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TRAI का बड़ा फैसला, घर और ऑफिस में नेटवर्क क्वालिटी अब स्टार रेटिंग से तय होगी

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TRAI का बड़ा फैसला, घर और ऑफिस में नेटवर्क क्वालिटी अब स्टार रेटिंग से तय होगी

TRAI : अगर आपके घर, ऑफिस या अपार्टमेंट में अक्सर मोबाइल नेटवर्क या इंटरनेट की समस्या रहती है, तो आने वाले समय में इसमें बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। टेलीकॉम रेगुलेटर TRAI ने इमारतों के भीतर डिजिटल कनेक्टिविटी की जांच और रेटिंग के लिए एक नया सिस्टम लॉन्च किया है। इस सिस्टम के तहत RANext Technologies को देश की पहली डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसी के रूप में अधिकृत किया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब किसी भी बिल्डिंग में नेटवर्क और इंटरनेट की गुणवत्ता को वैज्ञानिक और व्यावहारिक आधार पर परखा जाएगा। यह पहल उन लाखों लोगों के लिए राहत बन सकती है जो महंगे फ्लैट या ऑफिस लेने के बाद भी कमजोर नेटवर्क से जूझते हैं।

यूजर अनुभव के आधार पर होगी रेटिंग

TRAI की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक RANext Technologies अब देशभर की विभिन्न प्रॉपर्टीज में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का मूल्यांकन करेगी। इस रेटिंग की सबसे खास बात यह है कि यह पूरी तरह यूजर एक्सपीरियंस पर आधारित होगी। यानी केवल कागजी दावे नहीं, बल्कि यह देखा जाएगा कि असल में मोबाइल नेटवर्क कितना मजबूत है, इंटरनेट कितना स्थिर चलता है और कॉल ड्रॉप या स्लो स्पीड जैसी दिक्कतें कितनी आती हैं। इसके तहत फाइबर नेटवर्क की गुणवत्ता, इमारत के अंदर मोबाइल कनेक्टिविटी, ब्रॉडबैंड और वाईफाई परफॉर्मेंस के साथ-साथ भविष्य की स्मार्ट टेक्नोलॉजी के लिए इमारत कितनी तैयार है, इन सभी पहलुओं को जांचा जाएगा। इससे पहली बार लोगों को किसी इमारत की डिजिटल ताकत का साफ और निष्पक्ष आकलन मिल सकेगा।

डिजिटल युग में क्यों जरूरी हो गई है कनेक्टिविटी

भारत तेजी से डिजिटल फर्स्ट इकोनॉमी की ओर बढ़ रहा है। आज काम, पढ़ाई, बैंकिंग, इलाज और मनोरंजन तक लगभग हर चीज इंटरनेट पर निर्भर हो चुकी है। करीब एक अरब लोग रोजाना इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं और स्मार्ट होम व स्मार्ट ऑफिस का चलन भी तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में किसी भी इमारत की डिजिटल परफॉर्मेंस अब उसकी कीमत और उपयोगकर्ता अनुभव का अहम हिस्सा बन चुकी है। हैरानी की बात यह है कि आज भी ज्यादातर नई इमारतों को डिजाइन करते समय डिजिटल कनेक्टिविटी को प्राथमिकता नहीं दी जाती। नतीजा यह होता है कि लोग शिफ्ट होने के बाद नेटवर्क की समस्या से परेशान रहते हैं और बाद में इसे ठीक करना काफी महंगा और मुश्किल साबित होता है। TRAI का डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग फ्रेमवर्क इसी बड़ी कमी को दूर करने की कोशिश है।

खरीदारों और बिल्डरों दोनों को होगा फायदा

इस नए DCRA स्टार रेटिंग फ्रेमवर्क के तहत इमारतों के डिजिटल सिस्टम का आकलन तय मानकों पर किया जाएगा और उसके बाद स्टार रेटिंग दी जाएगी। इससे बिल्डरों पर दबाव बनेगा कि वे प्रोजेक्ट की शुरुआती प्लानिंग में ही मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल करें। वहीं घर या ऑफिस खरीदने या किराए पर लेने वालों के लिए यह जानना आसान हो जाएगा कि उस बिल्डिंग में नेटवर्क और इंटरनेट की स्थिति कैसी है। Ankit Goyal, जो Space World Group के चेयरमैन और फाउंडर हैं, का कहना है कि यह पहल उनकी कंपनी को सिर्फ कनेक्टिविटी सॉल्यूशन देने वाली संस्था से आगे बढ़ाकर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के भरोसेमंद मूल्यांकनकर्ता में बदल देती है। कुल मिलाकर TRAI का यह कदम भविष्य में इमारतों के डिजिटल अनुभव को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।

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सलमान खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म का नाम बदला, जानिए क्यों किया गया ‘बैटल ऑफ गलवान’ बदल

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सलमान खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म का नाम बदला, जानिए क्यों किया गया 'बैटल ऑफ गलवान' बदल

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान और उनकी प्रोडक्शन हाउस ‘सलमान खान फिल्म्स’ ने अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म के नाम में बड़ा बदलाव किया है। लंबे समय से चर्चा में रही फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ अब आधिकारिक तौर पर ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ के नाम से रिलीज़ होगी। सलमान खान ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इस नए नाम की झलक और पोस्टर फैंस के साथ साझा किया। पोस्टर में सलमान का आधा चेहरा खून से लथपथ नजर आ रहा है। इस बदलाव ने फिल्म को लेकर दर्शकों और मीडिया में नई उत्सुकता पैदा कर दी है।

नए नाम और टैगलाइन में छिपा गहरा संदेश

फिल्म के नए नाम की सबसे बड़ी खासियत इसकी टैगलाइन ‘मे वॉर रेस्ट इन पीस’ है। इसका अर्थ है कि युद्ध खत्म हों और शांति स्थापित हो। आमतौर पर युद्ध पर आधारित फिल्में केवल वीरता और संघर्ष पर केंद्रित होती हैं, लेकिन सलमान खान ने इस टाइटल के जरिए वैश्विक और मानवीय संदेश देने की कोशिश की है। यह सिर्फ रणभूमि की घटनाओं तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में शांति की जरूरत और युद्ध के अंत की कामना को दर्शाता है। सोशल मीडिया पर पोस्टर वायरल हो रहा है और फैंस इस टैगलाइन की भावनात्मक गहराई की खूब तारीफ कर रहे हैं।

सलमान खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म का नाम बदला, जानिए क्यों किया गया 'बैटल ऑफ गलवान' बदल

गलवान घाटी की घटना और दर्शकों की उम्मीदें

यह फिल्म गलवान घाटी की ऐतिहासिक और वास्तविक घटना से प्रेरित है, लेकिन फिल्म का नया नाम दर्शाता है कि यह केवल सैन्य संघर्ष तक सीमित नहीं रहेगी। फिल्म में देशभक्ति के भाव के साथ मानवीय संवेदनाओं को भी उजागर किया जाएगा। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि ‘मातृभूमि’ के जरिए सलमान खान एक ऐसी सिनेमाई गाथा पेश करेंगे जो दर्शकों में राष्ट्रप्रेम के साथ-साथ मानवता के प्रति जागरूकता भी पैदा करेगी। फिल्म की घोषणा के बाद इंटरनेट पर प्रशंसकों ने इसका स्वागत किया और फिल्म के नाम के पीछे छिपी भावनात्मक गहराई की जमकर सराहना की।

 

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चित्रांगदा सिंह के साथ पहली रोमांटिक जोड़ी

सलमान खान आखिरी बार फिल्म ‘सिकंदर’ में नजर आए थे, जिसमें रश्मिका मंदाना लीड रोल में थीं। अब ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ में उनकी जोड़ी पहली बार चित्रांगदा सिंह के साथ पर्दे पर जमेगी। दोनों का रोमांस दर्शकों के लिए नई उत्सुकता का कारण बन गया है। फिल्म के मेकर्स का कहना है कि यह फिल्म सिर्फ एक एक्शन ड्रामा नहीं होगी, बल्कि भावनाओं और देशभक्ति के नए स्तर को छुएगी। फिल्म के पोस्टर और नए नाम ने पहले ही दर्शकों में चर्चा और उत्साह पैदा कर दिया है।

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देश के कई हिस्सों में आंधी, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी

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देश के कई हिस्सों में आंधी, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी

देश के कई हिस्सों में मार्च की बढ़ती गर्मी के बीच मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। मौसम विभाग ने 15 से 19 मार्च के बीच दिल्ली, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में तेज आंधी, गरज-चमक और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ इलाकों में 50 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण हुआ है।

दिल्ली-उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

दिल्ली में आज तेज हवा के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। उत्तर प्रदेश में 15 और 16 मार्च को बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में 18 और 19 मार्च को जबकि पूर्वी राजस्थान में हल्की बारिश और गरज-चमक हो सकती है। उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है। हिमाचल प्रदेश में 15 से 19 मार्च तक कई स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 15 से 17 मार्च तक बारिश और गरज-चमक का अनुमान है।

देश के कई हिस्सों में आंधी, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी

पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भी बदलते मौसम का प्रभाव

पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और बर्फबारी भी हो सकती है। दक्षिण भारत में तेलंगाना में 15 से 18 मार्च तक बारिश हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश में 16 मार्च को भारी बारिश का अनुमान है। कर्नाटक और तमिलनाडु में 17 और 18 मार्च को हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। केरल में भी 15 और 16 मार्च को गरज-चमक होने की संभावना है।

पश्चिम और केंद्रीय भारत में हीटवेव और गर्मी का असर

पश्चिमी भारत में 18 और 19 मार्च को गुजरात में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है। वहीं कुछ राज्यों में गर्मी का प्रभाव भी बढ़ सकता है। विदर्भ, झारखंड और ओडिशा में उष्ण लहर चलने की चेतावनी है। कोंकण, गोवा और केरल में मौसम गर्म और आर्द्र बना रहेगा। मौसम विभाग ने आम जनता से सावधानी बरतने और तेज हवाओं, आकाशीय बिजली और जलभराव वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्क रहने की अपील की है।

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मेटा ने एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन हटाया, अब इंस्टाग्राम चैट्स कंपनी एक्सेस कर सकेगी

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मेटा ने एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन हटाया, अब इंस्टाग्राम चैट्स कंपनी एक्सेस कर सकेगी

इंस्टाग्राम पर यूजर्स की निजी चैट्स अब 8 मई से पूरी तरह प्राइवेट नहीं रहेंगी। मेटा ने अपने ब्लॉग पोस्ट के जरिए इस बदलाव की जानकारी दी है। कंपनी ने इंस्टाग्राम डायरेक्ट मैसेज से एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन (E2EE) फीचर हटाने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि अब चैट्स का एक्सेस केवल सेंडर और रिसीवर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मेटा भी इन्हें एक्सेस कर सकेगी।

पुराने चैट्स को कर सकते हैं डाउनलोड

मेटा ने बताया कि इस बदलाव के बाद यदि कोई यूजर अपनी पुरानी चैट्स और मीडिया को प्राइवेट रखना चाहता है तो वह इन्हें डाउनलोड कर सकता है। इसके लिए यूजर्स को अपने इंस्टाग्राम ऐप को लेटेस्ट वर्जन से अपडेट करना होगा। डाउनलोड की गई फाइल्स में सभी निजी संदेश और मीडिया शामिल होंगे, जिन्हें यूजर अपने पास सुरक्षित रख सकता है। मेटा ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में हुई बातचीत अब प्राइवेट नहीं रहेगी और कंपनी इसे मॉनिटर कर सकेगी।

मेटा ने एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन हटाया, अब इंस्टाग्राम चैट्स कंपनी एक्सेस कर सकेगी

बदलाव की वजह: चाइल्ड अब्यूज कंटेंट

मेटा का यह फैसला पिछले दिनों चाइल्ड अब्यूज से जुड़े मामलों के कारण आया है। अमेरिका और यूके की कई सरकारी एजेंसियों ने इंस्टाग्राम और फेसबुक मैसेंजर पर एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन को हटाने का दबाव बनाया। E2EE फीचर होने के कारण वन-टू-वन चैट्स पूरी तरह प्राइवेट रहती थीं और मेटा या कोई एजेंसी इन्हें एक्सेस नहीं कर सकती थी। लेकिन अब इस बदलाव के बाद बच्चों के साथ होने वाली आपत्तिजनक चैट्स का मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग आसान हो जाएगी।

क्या फेसबुक मैसेंजर पर भी होगा यह बदलाव?

यूजर्स के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि इंस्टाग्राम के बाद फेसबुक मैसेंजर में भी एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन हटाया जाएगा या नहीं। फिलहाल मेटा ने इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम यूजर्स की सुरक्षा और बच्चों के संरक्षण के लिए जरूरी है, लेकिन कई लोग इसे प्राइवेसी के खिलाफ भी मान रहे हैं। इस बदलाव के बाद सोशल मीडिया पर चैटिंग का तरीका और सुरक्षा दोनों ही बदलने वाले हैं।

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