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TRAI का नया AI प्रस्ताव स्पैम कॉल्स पर करेगा तुरंत कार्रवाई और नंबर को ब्लॉक

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TRAI का नया AI प्रस्ताव स्पैम कॉल्स पर करेगा तुरंत कार्रवाई और नंबर को ब्लॉक

टेलीकॉम रेगुलेटर TRAI ने फर्जी कॉल्स और ऑनलाइन फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए एक नया प्रस्ताव तैयार किया है। इस योजना के तहत यूजर्स के नंबर पर आने वाली संदिग्ध कॉल्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए ऑटोमैटिकली डिटेक्ट किया जाएगा। AI फिल्टर कॉल को खुद पहचान लेगा और जिस नंबर से फर्जी कॉल आ रही होगी, उसे बिना किसी शिकायत के ही ब्लॉक कर दिया जाएगा। TRAI का उद्देश्य इस कदम से टेलीकॉम यूजर्स को लगातार बढ़ रही स्पैम कॉल्स और धोखाधड़ी से बचाना है।

स्पैम कॉल्स के खिलाफ सख्ती बढ़ाने की योजना

ET टेलीकॉम की रिपोर्ट के अनुसार, TRAI मौजूदा नियमों में बदलाव कर स्पैम कॉल्स पर और सख्ती लाने वाला है। वर्तमान नियमों के मुताबिक, किसी नंबर पर तभी कार्रवाई होती है जब 10 दिनों में उस नंबर के खिलाफ कम से कम पांच शिकायतें दर्ज हों। TRAI अब इस नियम में बदलाव पर विचार कर रहा है और इंडस्ट्री से सुझाव मांग रहा है। AI फिल्टर लागू होने के बाद संदिग्ध नंबरों को तुरंत ब्लॉक किया जा सकेगा, जिससे फर्जी कॉल्स के मामले में समय पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

TRAI का नया AI प्रस्ताव स्पैम कॉल्स पर करेगा तुरंत कार्रवाई और नंबर को ब्लॉक

स्पैम कॉल्स की बढ़ती घटनाओं के आंकड़े

दूरसंचार विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 तक स्पैम कॉल्स की शिकायतें 3.34 लाख के पार पहुंच गई थीं। वहीं फरवरी 2025 में केवल 1.16 लाख शिकायतें ही दर्ज हुई थीं। टेलीकॉम कंपनियां हर महीने लगभग 30 से 40 करोड़ कॉल्स को संदिग्ध मानकर मॉनिटर करती हैं। इसके बावजूद यूजर्स द्वारा रोजाना की जाने वाली शिकायतें केवल 10 हजार प्रतिदिन ही दर्ज होती हैं। यही वजह है कि TRAI ने AI आधारित ऑटोमैटिक डिटेक्शन की योजना पेश की है, ताकि स्पैम कॉल्स के खिलाफ तेजी से और प्रभावी कदम उठाए जा सकें।

स्टेकहोल्डर्स के कमेंट और संभावित चुनौतियां

TRAI के इस प्रस्ताव से स्कैमर्स के साथ-साथ कुछ वैध सेवाओं में भी परेशानी आ सकती है। उदाहरण के लिए, ऑनलाइन डिलीवरी एजेंट्स या बैंकिंग सेवाओं द्वारा किए जाने वाले कॉल्स AI के नजरिए में फर्जी कॉल के रूप में पहचान किए जा सकते हैं। ऐसे में जरूरी कॉल्स ब्लॉक होने की संभावना रहती है। TRAI फिलहाल इस प्रस्ताव पर स्टेकहोल्डर्स की राय का इंतजार कर रहा है। उनके सुझावों के बाद ही अंतिम नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि फर्जी कॉल्स रोकने के साथ-साथ सामान्य सेवाओं में कोई बाधा न आए।

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Fraud Alert: वेलेंटाइन डे पर बढ़े स्कैम का खतरा, जानिए कौन-से फेक ऑफर्स हैं खतरनाक

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Fraud Alert: वेलेंटाइन डे पर बढ़े स्कैम का खतरा, जानिए कौन-से फेक ऑफर्स हैं खतरनाक

Valentine’s Day अब ज्यादा दूर नहीं है और इस दिन लोग अपने प्यार का इजहार करते हैं और अपने लवर्स को गिफ्ट देते हैं। लेकिन यह दिन स्कैमर के लिए भी बड़ा मौका बन गया है। हर साल इस दिन कई लोग अलग-अलग स्कैम का शिकार होते हैं। आम दिनों की तुलना में स्कैमर इस खास मौके पर अधिक सक्रिय हो जाते हैं। सोशल मीडिया, डेटिंग ऐप्स और ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स पर स्कैमर लोगों को फंसाने के लिए नए-नए जाल बिछाते हैं। इसलिए इस दिन अलर्ट रहना और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि से बचना बहुत जरूरी है।

रोमांस स्कैम से सावधानी

Valentine’s Day के मौके पर रोमांस स्कैम सबसे आम होते हैं। यह ज्यादातर डेटिंग ऐप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से शुरू होता है। स्कैमर फर्जी आईडी बनाकर लोगों से दोस्ती करते हैं और उनके भरोसे का फायदा उठाते हैं। बातचीत के दौरान ये किसी मेडिकल इमरजेंसी या मिलने आने के बहाने पैसों की मांग कर सकते हैं। कई बार लोग बातों में आकर पैसे या गिफ्ट कार्ड भेज देते हैं, लेकिन इसके बाद स्कैमर अचानक गायब हो जाते हैं। इसलिए किसी भी अजनबी की पैसों या गिफ्ट कार्ड की रिक्वेस्ट पर तुरंत भरोसा न करें और जांच-पड़ताल किए बिना कोई पैसा न भेजें।

Fraud Alert: वेलेंटाइन डे पर बढ़े स्कैम का खतरा, जानिए कौन-से फेक ऑफर्स हैं खतरनाक

फर्जी डिलीवरी और शॉपिंग वेबसाइट स्कैम

वैलेंटाइन डे पर स्कैमर फर्जी डिलीवरी मैसेज और शॉपिंग वेबसाइट्स के जरिए भी लोगों को फंसाते हैं। फर्जी डिलीवरी मैसेज में आपको बताया जाता है कि आपके लिए सरप्राइज गिफ्ट आया है और इसे डिलीवर करने के लिए लिंक क्लिक करने या OTP शेयर करने को कहा जाता है। ऐसा करने पर आपका बैंक अकाउंट खाली हो सकता है। वहीं, शॉपिंग के दौरान स्कैमर असली जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट्स बनाकर लोगों को लुभाते हैं। सोशल मीडिया पर आकर्षक ऑफर दिखाकर लोग इन वेबसाइट्स पर आते हैं और उनकी पर्सनल जानकारी चोरी हो जाती है। इसलिए बिना पुष्टि किए किसी लिंक पर क्लिक न करें और नई वेबसाइट से शॉपिंग करने से पहले हमेशा जांच लें।

गिवअवे स्कैम से रहें सतर्क

Valentine’s Day पर सोशल मीडिया पर कई गिवअवे स्कैम भी देखने को मिलते हैं। इनमें दावा किया जाता है कि आप फ्री डिनर, हॉलीडे या महंगे गिफ्ट जीत सकते हैं। इसके लिए आपसे फॉर्म भरने और प्रोसेसिंग फीस चुकाने के लिए कहा जाता है। यह स्कैम आपका डेटा और पैसा चुराने का एक तरीका है। ऐसे ऑफर हमेशा संदिग्ध होते हैं और इनके पीछे स्कैमर का इरादा होता है। इसलिए सोशल मीडिया पर दिख रहे लुभावने गिवअवे या प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले उसकी प्रामाणिकता की पुष्टि करें और किसी भी फीस का भुगतान करने से बचें।

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गूगल पिक्सल 10ए भारत में प्री-ऑर्डर के लिए जल्द होगा उपलब्ध, कीमत जानकर हो जाएंगे हैरान

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गूगल पिक्सल 10ए भारत में प्री-ऑर्डर के लिए जल्द होगा उपलब्ध, कीमत जानकर हो जाएंगे हैरान

गूगल ने अपने नए स्मार्टफोन गूगल पिक्सल 10ए को भारत में जल्द लॉन्च करने का ऐलान किया है। कंपनी ने बताया है कि यह फोन फरवरी के तीसरे हफ्ते में गूगल के ऑनलाइन स्टोर और फ्लिपकार्ट के माध्यम से प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध होगा। हाल ही में फ्लिपकार्ट पर इस फोन का डेडीकेटेड माइक्रोसाइट लाइव हो गया है, जिससे इसकी भारत में बिक्री की पुष्टि हो गई है। हालांकि, अभी तक फोन के फीचर्स, कीमत और अन्य तकनीकी जानकारी को कंपनी ने आधिकारिक रूप से साझा नहीं किया है। लीक हुए रेंडर्स से पता चला है कि यह फोन चार रंगों में लॉन्च हो सकता है, जिनमें ब्लू, ग्रीन, रेड और ब्लैक शामिल हैं।

गूगल पिक्सल 10ए का डिजाइन और मुख्य फीचर्स

लीक हुए रेंडर्स में गूगल पिक्सल 10ए का डिजाइन काफी आकर्षक नजर आ रहा है। फोन में फ्लैट मेटल फ्रेम दिया गया है और पीछे पिल-शेप कैमरा आइलैंड के अंदर डुअल रियर कैमरा यूनिट मौजूद है। पावर बटन और वॉल्यूम कंट्रोल स्मार्टफोन के दाईं ओर हैं। डिस्प्ले की बात करें तो फोन के फ्रंट में होल पंच कटआउट है, जिसमें सेल्फी कैमरा लगा होगा। माना जा रहा है कि इसमें 6.3 इंच का फुल HD+ AMOLED डिस्प्ले होगा, जो 120Hz तक का रिफ्रेश रेट सपोर्ट करेगा। साथ ही फोन की चमक 2000 निट्स तक पहुंच सकती है, जिससे स्क्रीन का अनुभव बेहद शानदार होगा।

गूगल पिक्सल 10ए भारत में प्री-ऑर्डर के लिए जल्द होगा उपलब्ध, कीमत जानकर हो जाएंगे हैरान

गूगल पिक्सल 10ए की बैटरी और कैमरा सेटअप

गूगल पिक्सल 10ए में कंपनी के टेंसर जी4 चिपसेट के साथ 5100mAh की बैटरी होने की संभावना है, जो लंबे समय तक फोन को चलाने में सक्षम होगी। कैमरा सेटअप की बात करें तो इसमें 48 मेगापिक्सल का मुख्य रियर कैमरा और 13 मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइड कैमरा दिया जा सकता है। फ्रंट में 13 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा भी फोन का हिस्सा होगा, जो सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए उपयुक्त रहेगा। इस फोन के कैमरे की क्वालिटी और परफॉर्मेंस गूगल के पिछले पिक्सल स्मार्टफोन्स की तरह ही बेहतर रहने की उम्मीद है।

कीमत और उपलब्धता को लेकर अभी तक की जानकारी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गूगल पिक्सल 10ए का 128GB स्टोरेज वेरिएंट लगभग 499 डॉलर यानी करीब 44,000 रुपये में लॉन्च हो सकता है। यह कीमत इसे मिड-रेंज स्मार्टफोन्स के बीच एक दमदार विकल्प बनाती है। फोन की बिक्री गूगल इंडिया के आधिकारिक ऑनलाइन स्टोर और फ्लिपकार्ट पर शुरू होगी। कंपनी जल्द ही इसकी पूरी स्पेसिफिकेशन और कीमत के बारे में विस्तार से जानकारी जारी करेगी। इस फोन को लेकर बाजार में उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है, खासकर उन यूजर्स के बीच जो गूगल के पिक्सल सीरीज के फैन हैं।

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OpenAI का AI डिवाइस जल्द होगा लॉन्च, यह स्मार्ट ईयरबड्स बदल देंगे टेक्नोलॉजी की दुनिया

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OpenAI का AI डिवाइस जल्द होगा लॉन्च, यह स्मार्ट ईयरबड्स बदल देंगे टेक्नोलॉजी की दुनिया

OpenAI, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया की अग्रणी कंपनी है, इस साल के अंत तक अपना पहला AI-पावर्ड हार्डवेयर डिवाइस लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। यह डिवाइस ऑडियो-फोक्स्ड वियरेबल यानी पहनने योग्य टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा। माना जा रहा है कि इसे 2027 की शुरुआत में बाजार में उतारा जा सकता है। हाल ही में एक लीक से इस डिवाइस के बारे में कुछ अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिनसे पता चलता है कि OpenAI अपने इस प्रोडक्ट को लेकर कितनी गंभीर है।

OpenAI का पहला डिवाइस हो सकता है स्मार्ट ईयरबड्स, नाम होगा ‘Dime’

टिप्स्टर स्मार्ट पिकाचू के मुताबिक OpenAI का पहला हार्डवेयर डिवाइस ईयरबड्स होगा। लीक में यह भी बताया गया है कि इस डिवाइस का नाम ‘Dime’ रखा जा सकता है। कंपनी ने पहले यह संकेत दिया था कि वे एक बेसिक वर्जन लॉन्च कर सकते हैं, जो कि ज्यादा महत्वाकांक्षी AI-पावर्ड डिवाइस से पहले आएगा। चीन में OpenAI की हालिया पेटेंट फाइलिंग से भी ‘Dime’ नाम की पुष्टि हुई है। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, यह साधारण ईयरबड्स 2026 में बाजार में आ सकते हैं, जबकि एडवांस्ड मॉडल की लॉन्चिंग कंपोनेंट्स की कीमतें स्थिर होने के बाद होगी।

OpenAI का AI डिवाइस जल्द होगा लॉन्च, यह स्मार्ट ईयरबड्स बदल देंगे टेक्नोलॉजी की दुनिया

HBM की कमी से डिवाइस की कंप्यूटिंग क्षमता प्रभावित

OpenAI के इस प्रोजेक्ट में HBM (High Bandwidth Memory) की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इस वजह से ‘फोन जैसे’ एडवांस्ड AI डिवाइस की कंप्यूटिंग पावर सीमित हो सकती है और सामग्री बिल (BOM) की लागत बहुत बढ़ जाएगी। कंपनी इस कारण से पहले एक सरल वर्जन लॉन्च करना चाहती है, जो कि उपयोगकर्ताओं को AI की बेसिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इसके बाद, जब कंपोनेंट्स की कीमतें कम होंगी, तब एक हाई-एंड वर्जन को बाजार में उतारा जाएगा, जो ज्यादा पावरफुल होगा।

OpenAI ने लॉन्च किया नया AI मॉडल GPT-5.3-Codex

इसी बीच OpenAI ने एक नया AI मॉडल भी पेश किया है, जिसका नाम GPT-5.3-Codex है। यह मॉडल एजेंटिक कोडिंग के लिए खास तौर पर डिज़ाइन किया गया है और फिलहाल ChatGPT के सभी पेड प्लान यूजर्स के लिए उपलब्ध है। OpenAI का दावा है कि यह मॉडल पिछले वर्जन की तुलना में 25 प्रतिशत तेज़ और अधिक सक्षम है। GPT-5.3-Codex कम प्रॉम्प्ट्स में जटिल वेब गेम बना सकता है और लाखों टोकनों पर स्वतंत्र रूप से काम कर सकता है। साथ ही यह सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के कई पहलुओं जैसे PRD लिखना, कॉपी एडिटिंग, यूजर रिसर्च, स्लाइड डेक बनाना, स्प्रेडशीट विश्लेषण, और सिस्टम मॉनिटरिंग का भी समर्थन करता है।

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