WPL 2025: मुंबई इंडियंस ने गुरुवार को यूपी वॉरियर्स को हराकर महिला प्रीमियर लीग (WPL) के प्लेऑफ की उम्मीदों को मजबूत किया है। इस जीत के साथ मुंबई इंडियंस, जिसकी कप्तानी हरमनप्रीत कौर कर रही हैं, ने प्लेऑफ की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाया है। वहीं, यूपी वॉरियर्स की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदों को एक बड़ा झटका लगा है। मुंबई इंडियंस अब पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है, जबकि यूपी वॉरियर्स पांचवें स्थान पर हैं।
मुंबई इंडियंस की महत्वपूर्ण जीत
मुंबई इंडियंस ने यूपी वॉरियर्स को हराकर कुल 6 मैचों में 8 अंक हासिल किए हैं। यह टीम अब पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर है। इस जीत के बाद, मुंबई इंडियंस की प्लेऑफ में पहुंचने की संभावनाएं काफी बढ़ गई हैं। मुंबई के कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शानदार प्रदर्शन किया और टीम को जीत दिलाई, जो अब अपनी स्थिति को मजबूती से बनाए हुए है।
वहीं, यूपी वॉरियर्स की टीम ने अब तक 7 मैच खेले हैं, जिनमें से केवल 2 में ही जीत हासिल की है। यूपी वॉरियर्स को 5 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। यूपी वॉरियर्स के लिए यह सीजन कठिन रहा है, और अब उनका प्लेऑफ में पहुंचने का सपना और भी मुश्किल हो गया है।
दिल्ली कैपिटल्स का टॉप पर होना
मुंबई इंडियंस की जीत के बावजूद, दिल्ली कैपिटल्स अभी भी पॉइंट्स टेबल में पहले स्थान पर बनी हुई है। दिल्ली कैपिटल्स ने अब तक 7 मैचों में 5 मैचों में जीत हासिल की है और 2 मैचों में हार का सामना किया है। इस टीम ने 10 अंक जुटाए हैं और इसकी स्थिति प्लेऑफ में मजबूत बनी हुई है। दिल्ली कैपिटल्स के प्रदर्शन से यह साफ है कि वे इस सीजन में एक मजबूत टीम के रूप में उभर रही हैं।
गुजरात जायंट्स का तीसरे स्थान पर होना
दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस के बाद गुजरात जायंट्स तीसरे स्थान पर हैं। गुजरात जायंट्स ने 6 मैचों में 3 मैचों में जीत हासिल की है और 3 मैचों में हार का सामना किया है। उनके पास 6 अंक हैं और वे प्लेऑफ की दौड़ में बने हुए हैं। गुजरात जायंट्स की टीम ने अपने खेल में उतार-चढ़ाव देखा है, लेकिन उनकी स्थिति अभी भी स्थिर है और वे किसी भी टीम के लिए चुनौती पेश कर सकती हैं।
रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की स्थिति बिगड़ी
रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की शुरुआत इस सीजन में बहुत अच्छी रही थी, लेकिन बाद में उनकी लय टूट गई। आरसीबी ने पहले दो मैचों में जीत हासिल की थी, लेकिन उसके बाद वे लगातार 4 मैचों में हार गए। अब रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने 6 मैचों में 2 जीत हासिल की हैं और 4 मैचों में हार का सामना किया है। उनके पास अब 4 अंक हैं और उनकी स्थिति पॉइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर है।
आरसीबी के लिए यह सीजन काफी निराशाजनक रहा है क्योंकि उनकी टीम में कुछ मजबूत खिलाड़ी हैं, लेकिन लगातार हार के कारण वे प्लेऑफ की दौड़ से बाहर होते हुए नजर आ रहे हैं। स्मृति मंधाना की कप्तानी में टीम को अभी अपनी रणनीतियों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।
WPL के प्लेऑफ की दौड़
महिला प्रीमियर लीग का यह सीजन बहुत ही दिलचस्प और रोमांचक रहा है। दिल्ली कैपिटल्स, मुंबई इंडियंस, और गुजरात जायंट्स के बीच प्लेऑफ के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। वहीं, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और यूपी वॉरियर्स को भी अपनी टीमों को सुधारने और प्लेऑफ में पहुंचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण जीत की आवश्यकता होगी।
इस सीजन में कई टीमों ने अपनी रणनीतियों में बदलाव किया है और कुछ नये खिलाड़ी उभर कर सामने आए हैं। ऐसे में यह देखना और भी रोचक होगा कि आने वाले मैचों में कौन सी टीम सबसे अच्छा प्रदर्शन करती है और प्लेऑफ में जगह बनाती है।
आने वाले मुकाबले
अब आगे के मुकाबले बहुत महत्वपूर्ण हो गए हैं, जहां हर टीम को अपनी रणनीतियों को और मजबूत करना होगा। दिल्ली कैपिटल्स, मुंबई इंडियंस, गुजरात जायंट्स, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, और यूपी वॉरियर्स सभी के पास अब अपनी स्थिति सुधारने और प्लेऑफ में स्थान बनाने का अंतिम मौका है।
इन सभी टीमों के लिए यह समय निर्णायक है, और उन्हें अपनी सबसे बेहतरीन टीम का प्रदर्शन करना होगा ताकि वे अगले चरण में आगे बढ़ सकें। WPL 2025 का यह सीजन बहुत ही रोमांचक मोड़ पर आ चुका है, और अब दर्शक यह देखेंगे कि कौन सी टीम आगामी मैचों में अपना दबदबा कायम रखती है।
Shubman Gill जो कुछ समय पहले तक भारत की टी20 टीम के उपकप्तान थे, अब उस टीम से बाहर हो चुके हैं। उन्हें टी20 इंटरनेशनल में कई मौके मिले, लेकिन वे खुद को उम्मीद के मुताबिक साबित नहीं कर पाए। गिल के बल्ले से रन नहीं निकले और उनकी फॉर्म पर सवाल उठने लगे। अब तो घरेलू क्रिकेट में भी उनके प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिल रही है। हाल ही में रणजी ट्रॉफी के एक मैच में वे बिना कोई रन बनाए दो गेंद खेलने के बाद आउट हो गए। इससे साफ है कि गिल का बल्ला फिलहाल चलता नजर नहीं आ रहा है और उनकी खेल में परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
वनडे सीरीज में भी नहीं कर पाए प्रभावित
भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाल ही में खेली गई वनडे सीरीज में शुभमन गिल ने कुछ मैचों में अच्छी शुरुआत जरूर की, लेकिन वे उसे बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर पाए। टीम को भी इस सीरीज में हार का सामना करना पड़ा था। अब जबकि भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 सीरीज जारी है, गिल को इस बार टीम में जगह नहीं मिली है। इस कारण उन्होंने मौका देखकर घरेलू क्रिकेट में वापसी की कोशिश की और रणजी ट्रॉफी के मैच में खेलने पहुंचे। लेकिन वहां भी उनका बल्ला चलने के बजाय निराशाजनक प्रदर्शन ही किया।
पंजाब टीम के कप्तान के रूप में कप्तानी की जिम्मेदारी
रणजी ट्रॉफी में पंजाब की टीम की कप्तानी शुभमन गिल के हाथों में है। गुरुवार को विदर्भ के खिलाफ मैच में पहले नमन धीर कप्तान थे, लेकिन गिल की उपलब्धता के बाद कप्तानी उन्हें सौंप दी गई। पंजाब की टीम की बल्लेबाजी जल्दी ही शुरू हुई, क्योंकि सौराष्ट्र की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए केवल 172 रन बना सकी। गिल नंबर 5 पर बल्लेबाजी के लिए आए, लेकिन शुरुआती विकेट जल्दी गिरने की वजह से उनका बल्लेबाजी क्रम जल्दी आ गया। इस मैच में गिल से एक बड़ी पारी की उम्मीद थी, खासतौर पर रणजी ट्रॉफी जैसे टेस्ट फॉर्मेट में, जहां बल्लेबाजों को समय लेकर खेलना होता है।
दो गेंद पर शून्य रन पर आउट और फॉर्म की गिरावट
गिल का प्रदर्शन रणजी ट्रॉफी में निराशाजनक रहा, वे केवल दो गेंद खेल पाए और बिना कोई रन बनाए आउट हो गए। इससे पंजाब की टीम को एक बड़ा झटका लगा। पिछले कुछ समय से गिल के बल्ले से रन नहीं निकल रहे हैं, चाहे वो टेस्ट हो, वनडे हो या टी20। वनडे सीरीज से पहले वे विजय हजारे ट्रॉफी में भी सस्ते में आउट हुए थे। यह साफ संकेत है कि शुभमन गिल अपने अच्छे दौर से काफी दूर हैं। उनके फॉर्म में सुधार की जरूरत है, नहीं तो टीम इंडिया में उनका स्थान लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रहेगा। फैंस और विशेषज्ञ अब इंतजार कर रहे हैं कि गिल कब अपने खेल को पटरी पर लाते हैं और फिर से टीम के लिए धमाकेदार प्रदर्शन करते नजर आते हैं।
ICC T20 World 2026: ICC टी20 विश्व कप 2026 का शेड्यूल जारी हो चुका है और टूर्नामेंट की तैयारी जोरों पर है। लेकिन इस बीच बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) और ICC के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। बीसीबी ने साफ कह दिया है कि वह भारत में अपने मैच नहीं खेलना चाहता। उनका कहना है कि भारत में सुरक्षा की स्थिति ठीक नहीं है और वे अपना मैच किसी दूसरे स्थान पर खेलना चाहते हैं। हालांकि ICC ने स्पष्ट कर दिया है कि इस ऐन वक्त पर कोई बदलाव संभव नहीं है। ICC ने बांग्लादेश को 21 जनवरी तक का समय दिया है ताकि वह अपनी स्थिति स्पष्ट करे। यदि इस समय तक मामला सुलझा नहीं, तो बांग्लादेश की टीम को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया जाएगा।
बांग्लादेश में दंगे और खिलाड़ियों को लेकर विवाद
बीसीबी का यह विरोध हाल ही में बांग्लादेश में हुए दंगों और हिंदू समुदाय पर हो रहे हमलों से जुड़ा हुआ है। कई जगहों पर हिंसा फैलने के कारण बांग्लादेश की सुरक्षा स्थिति खराब मानी जा रही है। इसी बीच भारतीय क्रिकेट इंडस्ट्री में भी बांग्लादेश के एक खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को लेकर बड़ा विवाद हुआ। कुछ लोगों ने विरोध किया कि जब बांग्लादेश में अपने ही नागरिकों के साथ अत्याचार हो रहा है, तो मुस्तफिजुर भारत में करोड़ों रुपये लेकर खेलेंगे। इसी विवाद के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने मुस्तफिजुर को टीम से बाहर कर दिया। यह कदम बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को बड़ा आघात पहुंचा और उन्होंने भारत में मैच खेलने से इंकार कर दिया।
बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड की एंट्री हो सकती है
ICC ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को 21 जनवरी तक फैसला करने का मौका दिया है। यदि बांग्लादेश अपनी मांग पर अड़ा रहता है और भारत में मैच खेलने को तैयार नहीं होता है, तो ICC बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टी20 विश्व कप में शामिल कर सकता है। स्कॉटलैंड की टीम ICC रैंकिंग के अनुसार बांग्लादेश के निकटतम विकल्प के रूप में सामने आई है। अगर ऐसा होता है, तो स्कॉटलैंड बांग्लादेश के ग्रुप में खेलते हुए नजर आएगा। इस निर्णय से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को बड़ा झटका लगेगा क्योंकि यह पहली बार होगा जब उनका मुख्य टूर्नामेंट से बाहर होना तय होगा।
जल्द निपटारा जरूरी, 7 फरवरी को बांग्लादेश का पहला मुकाबला
बांग्लादेश ने यह भी मांग की है कि उसका ग्रुप बदला जाए और वह ग्रुप बी में शामिल हो जाए, जहां आयरलैंड पहले से मौजूद है। लेकिन आयरलैंड ने इस बदलाव से साफ मना कर दिया है। ऐसे में बीसीबी की यह मांग पूरी होती दिख रही है। 7 फरवरी को बांग्लादेश का पहला मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता में तय है, जिससे वक्त बेहद कम बचा है। ICC इस विवाद का जल्द समाधान चाहता है ताकि विश्व कप के अन्य आयोजन सुचारु रूप से हो सकें। अगर बांग्लादेश अपनी मांगों पर कायम रहा, तो ICC के लिए विकल्प कम हो जाएंगे और टीम को बाहर करने का निर्णय लेना पड़ सकता है। इस मामले में आगे क्या होता है, यह आने वाले दिनों में ही स्पष्ट होगा।
WPL 2026: विमेंस प्रीमियर लीग के चौथे सीजन का पहला चरण 17 जनवरी को नवी मुंबई में समाप्त हो गया। शुरुआती 11 मुकाबले इसी शहर में खेले गए, जिनका आखिरी मैच दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु महिला टीम के बीच हुआ। अब टूर्नामेंट का कारवां वडोदरा की ओर बढ़ चुका है, जहां 19 जनवरी से लीग के बाकी बचे मुकाबले खेले जाएंगे। नवी मुंबई चरण में कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले, जिन्होंने प्वाइंट्स टेबल की तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया। खास बात यह रही कि जिन टीमों की शुरुआत कमजोर रही थी, उन्होंने वापसी के संकेत दिए, जबकि कुछ मजबूत मानी जा रही टीमों को झटके भी लगे। इस चरण के बाद फैंस की नजरें अब वडोदरा में होने वाले मुकाबलों पर टिक गई हैं, जहां से प्लेऑफ की दौड़ और भी दिलचस्प होने वाली है।
आरसीबी का शानदार प्रदर्शन और यूपी वॉरियर्स की वापसी
11 मैचों के बाद अगर प्वाइंट्स टेबल पर नजर डालें तो स्मृति मंधाना की कप्तानी में खेल रही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु महिला टीम का दबदबा साफ नजर आता है। आरसीबी ने अब तक चार मैच खेले हैं और चारों में जीत हासिल कर टेबल में पहला स्थान मजबूती से पकड़ रखा है। टीम के खाते में आठ अंक हैं और उनका नेट रनरेट 1.600 का है, जो उनके आक्रामक और संतुलित खेल को दर्शाता है। दूसरी ओर यूपी वॉरियर्स की कहानी भी काफी दिलचस्प रही है। शुरुआती तीन मुकाबलों में लगातार हार झेलने के बाद टीम ने जबरदस्त वापसी की और लगातार दो मैच जीतकर चौथे स्थान पर पहुंच गई। पांच मैचों में चार अंकों के साथ यूपी वॉरियर्स का नेट रनरेट भी सुधरकर -0.483 हो गया है, जिससे साफ है कि टीम ने अपनी गलतियों से सीख लेते हुए खुद को बेहतर किया है।
मुंबई इंडियंस की चुनौती और गुजरात की स्थिरता
डिफेंडिंग चैंपियन मुंबई इंडियंस के लिए यह चरण थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रहा। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में खेलने वाली मुंबई टीम को अपने पिछले दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी स्थिति थोड़ी कमजोर जरूर हुई है। इसके बावजूद टीम पांच मैचों में दो जीत और तीन हार के साथ चार अंकों के साथ दूसरे स्थान पर बनी हुई है। उनका नेट रनरेट 0.151 है, जो अब भी सकारात्मक है और उन्हें प्लेऑफ की दौड़ में बनाए रखता है। वहीं गुजरात जायंट्स की टीम ने अब तक संतुलित प्रदर्शन किया है। चार मैचों में दो जीत और दो हार के साथ टीम तीसरे स्थान पर है। उनका नेट रनरेट -0.319 है, जो बताता है कि टीम को कुछ अहम मौकों पर बेहतर प्रदर्शन करने की जरूरत है ताकि वह शीर्ष दो में जगह बना सके।
दिल्ली कैपिटल्स की मुश्किलें और आगे की राह
दिल्ली कैपिटल्स के लिए अब तक का सफर सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण रहा है। टीम ने चार मैच खेले हैं, जिनमें से केवल एक में जीत मिली और तीन में हार का सामना करना पड़ा। इसी वजह से दिल्ली कैपिटल्स प्वाइंट्स टेबल में सबसे नीचे पहुंच गई है। उनका नेट रनरेट -0.856 है, जो उनकी लगातार हार और बड़े अंतर से हार को दर्शाता है। हालांकि टूर्नामेंट अभी लंबा है और वडोदरा चरण में दिल्ली के पास खुद को साबित करने का मौका होगा। अगर टीम अपनी रणनीति में बदलाव करती है और प्रमुख खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन निकाल पाती है, तो वापसी संभव है। आने वाले मुकाबलों में हर जीत और हार प्वाइंट्स टेबल को और भी रोचक बनाएगी, क्योंकि सभी टीमें अब प्लेऑफ की दौड़ में अपनी जगह पक्की करने के लिए पूरा जोर लगाने वाली हैं।