Smartphone Lost in Train: अगर आपकी मोबाइल फोन ट्रेन में या स्टेशन पर यात्रा के दौरान खो जाए या चोरी हो जाए तो उसे वापस मिलने की संभावना अब काफी बढ़ गई है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और दूरसंचार विभाग (DoT) ने मिलकर एक बड़ा कदम उठाया है जिससे यात्रियों को मदद मिलेगी। अब RPF ने DoT के केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (CEIR) पोर्टल से आधिकारिक तौर पर जुड़ाव कर लिया है। CEIR पोर्टल एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसके माध्यम से खोया या चोरी हुआ मोबाइल फोन का IMEI नंबर ब्लॉक किया जा सकता है। इससे न केवल फोन का उपयोग असंभव हो जाता है बल्कि उसे ट्रैक करना भी आसान हो जाता है। यह सुविधा पहले पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में सफलतापूर्वक शुरू की गई थी और अब पूरे भारतीय रेलवे नेटवर्क में लागू कर दी गई है, जिससे लाखों यात्रियों को लाभ होगा।
डिजिटल तकनीक के जरिए रेलवे सुरक्षा में बड़ा सुधार
CEIR पोर्टल की शुरुआत और प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान RPF के महानिदेशक मनोज यादव ने बताया कि DoT के साथ यह साझेदारी रेलवे सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। डिजिटल तकनीक का उपयोग यात्रियों को पारदर्शी और भरोसेमंद तरीका प्रदान करेगा जिससे मोबाइल फोन की बरामदगी आसान हो जाएगी। इस कदम से जनता का रेलवे में विश्वास और मजबूत होगा। अब RPF तुरंत ही CEIR पोर्टल के जरिए खोए या चोरी हुए फोन का IMEI नंबर ब्लॉक कर सकेगा। एक बार ब्लॉक हो जाने पर फोन न तो इस्तेमाल किया जा सकेगा और न ही अवैध रूप से बेचा जा सकेगा। साथ ही जब भी कोई नया सिम फोन में लगाता है, तो सिस्टम को तुरंत सूचना मिल जाती है।
शिकायत कैसे करें और फोन कैसे पाएं वापस
अगर आपकी मोबाइल फोन ट्रेन यात्रा के दौरान खो जाती है तो आप रेल मदद पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं या 139 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। यदि आप FIR दर्ज नहीं कराना चाहते तो CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया में भी मदद मिलती है। शिकायत दर्ज होने के बाद RPF की ज़ोनल साइबर सेल IMEI नंबर ब्लॉक कर देती है। जब भी फोन किसी नए सिम के साथ सक्रिय होगा, तो उसे उपयोग करने वाले को नजदीकी RPF पोस्ट पर फोन जमा करने का आदेश दिया जाता है। इसके बाद असली मालिक आवश्यक दस्तावेज दिखाकर अपना फोन वापस ले सकता है। यदि कोई सहयोग नहीं करता है तो FIR दर्ज कराई जाती है और मामला जिला पुलिस के पास भेज दिया जाता है। फोन मिलने के बाद मालिक CEIR पोर्टल के जरिए IMEI को अनब्लॉक करने का भी अनुरोध कर सकता है।
पूरे देश में लागू, यात्रियों को मिली बड़ी राहत
मई 2024 में शुरू हुए पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद यह सुविधा अब पूरे देश में लागू कर दी गई है। RPF का मानना है कि इस पहल से न केवल मोबाइल फोन चोरी पर काफी हद तक रोक लगेगी, बल्कि यात्रियों को अपने खोए हुए फोन जल्दी और सुरक्षित तरीके से वापस मिलने में भी मदद मिलेगी। इसके साथ ही RPF का ऑपरेशन अमानत भी यात्रियों के खोए हुए सामान को वापस दिलाने में सक्रिय रहा है। जनवरी 2024 से फरवरी 2025 के बीच ऑपरेशन अमानत के तहत 84 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमती सामान बरामद कर 1.15 लाख से अधिक यात्रियों को लौटाया जा चुका है। CEIR के साथ जुड़ाव से अब मोबाइल फोन की सुरक्षा और भी मजबूत होगी और यात्रियों को इस डिजिटल युग में रेलवे पर भरोसा और बढ़ेगा।