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Starlink India ने लॉन्च किए रेसिडेंशियल प्लान्स! एलोन मस्क का हाई-स्पीड सैटेलाइट इंटरनेट अब भारत में शुरू
एलोन मस्क की कंपनी SpaceX का सैटेलाइट इंटरनेट प्रोजेक्ट Starlink भारत में अब आधिकारिक तौर पर अपने रेसिडेंशियल प्लान के दामों के साथ तैयार है। लंबे समय तक अनुमोदन और परीक्षण के बाद, कंपनी देश के उन इलाकों में हाई-स्पीड इंटरनेट लाने की तैयारी कर रही है, जहां अब तक भरोसेमंद ब्रॉडबैंड कनेक्शन उपलब्ध नहीं हैं। Starlink की वेबसाइट पर अब residential plan की पूरी जानकारी दी गई है। इस योजना के तहत मासिक सेवा शुल्क ₹8,600 है और आवश्यक हार्डवेयर किट के लिए एकमुश्त ₹34,000 का भुगतान करना होगा।
प्लान की खासियत और सुविधाएँ
इस रेसिडेंशियल प्लान के अंतर्गत उपयोगकर्ताओं को अनलिमिटेड डेटा मिलेगा और कनेक्शन की गुणवत्ता स्वयं परखने के लिए 30 दिन का ट्रायल भी उपलब्ध होगा। कंपनी का दावा है कि Starlink सभी मौसम की परिस्थितियों में भरोसेमंद काम करता है और सिस्टम को 99.9% अपटाइम के लिए डिजाइन किया गया है। इंस्टॉलेशन बेहद सरल है – बस डिवाइस को प्लग इन करें और इंटरनेट तुरंत शुरू हो जाएगा। यह प्लान विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों के लिए उपयोगी साबित होगा, जहां अभी तक फाइबर या ब्रॉडबैंड नेटवर्क नहीं पहुँचे हैं।

बिजनेस प्लान को लेकर अभी रहस्य बरकरार
अभी Starlink ने केवल रेसिडेंशियल प्राइसिंग की जानकारी साझा की है। कंपनी ने बिजनेस या कमर्शियल टियर की कीमतों और योजनाओं के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। अनुमान है कि आने वाले हफ्तों में कंपनी वाणिज्यिक योजनाओं और दामों की जानकारी भी साझा कर सकती है। इसकी वजह यह है कि भारत सरकार और संबंधित एजेंसियों के साथ महत्वपूर्ण चर्चाएँ अभी भी जारी हैं, जिन्हें पूरा किए बिना व्यावसायिक योजनाओं का खुलासा नहीं किया जा सकता।
भारत में Starlink की तैयारी और एलोन मस्क की महत्वाकांक्षा
Starlink की भारत में एंट्री की गंभीरता हाल ही में कंपनी द्वारा की गई भर्ती से भी स्पष्ट होती है। अक्टूबर के अंत में, SpaceX ने बेंगलुरु ऑफिस के लिए कई पदों पर नौकरी के अवसर दिए, जैसे कि पेमेंट्स मैनेजर, अकाउंटिंग मैनेजर, सीनियर ट्रेजरी एनालिस्ट और टैक्स मैनेजर। इससे स्पष्ट होता है कि Starlink भारत में अपने संचालन का विस्तार करने की योजना बना रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी देश के विभिन्न शहरों में ग्राउंड स्टेशन भी स्थापित कर सकती है ताकि नेटवर्क और मजबूत हो सके।
एलोन मस्क ने हाल ही में Zerodha के सह-संस्थापक निखिल कामथ से बातचीत में कहा कि Starlink दुनियाभर में तेजी से फैल रहा है और भारत उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक है। मस्क का मानना है कि Starlink भारत के कई ग्रामीण और अविकसित क्षेत्रों में इंटरनेट एक्सेस पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उनकी टिप्पणियाँ स्पष्ट रूप से संकेत देती हैं कि अब केवल औपचारिकताओं के पूरा होने का इंतजार है और Starlink जल्द ही भारत में अपनी सेवाएँ शुरू कर सकता है।
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Google Search का विवादित जवाब, एलोन मस्क ने तकनीक की विश्वसनीयता पर उठाया सवाल
टेक्नोलॉजी की दुनिया के चर्चित नाम एलोन मस्क एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर अपने बेबाक और सटीक कमेंट्स के लिए जाने जाने वाले मस्क ने इस बार Google Search की कार्यप्रणाली पर अप्रत्यक्ष रूप से सवाल उठाए हैं। उन्होंने एक यूजर के पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए गूगल के एक अजीब और भ्रमित करने वाले सर्च रिजल्ट पर चुप्पी तोड़ी। इस पोस्ट में दिखाया गया था कि जब गूगल से पूछा गया, “अगला साल 2027 है क्या?” तो गूगल ने contradictory यानी विरोधाभासी जवाब दिया, जो तकनीकी जगत में चर्चा का विषय बन गया।
गूगल के जवाब में दो विरोधाभासी तथ्य
मामला यह था कि गूगल ने सही जानकारी भी दी और गलत जानकारी भी। गूगल ने यह बताया कि अगला साल 2026 है, जिसके बाद 2027 आता है। लेकिन वहीं नीचे उसी रिजल्ट में यह भी दिखाया गया कि 2026 वर्तमान साल है और 2027 अगला साल है। इस तरह की विपरीत जानकारी ने उपयोगकर्ताओं को भ्रमित कर दिया। खासकर तब जब यह जानकारी पूरी निश्चितता के साथ प्रदर्शित हो रही हो, तो इसे स्वीकार करना मुश्किल हो जाता है। मस्क ने इस मामले पर बस इतना कहा कि “सुधार की गुंजाइश है,” जो एक छोटा लेकिन बहुत सशक्त व्यंग्य था। उनका संदेश साफ था कि विश्व की सबसे भरोसेमंद सर्च इंजन भी गलतियां कर सकती है।
2026 is not working great for Google 😑 pic.twitter.com/KZlpqkwko3
— X Freeze (@XFreeze) January 6, 2026
गूगल सर्च और उपयोगकर्ताओं की भरोसेमंदी
गूगल सर्च लंबे समय से इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की पहली पसंद रही है। चाहे आसान सवाल हों या जटिल जानकारी, लोग बिना शंका के गूगल पर भरोसा करते हैं। एआई चैटबॉट्स के आने तक गूगल को लगभग हर सवाल का जवाब समझा जाता था। लेकिन इसी भरोसे ने कभी-कभी समस्याएं भी पैदा की हैं। अक्सर लोग बिना किसी जांच-पड़ताल के गूगल के जवाबों को सच्चाई मान लेते हैं, जो जोखिम भरा हो सकता है। तारीख जैसे मामूली विषय पर हुई गलती भी भ्रम बढ़ाती है, लेकिन अगर ऐसा वित्तीय, स्वास्थ्य या कानूनी जानकारियों में हो तो नतीजे बहुत गंभीर हो सकते हैं। इसलिए बड़ी टेक कंपनियों से शून्य त्रुटि की उम्मीद होती है।
तकनीक की बढ़ती जिम्मेदारी और उपयोगकर्ताओं के लिए सीख
खोज इंजन भी गलत हो सकते हैं, यह बात आमतौर पर लोग मानना पसंद नहीं करते। लेकिन सच यह है कि गूगल समेत सभी सर्च प्लेटफॉर्म्स अपने डेटा स्रोतों, AI मॉडल्स और ऑटोमेटेड सिस्टम पर निर्भर होते हैं। कभी-कभी डेटा में टकराव होने से गलत या पुरानी जानकारी आ सकती है। खासकर Features जैसे Featured Snippets और Instant Answers में त्रुटियां हो सकती हैं। आज जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से विकसित हो रहा है, तो टेक कंपनियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे सटीक, पारदर्शी और भरोसेमंद जानकारी दें। मस्क का यह कमेंट सिर्फ मजाक नहीं, बल्कि एक चेतावनी भी है कि तकनीकी दुनिया को लगातार सुधार करते रहना चाहिए।
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