
DELHI NEWS(India 365 news): दिवाली और छठ पर घर जाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए इस बार सफर करना काफी मुश्किल होता नजर आ रहा है। दिल्ली से बिहार झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश जाने वाली ट्रेनों में टिकट मिलना आसान नहीं है। कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है तो कुछ में टिकटों की बुकिंग बंद हो चुकी है। वहीं निजी बसों का किराया भी इतना बढ़ गया है कि आम यात्रियों की जेब पर भारी पड़ रहा है।
हर साल त्योहार के समय दिल्ली में रहने वाले लाखों लोग अपने घर लौटते हैं। कोई दिवाली मनाने जाता है तो कोई छठ पूजा पर परिवार के साथ रहने के लिए पहले से टिकट बुक कराता है। लेकिन इस बार यात्रियों की भीड़ इतनी ज्यादा है कि रेलवे में कन्फर्म टिकट मिलना बड़ी चुनौती बन गया है।
दिल्ली से पटना और बिहार के दूसरे शहरों के साथ झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। लोग लगातार टिकट तलाश रहे हैं लेकिन ज्यादातर प्रमुख ट्रेनों में सीटें भर चुकी हैं। जिन यात्रियों ने पहले से टिकट नहीं कराया था उनके सामने अब घर पहुंचने का रास्ता तलाशने की मजबूरी है।
ट्रेन में जगह नहीं मिलने के बाद लोग निजी बसों और फ्लाइट का रुख कर रहे हैं। लेकिन यहां भी राहत मिलती नहीं दिख रही है। ऐप के जरिए चलने वाली एसी बसों का किराया सामान्य दिनों के मुकाबले दो से तीन गुना तक बढ़ गया है। कई रूटों पर बस का किराया 6500 रुपये के पार पहुंच गया है। ऐसे में परिवार के साथ सफर करने वालों को काफी ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।
यात्रियों का कहना है कि त्योहार पर घर जाना जरूरी है लेकिन टिकटों की कमी और बढ़ते किराये ने बजट बिगाड़ दिया है। खासकर नौकरी और काम के सिलसिले में दिल्ली में रहने वाले बिहार और पूर्वांचल के लोगों के लिए यह परेशानी ज्यादा है।
अब जिन लोगों को ट्रेन में कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा है उन्हें बस या फ्लाइट के महंगे विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहार पर घर पहुंचने की चाह तो सबकी है लेकिन इस बार सफर का खर्च और टिकटों की मारामारी लोगों की मुश्किल बढ़ा रही है।
