Connect with us

Business

SIP Investment Tips: छोटे निवेश से करोड़पति बनने का तरीका, जानें सही रणनीति और गणना के राज़

Published

on

SIP Investment Tips: छोटे निवेश से करोड़पति बनने का तरीका, जानें सही रणनीति और गणना के राज़

SIP Investment Tips: भारतीय निवेशक आजकल Systematic Investment Plan (SIP) यानी व्यवस्थित निवेश योजना को एक लोकप्रिय निवेश विकल्प के रूप में देख रहे हैं। कई निवेशक अपने वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार SIP के माध्यम से निवेश करना पसंद करते हैं। अगर आप भी छोटे-छोटे निवेश करके लंबी अवधि में संपत्ति बनाने का लक्ष्य रखते हैं, तो SIP आपके लिए सही विकल्प हो सकता है। SIP निवेश लंबी अवधि में धीरे-धीरे आपका धन बढ़ाने का माध्यम है, जिससे बड़ी पूंजी तैयार की जा सकती है।

SIP से करोड़ों का निर्माण कैसे संभव है

मान लीजिए आप प्रति माह 12,000 रुपये का SIP शुरू करते हैं और इसे लगभग 19 वर्षों तक जारी रखते हैं। इस अवधि में आपका कुल निवेश ₹27,36,000 होगा। यदि इस निवेश पर अनुमानित 12% की वार्षिक दर से रिटर्न मिलता है, तो लंबी अवधि में आपकी संपत्ति में जबरदस्त वृद्धि होगी। SIP का असली फायदा कंपाउंडिंग में निहित है। यदि सभी बाजार की परिस्थितियाँ अनुकूल बनी रहती हैं, तो 19 वर्षों के अंत में आपके पास कुल ₹1,05,03,905 का बड़ा कोरपस तैयार हो सकता है। इसमें से लगभग ₹77,67,905 केवल ब्याज के रूप में आपके निवेश पर अर्जित होगा।

SIP Investment Tips: छोटे निवेश से करोड़पति बनने का तरीका, जानें सही रणनीति और गणना के राज़

SIP क्या है और कैसे काम करता है

SIP यानी Systematic Investment Plan एक ऐसा निवेश माध्यम है जिसमें निवेशक नियमित अंतराल पर छोटे-छोटे राशियों का निवेश करते हैं। यह निवेश किसी विशेष समय अवधि के लिए किया जाता है और इसका उद्देश्य लंबी अवधि में बड़ा कोरपस तैयार करना होता है। SIP निवेश के माध्यम से निवेशक बाजार की उतार-चढ़ाव का लाभ उठाते हुए धीरे-धीरे अपनी संपत्ति बढ़ा सकते हैं।

SIP निवेश में जोखिम और सावधानियाँ

हालांकि SIP निवेश लंबे समय में धन बढ़ाने का उत्तम तरीका है, लेकिन यह स्टॉक मार्केट पर निर्भर करता है। इसलिए, इसके रिटर्न में उतार-चढ़ाव हो सकता है। निवेशक को यह समझना जरूरी है कि SIP निवेश में बाजार जोखिम हमेशा मौजूद रहता है। सही समय, अनुशासन और नियमित निवेश के साथ SIP में निवेश करने से आप अपने वित्तीय लक्ष्यों को सफलतापूर्वक हासिल कर सकते हैं। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे निवेश से पहले बाजार की स्थिति और अपनी जोखिम क्षमता का मूल्यांकन अवश्य करें।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Business

National Stock Exchange: 15 जनवरी को शेयर बाजार बंद, जानिए म्युनिसिपल चुनाव की वजह से क्या रहेगा असर

Published

on

National Stock Exchange: 15 जनवरी को शेयर बाजार बंद, जानिए म्युनिसिपल चुनाव की वजह से क्या रहेगा असर

National Stock Exchange: महाराष्ट्र में 15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनावों के चलते स्टॉक मार्केट की छुट्टी को लेकर पहले भ्रम की स्थिति बनी थी। हालांकि अब यह स्पष्ट हो गया है कि गुरुवार, 15 जनवरी, 2026 को स्टॉक मार्केट पूरी तरह से बंद रहेगा। राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (NSE) द्वारा जारी एक सर्कुलर में यह जानकारी दी गई है कि महाराष्ट्र में चुनावों के कारण इस दिन पूंजी बाजार में ट्रेडिंग नहीं होगी। इसका मतलब है कि इस दिन शेयर बाजार में कोई भी व्यापारिक गतिविधि नहीं होगी।

NSE ने जारी किया आधिकारिक सर्कुलर

NSE ने अपने सर्कुलर में कहा है, “एक्सचेंज सर्कुलर को आंशिक रूप से संशोधित करते हुए, एक्सचेंज गुरुवार, 15 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों के कारण पूंजी बाजार के खंड में ट्रेडिंग छुट्टी घोषित करता है।” पहले खबरें थीं कि यह दिन केवल सेटलमेंट की छुट्टी होगी, लेकिन अब एक्सचेंज ने स्पष्ट किया है कि यह एक ट्रेडिंग हॉलिडे है। इसका मतलब यह हुआ कि पूरे दिन बाजार बंद रहेगा और ट्रेडिंग नहीं होगी। इससे ट्रेडर्स और निवेशकों को अपने प्लान्स में बदलाव करना होगा।

शेयर बाजार के साथ-साथ कमोडिटी मार्केट का हाल

15 जनवरी को न केवल NSE बल्कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में भी इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, सिक्योरिटीज़ लेंडिंग और बोर्रोइंग (SLB), करेंसी डेरिवेटिव्स और इंटरेस्ट रेट डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग पूरी तरह बंद रहेगी। हालांकि, कमोडिटी मार्केट में इस दिन सुबह का सेशन बंद रहेगा, लेकिन शाम को 5 बजे से ट्रेडिंग शुरू हो जाएगी। इस व्यवस्था से कमोडिटी ट्रेडर्स को थोड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि वे शाम के सेशन में कारोबार कर सकेंगे।

निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए महत्वपूर्ण सूचना

यह फैसला महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों के कारण बाजार में किसी भी तरह की अनिश्चितता को कम करने के लिए लिया गया है। ट्रेडिंग हॉलिडे की घोषणा से पहले कुछ निवेशकों और ट्रेडर्स के बीच भ्रम था कि 15 जनवरी को केवल सेटलमेंट की छुट्टी होगी, लेकिन अब स्पष्ट हो गया है कि पूरा दिन बाजार बंद रहेगा। इसलिए निवेशकों को अपनी ट्रेडिंग योजनाओं को इस अनुसार बनाना होगा ताकि वे किसी तरह के नुकसान से बच सकें। साथ ही कमोडिटी बाजार में शाम के सत्र की शुरुआत के कारण संबंधित ट्रेडर्स को भी समय के हिसाब से अपने लेन-देन की तैयारी करनी होगी। इस तरह की सूचनाएं समय-समय पर एक्सचेंजों द्वारा जारी की जाती हैं ताकि सभी बाजार प्रतिभागी अपनी गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित कर सकें।

Continue Reading

Business

Bharat Electronics के शेयरों में उछाल, नए ऑर्डर के बाद निवेशकों में बढ़ा उत्साह

Published

on

Bharat Electronics के शेयरों में उछाल, नए ऑर्डर के बाद निवेशकों में बढ़ा उत्साह

Bharat Electronics Share Price: भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार 9 जनवरी 2026 को डिफेंस सेक्टर की प्रमुख कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली। कारोबारी सत्र के दौरान कंपनी का शेयर करीब दो प्रतिशत तक उछल गया और इंट्राडे ट्रेडिंग में 424 रुपये के आसपास पहुंच गया। बाजार में इस तेजी ने निवेशकों का ध्यान एक बार फिर डिफेंस शेयरों की ओर खींच लिया है। खास बात यह है कि यह उछाल ऐसे समय में आया है जब बाजार में सीमित उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा था। विश्लेषकों के मुताबिक कंपनी को मिले नए ऑर्डर्स की खबर ने शेयरों में इस मजबूती को सहारा दिया है। निवेशक इसे कंपनी के मजबूत कारोबारी भविष्य और ऑर्डर बुक में लगातार हो रही बढ़ोतरी के संकेत के तौर पर देख रहे हैं।

नए ऑर्डर्स से मजबूत हुई ऑर्डर बुक

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स ने हाल ही में जानकारी दी है कि 1 जनवरी को दिए गए पिछले अपडेट के बाद अब तक उसे करीब 569 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर्स हासिल हुए हैं। ये ऑर्डर अलग अलग सेगमेंट से जुड़े हुए हैं और कंपनी के डिफेंस और टेक्नोलॉजी पोर्टफोलियो को और मजबूत करते हैं। इनमें ड्रोन की पहचान करने और उन्हें जाम करने वाले सिस्टम, मोबाइल कम्युनिकेशन उपकरण, सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस, सिस्टम अपग्रेड, स्पेयर पार्ट्स और उनसे जुड़ी सेवाएं शामिल हैं। इससे पहले भी कंपनी को 1 जनवरी को ही 569 करोड़ रुपये के ऑर्डर्स मिले थे, जो कम्युनिकेशन इक्विपमेंट, मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स, फायर डिटेक्शन और फायर सप्रेशन सिस्टम तथा स्पेयर पार्ट्स से संबंधित थे। लगातार मिल रहे इन ऑर्डर्स से साफ है कि कंपनी की ऑर्डर बुक लगातार मजबूत हो रही है और आने वाले समय में इसके राजस्व में स्थिरता बनी रह सकती है।

डिफेंस सेक्टर में कंपनी की अहम भूमिका

नए ऑर्डर्स मिलने के बाद निवेशकों का भरोसा भारत इलेक्ट्रॉनिक्स पर और बढ़ता नजर आ रहा है। यह कंपनी देश के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सरकार की मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी नीतियों का भी कंपनी को सीधा फायदा मिल रहा है। ड्रोन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और आधुनिक कम्युनिकेशन सॉल्यूशंस जैसे क्षेत्रों में कंपनी की मौजूदगी इसे प्रतिस्पर्धियों से अलग बनाती है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी को लगातार मिल रहे सरकारी और संस्थागत ऑर्डर्स इसके लंबे समय के ग्रोथ स्टोरी को मजबूत बनाते हैं। यही वजह है कि हर नए ऑर्डर की खबर पर निवेशक कंपनी के शेयरों में दिलचस्पी दिखा रहे हैं और बाजार में इसका असर साफ नजर आता है।

BSE पर शेयरों का हाल और निवेशकों की नजर

शुक्रवार को BSE पर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। दोपहर करीब 12 बजे कंपनी का शेयर 1.07 प्रतिशत या 4.45 रुपये की बढ़त के साथ 420.10 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। दिन की शुरुआत शेयर ने 416.15 रुपये के स्तर से की थी और कारोबार के दौरान इसका उच्चतम स्तर 424.50 रुपये तक पहुंच गया। अगर 52 सप्ताह के आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी का शेयर इस दौरान 435.95 रुपये के उच्च स्तर तक गया है जबकि 52 सप्ताह का निचला स्तर 240.15 रुपये रहा है। इन आंकड़ों से साफ है कि पिछले एक साल में शेयर ने मजबूत रिटर्न दिया है। फिलहाल निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले समय में कंपनी को और कितने नए ऑर्डर्स मिलते हैं और इसका असर शेयर की चाल पर कैसा रहता है।

Continue Reading

Business

Anil Agarwal ने खोया अपना प्रिय बेटा अग्निवेश, हार्ट अटैक ने छीना साथ

Published

on

Anil Agarwal ने खोया अपना प्रिय बेटा अग्निवेश, हार्ट अटैक ने छीना साथ

संयुक्त राज्य अमेरिका में वेदांता समूह के संस्थापक Anil Agarwal के पुत्र अग्निवेश अग्रवाल का अचानक निधन हो गया है। अनिल अग्रवाल ने अपने बेटे के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 49 वर्षीय अग्निवेश अग्रवाल न्यूयॉर्क में हार्ट अटैक की वजह से दुनिया से विदा हो गए। कुछ दिन पहले स्कीइंग के दौरान चोट लगने के बाद वे माउंट सीनाई अस्पताल में उपचाराधीन थे। उपचार के दौरान उनका दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। यह खबर वेदांता समूह के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल और उनके परिवार के लिए अपूरणीय दुःख लेकर आई है।

Anil Agarwal ने सोशल मीडिया पर इस दुखद खबर को साझा करते हुए लिखा, “हम सोचते थे कि बुरे समय खत्म हो गए, लेकिन किस्मत ने कुछ और ही सोचा था। अचानक हुए दिल के दौरे ने हमारा बेटा हमसे छीन लिया।” उन्होंने आगे लिखा, “मेरा प्रिय पुत्र अग्निवेश हमें बहुत जल्दी छोड़ गया। वह केवल 49 वर्ष का था। युवा, जीवंत और सपनों से भरा हुआ। हमने सोचा था कि अब सब ठीक हो जाएगा, लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था।”

Anil Agarwal का व्यवसायिक सफर और शुरुआती जीवन

Anil Agarwal का जन्म 24 जनवरी 1954 को बिहार की राजधानी पटना में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पटना के मिलर स्कूल से प्राप्त की। बचपन से ही उनकी सीखने की भूख और दृढ़ संकल्प ने उन्हें देश के प्रमुख उद्योगपतियों में से एक बनने की ओर अग्रसर किया। उनका व्यवसायिक सफर 1970 के दशक के मध्य शुरू हुआ जब उन्होंने धातु के स्क्रैप का व्यापार शुरू किया।

1976 में उन्होंने वेदांता कंपनी की स्थापना की। शुरुआत में वेदांता केवल स्क्रैप मेटल के व्यापार में था। लेकिन अनिल अग्रवाल की मेहनत और दूरदर्शिता ने कंपनी को तेजी से बढ़ाया और वेदांता को धातु उद्योग में एक प्रसिद्ध नाम बना दिया। उनके इस योगदान के कारण उन्हें ‘मेटल किंग’ के नाम से भी जाना जाता है।

घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यवसाय का विस्तार

1986 में अनिल अग्रवाल ने मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में कदम रखा और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज की स्थापना की, जो शुरू में जेली-फिल्ड केबल का निर्माण करती थी। कुछ वर्षों के भीतर कंपनी ने तेजी से विस्तार किया और 1993 तक यह देश की पहली निजी क्षेत्र की तांबा गलाने और परिष्कृत करने वाली फैक्ट्री बन गई।

2011 में उन्होंने भारत एल्यूमिनियम कंपनी (BALCO) में नियंत्रण हिस्सेदारी खरीदी और बाद में हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड में निवेश किया। इन सौदों ने वेदांता को एल्यूमिनियम और जिंक के क्षेत्र में एक विशेष पहचान दिलाई। यह अनिल अग्रवाल के व्यवसायिक जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ था जिसने वेदांता को वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित किया।

अनिल अग्रवाल की कुल संपत्ति और वेदांता का वित्तीय आंकड़ा

फोर्ब्स के अनुसार, वर्ष 2026 में अनिल अग्रवाल की कुल संपत्ति लगभग ₹35,000 करोड़ आंकी गई है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में वेदांता का टर्नओवर लगभग ₹1,31,192 करोड़ रहा। उनके अधिकांश आय के स्रोत वेदांता समूह के विभिन्न क्षेत्रों से आते हैं।

अनिल अग्रवाल का यह सफर गरीबी से लेकर देश के सबसे बड़े उद्योगपतियों में शामिल होने तक की प्रेरणादायक कहानी है। उनके पुत्र अग्निवेश के निधन से वेदांता परिवार और भारतीय उद्योग जगत को गहरा सदमा पहुंचा है। यह घटना न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरी व्यावसायिक दुनिया के लिए एक बड़ी क्षति है।

Continue Reading

Trending