मनोरंजन

जहां कोने नहीं हर दीवार से टपकता है डर! देखिए ‘The Raja Saab’ की हवेली का रहस्य

Published

on

The Raja Saab: हैदराबाद के अजीज नगर में स्थित पीपल्स मीडिया फैक्ट्री स्टूडियो में बनी फिल्म ‘द राजा साब’ की हवेली अपने आप में एक अजूबा है। जैसे ही भारी दरवाजा खुलता है वैसे ही डरावनी आवाजें गूंजने लगती हैं। छत से लटके झूमर और लाइट्स इस हवेली को एक अलग ही रहस्यमयी चमक देते हैं। हवेली के मुख्य दरवाजे पर ग्रे यूनिफॉर्म में नकाबपोश सिपाही भाले लिए खड़े मिलते हैं। इन खंभों को देखकर ऐसा लगता है जैसे सदियों पुरानी पेड़ों की जड़ें लिपटी हों।

भूत बना संजय दत्त और दो मंज़िला रहस्य

इस फिल्म में संजय दत्त ने प्रभास के दादा का किरदार निभाया है जो असमय मृत्यु के बाद आत्मा बनकर लौटते हैं। हवेली में जैसे ही आप गैलरी में प्रवेश करते हैं तो यह दो मंज़िला नजर आती है। निचली मंजिल पर कई कमरे हैं और कुछ दूरी पर एक शानदार सिंहासन रखा है। ऊपर की ओर जाती सीढ़ियों के सामने दीवार पर संजय दत्त की एक तस्वीर टंगी है जिसमें वह शेरवानी और मोतियों की माला पहने हैं। उस तस्वीर की आंखों को देख ऐसा लगता है जैसे वो किसी का इंतज़ार कर रही हों।

ढाई महीने की मेहनत और डेढ़ हज़ार लोगों का योगदान

फिल्म के प्रोड्यूसर टी. जी. विश्व प्रसाद के मुताबिक यह हवेली फिल्म के बजट का मात्र 3% हिस्सा है। आर्ट डायरेक्टर राजीवन नांबियार ने बताया कि इस सेट को बनाने से पहले तीन-चार महीने की रिसर्च की गई थी। शुरुआत में कई डिज़ाइनों पर काम किया गया लेकिन वे फाइनल नहीं हुए। निर्देशक से लेकर कलाकारों तक की राय लेने के बाद इस हवेली की रूपरेखा तय हुई। लगभग डेढ़ हज़ार लोगों की मेहनत से यह सेट ढाई महीने में तैयार हुआ।

कोनों से नहीं हवेली के हर कोने से उठती है डर की लहर


आमतौर पर कहा जाता है कि अगर किसी कोने में जाओ तो भूत मिलेगा लेकिन इस हवेली में ऐसा कोई कोना नहीं जहां डर न हो। इस विचार के साथ सेट को डिज़ाइन किया गया। फिल्म के 70 प्रतिशत दृश्य इसी हवेली में शूट किए गए हैं। यहां एक विशाल पुस्तकालय भी है जिसमें चारों ओर किताबें सजी हुई हैं। उसके साथ ही एक बेडरूम है और उसके सामने एक तांत्रिक कक्ष है जहां तांत्रिक क्रियाओं के लिए विशेष वातावरण तैयार किया गया है।

तांत्रिक कक्ष और उल्टे लटके पुतलों की भयावहता

तांत्रिक कमरे में हल्दी, रोली, पेड़ की सूखी जड़ें और अजीब सी चीज़ें इस जगह को तंत्र विद्या का अड्डा बना देती हैं। जैसे ही अंदर कदम रखते हैं ज़मीन पर पूजा सामग्री और चारों ओर जलते दीयों के बीच आग का भयावह दृश्य दिखाई देता है। यहां एक और कमरा है जिसमें एक कुआं है और उसमें उल्टे लटके पुतले दिखते हैं। राजीवन के अनुसार, हवेली में कई ऐसी चीजें रखी गई हैं जो लोगों को सम्मोहित कर सकती हैं। यहां तक कि एक छोटी सी घड़ी भी किसी का ध्यान भटका सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending

Copyright © 2025 India365 News | All Rights Reserved