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Starlink की भारत में दस्तक! सैटेलाइट इंटरनेट का नया युग शुरू जियो और एयरटेल को देगा टक्कर
Starlink: एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक भारत में सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवा शुरू करने की तैयारी में है। कंपनी को दूरसंचार विभाग से लेटर ऑफ इंटेंट मिल चुका है। अब स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट के बाद ही सेवा शुरू हो सकेगी। भारत में स्टारलिंक के अलावा जियो एयरटेल और अमेजन भी इस दौड़ में हैं।
पड़ोसी देशों से सस्ती होगी भारत में योजना
हाल ही में स्टारलिंक ने बांग्लादेश और भूटान में अपनी ब्रॉडबैंड सेवा शुरू की है। वहां इसकी योजना चार हजार से छह हजार रुपये के बीच है। मगर भारत में यह योजना काफी सस्ती हो सकती है। यहां स्टारलिंक की शुरुआती योजना दस डॉलर यानी करीब 840 रुपये से कम में मिल सकती है।
ट्राई ने सस्ती सेवा की सिफारिश की
ट्राई ने सैटेलाइट सेवा देने वाली कंपनियों को शहरी इलाकों में मासिक शुल्क पांच सौ रुपये तक रखने की सिफारिश की है। अगर सेवा की कीमत कम रखी गई तो बहुत तेजी से यूजर्स की संख्या बढ़ेगी। इससे कंपनियों को स्पेक्ट्रम चार्ज और संचालन लागत की भरपाई करने में मदद मिलेगी।
स्टारलिंक की वैश्विक मौजूदगी मजबूत
स्टारलिंक इस समय दुनिया के 105 से ज्यादा देशों में अपनी सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवा दे रही है। हाल ही में कंपनी ने स्पेस में डायरेक्ट टू सेल कैपेबिलिटी वाले सैटेलाइट लॉन्च किए हैं। इनकी मदद से यूजर्स अपने स्मार्टफोन में सीधे सैटेलाइट कनेक्टिविटी पा सकेंगे।
डायरेक्ट टू सेल तकनीक का कमाल
स्टारलिंक की इस खास तकनीक के जरिए यूजर्स बिना किसी मोबाइल नेटवर्क के फोन से कॉल और मैसेज कर सकेंगे। साथ ही इमरजेंसी में इंटरनेट सेवा भी ले सकेंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि इसके लिए आपके 4जी या 5जी फोन में कोई हार्डवेयर बदलाव नहीं करना होगा।