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Share Market: शेयर बाजार में भारी गिरावट, 30 साल का रिकॉर्ड टूटने का खतरा
Share Market: भारतीय शेयर बाजार पिछले पांच महीनों से बेहद खराब दौर से गुजर रहा है, जिसे लेकर पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है। यह पहली बार 1996 में हुआ था जब बाजार में जुलाई से सितंबर के बीच लगातार पांच महीनों तक गिरावट देखी गई थी। पिछले पांच महीनों में, निफ्टी में 12.65 प्रतिशत और सेंसेक्स में 11.54 प्रतिशत की गिरावट आई है। इस गिरावट के कारण बीएसई का बाजार पूंजीकरण भी घट गया है और निवेशकों को 92 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
अक्टूबर से बिगड़ रहा है बाजार का रुझान
शेयर बाजार में हुए इस नुकसान का सबसे बड़ा झटका फरवरी में लगा, जब 40.80 लाख करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया। 31 जनवरी को बीएसई का बाजार पूंजीकरण 4,24,02,091.54 लाख करोड़ रुपये था, जो 28 फरवरी को 3,84,01,411.86 लाख करोड़ रुपये रह गया। इस गिरावट का सिलसिला अक्टूबर से शुरू हुआ, जब निवेशकों को 29.63 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। हालांकि, नवंबर में निवेशकों को 1.97 लाख करोड़ रुपये का लाभ हुआ, लेकिन दिसंबर में फिर से 4.73 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। जनवरी में यह आंकड़ा 17.93 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
बाजार में गिरावट के पीछे क्या कारण हैं?
शेयर बाजार में गिरावट के कई कारण हैं। इनमें से सबसे बड़ा कारण विदेशी निवेशकों (FPI) द्वारा की जा रही भारी बिकवाली है। अक्टूबर से अब तक एफपीआई ने लगातार 2.13 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। इसके अलावा, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ बढ़ाने के फैसले ने भी बाजार को प्रभावित किया है।
एशियाई बाजारों की मंदी का असर
इस गिरावट के पीछे एशियाई बाजारों में मंदी को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जापान का निक्केई इंडेक्स 3 प्रतिशत, दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 2.7 प्रतिशत और हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 1.5 प्रतिशत गिर चुका है।
क्या बाजार में सुधार की उम्मीद है?
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में सुधार तब तक संभव नहीं है जब तक विदेशी निवेशक वापस खरीदारी शुरू नहीं करते। इसके अलावा, वैश्विक परिस्थितियों और भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर भी बाजार की स्थिति निर्भर करेगी। यदि सरकार और RBI बाजार को स्थिर करने के लिए आवश्यक कदम उठाते हैं, तो आने वाले महीनों में बाजार में सुधार देखा जा सकता है।