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SL vs AUS: मैथ्यू कुहनेमैन के गेंदबाजी एक्शन पर उठे सवाल, ICC के टेस्ट सेंटर में करना होगा परीक्षण
SL vs AUS: ऑस्ट्रेलियाई टीम इस समय श्रीलंका दौरे पर है, जहां उसने 2 मैचों की टेस्ट सीरीज में श्रीलंका को 2-0 से क्लीन स्वीप किया। अब ऑस्ट्रेलियाई टीम को श्रीलंका के खिलाफ 2 मैचों की वनडे सीरीज भी खेलनी है। लेकिन इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज मैथ्यू कुहनेमैन का गेंदबाजी एक्शन सवालों के घेरे में आ गया है। टेस्ट सीरीज में ऑस्ट्रेलिया की एकतरफा जीत में अहम भूमिका निभाने वाले कुहनेमैन को अब अपने गेंदबाजी एक्शन को ICC द्वारा मान्यता प्राप्त टेस्टिंग सेंटर पर साबित करना होगा। उन्हें यह परीक्षण अगले तीन हफ्तों में करना होगा।
मैथ्यू कुहनेमैन का गेंदबाजी एक्शन क्यों हुआ सवालों के घेरे में?
मैथ्यू कुहनेमैन, जिन्होंने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया, उनका गेंदबाजी एक्शन अब जांच के दायरे में आ गया है। कुहनेमैन ने टेस्ट सीरीज में 16 विकेट हासिल किए थे और ऑस्ट्रेलिया की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। हालांकि, दूसरे टेस्ट मैच के बाद मैच अधिकारियों ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को सूचित किया कि कुहनेमैन का गेंदबाजी एक्शन संदिग्ध पाया गया है। इसके बाद उन्हें अपने गेंदबाजी एक्शन को साबित करने के लिए ICC द्वारा मान्यता प्राप्त टेस्टिंग सेंटर पर टेस्ट करवाने के लिए कहा गया है।
15 डिग्री तक की मोड़ की अनुमति
ICC के नियमों के अनुसार, गेंदबाजों को गेंदबाजी करते समय अपनी कोहनी को 15 डिग्री तक मोड़ने की अनुमति है। इस नियम के तहत, कुहनेमैन को अपनी गेंदबाजी को साबित करने के लिए इस सीमा में रहकर अपने एक्शन को सही साबित करना होगा। यदि वह यह साबित करने में असमर्थ रहते हैं कि उनका एक्शन कानूनी है, तो उन्हें एक बार फिर से गेंदबाजी पर प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें पूर्ण समर्थन देने की बात की है और कहा है कि बोर्ड उन्हें यह साबित करने में पूरी मदद करेगा।

कुहनेमैन का करियर और इस मुद्दे की अहमियत
मैथ्यू कुहनेमैन ने 2017 में अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की थी। इस समय तक उनके गेंदबाजी एक्शन पर कभी सवाल नहीं उठे थे। लेकिन यह पहली बार है जब उनके एक्शन को लेकर किसी तरह की शंका जताई गई है। कुहनेमैन ने अब तक 5 टेस्ट मैचों और 4 वनडे मैचों में ऑस्ट्रेलिया के लिए खेला है। उनका गेंदबाजी एक्शन जांच में आने से उनके करियर को एक नया मोड़ मिल सकता है, क्योंकि यदि उनका एक्शन दोषपूर्ण पाया जाता है, तो यह उनके अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में भविष्य को प्रभावित कर सकता है।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का समर्थन
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इस मुद्दे पर स्पष्ट रूप से कहा है कि वह कुहनेमैन को पूरी तरह से समर्थन देगा और उन्हें यह साबित करने के लिए आवश्यक मदद प्रदान करेगा। बोर्ड ने कहा है कि यदि कुहनेमैन का एक्शन सही साबित होता है, तो वह अपने गेंदबाजी करियर को जारी रख सकते हैं, लेकिन यदि उनका एक्शन अवैध पाया जाता है, तो उन्हें एक्शन सुधारने के लिए और टेस्ट करवाने होंगे। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने यह भी कहा कि वे इस मामले में पूरी गंभीरता से काम करेंगे और किसी भी निर्णय के लिए टीम के हितों को ध्यान में रखते हुए कदम उठाएंगे।
टेस्ट सीरीज में कुहनेमैन का प्रदर्शन
मैथ्यू कुहनेमैन ने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने 16 विकेट लेकर टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। कुहनेमैन की गेंदबाजी ने श्रीलंकाई बल्लेबाजों को कड़ी चुनौती दी थी, और उनका खेल प्रदर्शन शानदार था। इसके बावजूद, उनके गेंदबाजी एक्शन पर उठे सवाल ने टीम के मनोबल को थोड़ा प्रभावित किया है, लेकिन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का समर्थन उन्हें इस मुद्दे से उबरने में मदद कर सकता है।
क्या होगा अगर एक्शन अवैध पाया जाता है?
अगर ICC के मान्यता प्राप्त टेस्टिंग सेंटर पर मैथ्यू कुहनेमैन का एक्शन अवैध पाया जाता है, तो उन्हें गेंदबाजी पर प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है। यह उनके करियर के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है, खासकर अगर वह अपनी गेंदबाजी को सुधारने में सक्षम नहीं होते। हालांकि, यदि वह अपने एक्शन को सही साबित करने में सफल होते हैं, तो वह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी वापसी कर सकते हैं और आगे भी खेल सकते हैं।
कुहनेमैन का भविष्य
मैथ्यू कुहनेमैन का भविष्य इस समय अनिश्चित है, लेकिन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का समर्थन उन्हें आत्मविश्वास देता है। वह अब अपने एक्शन को सही साबित करने के लिए टेस्टिंग सेंटर पर जाएंगे, और अगर उनका एक्शन सही पाया जाता है, तो वह ऑस्ट्रेलिया के लिए और अधिक सफलता प्राप्त करने की कोशिश करेंगे।
मैथ्यू कुहनेमैन का गेंदबाजी एक्शन सवालों के घेरे में आना उनके लिए एक चुनौती है, लेकिन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का समर्थन और उनके आत्मविश्वास के साथ वह इसे पार कर सकते हैं। इस समय उनका ध्यान ICC के टेस्टिंग सेंटर में अपने एक्शन को सही साबित करने पर है। अगर वह यह साबित करने में सफल रहते हैं, तो वह भविष्य में ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी में एक अहम भूमिका निभाते रहेंगे।
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अक्षर पटेल और कुलदीप यादव के नाम टी20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट का मौका
भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला अहमदाबाद के ऐतिहासिक नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 8 मार्च को खेला जाएगा। यह मुकाबला न केवल खिताब के लिए बल्कि व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। टीम इंडिया के उपकप्तान अक्षर पटेल इस मैच में एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम करने के करीब हैं। फाइनल मुकाबले में अगर वह शानदार प्रदर्शन करते हैं तो भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले टी20 स्पिन गेंदबाज बन सकते हैं। वहीं, अगर टीम प्रबंधन उन्हें मौका देता है तो कुलदीप यादव भी इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर सकते हैं।
अक्षर पटेल के नाम बनने वाला रिकॉर्ड
32 वर्षीय अक्षर पटेल ने अब तक भारत के लिए 93 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। इन मैचों में उन्होंने 87 पारियों में गेंदबाजी करते हुए 94 विकेट हासिल किए हैं। अगर फाइनल में वह न्यूजीलैंड के खिलाफ कम से कम तीन विकेट लेते हैं, तो वह इस फॉर्मेट में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले स्पिन गेंदबाज बन जाएंगे। फिलहाल यह रिकॉर्ड अनुभवी स्पिनर युजवेंद्र चहल के नाम है, जिन्होंने 80 मैचों में 96 विकेट हासिल किए हैं। इसके अलावा कुलदीप यादव 54 मैचों में 95 विकेट लेकर इस सूची में चहल के बेहद करीब हैं।

कुलदीप यादव के लिए भी रिकॉर्ड का मौका
टीम इंडिया के अन्य अनुभवी स्पिनर कुलदीप यादव को इस वर्ल्ड कप में अब तक केवल एक मैच खेलने का मौका मिला था। यदि उन्हें फाइनल में खेलने का अवसर मिलता है, तो वह केवल दो विकेट लेकर भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले स्पिनर बन सकते हैं। कुलदीप ने अब तक 52 पारियों में 95 विकेट हासिल किए हैं। ऐसे में फाइनल मुकाबला उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि दर्ज कराने का मौका भी साबित हो सकता है।
टी20 वर्ल्ड कप में अक्षर पटेल का प्रदर्शन
इस वर्ल्ड कप में अक्षर पटेल का प्रदर्शन अब तक शानदार रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में उन्होंने बल्लेबाजी में दो रन बनाए, गेंदबाजी में तीन ओवर में 35 रन देकर दो बड़े विकेट लिए और फील्डिंग में तीन बेहतरीन कैच पकड़े। इन योगदानों की वजह से टीम इंडिया सेमीफाइनल में जीतने में कामयाब रही। अब फाइनल में उनका प्रदर्शन और रिकॉर्ड की संभावना क्रिकेट फैंस के लिए बेहद रोमांचक होने वाली है।
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संजू सैमसन की धमाकेदार पारी ने भारत को इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में पहुंचाया
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में टीम इंडिया ने इंग्लैंड के खिलाफ रोमांचक मुकाबला खेला। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 253/7 का स्कोर बनाया। इसमें संजू सैमसन ने केवल 42 गेंदों में 8 चौकों और 7 छक्कों की मदद से 89 रनों की मैच विनिंग पारी खेली। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और बाकी बल्लेबाजों की छोटी-छोटी पारियों ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। जवाब में इंग्लैंड ने भी जबरदस्त बैटिंग की लेकिन सात विकेट खोकर केवल 246 रन ही बना सके। इस तरह भारत ने महज 7 रन से करीबी जीत दर्ज कर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।
प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड में संजू सैमसन की विनम्र प्रतिक्रिया
संजू सैमसन को उनकी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड दिया गया। हालांकि उन्होंने खुद को इसके योग्य नहीं माना और कहा कि असली क्रेडिट तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को जाना चाहिए। बुमराह ने चार ओवर के स्पेल में सिर्फ 33 रन देकर इंग्लैंड के कप्तान हैरू ब्रूक को आउट किया। खासकर 18वें ओवर में सिर्फ 6 रन देना मैच का टर्निंग पॉइंट रहा। सैमसन ने कहा कि बुमराह के प्रदर्शन ने हमारी जीत सुनिश्चित की और उनका योगदान अतुलनीय है। उन्होंने अवॉर्ड पाने के बावजूद बुमराह की तारीफ कर यह साबित किया कि टीम को प्राथमिकता उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों से ऊपर है।

लगातार दूसरे मुकाबले में सैमसन बने प्लेयर ऑफ द मैच
संजू सैमसन ने सेमीफाइनल के बाद कहा कि उन्हें लगातार दूसरी बार प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिलकर बहुत अच्छा लग रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले मैच से उनकी लय अच्छी थी और उन्होंने इसे जारी रखने की कोशिश की। सैमसन ने अपनी पारी को सोच-समझकर खेला और शुरुआती समय में थोड़ी किस्मत भी उनके साथ रही। उन्होंने बताया कि वानखेड़े में स्कोर का महत्व अधिक है क्योंकि यहां चेज करना आसान होता है। उन्होंने टीम के बैकअप और पार्टनरशिप की भी तारीफ की। साथ ही उन्होंने कहा कि इंग्लैंड की बैटिंग ने मुकाबले को रोमांचक बनाया और इस जीत का श्रेय पूरी टीम और विशेष रूप से बुमराह को जाता है।
सेंचुरी से चूकने पर सैमसन की सकारात्मक सोच
संजू सैमसन ने सेंचुरी से चूकने के सवाल पर कहा कि यह मायने नहीं रखता। शतक केवल प्रोसेस का हिस्सा होता है और इसमें कभी भी रणनीति बदलना जरूरी नहीं होता। उन्होंने बताया कि टी20 में आक्रामक क्रिकेट खेलना और टीम के लिए योगदान देना ही प्राथमिकता होती है। उन्होंने अपनी टीम की जीत में योगदान देने की खुशी जताई और कहा कि उन्हें जो भी रन मिले, उन्होंने उनका सही उपयोग किया। उनके विचारों और टीम की जीत के प्रति समर्पण ने उन्हें दर्शकों और क्रिकेट विशेषज्ञों की नजरों में एक जिम्मेदार और समर्पित खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया।
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IND vs ENG हेड-टू-हेड रिकॉर्ड और पिच रिपोर्ट से बढ़ा मुंबई सेमीफाइनल का रोमांच
IND vs ENG: T20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में भारत और इंग्लैंड का मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होगा। टीम इंडिया, जिसकी कप्तानी सूर्यकुमार यादव कर रहे हैं, सुपर-8 में साउथ अफ्रीका से हार के बाद वापसी करते हुए जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज को हराकर सेमीफाइनल में पहुंची है। भारतीय टीम जीत की लय को बरकरार रखते हुए इंग्लैंड के खिलाफ खिताबी मुकाबले में जगह बनाने की कोशिश करेगी। दूसरी ओर, इंग्लैंड ने सुपर-8 में सभी मैच जीतकर शानदार प्रदर्शन किया है। इंग्लिश टीम की योजना भारतीय टीम को हराकर फाइनल में जगह बनाने की होगी, लेकिन वानखेड़े में भारत को हराना आसान नहीं होगा।
वानखेड़े स्टेडियम की पिच रिपोर्ट
वानखेड़े की पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। इस मैदान पर जो टीम अपने ओपनिंग बल्लेबाजों से मजबूत शुरुआत करेगी, उसी टीम के जीतने की संभावना अधिक होगी। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को अतिरिक्त उछाल का फायदा मिल सकता है और ओपनर्स को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। मिडल ओवर में पिच थोड़ी रफ हो सकती है, जिससे स्पिनर्स को गेंद घुमाने का बढ़िया मौका मिलेगा। पावरप्ले के दौरान तेज गेंदबाज और मिडल ओवर में स्पिनरों की अहम भूमिका रहेगी। कुल मिलाकर यह पिच हाई-स्कोरिंग मैच के लिए मुफीद है और टीमों के बीच रोमांचक मुकाबले की संभावना बढ़ा देती है।

ओस का असर और संभावित स्कोर
जैसे-जैसे मैच का अंत होगा, ओस का असर दिखाई दे सकता है, जो गेंदबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होगा। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों की भूमिका निर्णायक होगी और मिडल ओवर में स्पिनरों के लिए गेंद को घुमाना महत्वपूर्ण होगा। वानखेड़े स्टेडियम की पिच पर दोनों टीमों के लिए 200 से अधिक रन का स्कोर करना संभव है। ओपनिंग बल्लेबाजों की स्थिरता और बीच के ओवरों में स्पिनरों का प्रभाव मैच के परिणाम को प्रभावित कर सकता है। इसलिए यह मुकाबला बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए रणनीति का परीक्षण साबित होगा।
भारत और इंग्लैंड का हेड-टू-हेड रिकॉर्ड
T20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत और इंग्लैंड के बीच यह तीसरा सेमीफाइनल मुकाबला है। 2022 के वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने भारत को हराया था, जबकि 2024 में टीम इंडिया ने बाजी मारी। गौरतलब है कि पिछले दोनों सेमीफाइनल जीतने वाली टीम ने अंततः खिताब भी अपने नाम किया। अब तक भारत और इंग्लैंड के बीच 29 T20I मुकाबले हुए हैं, जिसमें भारत को 17 और इंग्लैंड को 12 जीत मिली हैं। यह आंकड़े बताती हैं कि मुकाबला बेहद प्रतिस्पर्धात्मक और रोमांचक रहने वाला है।
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