Silver Price Record High: सोमवार को चांदी की कीमतों ने एक नया इतिहास रच दिया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी पहली बार ₹3,01,315 प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर को छू गई। यह 13,553 रुपये यानी 4.71 प्रतिशत की वृद्धि के साथ हुआ है। पिछले एक हफ्ते में चांदी की कीमतों में लगभग 14 प्रतिशत या ₹35,037 की तेजी देखी गई है, जो निवेशकों के बीच इसकी बढ़ती लोकप्रियता और मजबूत मांग को दर्शाता है। यह तेजी सेफ हेवन मेटल के रूप में चांदी की बढ़ती मांग और वैश्विक संकेतों के कारण हो रही है।
चांदी की कीमतों में तेजी के प्रमुख कारण
विशेषज्ञों के अनुसार चांदी की कीमतों में इस जबरदस्त उछाल के कई कारण हैं। सबसे पहले, वैश्विक स्तर पर चांदी की कीमतों में 9.2 डॉलर यानी लगभग 11.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो सोने की तुलना में कहीं अधिक है। इसके पीछे मुख्य वजहें हैं बढ़ती जियोपॉलिटिकल तनाव, अमेरिकी डॉलर का कमजोर होना, सप्लाई चेन में रुकावट और उद्योगों में चांदी की मजबूत मांग। खासकर ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में चांदी का उपयोग बढ़ने से इसकी डिमांड और कीमत दोनों में तेजी आई है। इससे निवेशक और व्यापारी चांदी को एक भरोसेमंद निवेश के रूप में देख रहे हैं।
चांदी ने सोने को पीछे छोड़ा, उद्योग में बढ़ता उपयोग
चांदी की तेजी ने सोने की बढ़त को भी पीछे छोड़ दिया है। यह इस बात का प्रमाण है कि चांदी न सिर्फ एक कीमती धातु है बल्कि उद्योगों के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। चांदी का इस्तेमाल खास तौर पर सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहनों, एआई चिप्स और डेटा सेंटरों में किया जाता है। ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में इसकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो गई है क्योंकि सोलर पैनल बनाने में चांदी की जरूरत होती है, जिससे क्लीन एनर्जी जेनरेशन को बढ़ावा मिलता है। इस वजह से चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है और कीमतों में भी निरंतर उछाल आ रहा है।
देश के प्रमुख शहरों में चांदी की ताजा कीमतें
देश के कई बड़े शहरों में चांदी की कीमतें आज भी ऐतिहासिक ऊंचाई पर बनी हुई हैं। चेन्नई में चांदी ₹3,01,350 प्रति किलोग्राम के स्तर पर है, जबकि हैदराबाद में यह कीमत ₹3,00,950 तक पहुंच गई है। बेंगलुरु में चांदी लगभग ₹3,00,710 प्रति किलोग्राम बिक रही है और कोलकाता में भी ₹3,00,080 के करीब बनी हुई है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि चांदी की कीमतें पूरे देश में मजबूत हैं और निवेशकों के लिए यह अभी भी एक आकर्षक विकल्प बनी हुई है। आगामी समय में भी विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद लंबे समय तक तेजी बनी रह सकती है।