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IPOs in 2026: टेक और वित्तीय कंपनियों की बंपर IPO लिस्टिंग, 2026 में ₹2.65 लाख करोड़ की उम्मीद

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IPOs in 2026: टेक और वित्तीय कंपनियों की बंपर IPO लिस्टिंग, 2026 में ₹2.65 लाख करोड़ की उम्मीद

IPOs in 2026: भारत की प्राइमरी मार्केट ने 2025 में जबरदस्त गतिविधि देखी। इस दौरान 103 भारतीय कंपनियों ने मेनबोर्ड IPOs के माध्यम से कुल ₹1,75,901 करोड़ जुटाए, जो पिछले वर्ष 91 IPOs द्वारा जुटाए गए ₹1,59,784 करोड़ की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। यह स्पष्ट संकेत है कि भारतीय बाजार में निवेशकों का उत्साह और कंपनियों की पूंजी जुटाने की क्षमता बढ़ रही है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2026 में भी IPOs का यह दौर जारी रहेगा और कई बड़ी और विविध कंपनियां अपनी पूंजी जुटाने के लिए बाजार में उतरेंगी।

2026 में बड़ी कंपनियों की IPO तैयारी

रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय सेवाओं, निर्माण, उपभोक्ता उत्पाद, प्रौद्योगिकी और इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे विभिन्न क्षेत्रों की कई बड़ी कंपनियां 2026 में बाजार से फंड जुटाने की तैयारी कर रही हैं। कुल पूंजी जुटाने का अनुमान लगभग ₹2.65 लाख करोड़ है। इस साल के IPO पाइपलाइन में कुल 202 कंपनियों की योजनाएं शामिल हैं, जिनमें से सात नई-उम्र की टेक्नोलॉजी कंपनियां अकेले लगभग ₹22,500 करोड़ जुटाने की योजना बना रही हैं। इनमें ज़ोमैटो की मूल कंपनी Eternal, FSN E-Commerce Ventures (जो Nykaa चलाती है), और Paytm की मूल कंपनी One 97 Communications शामिल हैं।

IPOs in 2026: टेक और वित्तीय कंपनियों की बंपर IPO लिस्टिंग, 2026 में ₹2.65 लाख करोड़ की उम्मीद

SEBI की मंजूरी और लिस्टिंग का इंतजार

मार्केट डेटा प्रदाता PRIME Database की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के लिए लगभग ₹1.40 लाख करोड़ के IPOs अभी भी SEBI की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, अन्य IPOs जिनकी कुल वैल्यू लगभग ₹1.25 लाख करोड़ है, उन्हें SEBI की मंजूरी मिल चुकी है और वे अब स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग के लिए तैयार हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि भारतीय पूंजी बाजार में निवेश और फंड जुटाने की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं और निवेशकों के लिए नए अवसर खुल रहे हैं।

निवेशकों के लिए सलाह और रणनीति

IPO की इस भीड़ में रिलायंस जियो, फ्लिपकार्ट, boAt, Hero FinCorp, और OYO जैसी बड़ी कंपनियां भी अपनी लिस्टिंग की तैयारी कर रही हैं। विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि वे सभी IPOs में तुरंत निवेश करने के बजाय सावधानी से चयन करें। किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले उसके व्यवसाय के मूल तत्व, लाभप्रदता की रणनीति और वैल्यूएशन का पूरा विश्लेषण करना जरूरी है। ऐसा करने से निवेशक जोखिम को कम कर सकते हैं और बेहतर रिटर्न की संभावना बढ़ा सकते हैं।

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Bharat Coking Coal IPO में दिखा ग्रे मार्केट में जबरदस्त प्रीमियम, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी

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Bharat Coking Coal IPO में दिखा ग्रे मार्केट में जबरदस्त प्रीमियम, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी

Bharat Coking Coal IPO: नए साल की शुरुआत में ही शेयर बाजार में एक बड़ी कंपनी का IPO आने जा रहा है। कोयला क्षेत्र की एक प्रमुख सरकारी कंपनी की सहायक कंपनी, भारत कोकिंग कोल, अपने IPO के जरिए पब्लिक हो रही है। इस आईपीओ की कुल कीमत करीब ₹1,071 करोड़ तय की गई है। यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा, यानी कंपनी नई शेयर्स जारी नहीं करेगी बल्कि प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। आइए इस IPO के बारे में विस्तार से जानते हैं।

कीमत और बिडिंग की जानकारी

भारत कोकिंग कोल ने अपने IPO के लिए ₹21 से ₹23 प्रति शेयर की कीमत तय की है। इस आईपीओ में निवेशक 600 शेयर्स के लॉट के हिसाब से बिड कर सकते हैं। कंपनी के कर्मचारियों को प्रति शेयर ₹2 की छूट भी दी जाएगी। IPO 9 जनवरी को खुल जाएगा और 13 जनवरी तक निवेशक अपनी बिड जमा कर सकते हैं। शेयर आवंटन की प्रक्रिया 14 जनवरी को पूरी होगी और इसके बाद 16 जनवरी को ये शेयर्स BSE और NSE दोनों पर लिस्ट होंगे।

शेयर जारी करने की संख्या और प्रमोटर का स्टेक

इस आईपीओ के तहत कुल 46.57 करोड़ शेयर्स जारी किए जाएंगे, जिनकी फेस वैल्यू ₹10 प्रति शेयर है। चूंकि यह ऑफर फॉर सेल है, इसलिए कंपनी कोई नई शेयर जारी नहीं कर रही है। इसके माध्यम से प्रमोटर, कोल इंडिया, अपनी हिस्सेदारी में लगभग 10 प्रतिशत की कटौती करेगा। यह कदम कंपनी के लिए पूंजी बाजार में स्थिरता और विकास का रास्ता खोलने में मदद करेगा।

ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर्स की स्थिति

ग्रे मार्केट में भारत कोकिंग कोल के शेयर्स अच्छी तेजी दिखा रहे हैं। शेयर्स की कीमत आईपीओ के ऊपरी बैंड से ₹16.25 तक प्रीमियम पर ट्रेड कर रही है, जो निवेशकों के बीच इस आईपीओ के प्रति उत्साह को दर्शाता है। इस बढ़त से साफ है कि बाजार में इस आईपीओ को लेकर सकारात्मक रुझान है और निवेशकों की रुचि बढ़ रही है। ऐसे में यह निवेशकों के लिए एक अच्छा मौका हो सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो सरकारी सेक्टर में निवेश करना चाहते हैं।

यह IPO न केवल भारत कोकिंग कोल के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पूरे कोयला क्षेत्र में निवेशकों की रुचि को भी बढ़ावा देगा। निवेशक ध्यान दें कि ऑफर फॉर सेल होने के कारण कंपनी के भविष्य के विकास पर इसका सीधा असर नहीं पड़ेगा, परंतु प्रमोटर का स्टेक कम होने से शेयर बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी का संतुलन बेहतर हो सकता है। कुल मिलाकर, यह IPO एक महत्वपूर्ण निवेश अवसर साबित हो सकता है।

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Best Defence Stocks 2026: डिफेंस सेक्टर में मजबूत वापसी, 2026 में निवेशकों के लिए HAL और Bharat Dynamics पर नजर

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Best Defence Stocks 2026: डिफेंस सेक्टर में मजबूत वापसी, 2026 में निवेशकों के लिए HAL और Bharat Dynamics पर नजर

Best Defence Stocks 2026: वित्तीय वर्ष 2025 निवेशकों के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा। कभी बाजार में उम्मीद दिखाई दी, तो कभी सतर्क रहने का संकेत मिला। आज 31 दिसंबर 2025 के साथ यह वर्ष समाप्त हो रहा है और अब निवेशकों की नजर 2026 के बाजार पर होगी। ऐसे में कई निवेशक उन सेक्टर्स की ओर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, जिनमें भविष्य में संभावनाएं अधिक दिखाई देती हैं। डिफेंस सेक्टर 2026 के लिए लंबी अवधि के निवेश के लिहाज से सबसे मजबूत विकल्पों में माना जा रहा है। लगातार सरकारी ऑर्डर और निर्यात में बढ़ोतरी इस सेक्टर की कंपनियों को स्थिरता प्रदान कर रही है।

डिफेंस सेक्टर की मजबूती

ब्रोकरेज फर्म मोटीलाल ओसवाल के अनुसार, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) जैसी कंपनियां अपने मजबूत ऑर्डर बुक, बेहतर मुनाफाखोरी और देशी निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान के कारण भविष्य में अच्छा प्रदर्शन कर सकती हैं। लगातार सरकारी परियोजनाएं और निर्यात की मांग इन कंपनियों को दीर्घकालिक स्थिरता प्रदान कर रही हैं। इससे निवेशकों को 2026 में बेहतर लंबी अवधि की रिटर्न मिलने की संभावना है।

मोटीलाल ओसवाल के पसंदीदा स्टॉक्स

मोटीलाल ओसवाल ने डिफेंस सेक्टर की कुछ प्रमुख कंपनियों पर भरोसा जताया है। फर्म के अनुसार, भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स का वर्तमान बाजार मूल्य ₹393 है और इसका लक्ष्य मूल्य ₹500 रखा गया है। HAL का शेयर वर्तमान में ₹4,377 पर है, जबकि इसका लक्ष्य मूल्य ₹5,800 है। इसके अलावा, भारत डायनामिक्स का लक्ष्य मूल्य ₹2,000 है, जो इसके वर्तमान मूल्य ₹1,473 से अधिक है।

अन्य कंपनियों के प्रदर्शन और संभावनाएं

ब्रोकरेज फर्म ने एस्ट्रा माइक्रोवेव प्रोडक्ट्स पर भी सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया है। कंपनी का वर्तमान मूल्य ₹979 है और इसका लक्ष्य मूल्य ₹1,100 रखा गया है। वहीं, ज़ेन टेक्नोलॉजीज पर फर्म का नजरिया न्यूट्रल है, जिसमें कंपनी का CMP ₹1,386 है और लक्ष्य मूल्य ₹1,400 है। कुल मिलाकर, डिफेंस सेक्टर की इन प्रमुख कंपनियों में निवेश से 2026 में लंबी अवधि में सुरक्षित और आकर्षक रिटर्न मिलने की संभावना दिखाई देती है। निवेशकों के लिए यह समय डिफेंस स्टॉक्स पर नजर रखने और संभावित निवेश अवसरों को पहचानने का उपयुक्त अवसर है।

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Silver and Gold Price: सोने-चांदी के रिकॉर्ड रुख के बाद निवेशकों ने किया लाभ बुकिंग, भाव में तेज गिरावट

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Silver and Gold Price: सोने-चांदी के रिकॉर्ड रुख के बाद निवेशकों ने किया लाभ बुकिंग, भाव में तेज गिरावट

Silver and Gold Price: सोने और चांदी के दाम में हाल ही में तेज़ बढ़ोतरी के बाद सोमवार को निवेशकों ने भारी मुनाफा बुकिंग की, जिससे दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। सोमवार को चांदी के वायदा व्यापार में कीमतें अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से लगभग 3 प्रतिशत गिरकर ₹2.32 लाख प्रति किलो पर आ गईं। शुरुआती ट्रेडिंग में चांदी ने नया रिकॉर्ड लगाते हुए ₹2,54,174 प्रति किलो का स्तर छू लिया था, लेकिन इसके तुरंत बाद निवेशकों ने अचानक मुनाफा बुक करना शुरू कर दिया। मल्टी-कॉमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी वायदा आज ₹7124 (2.97 प्रतिशत) की गिरावट के साथ ₹2,32,663 प्रति किलो पर बंद हुआ। पिछले सप्ताह ही चांदी की कीमतों में 15.04 प्रतिशत (₹31,348) की तेजी देखने को मिली थी, जिससे निवेशकों में उत्साह था, लेकिन सोमवार को प्रॉफिट बुकिंग ने इस तेजी को पलट दिया।

सोने पर भी मुनाफा बुकिंग का असर

चांदी की तरह ही सोने ने भी सोमवार को ऊंची शुरुआत की, लेकिन मुनाफा बुकिंग ने इसके बढ़त को उलटकर नुकसान में बदल दिया। सोने की कीमतों में चार लगातार दिनों की तेजी के बाद सोमवार को गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को सोने के वायदा ₹1497 (1.07 प्रतिशत) की गिरावट के साथ ₹1,38,376 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुए। शुक्रवार को सोने ने नया रिकॉर्ड उच्च स्तर ₹1,40,465 प्रति 10 ग्राम छुआ था। HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटीज) सौमिल गांधी ने कहा, “सोने और चांदी की कीमतें सोमवार को यूरोपीय ट्रेडिंग सेशन में रिकॉर्ड उच्च स्तर से गिर गईं क्योंकि निवेशकों ने रिकॉर्ड तोड़ तेजी के बाद मुनाफा बुक किया।”

निवेशकों के लिए चेतावनी का संकेत

सौमिल गांधी ने कहा कि दोनों ही कीमती धातुएँ उच्च समय सीमा में ओवरबॉट क्षेत्र में हैं, जो निवेशकों के लिए एक चेतावनी का संकेत है। उन्होंने बताया कि इस तेजी को जारी रखने से पहले एक अच्छा सुधार आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा, “महीने और वर्ष के अंत में निवेशक अपनी पोजीशंस समायोजित और रीबैलेंस करते हैं, जिससे बुलियन की कीमतों पर और दबाव बन सकता है।” यह संकेत देता है कि निवेशकों को जल्दबाजी में निवेश करने से बचना चाहिए और बाजार की स्थिति को ध्यान से समझकर ही कदम उठाना चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। COMEX पर चांदी की कीमत $3.49 (4.51 प्रतिशत) की गिरावट के साथ $73.71 प्रति औंस पर आ गई। पहले के ट्रेडिंग सेशन में चांदी ने $80 प्रति औंस का स्तर पार करते हुए $5.47 (7.09 प्रतिशत) की उछाल के साथ $82.67 प्रति औंस का रिकॉर्ड उच्च स्तर छुआ था। वहीं, फरवरी डिलीवरी के लिए सोना भी कम हुआ और $72.55 (1.59 प्रतिशत) गिरकर $4480.15 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था। इस अंतरराष्ट्रीय गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी देखा गया और निवेशकों ने तेजी से मुनाफा बुक करते हुए अपने जोखिम को कम करने का प्रयास किया।

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