व्यापार
Stock Market में गिरावट, सेंसेक्स 323 अंक टूटा, निवेशक हुए सतर्क, अमेरिकी डॉलर और वैश्विक संकेतों ने बढ़ाई चिंता
शुक्रवार की सुबह, सप्ताह की अंतिम ट्रेडिंग सत्र में Stock Market में गिरावट देखी गई। कमजोर वैश्विक संकेतों और निवेशकों द्वारा मुनाफा निकालने की प्रवृत्ति के चलते सेंसेक्स 323.22 अंकों की गिरावट के साथ 80,836.46 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 97.45 अंकों की गिरावट के साथ 24,793.40 पर खुला। शुरुआती ट्रेडिंग में लगभग 965 शेयरों ने तेजी दिखाई, 1,258 शेयर नीचे आए और 152 शेयर स्थिर रहे।
बड़ी कंपनियों के शेयरों में मिली-जुली प्रतिक्रिया
शुरुआती ट्रेडिंग में निफ्टी की बड़ी कंपनियों जैसे सिप्ला, डॉ. रेड्डीज़ लैब्स, टाइटन कंपनी, एशियन पेंट्स और बजाज फाइनेंस के शेयरों में गिरावट आई। जबकि L&T, हीरो मोटोकॉर्प, हिंडाल्को, टाटा स्टील और ONGC के शेयरों में तेजी रही। सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान पर ट्रेड कर रहे थे। IT और फार्मा सेक्टर में 1-2 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। BSE मिडकैप इंडेक्स 0.7% और BSE स्मॉलकैप इंडेक्स 1% गिर गया।
विशेषज्ञों का विश्लेषण
बाजार 1 अक्टूबर को आरबीआई के ब्याज दर के निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। फिनरेक्स ट्रेज़री एडवाइजर्स के हेड ऑफ़ ट्रेज़री अनिल कुमार भंसाली ने कहा कि बाजार का समग्र मूड सतर्क दिख रहा है। विदेशी पूंजी प्रवाह, वैश्विक जोखिम का माहौल और भारत-अमेरिका के बीच नीति अनिश्चितताओं के समाधान पर बाजार की प्रतिक्रिया निर्भर करेगी।
रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर से उभरा
विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया कमजोर डॉलर और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की संभावनाओं के बीच 88.70 पर उभर गया। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की निकासी और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने स्थानीय मुद्रा के लाभ को सीमित कर दिया। इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 88.72 पर खुला और बाद में 88.70 पर पहुंच गया, जो पिछले बंद स्तर से 6 पैसे ऊपर है। गुरुवार को रुपया 88.76 पर बंद हुआ था, जो नया रिकॉर्ड निचला स्तर था।
निवेशकों के लिए सुझाव और आगे का रुख
विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और मुनाफा लेने की प्रवृत्ति के बीच धैर्य बनाए रखना चाहिए। आने वाले दिनों में आरबीआई की ब्याज दर की घोषणा, वैश्विक संकेत और अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता के परिणाम शेयर बाजार और रुपया मूल्य को प्रभावित कर सकते हैं। निवेशकों को दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाकर निवेश करना और केवल बाजार की अस्थिरता पर प्रतिक्रिया नहीं करना चाहिए।