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भारत ने पाकिस्तान को SCO संस्कृति शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया; राजनाथ सिंह ने आतंकवाद पर कड़ा संदेश दिया

भारत ने पाकिस्तान के राष्ट्रीय विरासत और संस्कृति मंत्री औरंगजेब खान खिची को 20-21 नवंबर को नई दिल्ली में होने वाले SCO (शंघाई सहयोग संगठन) संस्कृति शिखर सम्मेलन के लिए आधिकारिक तौर पर आमंत्रित किया है। इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक सामूहिक कार्रवाई का आह्वान किया है। उन्होंने क्षेत्रीय सुरक्षा जवाबदेही और आर्थिक सहयोग के महत्व पर जोर दिया।

भारत ने पाकिस्तान को SCO संस्कृति शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया

भारत ने पाकिस्तान के राष्ट्रीय विरासत और संस्कृति मंत्री औरंगजेब खान खिची को 20-21 नवंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले SCO संस्कृति शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए आधिकारिक निमंत्रण भेजा है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारत-पाकिस्तान संबंधों में सुरक्षा संबंधी चिंताएं और आतंकवाद प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सदस्य देशों को सांस्कृतिक संबंध मजबूत करने बातचीत को बढ़ावा देने और सहयोग के नए क्षेत्रों की तलाश करने के लिए एक बहुपक्षीय मंच प्रदान करता है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पाकिस्तान इस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेगा या नहीं।

राजनाथ सिंह ने आतंकवाद पर कड़ा संदेश दिया

जहां भारत ने SCO मंच के माध्यम से सांस्कृतिक जुड़ाव के लिए दरवाजे खोले हैं वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद पर नई दिल्ली के सख्त रुख को दोहराया है।

भारत ने पाकिस्तान को SCO संस्कृति शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया; राजनाथ सिंह ने आतंकवाद पर कड़ा संदेश दिया

ताजिकिस्तान की राजधानी दुशान्बे में SCO के ‘हेड्स ऑफ गवर्नमेंट’ (शासनाध्यक्षों) की परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए सिंह ने आतंकवाद को शांति विकास और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक बताया।

उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद न केवल निर्दोष लोगों की जान लेता है बल्कि निवेश व्यापार और आर्थिक प्रगति में भी बाधा डालता है। सिंह के अनुसार आतंकवाद को किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता और इससे निपटने में दोहरे मापदंडों (डबल स्टैंडर्ड्स) के लिए कोई जगह नहीं है। आतंकवादी नेटवर्क के लिए कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं

सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई केवल उन लोगों तक सीमित नहीं होनी चाहिए जो सीधे हमले करते हैं। उन्होंने उन नेटवर्कों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जो आतंकवादी समूहों को वित्तीय सहायता राजनीतिक समर्थन या सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराते हैं।

उनकी यह टिप्पणी पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार की मौजूदगी में आई जो खुद भी SCO की इस बैठक में शामिल थे।

सिंह के बयान ने भारत के इस रुख को और मजबूत किया है कि आतंकवाद से निपटने की एक प्रभावी रणनीति के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है। साथ ही आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन करने वाले सभी लोगों के लिए जवाबदेही तय करना भी जरूरी है। भारत ने आर्थिक सहयोग पर जोर दिया

सुरक्षा चिंताओं के साथ-साथ भारत ने SCO सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग के महत्व को रेखांकित किया। सिंह ने बहुपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग पर प्रस्तावित 2026–2030 की कार्ययोजना का समर्थन किया।

उन्होंने मजबूत सप्लाई चेन बनाने व्यापार और निवेश को आसान बनाने और विकास को बढ़ावा देने के लिए तकनीक का उपयोग करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

भारत ने SCO के स्थायी निकायों की स्थापना से जुड़े फैसलों का भी स्वागत किया जिनमें ताशकंद में एक ‘यूनिवर्सल सेंटर’ और दुशांबे में एक ‘एंटी-ड्रग सेंटर’ शामिल हैं।

कूटनीति और सुरक्षा मुख्य प्राथमिकताएं बनी हुई हैं

पाकिस्तान को सांस्कृतिक शिखर सम्मेलन के लिए भारत का निमंत्रण और साथ ही आतंकवाद पर सिंह का सख्त रुख क्षेत्रीय कूटनीति के दो महत्वपूर्ण पहलुओं को दर्शाता है। जहां सांस्कृतिक जुड़ाव बातचीत का अवसर देता है वहीं सुरक्षा चिंताओं के लिए ठोस कार्रवाई और जवाबदेही जरूरी है।

अंततः इस क्षेत्र में स्थायी स्थिरता केवल कूटनीतिक बैठकों और आधिकारिक बयानों से हासिल नहीं होगी। एक अधिक शांतिपूर्ण और सुरक्षित क्षेत्र बनाने के लिए आपसी विश्वास सार्थक आर्थिक सहयोग और आतंकवाद के खिलाफ निरंतर व निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता होगी।

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