाओं में भी विस्तारित किया जा रहा है, जिसमें हिंदी भी शामिल है। iOS 16 और iOS 17 पर इस फीचर के भाषा समर्थन को और बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

कैसे काम करता है यह नया फीचर?
यह फीचर वॉयस मैसेज में बोले गए शब्दों को टेक्स्ट में बदल देता है, जो ऑडियो के ठीक नीचे दिखाई देते हैं। इससे आपको मैसेज सुनने की झंझट नहीं रहती। बस आप अपने फोन की स्क्रीन पर वॉयस मैसेज के नीचे स्क्रॉल करते हैं और सीधे टेक्स्ट फॉर्म में मैसेज पढ़ सकते हैं। यह फीचर खास तौर पर तब बेहद काम आता है जब वॉयस मैसेज लंबा हो या आप किसी ऐसी जगह हों जहाँ आवाज़ सुनना संभव न हो। हालांकि ध्यान रहे कि यदि मैसेज में बहुत ज़्यादा बैकग्राउंड नॉइज़ है या भाषा अभी समर्थित नहीं है, तो ट्रांसक्रिप्शन दिखाई नहीं देगा। लेकिन WhatsApp इस फीचर को बेहतर बनाने के लिए लगातार अपडेट पर काम कर रहा है ताकि यूज़र्स को अधिक सटीक और तेज़ अनुभव मिल सके।
कैसे ऑन करें और कैसे इस्तेमाल करें यह फीचर?
कई बार यह फीचर डिफ़ॉल्ट रूप से बंद रहता है, इसलिए इसे मैन्युअली ऑन करना ज़रूरी होता है। इसे एक्टिवेट करने के लिए आपको WhatsApp के सेटिंग्स में जाना होगा। सबसे पहले Settings → Chats पर जाएँ और नीचे स्क्रॉल कर Voice Message Transcripts को ऑन कर दें। यहाँ आप अपनी पसंद की ट्रांसक्रिप्शन भाषा भी चुन सकते हैं। इसके बाद जब भी कोई वॉयस मैसेज आए, उस पर लॉन्ग-प्रेस करें और Transcribe ऑप्शन चुन लें। कुछ ही सेकंड में वॉयस मैसेज का टेक्स्ट नीचे दिखाई देने लगेगा। आप चाहे तो इसे एक्सपैंड या कोलैप्स भी कर सकते हैं। इस फीचर के आ जाने से WhatsApp का उपयोग और भी सुविधाजनक हो गया है, खासकर उन समयों के लिए जब सुनने की बजाय पढ़ना बेहतर रहता है।
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iPhone 18 Pro में मिलेगा सैटेलाइट 5G कनेक्टिविटी, रिमोट एरिया में इंटरनेट का सपना
एप्पल के आगामी फ्लैगशिप iPhone 18 Pro की नई लीक सामने आ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह iPhone नेक्स्ट-जेनरेशन C2 मॉडम के साथ आएगा और इसमें यूजर्स को सैटेलाइट बेस्ड 5G कनेक्टिविटी का फीचर मिलेगा। क्यूपरटिनो स्थित कंपनी NR-NTN यानी न्यू रेडियो नॉन टेरेस्ट्रियल नेटवर्क टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है। यह तकनीक iPhone को लो-ऑर्बिट सैटेलाइट्स से डायरेक्ट कनेक्ट करने में सक्षम बनाएगी। इस फीचर की मदद से यूजर्स रिमोट एरिया या लो नेटवर्क कवरेज वाले स्थानों पर भी 5G इंटरनेट और कॉलिंग का लाभ उठा सकेंगे।
C2 मॉडम और NR-NTN टेक्नोलॉजी का फायदा
चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Weibo पर पोस्ट हुई जानकारी के अनुसार, iPhone 18 Pro में C2 बेसबैंड में मौजूद NR-NTN तकनीक यूजर के डिवाइस को लो नेटवर्क या नो नेटवर्क कवरेज वाले रिमोट एरिया में भी सैटेलाइट कनेक्टिविटी देगी। इसका मतलब है कि यूजर्स को 5G इंटरनेट और कॉलिंग के लिए ऑन ग्राउंड नेटवर्क कवरेज पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। एप्पल ने पहले iPhone 14 में सैटेलाइट कनेक्टिविटी फीचर पेश किया था, लेकिन यह काफी लिमिटेड था। नए iPhone 18 Pro में यह फीचर और एडवांस होगा।

iPhone 14 के मुकाबले बड़ा अपग्रेड
iPhone 14 में यूजर्स को इमरजेंसी SOS, फाइंड माई डिवाइस, मैसेज और रोडसाइड असिस्टेंस जैसी सुविधाएं सैटेलाइट कनेक्टिविटी के साथ दी गई थीं। लेकिन यह सभी देशों में उपलब्ध नहीं थी। iPhone 18 Pro का C2 मॉडम पुराने C1 और C1X चिप की तुलना में ज्यादा एडवांस है। यह मॉडम कंजेस्टेड नेटवर्क में भी अच्छी कवरेज दे सकता है। साथ ही इसमें लिमिट प्रिसाइज लोकेशन फीचर भी होने की संभावना है, जो यूजर की लोकेशन की सटीक जानकारी देगा।
वैश्विक टेक कंपनियां भी NR-NTN पर काम कर रही हैं
इस साल चीनी कंपनी Huawei ने भी बताया है कि वह अपना NR-NTN सॉल्यूशन पब्लिक टेस्टिंग के लिए तैयार कर रही है। पिछले साल यह पब्लिक टेस्टिंग के लिए आना था, लेकिन अब इसे इस साल टेस्ट किया जा सकता है। iPhone 18 सीरीज के प्रो मॉडल्स के अलावा iPhone 18 में भी C2 मॉडम दिया जा सकता है। सैटेलाइट कनेक्टिविटी की मदद से यूजर्स बिना नेटवर्क कवरेज के भी 5G सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। यह फीचर iPhone को रिमोट लोकेशन में भी पूरी तरह काम करने योग्य बनाएगा।
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एयरटेल ने दिसंबर में जोड़े 54.2 लाख नए यूजर्स, कंपनी के यूजर्स 46 करोड़ पार
भारती एयरटेल अपने नेटवर्क में तेजी से नए यूजर्स जोड़ रही है। हाल ही में TRAI की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि दिसंबर महीने में एयरटेल ने 54.2 लाख नए यूजर्स अपने नेटवर्क में शामिल किए। सुनील भारती मित्तल की कंपनी ने अन्य टेलीकॉम ऑपरेटर्स के मुकाबले दोगुना से भी ज्यादा नए ग्राहकों को आकर्षित किया है। इस वृद्धि के साथ एयरटेल के कुल यूजर्स की संख्या अब 46.33 करोड़ के पार पहुंच गई है। कंपनी ने यह सफलता अपने सस्ते और लंबी वैलिडिटी वाले प्लान्स की वजह से हासिल की है, जिनमें यूजर्स को पूरे भारत में अनलिमिटेड कॉलिंग और डेटा का लाभ मिलता है।
2249 रुपये वाला लंबी वैलिडिटी प्लान
एयरटेल का 2249 रुपये वाला रिचार्ज प्लान सबसे लोकप्रिय विकल्पों में से एक बन चुका है। इस प्लान की वैलिडिटी 365 दिनों की है, यानी एक बार रिचार्ज करने के बाद पूरे साल सेवा का लाभ लिया जा सकता है। इस प्लान में यूजर्स को पूरे भारत में किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग और फ्री नेशनल रोमिंग का लाभ मिलता है। इसके अलावा, 3,600 फ्री SMS भी इस प्लान में शामिल हैं। डेटा की बात करें तो यूजर्स को कुल 30GB डेटा मिलता है। साथ ही, 1 साल के लिए Adobe Express Premium का सब्सक्रिप्शन भी इस प्लान में शामिल है, जिससे यूजर्स फोटो और वीडियो एडिटिंग का फायदा उठा सकते हैं।

1798 रुपये वाला फीचर फोन प्लान
एयरटेल ने 2G फीचर फोन इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए भी एक सस्ता और लंबी वैलिडिटी वाला प्लान पेश किया है। इस 1798 रुपये वाले प्लान की वैलिडिटी भी 365 दिनों की है। इसमें यूजर्स को पूरे भारत में अनलिमिटेड कॉलिंग और फ्री नेशनल रोमिंग का लाभ मिलता है। इसके अलावा यूजर्स को 3,600 फ्री SMS और 1 साल के लिए Adobe Express Premium का सब्सक्रिप्शन भी दिया जाता है। इस प्लान में डेटा शामिल नहीं है, लेकिन यूजर्स चाहें तो डेटा ऐड-ऑन पैक के साथ इसे जोड़ सकते हैं। TRAI के निर्देशों के बाद एयरटेल ने पिछले साल यह लंबी वैलिडिटी वाले प्लान लॉन्च किया था।
एयरटेल की रणनीति और यूजर्स को मिलने वाले लाभ
एयरटेल की यह रणनीति साफ तौर पर नए यूजर्स को आकर्षित करने और मौजूदा ग्राहकों को बनाए रखने पर केंद्रित है। सस्ते और लंबी वैलिडिटी वाले प्लान्स के जरिए कंपनी ने मोबाइल डेटा और कॉलिंग की जरूरतों को पूरा किया है। यह प्लान्स न केवल व्यक्तिगत यूजर्स बल्कि छोटे व्यवसायों और लंबे समय तक सेवाओं की तलाश करने वाले यूजर्स के लिए भी लाभकारी हैं। कंपनी की यह पहल भारतीय टेलीकॉम उद्योग में प्रतिस्पर्धा को बढ़ाएगी और अन्य ऑपरेटर्स को भी नए और आकर्षक प्लान्स पेश करने के लिए प्रेरित करेगी।
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TRAI का नया AI प्रस्ताव स्पैम कॉल्स पर करेगा तुरंत कार्रवाई और नंबर को ब्लॉक
टेलीकॉम रेगुलेटर TRAI ने फर्जी कॉल्स और ऑनलाइन फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए एक नया प्रस्ताव तैयार किया है। इस योजना के तहत यूजर्स के नंबर पर आने वाली संदिग्ध कॉल्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए ऑटोमैटिकली डिटेक्ट किया जाएगा। AI फिल्टर कॉल को खुद पहचान लेगा और जिस नंबर से फर्जी कॉल आ रही होगी, उसे बिना किसी शिकायत के ही ब्लॉक कर दिया जाएगा। TRAI का उद्देश्य इस कदम से टेलीकॉम यूजर्स को लगातार बढ़ रही स्पैम कॉल्स और धोखाधड़ी से बचाना है।
स्पैम कॉल्स के खिलाफ सख्ती बढ़ाने की योजना
ET टेलीकॉम की रिपोर्ट के अनुसार, TRAI मौजूदा नियमों में बदलाव कर स्पैम कॉल्स पर और सख्ती लाने वाला है। वर्तमान नियमों के मुताबिक, किसी नंबर पर तभी कार्रवाई होती है जब 10 दिनों में उस नंबर के खिलाफ कम से कम पांच शिकायतें दर्ज हों। TRAI अब इस नियम में बदलाव पर विचार कर रहा है और इंडस्ट्री से सुझाव मांग रहा है। AI फिल्टर लागू होने के बाद संदिग्ध नंबरों को तुरंत ब्लॉक किया जा सकेगा, जिससे फर्जी कॉल्स के मामले में समय पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

स्पैम कॉल्स की बढ़ती घटनाओं के आंकड़े
दूरसंचार विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 तक स्पैम कॉल्स की शिकायतें 3.34 लाख के पार पहुंच गई थीं। वहीं फरवरी 2025 में केवल 1.16 लाख शिकायतें ही दर्ज हुई थीं। टेलीकॉम कंपनियां हर महीने लगभग 30 से 40 करोड़ कॉल्स को संदिग्ध मानकर मॉनिटर करती हैं। इसके बावजूद यूजर्स द्वारा रोजाना की जाने वाली शिकायतें केवल 10 हजार प्रतिदिन ही दर्ज होती हैं। यही वजह है कि TRAI ने AI आधारित ऑटोमैटिक डिटेक्शन की योजना पेश की है, ताकि स्पैम कॉल्स के खिलाफ तेजी से और प्रभावी कदम उठाए जा सकें।
स्टेकहोल्डर्स के कमेंट और संभावित चुनौतियां
TRAI के इस प्रस्ताव से स्कैमर्स के साथ-साथ कुछ वैध सेवाओं में भी परेशानी आ सकती है। उदाहरण के लिए, ऑनलाइन डिलीवरी एजेंट्स या बैंकिंग सेवाओं द्वारा किए जाने वाले कॉल्स AI के नजरिए में फर्जी कॉल के रूप में पहचान किए जा सकते हैं। ऐसे में जरूरी कॉल्स ब्लॉक होने की संभावना रहती है। TRAI फिलहाल इस प्रस्ताव पर स्टेकहोल्डर्स की राय का इंतजार कर रहा है। उनके सुझावों के बाद ही अंतिम नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि फर्जी कॉल्स रोकने के साथ-साथ सामान्य सेवाओं में कोई बाधा न आए।
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