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Captain Technocast के बोर्ड की बैठक में बोनस शेयर जारी करने पर फैसला संभव, शेयर ने 5 साल में दिया 3233% का रिटर्न

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Captain Technocast के बोर्ड की बैठक में बोनस शेयर जारी करने पर फैसला संभव, शेयर ने 5 साल में दिया 3233% का रिटर्न

Captain Technocast का शेयर बाजार में जबरदस्त प्रदर्शन जारी है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक मंगलवार, 18 मार्च 2025 को होने जा रही है, जिसमें बोनस शेयर जारी करने पर फैसला लिया जा सकता है। बीते पांच वर्षों में इस मल्टीबैगर स्टॉक ने निवेशकों को 3233 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दिया है। यही वजह है कि इस शेयर पर निवेशकों की खास नजर बनी हुई है।

पहली बार 5 साल में बोनस शेयर की घोषणा संभव

Livemint की रिपोर्ट के मुताबिक, कैप्टन टेक्नोकास्ट के बोर्ड ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि वह 18 मार्च 2025 को बैठक करेगा, जिसमें बोनस शेयर जारी करने पर विचार किया जाएगा। खास बात यह है कि कंपनी ने पिछले पांच सालों में पहली बार बोनस शेयर जारी करने की योजना बनाई है। इससे पहले कंपनी ने जुलाई 2019 में 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर जारी किया था। उस समय रिकॉर्ड डेट 23 जुलाई 2019 तय की गई थी।

बोर्ड की बैठक में अन्य फैसले भी लिए जाएंगे

एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, बोर्ड की बैठक में बोनस शेयर के अलावा अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए जाएंगे। बैठक में एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) की तारीख, समय और स्थान को तय किया जाएगा। इसके अलावा, बोर्ड ईवीएम प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक जांचकर्ता की नियुक्ति की योजना भी बना रहा है।

Captain Technocast के बोर्ड की बैठक में बोनस शेयर जारी करने पर फैसला संभव, शेयर ने 5 साल में दिया 3233% का रिटर्न

कैप्टन टेक्नोकास्ट का दमदार प्रदर्शन: 1 साल में 235% का रिटर्न

कैप्टन टेक्नोकास्ट का प्रदर्शन पिछले कुछ सालों में जबरदस्त रहा है।

  • बीते 1 वर्ष में इस स्टॉक ने 235.33 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।
  • वहीं, 3 साल में इसने 1900 प्रतिशत का जबरदस्त मुनाफा दिया है।
  • पिछले 5 वर्षों में 3233 प्रतिशत का शानदार रिटर्न देकर यह शेयर मल्टीबैगर बन गया है।

52 हफ्तों का उच्चतम स्तर और निचला स्तर

  • इस शेयर ने पिछले 52 हफ्तों में 606 रुपये का उच्चतम स्तर छुआ है।
  • वहीं, इसका सबसे निचला स्तर 163.70 रुपये रहा है।
  • वर्तमान में निवेशक इस शेयर पर खास नजर बनाए हुए हैं क्योंकि बोनस शेयर की घोषणा के बाद इसमें और तेजी आने की उम्मीद है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति में सुधार

कैप्टन टेक्नोकास्ट की वित्तीय स्थिति में भी लगातार सुधार हो रहा है।

  • कंपनी का कुल राजस्व वित्त वर्ष 2024 में 8.7 प्रतिशत बढ़कर 64.22 करोड़ रुपये हो गया है, जो FY 2023 में 59.09 करोड़ रुपये था।
  • शुद्ध मुनाफे में 31.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। FY 2024 में नेट प्रॉफिट 3.85 करोड़ रुपये रहा, जो FY 2023 में 2.92 करोड़ रुपये था।
  • कंपनी का EBITDA (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की आय) भी FY 2023 में 6.40 करोड़ रुपये था, जो FY 2024 में बढ़कर 7.31 करोड़ रुपये हो गया।

️ कैप्टन टेक्नोकास्ट का व्यवसाय मॉडल

कैप्टन टेक्नोकास्ट इंडस्ट्रियल कास्टिंग के क्षेत्र में एक प्रमुख निर्माता, निर्यातक और सप्लायर है। कंपनी निम्नलिखित उत्पादों का निर्माण और आपूर्ति करती है:

  • वाल्व और पंप्स: औद्योगिक उपयोग के लिए उच्च गुणवत्ता वाले वाल्व और पंप्स।
  • फायर फाइटिंग इक्विपमेंट: अग्नि सुरक्षा उपकरण का निर्माण।
  • इंजीनियरिंग और ऑटोमोबाइल पार्ट्स: वाहनों और अन्य मशीनों के लिए पार्ट्स का निर्माण।
  • डायरी उपकरण: डेयरी उद्योग के लिए उपकरणों की आपूर्ति।
  • पावर प्लांट और बॉयलर पार्ट्स: ऊर्जा संयंत्रों के लिए पुर्जों का निर्माण।
  • एयरोस्पेस और डिफेंस कास्टिंग: रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र के लिए विशेष कास्टिंग।

क्या निवेशकों को खरीदारी करनी चाहिए?

कैप्टन टेक्नोकास्ट का शेयर फिलहाल निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। कंपनी की लगातार बढ़ती आय और मुनाफे ने इसे निवेशकों के लिए पसंदीदा बना दिया है। बोनस शेयर की घोषणा होने पर इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है।

✅ विशेषज्ञों की राय

शेयर बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि कैप्टन टेक्नोकास्ट में अभी भी अच्छी ग्रोथ की संभावना है।

  • यदि कंपनी बोनस शेयर जारी करती है, तो इसका प्रभाव शेयर की कीमत पर सकारात्मक पड़ सकता है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार, जिन निवेशकों ने पहले से इस शेयर में निवेश कर रखा है, उन्हें होल्ड करने की सलाह दी जा रही है।
  • वहीं, नए निवेशक बोनस शेयर की घोषणा के बाद उचित मूल्य पर इसमें निवेश कर सकते हैं।

कैप्टन टेक्नोकास्ट में निवेश से पहले सावधानी बरतें

हालांकि, शेयर बाजार में निवेश हमेशा जोखिम के साथ होता है। कैप्टन टेक्नोकास्ट का प्रदर्शन अब तक शानदार रहा है, लेकिन भविष्य में बाजार की स्थिति और कंपनी की वित्तीय स्थिति को देखकर ही निवेश का फैसला लेना चाहिए।

कैप्टन टेक्नोकास्ट का बोनस शेयर जारी करने का फैसला निवेशकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी हो सकती है। पिछले पांच सालों में कंपनी ने जबरदस्त रिटर्न दिया है और इसका भविष्य भी काफी उज्ज्वल नजर आ रहा है। हालांकि, निवेशकों को सतर्क रहकर सोच-समझकर निवेश का निर्णय लेना चाहिए।

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मिडिल ईस्ट तनाव से तेल बाजार में हलचल, $200 प्रति बैरल तक जा सकती हैं कीमतें

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मिडिल ईस्ट तनाव से तेल बाजार में हलचल, $200 प्रति बैरल तक जा सकती हैं कीमतें

मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता और बेचैनी बढ़ा दी है। निवेश बैंक मैक्वेरी ग्रुप ने चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है, तो कच्चे तेल की कीमतें $200 प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। यह स्थिति न केवल ऊर्जा बाजार, बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर संकट खड़ा कर सकती है।

दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ईरान से जुड़े मौजूदा तनाव और संभावित संघर्ष के कारण इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है, जिससे सप्लाई में भारी कमी आ सकती है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रेडर्स पहले ही अनुमान लगा रहे हैं कि ब्रेंट क्रूड की कीमतें निकट भविष्य में $150 प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। फिलहाल कीमतें करीब $107 प्रति बैरल के आसपास हैं, लेकिन हालात बिगड़ने पर यह तेजी से बढ़ सकती हैं।

अगर तेल की कीमतें $150 से $200 के बीच लंबे समय तक बनी रहती हैं, तो इसका सीधा असर महंगाई, परिवहन लागत और उत्पादन खर्च पर पड़ेगा। इससे वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ेगा और कई देशों की आर्थिक वृद्धि प्रभावित हो सकती है।

भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए यह स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। बढ़ती कीमतों से पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते हैं और सरकारी वित्तीय संतुलन पर असर पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट का यह संकट आने वाले समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

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शेयर बाजार में अचानक बड़ी गिरावट निवेशकों के लाखों करोड़ों डूबने का खतरा बढ़ा

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शेयर बाजार में अचानक बड़ी गिरावट निवेशकों के लाखों करोड़ों डूबने का खतरा बढ़ा

दो दिनों की मजबूत तेजी के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में अचानक तेज गिरावट देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत से ही बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ता गया और अंततः दिन के अंत तक निवेशकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। सेंसेक्स करीब 1,690 अंक टूटकर 73,583 के स्तर पर बंद हुआ जबकि निफ्टी भी 486 अंक गिरकर 22,819 पर आ गया। इस गिरावट ने बाजार के पूरे सेंटिमेंट को बदल दिया और तेजी का माहौल अचानक कमजोर पड़ गया। निवेशकों में सतर्कता बढ़ गई और कई लोगों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी।

लगभग सभी सेक्टर्स में गिरावट मिडकैप और स्मॉलकैप भी दबाव में

शुक्रवार को बाजार के लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। खासतौर पर PSU बैंक और रियल्टी सेक्टर में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा ऑटो, प्राइवेट बैंक, कैपिटल गुड्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में भी करीब 2 प्रतिशत तक की कमजोरी देखने को मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी इस गिरावट से अछूते नहीं रहे जहां मिडकैप इंडेक्स लगभग 2.2 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 1.7 प्रतिशत गिर गया। व्यापक स्तर पर हुई इस गिरावट ने संकेत दिया कि बाजार में दबाव केवल कुछ सेक्टर तक सीमित नहीं था बल्कि यह पूरे बाजार में फैला हुआ था।

शेयर बाजार में अचानक बड़ी गिरावट निवेशकों के लाखों करोड़ों डूबने का खतरा बढ़ा

प्रॉफिट बुकिंग और वैश्विक संकेतों का मिला संयुक्त असर

विशेषज्ञों के अनुसार पिछले दो कारोबारी दिनों में बाजार में लगभग 3.5 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली थी जिसके बाद निवेशकों ने मुनाफा वसूलना शुरू कर दिया। इसी प्रॉफिट बुकिंग का असर बाजार पर साफ दिखाई दिया और कई प्रमुख शेयरों में तेजी से गिरावट आई। इसके साथ ही वैश्विक स्तर पर भी नकारात्मक संकेतों ने बाजार पर दबाव बढ़ाया। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और अमेरिका तथा ईरान के बीच अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी ने भी भारतीय बाजार को प्रभावित किया।

कच्चे तेल की कीमतों से बढ़ी चिंता भविष्य को लेकर अनिश्चितता कायम

कच्चे तेल की कीमतों का $100 प्रति बैरल के ऊपर बने रहना भी बाजार के लिए चिंता का प्रमुख कारण बना हुआ है। महंगे तेल से महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है जिससे कंपनियों की लागत और मुनाफे पर असर पड़ सकता है। इसी कारण निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बचते नजर आ रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में बाजार में उतार चढ़ाव जारी रह सकता है और यह वैश्विक परिस्थितियों तथा कच्चे तेल की कीमतों पर काफी हद तक निर्भर करेगा। यदि अंतरराष्ट्रीय हालात सुधरते हैं और तेल की कीमतों में गिरावट आती है तो बाजार में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।

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वेंचुरा सिक्योरिटीज ने पार्क मेडी वर्ल्ड को बाय रेटिंग दी, निवेश में 38 फीसदी उछाल की संभावना

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वेंचुरा सिक्योरिटीज ने पार्क मेडी वर्ल्ड को बाय रेटिंग दी, निवेश में 38 फीसदी उछाल की संभावना

निवेशक हमेशा ऐसे स्टॉक्स की तलाश में रहते हैं जिनमें भविष्य में अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना हो। इसी कड़ी में पार्क मेडी वर्ल्ड लिमिटेड कंपनी का शेयर भी चर्चा में है। ब्रोकरेज फर्म वेंचुरा सिक्योरिटीज ने इस स्टॉक को कवर करना शुरू किया है और इसे ‘Buy’ कैटेगरी में रखा है। फर्म ने शेयर के लिए 284 रुपये का टारगेट तय किया है, जो मौजूदा कीमत के मुकाबले लगभग 38 प्रतिशत तक की तेजी का संकेत देता है।

वेंचुरा ने शेयर पर जताया भरोसा, अगले 24 महीनों की भविष्यवाणी

वेंचुरा सिक्योरिटीज के अनुसार, पार्क मेडी वर्ल्ड लिमिटेड आने वाले 24 महीनों में निवेशकों को अच्छा रिटर्न दे सकता है। फर्म ने कंपनी की क्षमता और हेल्थकेयर सेक्टर में स्थिर ग्रोथ को ध्यान में रखते हुए पॉजिटिव राय दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनी का ऑपरेटिंग मॉडल लागत के बेहतर उपयोग पर आधारित है, जिससे आने वाले समय में प्रदर्शन में और सुधार देखने को मिल सकता है। इस भरोसे के चलते ब्रोकरेज ने इसे अपनी पसंदीदा शेयरों की लिस्ट में शामिल किया है।

वेंचुरा सिक्योरिटीज ने पार्क मेडी वर्ल्ड को बाय रेटिंग दी, निवेश में 38 फीसदी उछाल की संभावना

कंपनी की रणनीति और प्रदर्शन से निवेशकों को लाभ

पार्क मेडी वर्ल्ड लिमिटेड लगातार अपनी उत्पादन क्षमता और सेवा विस्तार पर जोर दे रही है। हेल्थकेयर सेक्टर में स्थिर ग्रोथ और लागत नियंत्रण के कारण कंपनी भविष्य में और मजबूत हो सकती है। शेयर बाजार में कंपनी का प्रदर्शन भी सकारात्मक संकेत दे रहा है। 17 दिसंबर 2025 को लिस्ट होने के बाद कंपनी शेयर में लगातार सुधार देखा गया है। पिछले तीन महीनों में 35 प्रतिशत की तेजी और एक महीने में लगभग 7 प्रतिशत की उछाल ने निवेशकों का ध्यान इस स्टॉक की ओर खींचा है।

शेयर बाजार में कंपनी का हाल और निवेश की संभावनाएं

बीएसई पर बुधवार, 25 मार्च को पार्क मेडी वर्ल्ड के शेयर 2.49 प्रतिशत या 5.10 रुपये गिरकर 200.05 रुपये पर बंद हुए। दिन का इंट्रा-डे हाई 208.05 रुपये रहा। कंपनी का मार्केट कैप 8,640.78 करोड़ रुपये है। निवेशकों के लिए यह स्टॉक खास इसलिए भी है क्योंकि हेल्थकेयर सेक्टर में स्थिर ग्रोथ के साथ कंपनी के शेयर में अगले 24 महीनों में 38 प्रतिशत तक की तेजी की संभावना जताई जा रही है। इस लिहाज से यह शेयर निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकता है।

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