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DK Shivakumar Delhi Visit: कर्नाटक कांग्रेस में राजनीतिक हलचल के बीच डीके शिवकुमार का दिल्ली दौरा
DK Shivakumar Delhi Visit: कर्नाटक कांग्रेस पार्टी में हाल ही में उठी राजनीति की हलचल अब कुछ हद तक शांत हो गई है, लेकिन उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के अचानक दिल्ली दौरे ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। हालांकि, डीके शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि उनका यह दौरा राजनीतिक नहीं है। उन्होंने कहा कि वे अपने बेटे के मित्र की शादी में शामिल होने के लिए दिल्ली आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि संसद का सत्र चल रहा है, इसलिए वे पार्टी हाई कमांड से मिलने में असमर्थ हैं।
दिल्ली दौरा नहीं, शादी का कार्यक्रम
दिल्ली पहुंचने के बाद डीके शिवकुमार ने कहा, “मेरा कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है। मैं अपने मित्र के बेटे की शादी में शामिल होने आया हूँ। इसके साथ ही मैं 14 दिसंबर को होने वाले वोट-स्टीलिंग रैली की तैयारियों पर चर्चा करना चाहता था। हमें उम्मीद है कि कर्नाटक से 10,000 से अधिक लोग इसमें शामिल होंगे। मैं अपने सहयोगियों और अन्य मित्रों से यह जानने के लिए मिला कि हम क्या व्यवस्थाएं कर सकते हैं।”
#WATCH | Karnataka Deputy CM DK Shivakumar says, "No political agenda. I have come here for my friend's son's wedding. Also, I wanted to make arrangements for the December 14 Vote Chori rally…We are expecting more than 10,000 people to come from Karnataka. I just wanted to… https://t.co/4uVvjMfBa4 pic.twitter.com/qEwiKrws8V
— ANI (@ANI) December 3, 2025
हाई कमांड से मिलने की संभावना नहीं
डीके शिवकुमार ने कहा, “कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष होने के नाते मेरी जिम्मेदारी है कि मैं इन सभी चीज़ों को देखूं। हमें कर्नाटक को साथ मिलकर आगे बढ़ाना है। मैं सुबह जल्दी लौटूंगा क्योंकि मेरी कैबिनेट बैठक 11 बजे है।” जब उनसे पूछा गया कि क्या वे दिल्ली में पार्टी हाई कमांड से मिलेंगे, तो उन्होंने कहा, “सर्दी का संसद सत्र चल रहा है, सभी व्यस्त हैं। मुझे नहीं लगता कि मैं किसी से मिल पाऊंगा।”
समर्थकों के बीच उठे नारे और कर्नाटक की राजनीति
इस बीच मंगलुरु हवाई अड्डे पर महासचिव केसी वेणुगोपाल का स्वागत करने के दौरान कुछ घटनाएं हुईं, जिससे कर्नाटक में राजनीति की अस्थिरता को लेकर अटकलें लगने लगीं। वेणुगोपाल का स्वागत डीके शिवकुमार के समर्थन में नारों के साथ किया गया। इसके जवाब में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के समर्थकों ने भी नारों के जरिए पूरी अवधि के लिए सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री बनाए रखने की मांग की। इससे यह स्पष्ट हो गया कि कर्नाटक कांग्रेस में अंदरूनी मतभेद और राजनीतिक समीकरण अभी भी गर्म हैं