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Turkman Gate Violence: दिनेश शर्मा का सपा सांसद नदवी को तिहाड़ जेल भेजने की धमकी, देखें पूरी खबर

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Turkman Gate Violence: दिल्ली के तुर्कमान गेट मस्जिद में हुई हिंसा को लेकर समाजवादी पार्टी के रामपुर से सांसद मोहिबुल्ला नदवी पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। कहा जा रहा है कि अतिक्रमण हटाने के दौरान भड़की हिंसा को उन्होंने उकसाया। इस मामले में बीजेपी के राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और साफ कहा है कि जो भी कानून व्यवस्था में बाधा डालेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा, “तिहाड़ जेल इंतजार कर रही है। अगर पत्थरबाजी का इतना शौक है तो पाकिस्तान और बांग्लादेश बॉर्डर पर जाकर वहां पत्थरबाजी करें।” डॉ. दिनेश शर्मा ने स्पष्ट कर दिया कि किसी भी तरह की हिंसा और सरकारी कामकाज में बाधा सहन नहीं की जाएगी।

एसटी हसन की बयानबाजी पर बीजेपी का तंज

सपा के पूर्व सांसद और मुरादाबाद से प्रतिनिधि डॉ. एसटी हसन द्वारा लगातार भड़काऊ बयान दिए जाने पर भी बीजेपी ने कड़ी आलोचना की है। डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि एसटी हसन की टिकट समाजवादी पार्टी से कट चुकी है और इसी वजह से वे ऐसे बयानों से राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “एसटी हसन सोच रहे हैं कि इन भड़काऊ बयानों से उन्हें इस बार टिकट मिल जाएगी।” एसटी हसन ने तुर्कमान गेट सहित संभल में हुई बुलडोजर कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए इसे एकतरफा मुस्लिमों के खिलाफ साजिश बताया था। उनके बयान संवेदनशील मुद्दों पर आग लगाने वाले माने जा रहे हैं, जिससे सामाजिक तनाव और बढ़ रहा है।

राहुल गांधी पर डॉ. दिनेश शर्मा का कटाक्ष

बीजेपी सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भी तंज कसा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने भारत की अर्थव्यवस्था को ‘डेड इकॉनमी’ कहा था, लेकिन अब हालिया रिपोर्ट में यह साफ हो गया है कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा, “राहुल गांधी कहते हैं कुछ और होता है, और जो होता है उसका उल्टा होता है।” यह बयान राहुल गांधी की आलोचना करते हुए उनके आर्थिक नजरिए को बेबुनियाद बताने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

कानून व्यवस्था और राजनीतिक विवादों के बीच बढ़ता तनाव

तुर्कमान गेट मस्जिद में हुई हिंसा और उसके बाद के राजनीतिक विवादों ने दिल्ली की कानून व्यवस्था और सामाजिक समरसता को चुनौती दी है। बीजेपी ने स्पष्ट कर दिया है कि हिंसा और पत्थरबाजी जैसी घटनाओं को वह बर्दाश्त नहीं करेगी और ऐसे मामलों में तिहाड़ जेल तक का रास्ता होगा। वहीं, सपा और कांग्रेस के नेताओं की भड़काऊ बयानबाजी राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्माती नजर आ रही है। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वह संवेदनशील मुद्दों को लेकर ठोस कदम उठाए और समाज में शांति बनाए रखे। इस पूरे मामले ने राजनीति में कटु विवाद को जन्म दिया है, जो आगे की चुनावी रणनीतियों और पार्टियों के रुख को भी प्रभावित करेगा।

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