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iPhone 16 अब आधी कीमत में, इलेक्ट्रॉनिक्स शॉपिंग के लिए क्रोमटेस्टिक सेल बनी खास
एप्पल का लोकप्रिय स्मार्टफोन iPhone 16 अब लॉन्च कीमत से लगभग आधी कीमत में उपलब्ध हो गया है। पिछले साल भारत समेत ग्लोबल मार्केट में पेश किया गया यह फोन अब टाटा क्रोमा के क्रोमटेस्टिक दिसंबर सेल में बेहद सस्ते दामों पर खरीदा जा सकता है। सेल के दौरान iPhone 16 के साथ ही कई अन्य ब्रांड्स के स्मार्टफोन, स्मार्ट टीवी और इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स पर भी भारी छूट मिल रही है। इस अवसर को देखते हुए टेक शौकीनों और स्मार्टफोन यूज़र्स के लिए यह एक बेहतरीन मौका साबित हो सकता है।
क्रोमटेस्टिक दिसंबर सेल ऑफर
क्रोमटेस्टिक दिसंबर सेल 15 दिसंबर 2025 से 4 जनवरी 2026 तक आयोजित की जा रही है। इस सेल में iPhone 16 को महज ₹40,990 में खरीदा जा सकता है, जबकि इसे लॉन्चिंग के समय ₹79,900 में पेश किया गया था। इसके अलावा, ग्राहक बैंक डिस्काउंट का फायदा उठाकर और EMI विकल्प में 1,833 रुपये की मासिक किस्त पर भी इसे घर ला सकते हैं। इस तरह के भारी डिस्काउंट से iPhone 16 को खरीदना अब आम ग्राहकों के लिए भी आसान हो गया है।
iPhone 16 के फीचर्स
iPhone 16 देखने में लगभग iPhone 17 जैसा ही है और इसके फीचर्स भी काफी हद तक समान हैं। इसमें 6.1 इंच का सुपर रेटिना XDR OLED डिस्प्ले दिया गया है, जो डायनैमिक आईलैंड फीचर के साथ आता है। यह फोन एप्पल के पावरफुल A18 Bionic चिपसेट के साथ पेश किया गया है, जो हैक्साकोर प्रोसेसिंग सपोर्ट करता है। iPhone 16 iOS 18 के साथ आता है, जिसे बाद में iOS 26 में अपग्रेड किया जा सकता है। फोन में एप्पल इंटेलिजेंस फीचर भी शामिल है, जो यूज़र एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाता है।
कैमरा और चार्जिंग फीचर्स
iPhone 16 के बैक में डुअल कैमरा सेटअप है, जिसमें 48MP का मेन कैमरा और 12MP का सेकेंडरी कैमरा शामिल है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 12MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। इसके अलावा, फोन में एक्शन बटन और डेडिकेटेड कैमरा बटन भी मौजूद हैं। iPhone 16 को 25W वायर्ड और वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट है, और यह IP68 रेटिंग के साथ आता है, जिससे यह पानी और धूल-मिट्टी से सुरक्षित रहता है। कुल मिलाकर, iPhone 16 डिस्काउंट के साथ एक प्रीमियम अनुभव देता है, और क्रोमटेस्टिक दिसंबर सेल इसे खरीदने का सही समय साबित हो रही है।
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Google Search का विवादित जवाब, एलोन मस्क ने तकनीक की विश्वसनीयता पर उठाया सवाल
टेक्नोलॉजी की दुनिया के चर्चित नाम एलोन मस्क एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर अपने बेबाक और सटीक कमेंट्स के लिए जाने जाने वाले मस्क ने इस बार Google Search की कार्यप्रणाली पर अप्रत्यक्ष रूप से सवाल उठाए हैं। उन्होंने एक यूजर के पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए गूगल के एक अजीब और भ्रमित करने वाले सर्च रिजल्ट पर चुप्पी तोड़ी। इस पोस्ट में दिखाया गया था कि जब गूगल से पूछा गया, “अगला साल 2027 है क्या?” तो गूगल ने contradictory यानी विरोधाभासी जवाब दिया, जो तकनीकी जगत में चर्चा का विषय बन गया।
गूगल के जवाब में दो विरोधाभासी तथ्य
मामला यह था कि गूगल ने सही जानकारी भी दी और गलत जानकारी भी। गूगल ने यह बताया कि अगला साल 2026 है, जिसके बाद 2027 आता है। लेकिन वहीं नीचे उसी रिजल्ट में यह भी दिखाया गया कि 2026 वर्तमान साल है और 2027 अगला साल है। इस तरह की विपरीत जानकारी ने उपयोगकर्ताओं को भ्रमित कर दिया। खासकर तब जब यह जानकारी पूरी निश्चितता के साथ प्रदर्शित हो रही हो, तो इसे स्वीकार करना मुश्किल हो जाता है। मस्क ने इस मामले पर बस इतना कहा कि “सुधार की गुंजाइश है,” जो एक छोटा लेकिन बहुत सशक्त व्यंग्य था। उनका संदेश साफ था कि विश्व की सबसे भरोसेमंद सर्च इंजन भी गलतियां कर सकती है।
2026 is not working great for Google 😑 pic.twitter.com/KZlpqkwko3
— X Freeze (@XFreeze) January 6, 2026
गूगल सर्च और उपयोगकर्ताओं की भरोसेमंदी
गूगल सर्च लंबे समय से इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की पहली पसंद रही है। चाहे आसान सवाल हों या जटिल जानकारी, लोग बिना शंका के गूगल पर भरोसा करते हैं। एआई चैटबॉट्स के आने तक गूगल को लगभग हर सवाल का जवाब समझा जाता था। लेकिन इसी भरोसे ने कभी-कभी समस्याएं भी पैदा की हैं। अक्सर लोग बिना किसी जांच-पड़ताल के गूगल के जवाबों को सच्चाई मान लेते हैं, जो जोखिम भरा हो सकता है। तारीख जैसे मामूली विषय पर हुई गलती भी भ्रम बढ़ाती है, लेकिन अगर ऐसा वित्तीय, स्वास्थ्य या कानूनी जानकारियों में हो तो नतीजे बहुत गंभीर हो सकते हैं। इसलिए बड़ी टेक कंपनियों से शून्य त्रुटि की उम्मीद होती है।
तकनीक की बढ़ती जिम्मेदारी और उपयोगकर्ताओं के लिए सीख
खोज इंजन भी गलत हो सकते हैं, यह बात आमतौर पर लोग मानना पसंद नहीं करते। लेकिन सच यह है कि गूगल समेत सभी सर्च प्लेटफॉर्म्स अपने डेटा स्रोतों, AI मॉडल्स और ऑटोमेटेड सिस्टम पर निर्भर होते हैं। कभी-कभी डेटा में टकराव होने से गलत या पुरानी जानकारी आ सकती है। खासकर Features जैसे Featured Snippets और Instant Answers में त्रुटियां हो सकती हैं। आज जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से विकसित हो रहा है, तो टेक कंपनियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे सटीक, पारदर्शी और भरोसेमंद जानकारी दें। मस्क का यह कमेंट सिर्फ मजाक नहीं, बल्कि एक चेतावनी भी है कि तकनीकी दुनिया को लगातार सुधार करते रहना चाहिए।
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