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दिल्ली की सीएम Rekha Gupta पर थप्पड़ हमला, आरोपी गिरफ्तार, कांग्रेस बोली – जब सीएम सुरक्षित नहीं, तो आम जनता कैसे?
दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta पर जनसुनवाई के दौरान हमला हो गया। यह घटना सीएम आवास पर हुई जब लोग अपनी समस्याएँ लेकर मिलने आए थे। अचानक एक व्यक्ति ने सामने आकर उन पर थप्पड़ जड़ दिया। मौके पर मौजूद पुलिस ने तुरंत आरोपी को गिरफ्तार कर सिविल लाइंस थाने ले गई। इस वारदात ने दिल्ली की राजनीति और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कांग्रेस ने साधा निशाना
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जब खुद राजधानी की मुख्यमंत्री सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता की सुरक्षा पर सवाल उठना लाजिमी है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी हमला भाजपा पर बोला और कहा कि राजनीति में हिंसा की कोई जगह नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा “हिंसा की जननी” है और यह जांच होनी चाहिए कि कहीं यह हमला राजनीतिक साजिश तो नहीं।
VIDEO | Delhi Chief Minister Rekha Gupta was allegedly attacked at a 'Jan Sunwai' programme at her official residence in Civil Lines.
Delhi Congress president Devender Yadav says, “Those responsible must face strict punishment, but this also shows that no one is safe in Delhi,… pic.twitter.com/egi1LkP9Gr
— Press Trust of India (@PTI_News) August 20, 2025
शिवसेना (उद्धव गुट) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि पहले भी अरविंद केजरीवाल पर हमले हुए और तब भाजपा ने उसे जश्न की तरह मनाया था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री ही सुरक्षित नहीं हैं तो दिल्ली की जनता कैसे सुरक्षित होगी। वहीं आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध की जगह है लेकिन हिंसा की कोई जगह नहीं। उन्होंने दिल्ली पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
चश्मदीद का बयान और घटनास्थल का माहौल
जनसुनवाई में मौजूद अंजलि नाम की महिला ने बताया कि आरोपी व्यक्ति सीएम से कुछ कह ही रहा था कि अचानक उसने थप्पड़ मार दिया। उन्होंने कहा कि यह बेहद गलत है क्योंकि हर किसी को जनसुनवाई का अधिकार है, लेकिन हिंसा बर्दाश्त नहीं की जा सकती। इस घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में गुस्सा और अफरातफरी फैल गई।
VIDEO | Delhi Chief Minister Rekha Gupta was allegedly attacked at a 'Jan Sunwai' programme at her official residence in Civil Lines. Visuals from outside her residence.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvqRQz) pic.twitter.com/Fv2Dfb0Gxc
— Press Trust of India (@PTI_News) August 20, 2025
भाजपा नेताओं की सफाई और आरोप-प्रत्यारोप
भाजपा सांसद कमलजीत सेहरावत ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और भरोसा जताया कि रेखा गुप्ता जनता की सेवा जारी रखेंगी। वहीं दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इसे विपक्ष की साजिश बताया और कहा कि मुख्यमंत्री दिल्ली के मुद्दों पर गंभीर हैं, इसलिए उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ जारी है।
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होर्मुज संकट के बीच भारत सतर्क, विदेश मंत्रालय ने बताई ऊर्जा और जहाज सुरक्षा की रणनीति
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार को लेकर स्पष्ट और सक्रिय रणनीति अपनाई है। होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े हालात पर विदेश मंत्रालय ने जानकारी देते हुए कहा कि भारत लगातार संबंधित देशों के संपर्क में है और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा रही है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, अब तक एलपीजी से लदे चार भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर भारत पहुंच चुके हैं। फिलहाल कुल 24 भारतीय जहाज इस क्षेत्र में मौजूद हैं, जिनकी सुरक्षा और आवाजाही पर लगातार नजर रखी जा रही है। सरकार केस-बाय-केस आधार पर संबंधित देशों के साथ समन्वय कर रही है ताकि किसी भी तरह का व्यवधान न आए।
ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भारत का दृष्टिकोण व्यापक और संतुलित बताया गया है। सरकार तीन प्रमुख आधारों—1.4 अरब लोगों की जरूरतें, अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और वैश्विक हालात—को ध्यान में रखकर निर्णय ले रही है। कच्चे तेल और गैस की खरीद तकनीकी और व्यावसायिक विषय है, जिसकी जिम्मेदारी पेट्रोलियम मंत्रालय के पास है। इस बीच रूस से तेल और एलपीजी की सप्लाई जारी है, जबकि ईरान से जुड़े हालात पर भी नजर रखी जा रही है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पेरिस में आयोजित G7 विदेश मंत्रियों की बैठक में वैश्विक मुद्दों पर भारत का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार, मानवीय सहायता आपूर्ति को मजबूत करने और ग्लोबल साउथ पर युद्ध के प्रभाव जैसे मुद्दे उठाए। साथ ही IMEC कॉरिडोर और वैश्विक कनेक्टिविटी पर भारत की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
सरकार ने खाद आपूर्ति को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। प्राकृतिक गैस सप्लाई में आई चुनौतियों के बावजूद उर्वरक उत्पादन प्रभावित नहीं होने दिया गया है। Natural Gas (Supply Regulation) Order, 2026 के तहत खाद कारखानों को प्राथमिकता दी गई है, जिससे उत्पादन और भंडारण दोनों स्थिर बने हुए हैं।
वहीं, पाकिस्तान के परमाणु बयान पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तान की ओर से दिए गए बयानों को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा गया कि दुनिया इन खतरों से भली-भांति परिचित है।
कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत बहुआयामी रणनीति के तहत ऊर्जा, खाद और समुद्री सुरक्षा को संतुलित बनाए रखने में जुटा है, जिससे घरेलू जरूरतों पर किसी प्रकार का असर न पड़े।
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मिडिल ईस्ट तनाव से तेल बाजार में हलचल, $200 प्रति बैरल तक जा सकती हैं कीमतें
मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता और बेचैनी बढ़ा दी है। निवेश बैंक मैक्वेरी ग्रुप ने चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है, तो कच्चे तेल की कीमतें $200 प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। यह स्थिति न केवल ऊर्जा बाजार, बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर संकट खड़ा कर सकती है।
दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ईरान से जुड़े मौजूदा तनाव और संभावित संघर्ष के कारण इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है, जिससे सप्लाई में भारी कमी आ सकती है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रेडर्स पहले ही अनुमान लगा रहे हैं कि ब्रेंट क्रूड की कीमतें निकट भविष्य में $150 प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। फिलहाल कीमतें करीब $107 प्रति बैरल के आसपास हैं, लेकिन हालात बिगड़ने पर यह तेजी से बढ़ सकती हैं।
अगर तेल की कीमतें $150 से $200 के बीच लंबे समय तक बनी रहती हैं, तो इसका सीधा असर महंगाई, परिवहन लागत और उत्पादन खर्च पर पड़ेगा। इससे वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ेगा और कई देशों की आर्थिक वृद्धि प्रभावित हो सकती है।
भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए यह स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। बढ़ती कीमतों से पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते हैं और सरकारी वित्तीय संतुलन पर असर पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट का यह संकट आने वाले समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
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