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Virat Kohli के बल्ले में जादू वापसी, लेकिन क्या ये फॉर्म उन्हें 2027 वर्ल्ड कप की गारंटी देगा?

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Virat Kohli के बल्ले में जादू वापसी, लेकिन क्या ये फॉर्म उन्हें 2027 वर्ल्ड कप की गारंटी देगा?

अक्टूबर 2025 में भारतीय क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलने गई थी। इस सीरीज में टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज Virat Kohli का बल्ला पहले दो मैचों में बिल्कुल नहीं चला और वह लगातार डक पर आउट होकर पवेलियन लौटे। इस प्रदर्शन ने फैंस और आलोचकों के बीच सवाल खड़े कर दिए थे कि क्या विराट कोहली इस फॉर्म के साथ 2027 वर्ल्ड कप में खेल पाएंगे। लेकिन साउथ अफ्रीका के खिलाफ हाल ही में खेले गए वनडे मुकाबलों में उन्होंने अपनी टीम के लिए दमदार वापसी की। रांची और रायपुर में खेले गए दोनों मैचों में विराट ने शतक जमाकर अपने पुराने अवतार को याद दिलाया और टीम इंडिया की जीत में अहम योगदान दिया।

रांची वनडे में अटैकिंग कोहली का जलवा

साउथ अफ्रीका के खिलाफ रांची में खेले गए पहले वनडे में विराट कोहली ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने 102 गेंदों में शानदार शतक जमाया और अंत में 135 रन की तूफानी पारी खेली। इस पारी में उन्होंने तेज गति से सिंगल्स और डबल्स लेकर टीम को स्थिरता दी। शतक पूरा करने के बाद विराट ने मैदान पर जंप लगाकर हवा में मुक्के मारे और अपने वेडिंग रिंग को चूमते हुए भगवान का शुक्रिया अदा किया। इस पारी ने दर्शकों को यह दिखाया कि विराट काफी समय से इस शतक का इंतजार कर रहे थे और उनका आत्मविश्वास अब लौट चुका है।

रायपुर में कोहली का पुराना अवतार

रायपुर वनडे में विराट ने अपनी पुरानी शैली में बल्लेबाजी करते हुए शतक जमाया। उन्होंने अपने शॉट्स की शुरुआत लुंगी एंगिडी के खिलाफ सिक्स से की और फिर सिंगल्स और डबल्स लेकर पारी को आगे बढ़ाया। 47 गेंदों में अर्धशतक पूरा करने के बाद उन्होंने स्ट्राइक रोटेशन और रन बनाने की रणनीति पर पूरा ध्यान दिया। 70 रन के बाद उन्होंने स्ट्राइक रेट बढ़ाया और 90 गेंदों में शतक पूरा किया। हालांकि इस पारी में उनका आक्रामक अंदाज रांची की तुलना में शांत रहा, लेकिन उन्होंने टीम के लिए जरूरी रन बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ी।

विराट के आउट होने का टीम पर प्रभाव

दोनों मैचों में विराट के शतक और आउट होने का टीम इंडिया के रन रेट पर साफ असर देखा गया। रांची में वह काफी हद तक तेज रन बनाने में सफल रहे, जबकि रायपुर में 102 रन पर आउट होने के बाद टीम के मध्यक्रम को रन बनाने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। विराट हमेशा अपनी टीम के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजों को सहारा देते आए हैं, ताकि भारत बड़े स्कोर तक पहुंच सके। इस कारण दोनों मैचों में उनके आउट होने के बाद टीम में थोड़ी निराशा देखी गई। बावजूद इसके, उनकी शतकीय पारियों ने यह साबित किया कि उन्हें किंग कोहली का दर्जा इसलिए मिला है क्योंकि वह लगातार टीम की जरूरत के अनुसार प्रदर्शन करते हैं और दबाव में भी मैच बदल सकते हैं।

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Shubman Gill की हार का सिलसिला जारी, रणजी ट्रॉफी में दो गेंद पर शून्य आउट

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Shubman Gill की हार का सिलसिला जारी, रणजी ट्रॉफी में दो गेंद पर शून्य आउट

Shubman Gill जो कुछ समय पहले तक भारत की टी20 टीम के उपकप्तान थे, अब उस टीम से बाहर हो चुके हैं। उन्हें टी20 इंटरनेशनल में कई मौके मिले, लेकिन वे खुद को उम्मीद के मुताबिक साबित नहीं कर पाए। गिल के बल्ले से रन नहीं निकले और उनकी फॉर्म पर सवाल उठने लगे। अब तो घरेलू क्रिकेट में भी उनके प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिल रही है। हाल ही में रणजी ट्रॉफी के एक मैच में वे बिना कोई रन बनाए दो गेंद खेलने के बाद आउट हो गए। इससे साफ है कि गिल का बल्ला फिलहाल चलता नजर नहीं आ रहा है और उनकी खेल में परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।

वनडे सीरीज में भी नहीं कर पाए प्रभावित

भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाल ही में खेली गई वनडे सीरीज में शुभमन गिल ने कुछ मैचों में अच्छी शुरुआत जरूर की, लेकिन वे उसे बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर पाए। टीम को भी इस सीरीज में हार का सामना करना पड़ा था। अब जबकि भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 सीरीज जारी है, गिल को इस बार टीम में जगह नहीं मिली है। इस कारण उन्होंने मौका देखकर घरेलू क्रिकेट में वापसी की कोशिश की और रणजी ट्रॉफी के मैच में खेलने पहुंचे। लेकिन वहां भी उनका बल्ला चलने के बजाय निराशाजनक प्रदर्शन ही किया।

Shubman Gill की हार का सिलसिला जारी, रणजी ट्रॉफी में दो गेंद पर शून्य आउट

पंजाब टीम के कप्तान के रूप में कप्तानी की जिम्मेदारी

रणजी ट्रॉफी में पंजाब की टीम की कप्तानी शुभमन गिल के हाथों में है। गुरुवार को विदर्भ के खिलाफ मैच में पहले नमन धीर कप्तान थे, लेकिन गिल की उपलब्धता के बाद कप्तानी उन्हें सौंप दी गई। पंजाब की टीम की बल्लेबाजी जल्दी ही शुरू हुई, क्योंकि सौराष्ट्र की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए केवल 172 रन बना सकी। गिल नंबर 5 पर बल्लेबाजी के लिए आए, लेकिन शुरुआती विकेट जल्दी गिरने की वजह से उनका बल्लेबाजी क्रम जल्दी आ गया। इस मैच में गिल से एक बड़ी पारी की उम्मीद थी, खासतौर पर रणजी ट्रॉफी जैसे टेस्ट फॉर्मेट में, जहां बल्लेबाजों को समय लेकर खेलना होता है।

दो गेंद पर शून्य रन पर आउट और फॉर्म की गिरावट

गिल का प्रदर्शन रणजी ट्रॉफी में निराशाजनक रहा, वे केवल दो गेंद खेल पाए और बिना कोई रन बनाए आउट हो गए। इससे पंजाब की टीम को एक बड़ा झटका लगा। पिछले कुछ समय से गिल के बल्ले से रन नहीं निकल रहे हैं, चाहे वो टेस्ट हो, वनडे हो या टी20। वनडे सीरीज से पहले वे विजय हजारे ट्रॉफी में भी सस्ते में आउट हुए थे। यह साफ संकेत है कि शुभमन गिल अपने अच्छे दौर से काफी दूर हैं। उनके फॉर्म में सुधार की जरूरत है, नहीं तो टीम इंडिया में उनका स्थान लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रहेगा। फैंस और विशेषज्ञ अब इंतजार कर रहे हैं कि गिल कब अपने खेल को पटरी पर लाते हैं और फिर से टीम के लिए धमाकेदार प्रदर्शन करते नजर आते हैं।

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U19 World Cup में बेन मेयस ने ठोका 191 रन, दोहरा शतक से महज 9 दूर

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U19 World Cup में बेन मेयस ने ठोका 191 रन, दोहरा शतक से महज 9 दूर

U19 World Cup: क्रिकेट की दुनिया में चाहे कितनी भी तेजी से बदलाव आए, डबल सेंचुरी लगाने का रोमांच और मज़ा हमेशा अलग होता है। वनडे क्रिकेट में कई दिग्गज बल्लेबाजों ने यह कारनामा किया है, लेकिन अंडर-19 विश्व कप में अब तक कोई भी खिलाड़ी दोहरा शतक लगाने में सफल नहीं हो पाया था। इस बार के अंडर-19 विश्व कप 2026 में यह मौका दो बार आया, लेकिन दोनों बार बल्लेबाज थोड़े ही रन दूर रह गए। इंग्लैंड के बेन मेयस ने 191 रनों की जबरदस्त पारी खेलते हुए इतिहास रचने से महज 9 रन दूर रहकर सबका दिल जीत लिया। उनकी यह पारी इस टूर्नामेंट की सबसे दमदार पारियों में से एक मानी जा रही है।

बेन मेयस ने ठोक दिए 191 रन, रिकॉर्ड बनाया

इंग्लैंड और स्कॉटलैंड के बीच हुए मुकाबले में बेन मेयस ने कुल 117 गेंदों का सामना किया और 191 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 18 चौके और आठ छक्के लगाए। मतलब वे अपनी पारी का 120 रन ही boundaries के जरिए बनाए। यह एक शानदार रिकॉर्ड भी है। हालांकि उन्हें दोहरा शतक पूरा करने का मौका मिला, लेकिन एक तेज फुलटॉस गेंद ने उनका खेल रोक दिया। हालांकि, 191 रनों की पारी ने उनकी बल्लेबाजी क्षमता और आक्रामक शैली को दुनिया के सामने खूब उजागर किया। इस पारी ने इंग्लैंड को 50 ओवरों में 6 विकेट खोकर 404 रन बनाने में मदद की, जो यूथ क्रिकेट में एक विशाल स्कोर माना जाता है।

190 से ऊपर रन बनाने वाले तीन बल्लेबाज, लेकिन दोहरा शतक नहीं

बेन मेयस की इस पारी से पहले भी यूथ वनडे क्रिकेट में तीन बल्लेबाज 190 से ज्यादा रन बना चुके हैं, लेकिन किसी ने भी दोहरा शतक पूरा नहीं किया। जनवरी 2026 में श्रीलंका के विरान चामुदिथा ने जापान के खिलाफ 192 रन बनाए, लेकिन वे भी आठ रन दूर रह गए। इससे पहले 2018 में श्रीलंका के ही हसिथा बोयागोडा ने भी 191 रन बनाए थे। इस तरह से तीन बल्लेबाज इस करीब आए, लेकिन दोहरा शतक पूरा कर पाने से चूक गए। यह दर्शाता है कि यूथ क्रिकेट में भी दोहरे शतक का रिकॉर्ड बनाना कितना मुश्किल काम है।

बारिश के बावजूद पूरी हुई 50 ओवर की पारी

मैच के दौरान बीच-बीच में बारिश के कारण खेल कुछ समय के लिए बाधित हुआ। कई बार मैच रुकता और फिर शुरू होता रहा, जिससे ऐसा लगा कि मुकाबला पूरा नहीं हो पाएगा। लेकिन आखिरकार ओवर कम नहीं हुए और पूरे 50 ओवरों का खेल बिना किसी कटौती के पूरा हुआ। बेन मेयस की ताबड़तोड़ पारी ने इंग्लैंड को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया और टीम ने स्कॉटलैंड के खिलाफ 6 विकेट के नुकसान पर 404 रन का बड़ा स्कोर हासिल किया। यह प्रदर्शन इंग्लैंड की टीम को टूर्नामेंट में एक कड़ा दावेदार बनाता है। इस पारी के जरिए बेन मेयस ने खुद को भविष्य के लिए एक चमकते हुए सितारे के रूप में स्थापित कर दिया है।

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Babar Azam Duck in BBL: BBL में बाबर आजम फिर डक, दो गेंदों में आउट होकर बढ़ी आलोचनाएं

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Babar Azam Duck in BBL: BBL में बाबर आजम फिर डक, दो गेंदों में आउट होकर बढ़ी आलोचनाएं

Babar Azam Duck in BBL: बिग बैश लीग में एक बार फिर बाबर आज़म का प्रदर्शन चर्चा का विषय बन गया है। मैदान के बाहर बड़ी बड़ी बातें करने वाले बाबर जब बल्ला लेकर उतरे तो उनका आत्मविश्वास पूरी तरह बिखरा हुआ नजर आया। मंगलवार को बीबीएल में खेलते हुए बाबर आज़म खाता खोलना तो दूर की बात है। दो गेंद भी ठीक से नहीं खेल पाए। यह नजारा देखकर फैंस हैरान रह गए। इससे पहले भी पाकिस्तानी खिलाड़ी विदेशी लीगों में जाकर आलोचनाओं का शिकार होते रहे हैं। बाबर आज़म से उम्मीद थी कि वे अपनी क्लास दिखाएंगे। लेकिन उनका बल्ला एक बार फिर खामोश रहा और सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर ट्रोल किया गया।

दूसरी ही गेंद पर डक, स्टंप्स उड़ते देख सन्न रह गए फैंस

बीबीएल के इस मुकाबले में पर्थ स्कॉचर्स और सिडनी सिक्सर्स आमने सामने थीं। पहले बल्लेबाजी करते हुए पर्थ की टीम ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 147 रन बनाए। जवाब में सिडनी की टीम लक्ष्य का पीछा करने उतरी। पारी की पहली गेंद बाबर आज़म ने खेली और कोई रन नहीं आया। दूसरी ही गेंद पर बाबर क्रीज से बाहर निकले और बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की। विकेट के पीछे खड़े जोश इंग्लिस ने बिजली की तेजी से स्टंप्स बिखेर दिए। दो गेंद खेलकर बाबर आज़म डक पर आउट हो गए। यह दृश्य देखकर स्टेडियम में मौजूद दर्शक भी कुछ पल के लिए सन्न रह गए। एक सीनियर बल्लेबाज से ऐसे प्रदर्शन की किसी को उम्मीद नहीं थी।

स्टीव स्मिथ से नाराजगी और टीम माहौल पर सवाल

बाबर आज़म इससे पहले 16 जनवरी को खेले गए मैच में भी सुर्खियों में रहे थे। उस मुकाबले में वे स्टीव स्मिथ से नाराज दिखाई दिए थे। ओवर की आखिरी गेंद पर बाबर ने गेंद को लॉन्ग ऑफ की दिशा में खेला था। वहां से आसानी से एक रन लिया जा सकता था। लेकिन स्टीव स्मिथ ने सिंगल के लिए मना कर दिया। इसके बाद बाबर का चेहरा साफ तौर पर उतरा हुआ नजर आया। अगले ही ओवर में स्टीव स्मिथ ने 32 रन ठोक दिए और चौकों छक्कों की बारिश कर दी। इसके बावजूद बाबर आज़म का मूड नहीं बदला। वे पूरे समय मुंह फुलाए बैठे दिखे। इससे टीम के भीतर तालमेल और बाबर के रवैये पर भी सवाल खड़े हुए।

लगातार खराब फॉर्म, भविष्य पर मंडराने लगे सवाल

बाबर आज़म के लिए यह टूर्नामेंट लगातार निराशाजनक साबित हो रहा है। 18 जनवरी को खेले गए पिछले मैच में वे सिर्फ एक रन बना पाए थे। अब इस मुकाबले में उनका खाता भी नहीं खुल सका। बीबीएल में बाबर ने आखिरी अर्धशतक 1 जनवरी को लगाया था। इसके बाद वे लगातार मैच खेल रहे हैं लेकिन रन उनके बल्ले से नहीं निकल रहे। पूरे टूर्नामेंट में वे सिर्फ दो बार ही 50 से ज्यादा रन बना पाए हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अभी तक टी20 विश्व कप के लिए टीम का ऐलान नहीं किया है। लेकिन अगर बाबर आज़म का यही हाल रहा तो उनके लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। खराब फॉर्म का असर चयन पर पड़ सकता है। यहां तक कि लीग क्रिकेट में भी फ्रेंचाइजी उन्हें लेने से पहले दो बार सोच सकती हैं। यह दौर बाबर के करियर का सबसे कठिन दौर माना जा रहा है।

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