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TCS: टाटा कंपनी में बड़ी छंटनी! भविष्य के लिए तैयारी या बेरोजगारी का संकट?

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देश की जानी-मानी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS ने साल 2025 में दुनिया भर से कुल 12,261 कर्मचारियों की छंटनी करने का ऐलान किया है। यह फैसला मुख्य रूप से मिड और सीनियर लेवल के कर्मचारियों को प्रभावित करेगा। खास बात यह है कि इसी साल अप्रैल से जून की तिमाही में कंपनी ने 5,000 नए कर्मचारियों की भर्ती भी की है जिससे सवाल खड़े हो रहे हैं कि छंटनी की जरूरत क्यों पड़ी।

 एआई और नई तकनीकें बनीं बदलाव की वजह

TCS ने इस फैसले को अपनी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा बताया है जिसका उद्देश्य कंपनी को “भविष्य के लिए तैयार” बनाना है। इसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है। कंपनी ने बताया कि वह नए वैश्विक बाजारों में कदम रख रही है और कर्मचारियों के ढांचे को पुनर्गठित कर रही है। इस प्रक्रिया में उन कर्मचारियों को हटाया जा रहा है जिन्हें दोबारा कंपनी के किसी प्रोजेक्ट में नहीं लगाया जा सकता।

हटाए गए कर्मचारियों को मिलेगी सहायता

TCS ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों को निकाला गया है उन्हें कंपनी की ओर से आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही आउटप्लेसमेंट सपोर्ट, काउंसलिंग और अन्य मदद भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि वे दूसरी नौकरी पा सकें या मानसिक रूप से खुद को संभाल सकें। हालांकि यह तय करना मुश्किल है कि इस सहायता से उन परिवारों को कितना सुकून मिलेगा जिनकी रोजी-रोटी इस नौकरी पर निर्भर थी।

कमजोर पड़ती आईटी सेक्टर की रफ्तार

साल 2025-26 की पहली तिमाही में TCS की कमाई ₹63,437 करोड़ रही जिसमें सालाना केवल 1.3% की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान कंपनी का मुनाफा ₹12,760 करोड़ रहा जो कि 5.9% की बढ़त है। TCS के सीईओ के. कृतिवासन ने कहा है कि मौजूदा समय में डिमांड में गिरावट देखने को मिल रही है और पूरे साल डबल डिजिट ग्रोथ की संभावना कम है।

दूसरी कंपनियां भी कर रही हैं छंटनी

केवल TCS ही नहीं बल्कि माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी टेक कंपनियां भी छंटनी की राह पर हैं। साल 2025 में अब तक माइक्रोसॉफ्ट ने भी 15,000 से ज्यादा कर्मचारियों को निकाला है। Layoffs.fyi की रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में अब तक 169 कंपनियों ने 80,000 से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी की है। विशेषज्ञ मानते हैं कि एआई का बढ़ता प्रभाव, मंदी की आशंका और लागत में कटौती कंपनियों को इस दिशा में मजबूर कर रही है।

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