व्यापार
Stock Market में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 250 अंक बढ़ा, निफ्टी और ये स्टॉक्स भी चमके
शुक्रवार को घरेलू Stock Market मजबूत शुरुआत के साथ खुले। बीएसई सेंसेक्स सुबह 9:23 बजे 80,968.45 अंकों पर ट्रेड कर रहा था, जिसमें 250.44 अंकों का उछाल देखा गया। इसी तरह एनएसई निफ्टी भी 24,804.10 अंकों पर ट्रेड कर रहा था, जिसमें 69.8 अंकों की तेजी दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में निफ्टी के सबसे लाभकारी शेयरों में ट्रेंट, एशियन पेंट्स, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, टाटा मोटर्स और जियो फाइनेंशियल शामिल रहे, जबकि टाटा कंज्यूमर, अपोलो हॉस्पिटल्स, एचयूएल, एनटीपीसी और टाइटन कंपनी के शेयर घाटे में रहे।
सेंसेक्स कंपनियों की स्थिति
सेंसेक्स कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, ट्रेंट, टाटा मोटर्स, एशियन पेंट्स, पावर ग्रिड और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेजी रही। वहीं आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एनटीपीसी और सन फार्मा के शेयर पीछे रहे। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स फ्लैट ट्रेड कर रहे हैं। बाजार में तेजी का एक कारण जीएसटी काउंसिल द्वारा 22 सितंबर से कर स्लैब में कटौती को भी माना जा रहा है। इस कदम से बाजार में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
एशियाई बाजार की स्थिति
एशियाई बाजारों में भी आज सकारात्मक रुझान देखा गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225, शंघाई का SSE कंपोजिट इंडेक्स और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स सभी सकारात्मक क्षेत्र में ट्रेड कर रहे थे। अमेरिका के बाजार गुरुवार को लाभ के साथ बंद हुए। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड में 0.18 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई और यह $66.87 प्रति बैरल पर था।
रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत
विदेशी मुद्रा बाजार में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1 पैसा मजबूत होकर 88.11 पर पहुंच गया। डॉलर की कमजोरी और वैश्विक स्तर पर क्रूड तेल की कीमतों में गिरावट के कारण रुपया मजबूती दिखा। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के लगातार निकासी के कारण स्थानीय मुद्रा में और अधिक तेजी सीमित रही। घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक भावना ने भी रुपया सपोर्ट किया।
बाजार और मुद्रा का समग्र प्रभाव
इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में रुपया 88.11 पर खुला और फिर 88.15 तक गिरा, लेकिन बाद में वापस 88.11 पर आ गया, जिससे पिछले बंद की तुलना में 1 पैसे की तेजी दर्ज हुई। बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी की तेजी से निवेशकों का आत्मविश्वास बढ़ा है। जीएसटी स्लैब में कटौती और एशियाई बाजारों में सुधार से घरेलू निवेशकों को लाभ होने की संभावना है। साथ ही रुपया भी स्थिर होकर डॉलर के मुकाबले मजबूती दिखा रहा है, जो आर्थिक गतिविधियों और विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करेगा।