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‘Jana Nayakan’ की रिलीज़ पर सस्पेंस बढ़ा, CBFC से अब तक नहीं मिली सर्टिफिकेट

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'Jana Nayakan' की रिलीज़ पर सस्पेंस बढ़ा, CBFC से अब तक नहीं मिली सर्टिफिकेट

थलापथी विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘Jana Nayakan’ का भारत में रिलीज़ होना मुश्किल हो गया है। फिल्म के निर्देशक एच विनोद और उनकी टीम अभी भी केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। यह मामला मद्रास हाईकोर्ट में 7 जनवरी, बुधवार को सुना जाना है। इस देरी ने फिल्म निर्माताओं पर खासा दबाव बढ़ा दिया है, क्योंकि यह फिल्म थलापथी विजय की आखिरी फिल्म मानी जा रही है। भारत में रिलीज़ की अनिश्चितता के बीच, फिल्म को विदेश में पहले ही सेंसर क्लियरेंस मिल चुका है। ब्रिटेन के फिल्म प्रमाणन बोर्ड (BBFC) ने इसे 15+ आयु वर्ग के लिए अनुमति दी है, जिससे यूके में 15 साल और उससे ऊपर के दर्शक इस फिल्म को थिएटर में देख सकेंगे। फिल्म भारत और दुनियाभर में शुक्रवार को रिलीज़ होने वाली है और इसका मुकाबला प्रभास की फिल्म ‘राजा साब’ से भी होगा।

ब्रिटेन में मिली सेंसर मंजूरी, भारत में नहीं मिली अभी तक

‘Jana Nayakan’ को ब्रिटेन में मिली मंजूरी से यह पहला मौका है जब थलापथी विजय की फिल्म को विदेश में हरी झंडी मिली है, जबकि भारत में सेंसर प्रमाणपत्र की लड़ाई जारी है। BBFC वेबसाइट के अनुसार, इस फिल्म को ‘15’ रेटिंग दी गई है, जिसका मतलब है कि 15 साल से कम उम्र के लोग इस फिल्म को सिनेमाघरों में नहीं देख पाएंगे। साथ ही, 15 से कम उम्र के लोग इस फिल्म के वीडियो किराए पर भी नहीं ले सकते और न खरीद सकते हैं। फिल्म में ‘तेज़ हिंसा, चोटों का विस्तृत विवरण और यौन हिंसा के संदर्भ’ बताए गए हैं, जिसके कारण यह आयु सीमा निर्धारित की गई है।

सेंसर बोर्ड की जांच और विवादित सीनों पर चर्चा

फिल्म निर्माताओं ने 18 दिसंबर को सेंसर के लिए आवेदन किया था। 19 दिसंबर को फिल्म देखने वाली समिति ने कुछ दृश्यों को हटाने और कुछ संवादों को म्यूट करने का सुझाव दिया था। निर्माता पक्ष ने इन सुझावों को मानते हुए आवश्यक बदलाव किए और फिर से फिल्म को बोर्ड के पास जमा किया। फिर भी, सेंसर मंजूरी नहीं मिली। इसके बाद निर्माताओं ने मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया और सेंसर प्रमाणपत्र जारी करने की याचिका दायर की। 6 जनवरी को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति पी.टी. आशा ने बोर्ड को निर्देश दिया कि वे धार्मिक भावनाओं को आहत करने की शिकायत की प्रति कोर्ट में जमा करें। CBFC को यह दस्तावेज़ 7 जनवरी तक कोर्ट में प्रस्तुत करना है। इस मामले में आगे की सुनवाई अभी बाकी है।

रिलीज़ की अनिश्चितता के बीच फिल्म निर्माताओं की चिंता

‘Jana Nayakan’ की रिलीज़ को लेकर अनिश्चितता ने फिल्म टीम को बेचैन कर दिया है। यह फिल्म थलापथी विजय के फैंस के लिए खास महत्व रखती है और उम्मीद की जा रही थी कि यह बड़ी सफलता हासिल करेगी। अब सेंसर विवाद और कोर्ट की प्रक्रिया के कारण फिल्म के रिलीज़ पर खतरा मंडरा रहा है। साथ ही, फिल्म का मुकाबला प्रभास की ‘राजा साब’ से भी है, जो बॉक्स ऑफिस पर क्लैश का माहौल बनाएगा। अब सभी की नजरें मद्रास हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं कि क्या इस विवाद का जल्द समाधान होगा और फिल्म समय पर रिलीज़ हो पाएगी या नहीं।

यह मामला भारतीय सिनेमा में सेंसर बोर्ड की भूमिका और फिल्म रिलीज़ के लिए मिलने वाली मंजूरी की प्रक्रिया पर भी कई सवाल खड़े करता है। फिल्म निर्माताओं और दर्शकों की उम्मीद है कि न्यायालय जल्द उचित फैसला देगा और ‘जना नायकन’ को एक बेहतरीन अनुभव के साथ थिएटर में दर्शाया जाएगा।

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‘द केरल स्टोरी 2’ पर सियासी संग्राम, हजारों धर्मांतरण का दावा झूठा? शशि थरूर ने उठाए बड़े सवाल

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‘द केरल स्टोरी 2’ पर सियासी संग्राम, हजारों धर्मांतरण का दावा झूठा? शशि थरूर ने उठाए बड़े सवाल

भारतीय राजनीति और सिनेमा के गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। आगामी फिल्म “द केरला स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड” की रिलीज से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने इसके निर्माताओं पर तीखा हमला बोला है। नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए थरूर ने आरोप लगाया कि फिल्म का दूसरा भाग भी पहले की तरह नफरत फैलाने और समाज को बांटने वाली कहानी को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि पहली फिल्म “द केरला स्टोरी” में बड़े पैमाने पर धर्मांतरण के जो दावे किए गए थे, उनका कोई ठोस आधार नहीं था। थरूर का कहना है कि सिनेमा को समाज में सौहार्द बढ़ाने का माध्यम होना चाहिए, न कि भय और विभाजन का वातावरण तैयार करने का।

“आंकड़े बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए” – थरूर

शशि थरूर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि फिल्म में प्रस्तुत आंकड़े वास्तविकता से काफी दूर हैं। उनके अनुसार, हजारों लोगों के धर्मांतरण का दावा पूरी तरह गलत और अतिरंजित है। उन्होंने कहा, “सच्चाई यह है कि वर्षों में ऐसे मुश्किल से 30 मामलों की ही रिपोर्ट सामने आई है। भारत जैसे विशाल देश में कुछ अलग-थलग घटनाओं को आधार बनाकर उसे भयावह राष्ट्रीय संकट के रूप में पेश करना उचित नहीं है।” थरूर ने भारतीय सिनेमा के बदलते स्वरूप पर भी चिंता जताई। उन्होंने मशहूर फिल्म “अमर अकबर एंथनी” का उदाहरण देते हुए कहा कि वह फिल्म सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश देती थी, इसलिए उसे मनोरंजन कर से छूट मिली थी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आज के दौर में ऐसी फिल्में बनाना जरूरी हो गया है जो लोगों के मन में जहर घोलें और जिनका तथ्यों से कोई सीधा संबंध न हो।

‘द केरल स्टोरी 2’ पर सियासी संग्राम, हजारों धर्मांतरण का दावा झूठा? शशि थरूर ने उठाए बड़े सवाल

फिल्म का पक्ष और बढ़ता विवाद

विवाद के बीच “द केरला स्टोरी 2 – गोज बियॉन्ड” 27 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। हाल ही में जारी ट्रेलर में धार्मिक धर्मांतरण और कट्टरपंथ जैसे मुद्दों को राजस्थान, मध्य प्रदेश और केरल की पृष्ठभूमि में दिखाया गया है। फिल्म के निर्माताओं का दावा है कि यह फिल्म लक्षित कट्टरपंथ की कठोर सच्चाई को उजागर करती है। प्रचार सामग्री में उन्होंने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा, “उन्होंने हमारी बेटियों को निशाना बनाया और उनका भरोसा तोड़ा। इस बार हम चुप नहीं रहेंगे, कहानी और आगे जाएगी। इस बार हम सहेंगे नहीं… हम लड़ेंगे।” इस बयानबाजी ने राजनीतिक बहस को और तीखा कर दिया है। जहां समर्थक इसे सच्चाई सामने लाने वाली फिल्म बता रहे हैं, वहीं आलोचक इसे एकतरफा और भड़काऊ करार दे रहे हैं।

कानूनी चुनौतियां और राजनीतिक विरोध

पहली फिल्म, जिसका निर्देशन कामाख्या नारायण सिंह ने किया था, 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ निर्देशन और सिनेमैटोग्राफी का पुरस्कार जीत चुकी है। लेकिन इसके सीक्वल को अब कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। केरल की छवि को लेकर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें ट्रेलर और फिल्म की प्रस्तुति पर सवाल उठाए गए हैं। अदालत ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, सेंसर बोर्ड (सीबीएफसी) और फिल्म निर्माताओं को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी को तय की गई है। वहीं केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर फिल्म की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि साम्प्रदायिक वैमनस्य फैलाने वाली मनगढ़ंत कहानियों को खुली छूट देना चिंताजनक है। उन्होंने जनता से अपील की कि केरल की सौहार्दपूर्ण छवि को नुकसान पहुंचाने के प्रयासों के खिलाफ एकजुट हों।

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Toxic Teaser: फिल्म Toxic का नया पोस्टर दर्शकों को दिखा रहा है हिंसक और डार्क माहौल

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Toxic Teaser: फिल्म Toxic का नया पोस्टर दर्शकों को दिखा रहा है हिंसक और डार्क माहौल

Toxic Teaser: कन्नड़ सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म Toxic: A Fairytale for Grown-Ups ने पहले ही लुक से ही एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में तहलका मचा दिया है। फिल्म का डार्क विजुअल टोन और रणवीर सिंह की Dhurandhar 2 से बॉक्स ऑफिस पर संभावित टकराव ने दर्शकों की जिज्ञासा और बढ़ा दी थी। अब निर्माताओं ने आधिकारिक रूप से टीज़र की रिलीज़ डेट का ऐलान कर दिया है। पोस्टर के माध्यम से उन्होंने टीज़र की रिलीज़ तिथि और समय भी दर्शकों को बताया।

टीज़र और नया पोस्टर

निर्माता टीम ने पुष्टि की कि Toxic का टीज़र 20 फरवरी को सुबह 9:35 बजे रिलीज़ किया जाएगा। इसी अवसर पर नया पोस्टर भी साझा किया गया, जो फिल्म के हिंसक और इंटेंस माहौल का संकेत देता है। पोस्टर में यश अपने किरदार “राया” के रूप में खून से लथपथ बर्फीले तूफान के बीच खड़े दिखाई दे रहे हैं और सीधे बोतल से शराब पीते नजर आ रहे हैं। मलबे और तबाही के बीच उनके आधे छिपे हुए चेहरे से फिल्म की डार्क, स्टाइलिश और नैतिक रूप से जटिल कहानी का अंदाजा लगाया जा सकता है।

Toxic Teaser: फिल्म Toxic का नया पोस्टर दर्शकों को दिखा रहा है हिंसक और डार्क माहौल

लीक हुई कहानी और बढ़ती जिज्ञासा

फिल्म के विषय में उत्सुकता तब और बढ़ गई जब विदेशी वितरक Fars Films ने अपनी वेबसाइट अपडेट की। GCC और मध्य पूर्व के दर्शकों के लिए जारी सिनॉप्सिस में कहानी के कई महत्वपूर्ण संकेत दिए गए। यश की वापसी के लिए मार्केटिंग अभियान जोर पकड़ चुका है और फिल्म को ग्रैंड ग्लोबल रिलीज़ के रूप में पेश किया जा रहा है। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसका स्टार कास्ट भी है। कियारा आडवाणी “नादिया” के रूप में, हुमा कुरैशी “एलिज़ाबेथ” के रूप में और नयनतारा “गंगा” के रूप में अहम भूमिका निभा रही हैं। तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत भी कास्ट में शामिल हैं।

 

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रिलीज़ और तकनीकी विवरण

यश की प्रसिद्ध लाइन “Daddy’s Home” न केवल उनके किरदार का परिचायक बन गई है बल्कि KGF के बाद उनकी बड़े पर्दे पर वापसी का उत्सव भी दर्शकों के लिए बन गई है। फिल्म का निर्देशन गीतु मोहंदास ने किया है और यश के साथ इसे सह-लिखा गया है। फिल्म का शॉटिंग एक साथ कन्नड़ और अंग्रेज़ी में हुई है और इसे हिंदी, तमिल, तेलुगु और मलयालम जैसी भाषाओं में डब किया जाएगा। फिल्म 19 मार्च को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। यह तिथि ईद, उगड़ी और गुड़ी पड़वा जैसे त्योहारों के साथ मेल खाती है, जिससे फिल्म को लंबी छुट्टियों के दौरान बॉक्स ऑफिस पर फायदा मिलेगा। हालांकि, रणवीर सिंह की Dhurandhar 2 से डायरेक्ट मुकाबला इस रिलीज़ को और रोमांचक बना रहा है।

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Vaishnavi MacDonald ने बॉलीवुड के काले सच और फिल्मों से निकाले जाने का खुलासा किया

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वैष्णवी मैकडॉनल्ड ने बॉलीवुड के काले सच और फिल्मों से निकाले जाने का खुलासा किया

टीवी की पॉपुलर एक्ट्रेस Vaishnavi MacDonald ने हाल ही में एक इंटरव्यू में फिल्म इंडस्ट्री के काले पहलुओं का खुलासा किया। वैष्णवी को दर्शकों ने शक्तिमान में गीता विश्वास के किरदार से पहचान दी, लेकिन उन्होंने अपने करियर की शुरुआत फिल्मों से की थी। उन्हें पहले वीराना फिल्म में देखा गया और इसके अलावा लाड़ला और बरसात की रात जैसी फिल्मों में भी काम किया। लेकिन फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें अपने अधिकारों और मर्यादा की रक्षा करने के चलते कड़ा अनुभव झेलना पड़ा।

कॉम्प्रोमाइज करने से इंकार करने पर फिल्म से निकाला गया

Vaishnavi MacDonaldने इंटरव्यू में बताया कि एक्टर के साथ कॉम्प्रोमाइज करने से इंकार करने के कारण उन्हें फिल्म से हटा दिया गया। उस वक्त फिल्म के पोस्टर्स और बैनर पहले ही छप चुके थे, लेकिन फिर भी प्रोडक्शन हाउस ने उनका नाम हटाने का फैसला किया। वैष्णवी ने बताया कि डायरेक्टर को तो इस मामले में कोई दिलचस्पी नहीं थी, लेकिन फिल्म के हीरो ने उन्हें बाहर करवाने में मुख्य भूमिका निभाई। यह घटना वैष्णवी और उनकी माँ के लिए मानसिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण रही।

वैष्णवी मैकडॉनल्ड ने बॉलीवुड के काले सच और फिल्मों से निकाले जाने का खुलासा किया

माँ के साथ सुरक्षित रहने की कोशिशें

वैष्णवी ने साझा किया कि शूटिंग के दौरान उन्हें अक्सर अकेले बुलाया जाता था। हीरो उन्हें शाम के समय बुला कर ड्रिंक और अकेले माहौल में मिलने के लिए कहता था। उनकी माँ हमेशा उनके साथ रहती थीं और उन्हें किसी भी तरह की असुविधा या खतरे से बचाती थीं। प्रोडक्शन हाउस ने यहां तक कहा कि उनका पासपोर्ट बनाना मुश्किल है, ताकि स्विट्ज़रलैंड में होने वाली शूटिंग में मुश्किल खड़ी की जा सके। वैष्णवी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने सिद्धांतों पर डटे रहकर किसी भी तरह का कॉम्प्रोमाइज नहीं किया, और इसी वजह से उन्हें फिल्म से निकाल दिया गया।

फिल्मों से दूरी और टीवी की ओर रुख

इस अनुभव के बाद, वैष्णवी ने फिल्मों से दूरी बनाना ही उचित समझा और उन्होंने टीवी इंडस्ट्री की ओर रुख किया। जब उन्हें शक्तिमान का ऑफर मिला, तो उन्होंने बिना हिचकिचाहट के हामी भर दी। इस इंटरव्यू में उन्होंने खुलकर बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में किस प्रकार की अनैतिक दबाव और पावर गेम्स चलते हैं। उनकी कहानी यह भी दर्शाती है कि सफलता के पीछे संघर्ष और साहस का कितना बड़ा हाथ होता है, और कैसे एक्ट्रेस ने अपने आदर्शों और मर्यादाओं को बनाए रखा।

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