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Delhi Election Result 2025: BJP ने AAP को हराया, गौरव भाटिया ने ‘डबल इंजन सरकार’ का किया दावा

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Delhi Election Result 2025: BJP ने AAP को हराया, गौरव भाटिया ने 'डबल इंजन सरकार' का किया दावा

Delhi Election Result 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को बहुमत मिलता दिख रहा है। इस बीच बीजेपी के वरिष्ठ नेता गौरव भाटिया ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है और यह साबित कर दिया है कि अब वह “डबल इंजन सरकार” चाहती है। गौरव भाटिया ने जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार लोगों ने आम आदमी पार्टी (आप) की नकारात्मक राजनीति को नकार दिया है और बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाया है।

गौरव भाटिया का आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला

बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आप सरकार को भ्रष्टाचार में लिप्त बताया और कहा कि यह सरकार केवल वादे करने में माहिर रही है, लेकिन धरातल पर जनता को धोखा दिया गया। गौरव भाटिया ने कहा, “दिल्ली की जनता अब इस बेईमानी को सहन करने के मूड में नहीं है।”

उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी सरकार के कई घोटालों की सच्चाई धीरे-धीरे सामने आ रही है और जनता को इन भ्रष्टाचार के मामलों की पूरी जानकारी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता अब जागरूक हो गई है और भ्रष्टाचार से तंग आकर बदलाव चाहती है।

‘परिणामों का इंतजार करें, BJP बनाएगी सरकार’

गौरव भाटिया ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी और उनके नेता लगातार चुनाव आयोग, पुलिस और ईवीएम पर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब यह नकारात्मक राजनीति का दौर समाप्त होने जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाना जनता के निर्णय का अपमान है।

गौरव भाटिया ने जनता से अपील की कि वे चुनाव परिणामों का इंतजार करें और भरोसा जताया कि बीजेपी दिल्ली में सरकार बनाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी पूरी तरह से तैयार है और जनता की सेवा के लिए तत्पर है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बीजेपी सरकार दिल्ली में विकास कार्यों को प्राथमिकता देगी और जनता की उम्मीदों पर खरी उतरेगी।

डबल इंजन सरकार का एजेंडा: विकास और पारदर्शिता

गौरव भाटिया ने कहा कि दिल्ली को अब डबल इंजन सरकार की जरूरत है, जिससे राजधानी का तेजी से विकास हो सके। उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली में बीजेपी सरकार बनती है, तो केंद्र और राज्य सरकार मिलकर विकास कार्यों को गति देंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि दिल्ली में इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्रों में बड़े बदलाव लाए जाएंगे।

भाटिया ने कहा कि बीजेपी सरकार पारदर्शिता के साथ काम करेगी और भ्रष्टाचार पर पूरी तरह से लगाम लगाएगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने पहले ही समझ लिया है कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने केवल वादे किए लेकिन उन पर अमल नहीं किया।

‘आप’ पर भ्रष्टाचार के आरोप, जनता में नाराजगी

गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने कई घोटालों को अंजाम दिया, जिससे जनता का भरोसा उठ चुका है। उन्होंने शराब घोटाले, बस खरीद घोटाले और अन्य कई मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि जनता अब इस भ्रष्टाचार को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।

Delhi Election Result 2025: BJP ने AAP को हराया, गौरव भाटिया ने 'डबल इंजन सरकार' का किया दावा

उन्होंने कहा, “दिल्ली की जनता को धोखा देकर अरविंद केजरीवाल सरकार ने केवल अपनी राजनीति चमकाई है। लेकिन इस बार जनता ने उन्हें जवाब दे दिया है।”

उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी सरकार आने के बाद भ्रष्टाचार के सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।

चुनावी रुझानों पर विपक्ष की प्रतिक्रिया

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के शुरुआती रुझानों में बीजेपी को बहुमत मिलता देख आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि अभी अंतिम नतीजे आना बाकी हैं और वे पूरी उम्मीद कर रहे हैं कि परिणाम उनके पक्ष में आएंगे।

वहीं, कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बीजेपी ने चुनाव प्रचार के दौरान कई झूठे वादे किए, जिससे जनता भ्रमित हुई। कांग्रेस का कहना है कि वे अभी भी दिल्ली में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे और आने वाले समय में मजबूत वापसी करेंगे।

दिल्ली की जनता का मूड: बदलाव की लहर?

अगर चुनावी रुझानों को देखें तो साफ संकेत मिल रहे हैं कि दिल्ली की जनता इस बार बदलाव के मूड में है। 2015 और 2020 के चुनावों में आम आदमी पार्टी ने जबरदस्त जीत दर्ज की थी, लेकिन 2025 के चुनाव में बीजेपी को मिल रहे बढ़ते समर्थन ने यह दर्शा दिया है कि जनता इस बार अलग निर्णय ले रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आम आदमी पार्टी की सरकार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप, विकास कार्यों की धीमी गति और राजनीतिक अस्थिरता की वजह से जनता ने बीजेपी को समर्थन देने का मन बनाया है।

बीजेपी की अगली रणनीति क्या होगी?

अगर बीजेपी बहुमत के साथ सरकार बनाती है तो पार्टी की सबसे पहली प्राथमिकता दिल्ली के अधूरे विकास कार्यों को पूरा करना होगी। बीजेपी के नेताओं ने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था कि अगर उनकी सरकार बनती है तो वे परिवहन व्यवस्था को मजबूत करेंगे, स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाएंगे और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे।

बीजेपी की योजना केंद्र सरकार की नीतियों को दिल्ली में लागू करने की है, जिससे राजधानी को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सके। पार्टी नेताओं का कहना है कि वे ट्रैफिक की समस्या, जल संकट और प्रदूषण को कम करने के लिए बड़े स्तर पर काम करेंगे।

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के रुझानों ने यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि इस बार राजनीतिक परिदृश्य बदल सकता है। बीजेपी को मिल रहे समर्थन से साफ है कि दिल्ली की जनता इस बार डबल इंजन सरकार चाहती है।

गौरव भाटिया और अन्य बीजेपी नेताओं के दावों के मुताबिक, अगर बीजेपी सरकार बनाती है तो दिल्ली में विकास कार्यों को प्राथमिकता मिलेगी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जाएगी।

अब सभी की नजरें चुनाव परिणामों पर टिकी हैं। क्या दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनेगी? क्या आम आदमी पार्टी फिर से वापसी कर पाएगी? इन सवालों के जवाब जल्द ही मिलेंगे।

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असम विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी करेगी मौजूदा विधायकों को बड़े पैमाने पर बदलने की तैयारी

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असम विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी करेगी मौजूदा विधायकों को बड़े पैमाने पर बदलने की तैयारी

असम विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा (BJP) अपने संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। पार्टी का उद्देश्य मौजूदा सत्ताधारी नेताओं में से उन विधायकों को टिकट न देना है जिन पर अल्प-अल्प विरोध या जनविरोधी छवि हो। सूत्रों के अनुसार, पार्टी लगभग 25-30 नए उम्मीदवारों को मैदान में उतार सकती है ताकि वोटरों की थकान को कम किया जा सके और सत्ता बरकरार रखने की संभावनाओं को मजबूत किया जा सके। यह कदम पार्टी की तीसरी बार लगातार सत्ता में बने रहने की रणनीति का हिस्सा है।

चुनावी तैयारियों का तेजी से बढ़ता दबाव

बीजेपी की चुनावी तैयारियों में तेजी आ गई है। सूत्रों का कहना है कि चुनाव आयोग मार्च के दूसरे सप्ताह में चुनाव तिथि घोषित कर सकता है। इसके बाद मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू होगा। चुनावी प्रक्रिया के लिए कम से कम 25 दिन का अंतर रखा जाएगा, जिससे मतदान की संभावित तारीख अप्रैल के पहले सप्ताह में हो सकती है। पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में चुनाव लड़े जाने की संभावना है। पार्टी नेताओं का मानना है कि उनकी नेतृत्व क्षमता असम में चुनावी रणनीति का केंद्रीय हिस्सा है।

असम विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी करेगी मौजूदा विधायकों को बड़े पैमाने पर बदलने की तैयारी

चुनावी मुद्दों पर रणनीति: मैक्रो और माइक्रो लेवल

बीजेपी ने अपने चुनावी अभियान के लिए मुद्दों को दो श्रेणियों में बांटा है—मैक्रो और माइक्रो। मैक्रो स्तर पर पार्टी अवैध प्रवासन, राज्य और केंद्र सरकार की विकास योजनाएं, मोदी सरकार के तहत इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, हिन्दुत्व, महिलाओं का सशक्तिकरण और कांग्रेस नेताओं, विशेषकर गौरव गोस्वामी पर आरोपों को प्रमुखता देगी। वहीं, माइक्रो स्तर पर पार्टी स्थानीय और समुदाय-विशिष्ट समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करेगी। राज्य सरकार ने गांव, ब्लॉक और जिला स्तर पर लगभग 100 समस्याओं की पहचान की है, जिनमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, चाय बगान कर्मचारी और सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। पार्टी का लक्ष्य इन मुद्दों में अपनी उपलब्धियों के आधार पर वोट मांगना है।

प्रधानमंत्री मोदी की रैलियों से बढ़ेगा चुनावी अभियान

चुनाव प्रचार को और मजबूत बनाने के लिए भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 8 से 10 रैलियों के लिए समय मांगा है। यह संकेत देता है कि पार्टी सक्रिय और आक्रामक प्रचार करने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि मोदी की उपस्थिति न केवल जनसमर्थन बढ़ाएगी, बल्कि असम में पार्टी की पकड़ को और मजबूत करेगी। इस बार का चुनाव असम के लिए निर्णायक साबित हो सकता है, और पार्टी की संगठनात्मक और प्रचार रणनीति इसे प्रभावी बनाने के लिए तैयार है।

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Political News: कांग्रेस हाई कमान बोरा को मनाने में लगी, बोरा ने मांगा अंतिम फैसला लेने का समय

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Political News: कांग्रेस हाई कमान बोरा को मनाने में लगी, बोरा ने मांगा अंतिम फैसला लेने का समय

Political News: असम विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सोमवार को पूर्व असम प्रदेश कांग्रेस समिति अध्यक्ष भूपेन बोरा ने पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा की। इस खबर ने कांग्रेस को झटका दिया, जबकि भाजपा ने इसका राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की। शाम तक खबर आई कि बोरा ने इस्तीफा वापस ले लिया है, वहीं मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि वह मंगलवार को उनसे मुलाकात करेंगे।

मुख्यमंत्री सरमा का बयान और भाजपा में शामिल होने की संभावना

उत्तर प्रदेश दौरे पर रहे मुख्यमंत्री सरमा ने मिर्जापुर में कहा, “मुझे नहीं लगता कि उन्होंने इस्तीफा वापस लिया है। मैंने उनसे फोन पर बातचीत की है और उन्होंने मुझे अपने घर आने का निमंत्रण दिया है। अगर इस्तीफा वापस लिया होता, तो ऐसा निमंत्रण क्यों दिया जाता?” उन्होंने आगे कहा, “संभावना है कि वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं। मैं चाहता हूँ कि वह भाजपा में आएं क्योंकि वह असम में कांग्रेस के अंतिम हिंदू नेता हैं।”

Political News: कांग्रेस हाई कमान बोरा को मनाने में लगी, बोरा ने मांगा अंतिम फैसला लेने का समय

कांग्रेस हाई कमान की कोशिश और बोरा का बयान

कांग्रेस हाई कमान ने बोरा को मनाने की कोशिश की। राज्य कांग्रेस प्रभारी जितेंद्र सिंह ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने बोरा से बातचीत की और उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता गौरव गोस्वामी, प्रद्युत बोड़ोलोई, देबब्रत सैकिया और अन्य विधायकों ने भी बोरा के घर जाकर उन्हें मनाने की कोशिश की। हालांकि, बोरा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने हाई कमान से निर्णय पर विचार करने के लिए समय मांगा है। उन्होंने कहा कि वह अपने परिवार और वरिष्ठ नेताओं से सलाह लेकर फैसला करेंगे।

भूपेन बोरा का मुख्यमंत्री के घर आने पर बयान

भूपेन बोरा ने कहा, “यदि कोई मुख्यमंत्री मेरे घर आना चाहता है, तो यह गर्व की बात है।” उन्होंने सरमा के कांग्रेस छोड़ने का जिक्र करते हुए कहा, “एक समय सरमा को भी पार्टी छोड़नी पड़ी क्योंकि उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया। यह आंतरिक राजनीति है। यह राजनीति कितनी देर तक चलेगी?” भूपेन बोरा कांग्रेस के साथ लगभग 32 साल से जुड़े हैं और बिहपुरिया विधानसभा सीट से दो बार विधायक रहे हैं। मुख्यमंत्री सरमा ने पहले कहा था कि यदि बोरा भाजपा में आते हैं तो उन्हें सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ने में मदद मिलेगी।

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Analog Vs Digital Watch: एनालॉग या डिजिटल घड़ी. कौन बताती है ज्यादा सही समय, सच्चाई जानकर चौंक जाएंगे

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Analog Vs Digital Watch: एनालॉग या डिजिटल घड़ी. कौन बताती है ज्यादा सही समय, सच्चाई जानकर चौंक जाएंगे

Analog Vs Digital Watch: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में सही समय जानना बेहद जरूरी हो गया है। ऑफिस हो या कॉलेज। इंटरव्यू हो या कोई जरूरी मीटिंग। अगर कुछ मिनट की भी देरी हो जाए तो परेशानी खड़ी हो सकती है। ऐसे में लोगों के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि आखिर ज्यादा सटीक समय कौन सी घड़ी बताती है। एनालॉग या डिजिटल। देखने में दोनों घड़ियां अलग होती हैं लेकिन असली फर्क इनके काम करने के तरीके में छिपा होता है। कई लोग मानते हैं कि डिजिटल घड़ी ज्यादा सही होती है जबकि कुछ लोग एनालॉग घड़ी पर ज्यादा भरोसा करते हैं। सही जवाब समझने के लिए हमें इनके अंदर की तकनीक को समझना जरूरी है।

एनालॉग घड़ी कैसे बताती है समय

एनालॉग घड़ियों में समय सुइयों के जरिए दिखाया जाता है। इनमें घंटे की सुई मिनट की सुई और कई बार सेकंड की सुई होती है। पारंपरिक मैकेनिकल एनालॉग घड़ियां स्प्रिंग और गियर सिस्टम पर चलती हैं। इन्हें रोज पहनने से झटका लग सकता है। तापमान में बदलाव हो सकता है। इन वजहों से इनमें रोज कुछ सेकंड का फर्क आ सकता है। इसलिए ऐसी घड़ियों को समय समय पर सही करना पड़ता है। वहीं दूसरी ओर क्वार्ट्ज तकनीक वाली एनालॉग घड़ियां बैटरी से चलती हैं। बैटरी से क्वार्ट्ज क्रिस्टल को ऊर्जा मिलती है और वह एक तय गति से कंपन करता है। इससे समय ज्यादा स्थिर और सटीक रहता है। यही वजह है कि आजकल ज्यादातर लोग क्वार्ट्ज एनालॉग घड़ियों को पसंद करते हैं।

Analog Vs Digital Watch: एनालॉग या डिजिटल घड़ी. कौन बताती है ज्यादा सही समय, सच्चाई जानकर चौंक जाएंगे

डिजिटल घड़ियों का अलग तरीका

डिजिटल घड़ियों में समय सीधे अंकों में दिखाई देता है। घंटे मिनट और सेकंड साफ साफ स्क्रीन पर नजर आते हैं। ज्यादातर डिजिटल घड़ियां भी क्वार्ट्ज तकनीक पर ही काम करती हैं। फर्क सिर्फ इतना होता है कि समय एलसीडी या एलईडी स्क्रीन पर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से दिखाया जाता है। डिजिटल घड़ियों की खास बात यह है कि इनमें कई अतिरिक्त फीचर्स मिलते हैं। जैसे अलार्म स्टॉपवॉच टाइमर और कुछ घड़ियों में अपने आप समय अपडेट होने की सुविधा। रोजमर्रा की जिंदगी में ये फीचर्स काफी काम के साबित होते हैं। खासकर छात्रों और ऑफिस जाने वालों के लिए डिजिटल घड़ियां ज्यादा सुविधाजनक मानी जाती हैं।

आखिर कौन सी घड़ी ज्यादा सटीक और बेहतर

असल में समय की सटीकता इस बात पर निर्भर नहीं करती कि घड़ी एनालॉग है या डिजिटल। यह इस पर निर्भर करती है कि उसके अंदर कौन सी तकनीक लगी है। क्वार्ट्ज आधारित एनालॉग और डिजिटल दोनों घड़ियां आमतौर पर महीने में सिर्फ कुछ सेकंड का ही फर्क दिखाती हैं। मैकेनिकल एनालॉग घड़ियां थोड़ी कम सटीक होती हैं और उन्हें समय समय पर सेट करना पड़ता है। वहीं कुछ आधुनिक डिजिटल घड़ियां जीपीएस या रेडियो सिग्नल से आधिकारिक समय के साथ खुद को सिंक कर लेती हैं। इससे वे बेहद सटीक हो जाती हैं। अगर आपको बिल्कुल सही समय चाहिए तो क्वार्ट्ज या जीपीएस आधारित डिजिटल घड़ी बेहतर विकल्प हो सकती है। हालांकि रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए क्वार्ट्ज एनालॉग घड़ियां भी पूरी तरह भरोसेमंद हैं। अंत में चुनाव आपकी जरूरत स्टाइल और आराम पर निर्भर करता है। सही तकनीक वाली घड़ी चुन ली जाए तो ऑफिस या कॉलेज लेट होने की चिंता काफी हद तक कम हो सकती है।

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