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WhatsApp का नया फीचर करेगा स्टोरेज मैनेजमेंट आसान: अब चुनिंदा मैसेज और मीडिया हटाना होगा सरल

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WhatsApp का नया फीचर करेगा स्टोरेज मैनेजमेंट आसान: अब चुनिंदा मैसेज और मीडिया हटाना होगा सरल

WhatsApp अपने यूजर्स के लिए स्टोरेज मैनेजमेंट को और आसान बनाने पर काम कर रहा है। हाल ही में WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार, WhatsApp अपने नवीनतम Android 2.25.34.5 बीटा अपडेट में एक नया चैट क्लियरिंग फीचर पेश कर रहा है। इस नए फीचर के जरिए उपयोगकर्ता अब किसी चैट के सभी संदेशों को हटाने की बजाय, चुनिंदा संदेश और मीडिया कैटेगरी को आसानी से डिलीट कर सकेंगे। इसका मतलब यह है कि आप केवल फोटो, वीडियो, टेक्स्ट मैसेज या डॉक्यूमेंट जैसी फाइल्स को हटाने का विकल्प चुन सकते हैं, बिना पूरे चैट को डिलीट किए। यह फीचर विशेष रूप से ग्रुप चैट्स में उपयोगी साबित होगा, जहां बड़ी वीडियो और ऑडियो फाइल्स जल्दी से स्टोरेज में जगह घेर लेती हैं।

रियल-टाइम स्टोरेज डिस्प्ले और प्रिव्यू फीचर

रिपोर्ट के अनुसार, Android 2.25.34.5 बीटा वर्जन में एक नया बॉटम शीट इंटरफेस पेश किया गया है, जो डिलीट करने से पहले उपयोगकर्ता को यह दिखाता है कि क्या हटाया जाएगा। इस फीचर के जरिए उपयोगकर्ता यह तय कर सकते हैं कि कौन-सी चीजें डिलीट करनी हैं और कौन-सी बचानी हैं। साथ ही, इसमें रियल-टाइम स्टोरेज डिस्प्ले भी है, जो यह बताता है कि हटाने के बाद कितनी जगह खाली होगी। यह खासतौर पर उन यूजर्स के लिए फायदेमंद है जिनकी चैट में बड़े साइज की मीडिया फाइल्स जमा हो गई हैं। अब स्टोरेज की समस्या को हल करना और भी आसान होगा क्योंकि यूजर को पूरे चैट को डिलीट करने के बजाय केवल गैर-जरूरी कंटेंट हटाने का विकल्प मिलेगा।

WhatsApp का नया फीचर करेगा स्टोरेज मैनेजमेंट आसान: अब चुनिंदा मैसेज और मीडिया हटाना होगा सरल

स्टार किए गए मैसेज और मीडिया को सुरक्षित रखना आसान

WhatsApp ने इस अपडेट में starred messages या महत्वपूर्ण फाइल्स को संभालना भी आसान बना दिया है। अब अगर कोई यूजर पूरे चैट को क्लियर करना चाहता है लेकिन उसमें starred messages या media रखना चाहता है, तो उसे पहले प्रॉम्प्ट दिखेगा जिसमें पूछा जाएगा कि क्या इन्हें रखना है या हटाना है। उदाहरण के लिए, यदि आपने किसी चैट में कोई महत्वपूर्ण फोटो, फाइल या नोट स्टार किया हुआ है, तो उसे हटाने से पहले ऐप पूछेगा कि इसे रखना है या नहीं। यह फीचर उपयोगकर्ताओं को अधिक नियंत्रण देता है और गलती से जरूरी चीजें हटाने से बचाता है।

नई सुविधा कब उपलब्ध होगी

WhatsApp का यह नया चैट क्लियरिंग फीचर फिलहाल केवल सीमित संख्या में Android बीटा टेस्टर्स के लिए उपलब्ध है। कंपनी इसे धीरे-धीरे सभी यूजर्स तक पहुंचाएगी। नया फीचर चैट इंफो स्क्रीन के नीचे Clear Chat ऑप्शन के रूप में दिखाई देगा, जैसा कि iOS पर पहले से उपलब्ध है। आने वाले हफ्तों में यह फीचर सभी एंड्रॉइड यूजर्स के लिए रोल आउट किया जाएगा। इस अपडेट के बाद, उपयोगकर्ताओं को स्टोरेज मैनेज करना और भी आसान हो जाएगा, और उन्हें बार-बार अनावश्यक फाइल्स हटाने की परेशानी नहीं होगी।

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Instagram Reels: ट्रेंडिंग ऑडियो और कैप्शन से करें अपनी रील्स को मिनटों में वायरल

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Instagram Reels: ट्रेंडिंग ऑडियो और कैप्शन से करें अपनी रील्स को मिनटों में वायरल

Instagram Reels: आज के डिजिटल युग में इंस्टाग्राम रील्स सिर्फ मनोरंजन का जरिया नहीं रह गया है, बल्कि यह पर्सनल ब्रांडिंग और पैसे कमाने का बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुका है। लेकिन कई क्रिएटर्स हजारों रील्स डालने के बाद भी वह दर्शकों की नजर में नहीं आ पाते। अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो कुछ स्मार्ट टिप्स अपनाकर अपनी रील्स को तेजी से वायरल कर सकते हैं। सबसे पहले ध्यान दें कि आपके वीडियो के पहले 3 सेकंड बहुत महत्वपूर्ण होते हैं।

पहले 3 सेकंड में करें दर्शकों को आकर्षित

इंस्टाग्राम का एल्गोरिदम सबसे पहले यह देखता है कि यूजर आपकी रील को कितनी देर तक देखता है। यदि शुरुआत के 2-3 सेकंड में वीडियो में कुछ खास नहीं होता, तो यूजर रील को छोड़ देता है। इसलिए शुरुआत में ऐसा कोई सवाल, आश्चर्यजनक दृश्य या क्लोज़-अप शॉट दिखाएं जो देखने वाले को रोक कर रख दे। जैसे कोई मजेदार या दिलचस्प क्वेश्चन पूछना, या अचानक कोई एक्शन दिखाना जिससे दर्शक रुक जाए।

ट्रेंडिंग ऑडियो और वीडियो क्वालिटी का सही इस्तेमाल

वायरल होने में ट्रेंडिंग ऑडियो की बड़ी भूमिका होती है। इंस्टाग्राम उन ऑडियोज को प्रमोट करता है जो पहले से ही लोकप्रिय हैं। लेकिन ध्यान रखें कि ऑडियो आपकी रील के कंटेंट से मेल खाता हो। बिना मतलब के ट्रेंड फॉलो करने के लिए ऑडियो लगाना उल्टा असर कर सकता है। साथ ही, वीडियो की क्वालिटी भी जरूरी है। धुंधले या लो-रेजोल्यूशन वीडियो यूजर्स को पसंद नहीं आते। वीडियो को वर्टिकल फॉर्मेट (9:16) में बनाएं और अच्छी लाइटिंग का ध्यान रखें। कैमरा स्टेबल होना चाहिए ताकि वीडियो प्रोफेशनल लगे।

कैप्शन, हैशटैग और सही समय पर पोस्ट करें

एक बढ़िया कैप्शन रील की एंगेजमेंट बढ़ाता है। कैप्शन में सवाल पूछें या कॉल टू एक्शन डालें जैसे “आपका क्या ख्याल है?” या “एक दोस्त को टैग करें”। हैशटैग का भी सही चुनाव करें। 5 से 8 रिलेटेड हैशटैग चुनें ताकि आपकी रील सही दर्शकों तक पहुंचे। पोस्टिंग टाइम भी बहुत मायने रखता है। हर अकाउंट का अलग एक्टिव टाइम होता है, लेकिन आमतौर पर सुबह 7-9 बजे और शाम 7-10 बजे के बीच पोस्ट की गई रील्स पर अच्छा रिस्पांस मिलता है। इंस्टाग्राम इंसाइट्स से अपने दर्शकों के एक्टिव टाइम को जानना जरूरी है।

धैर्य रखें और नियमितता से करें पोस्टिंग

अगर पहली दो रील्स वायरल नहीं होती हैं तो निराश मत हों। इंस्टाग्राम उन क्रिएटर्स को प्रमोट करता है जो लगातार अच्छे कंटेंट पोस्ट करते हैं। कोशिश करें कि हफ्ते में कम से कम 3-4 रील्स डालें और हर बार सीखें कि क्या अच्छा काम कर रहा है। समय के साथ आपकी समझ बढ़ेगी और आपकी रील्स भी बेहतर होंगी। धैर्य ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।

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Google Voice Activity: गूगल की जासूसी की अफवाह सच या फेक? जानें कैसे देखें और हटाएं रिकॉर्डिंग

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Google Voice Activity: गूगल की जासूसी की अफवाह सच या फेक? जानें कैसे देखें और हटाएं रिकॉर्डिंग

Google Voice Activity: आजकल अक्सर लोग यह सवाल करते हैं कि क्या गूगल हमारी बातचीत सुन रहा है? जब फोन पर किसी विषय पर बात होती है और कुछ देर बाद उसी से जुड़ी विज्ञापन दिखने लगते हैं, तो यह शक ज़रूर होता है। इस संदर्भ में एक फीचर है जिसे गूगल वॉइस एक्टिविटी कहा जाता है। यह गूगल अकाउंट से जुड़ा एक ऐसा फीचर है जो आपके द्वारा दिए गए वॉइस कमांड और सर्च हिस्ट्री को सेव करता है। जब आप “ओके गूगल” या “हे गूगल” कहकर कोई सवाल करते हैं या वॉइस सर्च करते हैं, तो आपकी आवाज़ रिकॉर्ड होकर आपके अकाउंट में सेव हो सकती है। इसका मकसद गूगल असिस्टेंट की क्षमता बढ़ाना और आपको बेहतर और सटीक रिजल्ट देना है।

क्या गूगल आपकी अनुमति के बिना रिकॉर्ड करता है?

गूगल की तरफ से यह साफ किया गया है कि वह केवल तभी ऑडियो रिकॉर्ड करता है जब यूजर वॉइस कमांड देता है या माइक्रोफोन की अनुमति देता है। हालांकि कभी-कभी फोन की गलती से एक्टिवेशन हो जाती है जिससे कुछ आवाज़ की क्लिप सेव हो सकती हैं। यही वजह है कि कुछ लोग महसूस करते हैं कि गूगल हमेशा सुन रहा है। लेकिन यह कोई जासूसी का तरीका नहीं है, बल्कि तकनीकी कारणों से ऐसी स्थिति बनती है। इसलिए माइक्रोफोन की अनुमति देते समय सतर्क रहना जरूरी है।

कैसे देखें और हटाएं अपनी वॉइस एक्टिविटी?

अगर आप जानना चाहते हैं कि गूगल ने आपके कौन-कौन से वॉइस रिकॉर्डिंग सेव की हैं, तो यह बहुत आसान है। आपको अपने गूगल अकाउंट में जाकर ‘एक्टिविटी कंट्रोल्स’ या ‘माई एक्टिविटी’ सेक्शन में जाना होगा। वहां “वॉइस और ऑडियो एक्टिविटी” के अंतर्गत आपकी रिकॉर्डिंग की लिस्ट मिलेगी, जिसमें तारीख और समय के साथ रिकॉर्ड की गई आवाज़ को आप खुद सुन भी सकते हैं। अगर आप इन रिकॉर्डिंग को पसंद नहीं करते हैं तो आप चाहें तो एक-एक रिकॉर्डिंग हटा सकते हैं या पूरी वॉइस एक्टिविटी एक साथ क्लियर भी कर सकते हैं। इसके अलावा, सेटिंग्स में जाकर आप वॉइस और ऑडियो एक्टिविटी को पूरी तरह से बंद भी कर सकते हैं ताकि भविष्य में आपकी आवाज़ सेव न हो।

अपनी प्राइवेसी कैसे सुरक्षित रखें?

आपकी प्राइवेसी की रक्षा के लिए यह आवश्यक है कि आप अपने गूगल अकाउंट की एक्टिविटी को नियमित रूप से चेक करते रहें। केवल उन्हीं ऐप्स को माइक्रोफोन की अनुमति दें जिनकी वाकई जरूरत हो। यदि आप ‘हे गूगल’ फीचर का उपयोग नहीं करते तो इसे बंद कर दें। गूगल वॉइस एक्टिविटी कोई जासूसी उपकरण नहीं है, बल्कि यह आपकी आवाज़ी खोज और कमांड को बेहतर बनाने का एक जरिया है। सावधानी और जागरूकता के साथ आप अपनी निजी जानकारी को सुरक्षित रख सकते हैं और अनचाही रिकॉर्डिंग से बच सकते हैं।

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Budget 2026: 15 हजार स्कूलों में AVGC लैब्स खोलकर युवाओं को देंगे नया भविष्य

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Budget 2026: 15 हजार स्कूलों में AVGC लैब्स खोलकर युवाओं को देंगे नया भविष्य

Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने नौवें बजट भाषण में भारत के तेजी से उभरते गेमिंग और AVGC (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) सेक्टर के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं। उन्होंने बताया कि भारत इस सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है और 2030 तक इस क्षेत्र में 20 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी। इस ग्रोथ को देखते हुए सरकार ने कंटेंट क्रिएशन और स्किल डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान दिया है। वित्त मंत्री ने कहा कि इस सेक्टर को मजबूत करने के लिए इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिंग टेक्नोलॉजी (IICT), मुंबई की मदद ली जाएगी और देश के 15 हजार सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब्स खोली जाएंगी।

स्किल डेवलपमेंट और कंटेंट क्रिएटर लैब्स का विस्तार

सरकार का मानना है कि AVGC सेक्टर की मांग को पूरा करने के लिए जरूरी है कि युवाओं को ग्रासरूट स्तर पर कंटेंट क्रिएशन की स्किल्स सिखाई जाएं। इसलिए IICT मुंबई के सहयोग से देशभर के स्कूलों और कॉलेजों में लैब्स स्थापित की जाएंगी, जहां बच्चों और युवाओं को आधुनिक टेक्नोलॉजी और क्रिएटिविटी के साथ कंटेंट क्रिएशन की ट्रेनिंग दी जाएगी। यह पहल युवा पीढ़ी को डिजिटल और क्रिएटिव इंडस्ट्री में करियर बनाने के लिए तैयार करेगी और भारत को ग्लोबल मार्केट में मजबूत बनाएगी। इसके अलावा, सरकार ने स्किल डेवलपमेंट पर फोकस करते हुए टेक फेलोशिप, एआई गवर्नेंस और डीप-टेक रोबोटिक्स को भी बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा है।

टेक्नोलॉजी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को विकसित भारत की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक आईटी और कंटेंट क्रिएशन सेक्टर में विश्व स्तर पर अग्रणी बनेगा। इसके लिए सरकार ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर खास जोर दिया है। देश के इंटरनेट नेटवर्क और डिजिटल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का बड़ा बजट रखा गया है। 5G/6G टेक्नोलॉजी, डेटा सेंटर, क्लाउड सर्विसेज के विस्तार से डिजिटल इंडिया को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की योजना है। इसके साथ ही बायोफार्मा टेक्नोलॉजी को भी बड़ी सहायता दी जाएगी ताकि स्वास्थ्य और विज्ञान के क्षेत्र में भी भारत तेजी से उन्नति कर सके।

सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और भविष्य की तैयारियां

भारत को सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र बनाने के लिए बजट में सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 (ISM 2.0) की घोषणा की गई है, जिसके लिए 40,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। यह पहल भारत को वैश्विक चिप उत्पादन के नक्शे पर ला सकती है और देश की टेक इंडस्ट्री को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। इसके अलावा, सरकार ने गहरी तकनीक (डीप-टेक), रोबोटिक्स और एआई स्टार्टअप्स के लिए प्रोत्साहन देने की भी योजना बनाई है, जिससे नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और भारत टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भविष्य के लिए तैयार रहेगा। इन कदमों से भारत का गेमिंग, कंटेंट क्रिएशन और टेक्नोलॉजी सेक्टर तेजी से विकसित होगा और लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

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