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साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे की डायरेक्ट एंट्री, वेस्टइंडीज को क्वालीफायर खेलना पड़ेगा

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साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे की डायरेक्ट एंट्री, वेस्टइंडीज को क्वालीफायर खेलना पड़ेगा

आईसीसी का अगला बड़ा टूर्नामेंट, वनडे विश्व कप, साल 2027 में खेला जाएगा। हालांकि इसके लिए टीमों की फाइनल सूची अभी तय नहीं हुई है, लेकिन क्रिकेट फैंस में पहले से ही उत्साह और चर्चा तेज हो गई है। इस बार 14 टीमें टूर्नामेंट का हिस्सा होंगी। पिछले साल 2023 में दस टीमों ने हिस्सा लिया था। अब आईसीसी ने पुराने फार्मेट की वापसी करते हुए टूर्नामेंट को और रोमांचक बनाने का निर्णय लिया है। टूर्नामेंट अक्टूबर से नवंबर तक खेला जाएगा और क्रिकेट प्रेमियों को इस बार और भी दिलचस्प मुकाबले देखने को मिलेंगे।

मेजबानी: साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया

अगले वनडे विश्व कप की मेजबानी साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया करेंगे। साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे ने मेजबानी के कारण पहले ही डायरेक्ट एंट्री सुनिश्चित कर ली है। वहीं, नामीबिया को क्वालीफायर खेलकर प्रवेश करना होगा क्योंकि यह आईसीसी की फुल मेंबर टीम नहीं है। बाकी टीमों का चयन आईसीसी रैंकिंग के आधार पर किया जाएगा। आईसीसी के अनुसार, टॉप 8 में शामिल टीमें सीधे प्रवेश करेंगी और बाकियों को क्वालीफायर मुकाबलों के जरिए मौका मिलेगा। इस साल के प्रारंभिक रैंकिंग में बांग्लादेश नंबर 9 और वेस्टइंडीज नंबर 10 पर हैं, जिससे भविष्य में दोनों टीमों के लिए रोमांचक लड़ाई बनने वाली है।

साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे की डायरेक्ट एंट्री, वेस्टइंडीज को क्वालीफायर खेलना पड़ेगा

वेस्टइंडीज की एंट्री पर संकट

आईसीसी के नियमों के अनुसार, मार्च 2027 में जो टीमें टॉप 8 में होंगी, उनकी डायरेक्ट एंट्री होगी। इसके बाहर रहने वाली टीमें क्वालीफायर खेलकर टूर्नामेंट में जगह बनाएंगी। फिलहाल वेस्टइंडीज की टीम टॉप 8 से बाहर है, जिससे उसकी डायरेक्ट एंट्री खतरे में है। अगर टीम मार्च तक अपनी रैंकिंग सुधार नहीं पाई, तो वेस्टइंडीज को क्वालीफायर खेलना पड़ेगा या संभव है कि टीम इस बार विश्व कप से बाहर रह जाए। दूसरी ओर, बांग्लादेश की टीम क्वालीफायर मुकाबलों के जरिए टूर्नामेंट में जगह बना सकती है। इस समय दोनों टीमों के लिए आने वाले मैचों में प्रदर्शन बहुत महत्वपूर्ण है।

दो बार विजेता टीम अब एंट्री के लिए जद्दोजहद

वेस्टइंडीज की टीम ने 1975 और 1979 में वनडे विश्व कप जीता है और कभी क्रिकेट की दुनिया पर राज किया। लेकिन तब से टीम को वनडे विश्व कप में सफलता नहीं मिली। अब 2027 में वेस्टइंडीज की टीम की एंट्री भी चुनौतीपूर्ण हो गई है। मार्च 2027 तक रैंकिंग के आधार पर फाइनल सूची तय होगी और देखने वाली बात यह होगी कि क्या दो बार की विजेता टीम इस बार विश्व कप में खेल पाएगी या बाहर हो जाएगी। इस टूर्नामेंट में टीमों की रणनीति, प्रदर्शन और रैंकिंग की जंग क्रिकेट फैंस के लिए बेहद रोचक रहने वाली है।

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न्यूजीलैंड में टॉम लेथम चोटिल, जेम्स नीशम संभालेंगे टी20 इंटरनेशनल कप्तानी

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न्यूजीलैंड में टॉम लेथम चोटिल, जेम्स नीशम संभालेंगे टी20 इंटरनेशनल कप्तानी

न्यूजीलैंड अपनी घरेलू मैदान पर साउथ अफ्रीका के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज खेल रहा है। अब तक तीन मुकाबले हो चुके हैं, जिसमें कीवी टीम ने दो मैच अपने नाम किए हैं जबकि दक्षिण अफ्रीका ने एक मुकाबला जीतने में सफलता पाई है। चौथा मैच 22 मार्च को वेलिंग्टन के स्टेडियम में खेला जाएगा। हालांकि, इससे पहले कीवी टीम के स्क्वाड में एक बड़ा बदलाव आया है। शुरुआती तीन मैचों में मिचेल सैंटनर कप्तान थे, जबकि आखिरी दो मैचों में टॉम लेथम को कप्तानी सौंपने का प्लान था।

चोटिल टॉम लेथम की कप्तानी की जिम्मेदारी जेम्स नीशम को

तीसरे मुकाबले में बल्लेबाजी के दौरान टॉम लेथम का अंगूठा चोटिल हो गया और वह चौथे टी20 में नहीं खेल पाएंगे। इसके बाद न्यूजीलैंड क्रिकेट ने टी20 इंटरनेशनल में पहली बार जेम्स नीशम को कप्तानी सौंपी है। नीशम अब न्यूजीलैंड के टी20 इंटरनेशनल में कप्तानी संभालने वाले 12वें खिलाड़ी बन गए हैं। जेम्स नीशम ने अब तक 103 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं और बल्ले व गेंद दोनों से टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

न्यूजीलैंड में टॉम लेथम चोटिल, जेम्स नीशम संभालेंगे टी20 इंटरनेशनल कप्तानी

लेथम की जगह टॉम ब्लंडल को शामिल किया गया

टॉम लेथम के बाहर होने के बाद न्यूजीलैंड क्रिकेट ने रिप्लेसमेंट प्लेयर के रूप में विकेटकीपर बल्लेबाज टॉम ब्लंडल को टीम में शामिल किया है। इस सीरीज के दौरान कई खिलाड़ी चोट या फिटनेस की वजह से बाहर हो चुके हैं। टॉम लेथम के पांचवें मुकाबले तक फिट होने की संभावना कम दिखाई दे रही है। ब्लंडल के शामिल होने से टीम की बैटिंग लाइनअप और विकेटकीपिंग दोनों में मजबूती आएगी।

चौथे मुकाबले में दोनों टीमों की रणनीति और महत्व

सीरीज का चौथा मैच दोनों टीमों के लिए अहम साबित होगा। कीवी टीम की नजर जीत हासिल कर अजेय बढ़त बनाने पर है, जबकि दक्षिण अफ्रीका कोशिश करेगी सीरीज को बराबरी पर लाने की। नए कप्तान जेम्स नीशम के नेतृत्व में न्यूजीलैंड की टीम की रणनीति और प्लेइंग XI में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। चोटिल खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी और नए खिलाड़ियों की एंट्री इस मुकाबले को और रोमांचक बनाएगी।

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IPL 2026 से पहले श्रीलंका बोर्ड ने खिलाड़ियों को NOC देने से पहले फिटनेस टेस्ट अनिवार्य किया

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IPL 2026 से पहले श्रीलंका बोर्ड ने खिलाड़ियों को NOC देने से पहले फिटनेस टेस्ट अनिवार्य किया

आईपीएल 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होने जा रही है। इस सीजन में कई अनुभवी श्रीलंकाई खिलाड़ी भी अपनी टीमों के लिए खेलते नजर आएंगे। हालांकि, आईपीएल शुरू होने से पहले श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) ने अपने खिलाड़ियों को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी करने से रोक दिया है। बोर्ड का कहना है कि खिलाड़ियों को आईपीएल में खेलने से पहले फिटनेस टेस्ट पास करना होगा। कोलंबो में अगले हफ्ते यह टेस्ट आयोजित किया जाएगा।

फिटनेस टेस्ट पास करना जरूरी

SLC का यह निर्णय खिलाड़ियों की सुरक्षा और फिटनेस को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। फिटनेस टेस्ट में पास करने वाले खिलाड़ियों को ही नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट मिलेगा। कोलकाता नाइट राइडर्स के मथीशा पथिराना, लखनऊ सुपर जायंट्स के वानिंदु हसरंगा, सनराइजर्स हैदराबाद के ईशान मलिंगा और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के नुवान तुषारा इस टेस्ट में शामिल होंगे। फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद ही ये खिलाड़ी आईपीएल के 19वें सीजन में खेल पाएंगे।

IPL 2026 से पहले श्रीलंका बोर्ड ने खिलाड़ियों को NOC देने से पहले फिटनेस टेस्ट अनिवार्य किया

आईपीएल 2026 में खेलेंगे सात श्रीलंकाई खिलाड़ी

क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार इस सीजन में कुल सात श्रीलंकाई खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। दिल्ली कैपिटल्स के दुष्मंथा चमीरा और पथुम निसांका, सनराइजर्स हैदराबाद के कामिंदु मेंडिस के अलावा पथिराना, हसरंगा, मलिंगा और तुषारा भी खेलेंगे। SLC ने सोमवार और मंगलवार को खिलाड़ियों का फिटनेस टेस्ट करवाने का निर्णय लिया है। इसके बाद ही फ्रेंचाइजियों को यह पता चलेगा कि कौन-कौन खिलाड़ी खेल पाएंगे।

चोट से प्रभावित रहे खिलाड़ी, IPL में उम्मीदें

पथिराना, हसरंगा, मलिंगा और तुषारा हाल ही में समाप्त हुए T20 वर्ल्ड कप में चोट के कारण नहीं खेल पाए थे। हसरंगा 8 फरवरी को आयरलैंड के खिलाफ पहले मैच के बाद बाएं पैर की हैमस्ट्रिंग में खिंचाव के कारण टीम से बाहर हो गए थे। पथिराना ने वर्ल्ड कप के तीन मैच खेले और फिर बाहर हो गए। आईपीएल फ्रेंचाइजियों को उम्मीद है कि SLC इन खिलाड़ियों को खेलने की मंजूरी दे देगा, जिससे फैंस उन्हें मैदान पर देख सकेंगे।

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संजू सैमसन का CSK में जाना राजस्थान रॉयल्स के लिए साबित हुआ बड़ा झटका

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संजू सैमसन का CSK में जाना राजस्थान रॉयल्स के लिए साबित हुआ बड़ा झटका

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 19वें सीजन में सभी 10 टीमों के स्क्वाड में बड़े बदलाव तो नहीं दिख रहे हैं, लेकिन इस बार सबसे बड़ी चर्चा संजू सैमसन के चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) में जाने को लेकर है। पिछले सीजन तक राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी करने वाले संजू सैमसन को इस बार प्लेयर ट्रेडिंग नियमों के तहत राजस्थान रॉयल्स ने CSK को ट्रेड किया। इस ट्रेड के बाद टीम और फैंस दोनों ही प्रभावित हुए हैं।

फाफ डु प्लेसिस ने बताया राजस्थान का बड़ा नुकसान

साउथ अफ्रीकी टीम के दिग्गज खिलाड़ी फाफ डु प्लेसिस ने जियो हॉटस्टार के साथ बातचीत में कहा कि राजस्थान रॉयल्स का नाम सुनते ही संजू सैमसन का चेहरा सामने आता था। उन्होंने कहा कि कई टीमों में ऐसे खिलाड़ी होते हैं जिनका चेहरा टीम की पहचान बन जाता है, जैसे रोहित शर्मा, महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली। संजू सैमसन भले ही नई जनरेशन के खिलाड़ी हैं, लेकिन राजस्थान रॉयल्स के लिए वह फ्रेंचाइजी का मुख्य चेहरा बन चुके थे। उनका जाना टीम के फैंस के लिए झटका है और टीम के लिए लगातार फैन बेस बनाए रखना अब चुनौतीपूर्ण होगा।

संजू सैमसन का CSK में जाना राजस्थान रॉयल्स के लिए साबित हुआ बड़ा झटका

यशस्वी जायसवाल पर बढ़ी जिम्मेदारी

फाफ डु प्लेसिस ने आगे कहा कि संजू सैमसन के जाने के बाद राजस्थान रॉयल्स के लिए सबसे बड़ा दबाव यशस्वी जायसवाल पर रहेगा। संजू के साथ खेलते हुए यशस्वी आसानी से अपना स्वाभाविक खेल खेल पाते थे, लेकिन अब उन्हें ज्यादा जिम्मेदारी के साथ खेलना होगा। उनके प्रदर्शन पर टीम की जीत-हार सीधे निर्भर करेगी। संजू के जाने के बाद राजस्थान ने रियान पराग को नया कप्तान बनाया है, जो 30 मार्च को गुवाहाटी के मैदान पर CSK के खिलाफ टीम का नेतृत्व करेंगे।

पहला मुकाबला और नई चुनौतियां

आईपीएल के इस सीजन में राजस्थान रॉयल्स और CSK के बीच पहले मैच पर सभी की नजरें टिकी होंगी। नए कप्तान रियान पराग और युवा खिलाड़ी यशस्वी जायसवाल के लिए यह चुनौतीपूर्ण होगा कि वे टीम को मजबूती से आगे लेकर जाएं। वहीं संजू सैमसन के लिए भी यह नया अध्याय है, जहां उन्हें CSK की कप्तानी और फैंस की उम्मीदों पर खरा उतरना होगा। इस ट्रेंड और बदलाव ने आईपीएल के इस सीजन को पहले से ज्यादा रोमांचक और अनिश्चित बना दिया है।

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